श्री गणेश

śrī gaṇeśa

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

परिचय

श्री गणेश भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं और समस्त देवताओं में प्रथम पूजनीय माने जाते हैं। किसी भी मांगलिक कार्य, पूजा या नए आरंभ से पूर्व उनका आह्वान किया जाता है क्योंकि वे विघ्नों के नाशक और बुद्धि-विवेक के अधिष्ठाता हैं।

उनका गजमुख ज्ञान का, बड़ा उदर समस्त सृष्टि को समाहित करने की क्षमता का और मूषक वाहन इच्छाओं पर नियंत्रण का प्रतीक है। बुधवार और गणेश चतुर्थी उनकी आराधना के विशेष दिन हैं।

स्वरूप: गजमुख, चार भुजाएँ, एक हाथ में अंकुश, एक में पाश, एक में मोदक तथा एक वरमुद्रा में; वाहन मूषक।

श्री गणेश भक्ति संग्रह

आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, सहस्रनाम और अन्य भक्ति पाठ

संबंधित पर्व व व्रत

आगामी संग्रह

स्तोत्रम्

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अष्टकम्

जल्द

ज्योतिष संबंध

ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।

संक्षिप्त विवरण

शुभ दिनबुधवार
अन्य नामगणपति, विघ्नहर्ता, गजानन, लम्बोदर, विनायक
वाहनमूषक (चूहा)
संगिनी/संगीरिद्धि-सिद्धि
क्षेत्रविघ्न नाश, बुद्धि, शुभारंभ, समृद्धि
बीज मंत्रॐ गं गणपतये नमः