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॥ श्री ॥

गणेश सहस्रनाम

सहस्रनाम · श्री गणेश

पाठ

॥ ध्यानम् ॥ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

प्रथम शतक (नाम 1–100)

  1. गणेश्वरः — गणों के ईश्वर
  2. गणक्रीडः — गणों के साथ क्रीड़ा करने वाले
  3. गणनाथः — गणों के नाथ
  4. गणाधिपः — गणों के अधिपति
  5. एकदन्तः — एक दाँत वाले
  6. वक्रतुण्डः — वक्र सूँड वाले
  7. गजवक्त्रः — गजमुख वाले
  8. महोदरः — विशाल उदर वाले
  9. लम्बोदरः — लंबे उदर वाले
  10. धूम्रवर्णः — धूम्र वर्ण वाले
  11. विकटः — विशाल/विकट रूप वाले
  12. विघ्ननाशकः — विघ्नों का नाश करने वाले
  13. सुमुखः — सुंदर मुख वाले
  14. दुर्मुखः — उग्र मुख वाले
  15. बुद्धः — ज्ञानस्वरूप
  16. विघ्नराजः — विघ्नों के राजा
  17. गजाननः — गजमुख वाले
  18. भीमः — भयंकर रूप वाले
  19. प्रमोदः — परम आनंद रूप
  20. आमोदः — आनंद-स्वरूप
  21. सुरानन्दः — देवताओं को आनंद देने वाले
  22. मदोत्कटः — मद से उत्कट
  23. हेरम्बः — दीनों के रक्षक हेरम्ब
  24. शम्बरः — शम्बर रूप
  25. शम्भुः — कल्याणकारी
  26. लम्बकर्णः — लंबे कान वाले
  27. महाबलः — महाबलशाली
  28. नन्दनः — आनंद देने वाले
  29. अलम्पटः — निर्लिप्त
  30. अभीरुः — निर्भय
  31. मेघनादः — मेघ-गर्जन सम नाद वाले
  32. गणञ्जयः — गणों में विजयी
  33. विनायकः — श्रेष्ठ नायक
  34. विरूपाक्षः — विशिष्ट नेत्रों वाले
  35. धीरशूरः — धीर व शूर
  36. वरप्रदः — वर देने वाले
  37. महागणपतिः — महान गणपति
  38. बुद्धिप्रियः — बुद्धि के प्रेमी
  39. क्षिप्रप्रसादनः — शीघ्र प्रसन्न होने वाले
  40. रुद्रप्रियः — रुद्र (शिव) के प्रिय
  41. गणाध्यक्षः — गणों के अध्यक्ष
  42. उमापुत्रः — उमा के पुत्र
  43. अघनाशनः — पापों का नाश करने वाले
  44. कुमारगुरुः — कुमार (कार्तिकेय) के गुरु
  45. ईशानपुत्रः — ईशान (शिव) के पुत्र
  46. मूषकवाहनः — मूषक वाहन वाले
  47. सिद्धिप्रियः — सिद्धि के प्रेमी
  48. सिद्धिपतिः — सिद्धि के पति
  49. सिद्धिः — सिद्धि-स्वरूप
  50. सिद्धिविनायकः — सिद्धि देने वाले विनायक
  51. अविघ्नः — विघ्न-रहित
  52. तुम्बरुः — तुम्बरु रूप
  53. सिंहवाहनः — सिंह वाहन वाले
  54. मोहिनीप्रियः — मोहिनी के प्रिय
  55. कटङ्कटः — कटंकट रूप
  56. राजपुत्रः — राजपुत्र रूप
  57. शालकः — शालक रूप
  58. सम्मितः — सम्यक् मित
  59. अमितः — अपरिमित
  60. कूष्माण्डसामसम्भूतिः — कूष्माण्ड-साम से प्रकट
  61. दुर्जयः — दुर्जेय
  62. धूर्जयः — धूर्जय रूप
  63. जयः — विजय-स्वरूप
  64. भूपतिः — पृथ्वी के पति
  65. भुवनपतिः — भुवनों के पति
  66. भूतानां पतिः — समस्त भूतों के पति
  67. अव्ययः — अविनाशी
  68. विश्वकर्ता — विश्व के रचयिता
  69. विश्वमुखः — विश्व के मुख रूप
  70. विश्वरूपः — विश्व-रूप
  71. निधिः — निधि-स्वरूप
  72. घृणिः — करुणामय तेज रूप
  73. कविः — कवि-स्वरूप
  74. कवीनामृषभः — कवियों में श्रेष्ठ
  75. ब्रह्मण्यः — ब्रह्म-हितैषी
  76. ब्रह्मणस्पतिः — ब्रह्म (वेद) के पति
  77. ज्येष्ठराजः — ज्येष्ठ राजा
  78. निधिपतिः — निधियों के पति
  79. निधिप्रियपतिप्रियः — निधि-प्रिय (कुबेर) के प्रिय
  80. हिरण्मयपुरान्तःस्थः — स्वर्णमय पुर में स्थित
  81. सूर्यमण्डलमध्यगः — सूर्य-मंडल के मध्य स्थित
  82. कराहतिविध्वस्तसिन्धुसलिलः — कर-प्रहार से सिंधु-जल विध्वस्त करने वाले
  83. पूषदन्तभित् — पूषा के दाँत तोड़ने वाले
  84. उमाङ्ककेलिकुतुकी — उमा की गोद में क्रीड़ा-रत
  85. मुक्तिदः — मुक्ति देने वाले
  86. कुलपालनः — कुल का पालन करने वाले
  87. किरीटी — मुकुटधारी
  88. कुण्डली — कुंडलधारी
  89. हारी — हारधारी
  90. वनमाली — वनमाला धारी
  91. मनोमयः — मनोमय
  92. वैमुख्यहतदैत्यश्रीः — विमुख होने पर दैत्यों की श्री हरने वाले
  93. पादाहतिजितक्षितिः — पाद-प्रहार से पृथ्वी जीतने वाले
  94. सद्योजातस्वर्णमुञ्जमेखली — स्वर्ण-मुञ्ज मेखला धारी
  95. दुर्निमित्तहृत् — अपशकुनों को हरने वाले
  96. दुःस्वप्नहृत् — दुःस्वप्नों को हरने वाले
  97. प्रसहनः — सहनशील/पराक्रमी
  98. गुणी — गुणवान
  99. नादप्रतिष्ठितः — नाद में प्रतिष्ठित
  100. सुरूपः — सुंदर रूप वाले

द्वितीय शतक (नाम 101–200)

  1. सर्वनेत्राधिवासः — समस्त नेत्रों में निवास करने वाले
  2. वीरासनाश्रयः — वीरासन के आश्रय
  3. पीताम्बरः — पीत वस्त्र वाले
  4. खण्डरदः — खंडित दाँत वाले
  5. खण्डेन्दुकृतशेखरः — खंडित चंद्र को शिखर पर धारण करने वाले
  6. चित्राङ्कश्यामदशनः — चित्र-चिह्नित श्याम दाँत वाले
  7. भालचन्द्रः — भाल पर चंद्र धारण करने वाले
  8. चतुर्भुजः — चार भुजाओं वाले
  9. योगाधिपः — योग के अधिपति
  10. तारकस्थः — तारक में स्थित
  11. पुरुषः — पुरुष-स्वरूप
  12. गजकर्णकः — गज के कान वाले
  13. गणाधिराजः — गणों के अधिराज
  14. विजयस्थिरः — विजय में स्थिर
  15. गजपतिर्ध्वजी — ध्वजधारी गजपति
  16. देवदेवः — देवों के देव
  17. स्मरप्राणदीपकः — काम के प्राण को प्रदीप्त करने वाले
  18. वायुकीलकः — वायु के कीलक
  19. विपश्चिद्वरदः — विद्वानों को वर देने वाले
  20. नादोन्नादभिन्नबलाहकः — उच्च नाद से मेघों को भेदने वाले
  21. वराहरदनः — वराह सम दाँत वाले
  22. मृत्युञ्जयः — मृत्यु को जीतने वाले
  23. व्याघ्राजिनाम्बरः — व्याघ्र-चर्म वस्त्र वाले
  24. इच्छाशक्तिधरः — इच्छा-शक्ति धारण करने वाले
  25. देवत्राता — देवताओं की रक्षा करने वाले
  26. दैत्यविमर्दनः — दैत्यों का मर्दन करने वाले
  27. शम्भुवक्त्रोद्भवः — शम्भु के मुख से प्रकट
  28. शम्भुकोपहा — शम्भु का कोप हरने वाले
  29. शम्भुहास्यभूः — शम्भु के हास्य से उत्पन्न
  30. शम्भुतेजस् — शम्भु के तेज रूप
  31. शिवाशोकहारी — पार्वती का शोक हरने वाले
  32. गौरीसुखावहः — गौरी को सुख देने वाले
  33. उमाङ्गमलजः — उमा के अंग-मल से उत्पन्न
  34. गौरीतेजोभूः — गौरी के तेज से उत्पन्न
  35. स्वर्धुनीभवः — आकाशगंगा से प्रकट
  36. यज्ञकायः — यज्ञ-स्वरूप काय वाले
  37. महानादः — महान नाद वाले
  38. गिरिवर्ष्मा — पर्वत सम विशाल देह वाले
  39. शुभाननः — शुभ मुख वाले
  40. सर्वात्मा — सबकी आत्मा
  41. सर्वदेवात्मा — समस्त देवों की आत्मा
  42. ब्रह्ममूर्धा — ब्रह्मा रूपी मस्तक वाले
  43. ककुप्श्रुतिः — दिशाएँ जिनके कान
  44. ब्रह्माण्डकुम्भः — ब्रह्मांड रूपी कुंभ (मस्तक) वाले
  45. चिद्व्योमभालः — चिदाकाश रूपी भाल वाले
  46. सत्यशिरोरुहः — सत्य रूपी केश वाले
  47. जगज्जन्मलयोन्मेषनिमेषः — जगत् की सृष्टि-लय जिनके उन्मेष-निमेष
  48. अग्न्यर्कसोमदृक् — अग्नि-सूर्य-चंद्र जिनके नेत्र
  49. गिरीन्द्रैकरदः — गिरिराज रूपी एक दाँत वाले
  50. धर्माधर्मोष्ठः — धर्म-अधर्म जिनके ओष्ठ
  51. सामबृंहितः — सामगान से वर्धित
  52. ग्रहर्क्षदशनः — ग्रह-नक्षत्र रूपी दाँत वाले
  53. वाणीजिह्वः — वाणी रूपी जिह्वा वाले
  54. वासवनासिकः — इंद्र रूपी नासिका वाले
  55. कुलाचलांसः — कुलाचल रूपी कंधों वाले
  56. सोमार्कघण्टः — चंद्र-सूर्य रूपी घंटे वाले
  57. रुद्रशिरोधरः — रुद्र रूपी ग्रीवा वाले
  58. नदीनदभुजः — नदी-नद रूपी भुजाओं वाले
  59. सर्पाङ्गुलीकः — सर्प रूपी अंगुलियों वाले
  60. तारकानखः — तारे जिनके नख
  61. भ्रूमध्यसंस्थितकरः — भ्रू-मध्य में स्थित कर वाले
  62. ब्रह्मविद्यामदोत्कटः — ब्रह्मविद्या के मद से उत्कट
  63. व्योमनाभः — आकाश रूपी नाभि वाले
  64. श्रीहृदयः — श्री (लक्ष्मी) जिनके हृदय में
  65. मेरुपृष्ठः — मेरु रूपी पृष्ठ वाले
  66. अर्णवोदरः — समुद्र रूपी उदर वाले
  67. कुक्षिस्थयक्षगन्धर्वरक्षःकिन्नरमानुषः — कुक्षि में यक्ष-गंधर्व-राक्षस-किन्नर-मनुष्य धारण करने वाले
  68. पृथ्विकटिः — पृथ्वी रूपी कटि वाले
  69. सृष्टिलिङ्गः — सृष्टि के लिंग (चिह्न) रूप
  70. शैलोरुः — पर्वत रूपी जंघा वाले
  71. दस्रजानुकः — अश्विनीकुमार रूपी जानु वाले
  72. पातालजङ्घः — पाताल रूपी जंघा वाले
  73. मुनिपात् — मुनि रूपी चरण वाले
  74. कालाङ्गुष्ठः — काल रूपी अंगुष्ठ वाले
  75. त्रयीतनुः — तीन वेद रूपी तनु वाले
  76. ज्योतिर्मण्डललाङ्गूलः — ज्योतिर्मंडल रूपी पुच्छ वाले
  77. हृदयालाननिश्चलः — हृदय रूपी स्तंभ में निश्चल
  78. हृत्पद्मकर्णिकाशालिवियत्केलिसरोवरः — हृदय-कमल की कर्णिका रूपी आकाश-क्रीड़ा सरोवर वाले
  79. सद्भक्तध्याननिगडः — सद्भक्तों के ध्यान में बँधे रहने वाले
  80. पूजावारिनिवारितः — पूजा-जल से प्रसन्न होने वाले
  81. प्रतापी — प्रतापशाली
  82. कश्यपसुतः — कश्यप के पुत्र (अवतार)
  83. गणपः — गणों के रक्षक
  84. विष्टपी — त्रिलोक के स्वामी
  85. बली — बलशाली
  86. यशस्वी — यशस्वी
  87. धार्मिकः — धर्मनिष्ठ
  88. स्वोजस् — स्व-तेज वाले
  89. प्रथमः — प्रथम (आदि)
  90. प्रथमेश्वरः — प्रथम ईश्वर
  91. चिन्तामणिद्वीपपतिः — चिंतामणि-द्वीप के पति
  92. कल्पद्रुमवनालयः — कल्पवृक्ष-वन में निवास करने वाले
  93. रत्नमण्डपमध्यस्थः — रत्न-मंडप के मध्य स्थित
  94. रत्नसिंहासनाश्रयः — रत्न-सिंहासन के आश्रय
  95. तीव्राशिरोद्धृतपदः — तीव्रा-शक्ति के शिर पर पद रखने वाले
  96. ज्वालिनीमौलिलालितः — ज्वालिनी-शक्ति के मौलि से लालित
  97. नन्दानन्दितपीठश्रीः — नंदा-शक्ति से आनंदित पीठ-श्री वाले
  98. भोगदाभूषितासनः — भोगदा-शक्ति से विभूषित आसन वाले
  99. सकामदायिनीपीठः — कामदायिनी-पीठ वाले
  100. स्फुरदुग्रासनाश्रयः — स्फुरित उग्रासन के आश्रय

तृतीय शतक (नाम 201–300)

  1. तेजोवतीशिरोरत्नः — तेजोवती-शक्ति के शिर-रत्न वाले
  2. सत्यानित्यावतंसितः — सत्या-नित्या शक्तियों से अलंकृत
  3. सविघ्ननाशिनीपीठः — विघ्ननाशिनी-पीठ वाले
  4. सर्वशक्त्यम्बुजाश्रयः — समस्त शक्ति-कमलों के आश्रय
  5. लिपिपद्मासनाधारः — लिपि-कमलासन के आधार
  6. वह्निधामत्रयाश्रयः — तीन अग्नि-धामों के आश्रय
  7. उन्नतप्रपदः — उन्नत प्रपद वाले
  8. गूढगुल्फः — गूढ़ गुल्फ वाले
  9. संवृतपार्ष्णिकः — संवृत एड़ी वाले
  10. पीनजङ्घः — पुष्ट जंघा वाले
  11. श्लिष्टजानुः — सुगठित जानु वाले
  12. स्थूलोरुः — स्थूल ऊरु वाले
  13. प्रोन्नमत्कटिः — उन्नत कटि वाले
  14. निम्ननाभिः — गहरी नाभि वाले
  15. स्थूलकुक्षिः — विशाल कुक्षि वाले
  16. पीनवक्षाः — पुष्ट वक्ष वाले
  17. बृहद्भुजः — विशाल भुजाओं वाले
  18. पीनस्कन्धः — पुष्ट स्कंध वाले
  19. कम्बुकण्ठः — शंख सम कंठ वाले
  20. लम्बोष्ठः — लंबे ओष्ठ वाले
  21. लम्बनासिकः — लंबी नासिका वाले
  22. भग्नवामरदः — खंडित वाम दाँत वाले
  23. तुङ्गसव्यदन्तः — उन्नत दक्षिण दाँत वाले
  24. महाहनुः — विशाल ठोड़ी वाले
  25. ह्रस्वनेत्रत्रयः — तीन छोटे नेत्रों वाले
  26. शूर्पकर्णः — सूप सम कान वाले
  27. निबिडमस्तकः — दृढ़ मस्तक वाले
  28. स्तबकाकारकुम्भाग्रः — स्तबक सम कुंभ-अग्र वाले
  29. रत्नमौलिः — रत्न-मुकुट वाले
  30. निरङ्कुशः — अंकुश-रहित (स्वतंत्र)
  31. सर्पहारकटीसूत्रः — सर्प-हार व कटि-सूत्र वाले
  32. सर्पयज्ञोपवीतवान् — सर्प-यज्ञोपवीत वाले
  33. सर्पकोटीरकटकः — सर्प-मुकुट व कंकण वाले
  34. सर्पग्रैवेयकाङ्गदः — सर्प-कंठहार व बाजूबंद वाले
  35. सर्पकक्ष्योदराबन्धः — सर्प-उदरबंध वाले
  36. सर्पराजोत्तरीयकः — नागराज रूपी उत्तरीय वाले
  37. रक्तः — रक्त वर्ण वाले
  38. रक्ताम्बरधरः — लाल वस्त्र वाले
  39. रक्तमाल्यविभूषणः — लाल माला से विभूषित
  40. रक्तेक्षणः — रक्त नेत्रों वाले
  41. रक्तकरः — लाल कर वाले
  42. रक्तताल्वोष्ठपल्लवः — लाल तालु-ओष्ठ रूपी पल्लव वाले
  43. श्वेतः — श्वेत वर्ण वाले
  44. श्वेताम्बरधरः — श्वेत वस्त्र वाले
  45. श्वेतमाल्यविभूषणः — श्वेत माला से विभूषित
  46. श्वेतातपत्ररुचिरः — श्वेत छत्र से सुशोभित
  47. श्वेतचामरवीजितः — श्वेत चामर से सेवित
  48. सर्वावयवसम्पूर्णसर्वलक्षणलक्षितः — समस्त अवयव व लक्षणों से युक्त
  49. सर्वाभरणशोभाढ्यः — समस्त आभूषणों से सुशोभित
  50. सर्वशोभासमन्वितः — समस्त शोभा से युक्त
  51. सर्वमङ्गलमाङ्गल्यः — समस्त मंगलों के मंगल
  52. सर्वकारणकारणः — समस्त कारणों के कारण
  53. सर्वदैककरः — सबको देने वाले एकमात्र हाथ वाले
  54. शार्ङ्गी — शार्ङ्ग धनुष धारी
  55. बीजापूरी — बिजौरा फल धारी
  56. गदाधरः — गदा धारी
  57. इक्षुचापधरः — इक्षु-धनुष धारी
  58. शूली — त्रिशूल धारी
  59. चक्रपाणिः — चक्र धारण करने वाले
  60. सरोजभृत् — कमल धारण करने वाले
  61. पाशी — पाश धारी
  62. धृतोत्पलः — नीलकमल धारण करने वाले
  63. शालीमञ्जरीभृत् — धान की मंजरी धारण करने वाले
  64. स्वदन्तभृत् — अपना दाँत धारण करने वाले
  65. कल्पवल्लीधरः — कल्पलता धारण करने वाले
  66. विश्वाभयदैककरः — विश्व को अभय देने वाले हाथ वाले
  67. वशी — जितेंद्रिय
  68. अक्षमालाधरः — जपमाला धारी
  69. ज्ञानमुद्रावान् — ज्ञानमुद्रा धारी
  70. मुद्गरायुधः — मुद्गर आयुध वाले
  71. पूर्णपात्री — पूर्ण पात्र धारी
  72. कम्बुधरः — शंख धारी
  73. विधृतालिसमुद्गकः — भौंरों सहित समुद्गक धारी
  74. मातुलिङ्गधरः — बिजौरा फल धारी
  75. चूतकलिकाभृत् — आम्र-मंजरी धारण करने वाले
  76. कुठारवान् — कुठार (फरसा) धारी
  77. पुष्करस्थस्वर्णघटीपूर्णरत्नाभिवर्षकः — सूँड की स्वर्ण-घटी से रत्न बरसाने वाले
  78. भारतीसुन्दरीनाथः — भारती (वाणी) सुंदरी के नाथ
  79. विनायकरतिप्रियः — विनायकी (शक्ति) की रति के प्रिय
  80. महालक्ष्मीप्रियतमः — महालक्ष्मी के प्रियतम
  81. सिद्धलक्ष्मीमनोरमः — सिद्धलक्ष्मी के मनोरम
  82. रमारमेशपूर्वाङ्गः — रमा-रमेश जिनके पूर्व अंग
  83. दक्षिणोमामहेश्वरः — दक्षिण में उमा-महेश्वर वाले
  84. महीवराहवामाङ्गः — वाम अंग में महीवराह वाले
  85. रतिकन्दर्पपश्चिमः — पश्चिम में रति-कंदर्प वाले
  86. आमोदप्रमोदजननः — आमोद-प्रमोद को जन्म देने वाले
  87. सप्रमोदप्रमोदनः — प्रमोद सहित आनंदित करने वाले
  88. समेधितसमृद्धिश्रीः — वर्धित समृद्धि-श्री वाले
  89. ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तकः — ऋद्धि-सिद्धि के प्रवर्तक
  90. दत्तसौमुख्यसुमुखः — सौमुख्य प्रदान करने वाले सुमुख
  91. कान्तिकन्दलिताश्रयः — कांति से पल्लवित आश्रय वाले
  92. मदनावत्याश्रिताङ्घ्रिः — मदनावती द्वारा आश्रित चरण वाले
  93. कृत्तदौर्मुख्यदुर्मुखः — दौर्मुख्य का नाश करने वाले दुर्मुख
  94. विघ्नसम्पल्लवोपघ्नः — विघ्न-पल्लवों को रोकने वाले
  95. सेवोन्निद्रमदद्रवः — सेवा से जाग्रत मद बहाने वाले
  96. विघ्नकृन्निघ्नचरणः — विघ्नकर्ताओं को दबाने वाले चरण वाले
  97. द्राविणीशक्तिसत्कृतः — द्राविणी-शक्ति द्वारा सत्कृत
  98. तीव्राप्रसन्ननयनः — तीव्रा-शक्ति से प्रसन्न नयन वाले
  99. ज्वालिनीपालितैकदृक् — ज्वालिनी द्वारा पालित एक दृष्टि वाले
  100. मोहिनीमोहनः — मोहिनी को भी मोहित करने वाले

चतुर्थ शतक (नाम 301–400)

  1. भोगदायिनीकान्तिमण्डितः — भोगदायिनी की कांति से मंडित
  2. कामिनीकान्तवक्त्रश्रीः — कामिनी-कांत मुख-श्री वाले
  3. अधिष्ठितवसुन्धरः — पृथ्वी पर अधिष्ठित
  4. नमद्वसुमतीमौलिमहापद्मनिधिप्रभुः — नत पृथ्वी के मौलि-महापद्मनिधि के प्रभु
  5. सर्वसद्गुरुसंसेव्यः — समस्त सद्गुरुओं द्वारा सेव्य
  6. शोचिष्केशहृदाश्रयः — अग्नि-केश (शिव) के हृदय में आश्रित
  7. ईशानमूर्द्धा — ईशान रूपी मस्तक वाले
  8. देवेन्द्रशिखा — देवेंद्र रूपी शिखा वाले
  9. पवननन्दनः — पवन को आनंद देने वाले
  10. अग्रप्रत्यग्रनयनः — आगे-पीछे देखने वाले नेत्र वाले
  11. दिव्यास्त्र प्रयोगवित् — दिव्यास्त्रों के प्रयोग में निपुण
  12. ऐरावतादिसर्वाशावारणावरणप्रियः — ऐरावत आदि दिग्गजों के प्रिय
  13. वज्राद्यस्त्रपरिवारः — वज्र आदि अस्त्रों से युक्त
  14. गणचण्डसमाश्रयः — प्रचंड गणों के आश्रय
  15. जयाजयापरीवारः — जया-अजया से परिवृत
  16. विजयाविजयावहः — विजया सहित विजय देने वाले
  17. अजितार्चितपादाब्जः — अजित (विष्णु) द्वारा पूजित चरण-कमल वाले
  18. नित्यानित्यावतंसितः — नित्या-शक्ति से अलंकृत
  19. विलासिनीकृतोल्लासः — विलासिनी द्वारा उल्लसित
  20. शौण्डीसौन्दर्यमण्डितः — शौण्डी के सौंदर्य से मंडित
  21. अनन्तानन्तसुखदः — अनंत-अनंत सुख देने वाले
  22. सुमङ्गलसुमङ्गलः — मंगलों में परम मंगल
  23. इच्छाशक्तिज्ञानशक्तिक्रियाशक्तिनिषेवितः — इच्छा-ज्ञान-क्रिया शक्तियों द्वारा सेवित
  24. सुभगासंश्रितपदः — सुभगा द्वारा आश्रित चरण वाले
  25. ललिताललिताश्रयः — ललिता-शक्ति के आश्रय
  26. कामिनीकामनः — कामिनी द्वारा वांछित
  27. काममालिनीकेलिलालितः — काममालिनी की क्रीड़ा से लालित
  28. सरस्वत्याश्रयः — सरस्वती के आश्रय
  29. गौरीनन्दनः — गौरी के पुत्र
  30. श्रीनिकेतनः — श्री (लक्ष्मी) के निवास
  31. गुरुगुप्तपदः — गुरु-गुप्त पद वाले
  32. वाचासिद्धः — वाणी में सिद्ध
  33. वागीश्वरीपतिः — वागीश्वरी के पति
  34. नलिनीकामुकः — नलिनी (कमलिनी) के कामुक
  35. वामारामः — वामा-शक्ति में रमण करने वाले
  36. ज्येष्ठामनोरमः — ज्येष्ठा-शक्ति के मनोरम
  37. रौद्रीमुद्रितपादाब्जः — रौद्री द्वारा अंकित चरण-कमल वाले
  38. हुंबीजः — 'हुं' बीज रूप
  39. तुङ्गशक्तिकः — उन्नत शक्ति वाले
  40. विश्वादिजननत्राणः — विश्व आदि की उत्पत्ति व रक्षा करने वाले
  41. स्वाहाशक्तिः — स्वाहा-शक्ति रूप
  42. सकीलकः — कीलक सहित
  43. अमृताब्धिकृतावासः — अमृत-सागर में निवास करने वाले
  44. मदघूर्णितलोचनः — मद से घूर्णित नेत्र वाले
  45. उच्छिष्टगणः — उच्छिष्ट-गण रूप
  46. उच्छिष्टगणेशः — उच्छिष्ट-गणेश रूप
  47. गणनायकः — गणों के नायक
  48. सार्वकालिकसंसिद्धिः — सर्वकालिक सिद्धि रूप
  49. नित्यशैवः — नित्य शिव-स्वरूप
  50. दिगम्बरः — दिशाएँ ही वस्त्र वाले
  51. अनपायः — अविनाशी
  52. अनन्तदृष्टिः — अनंत दृष्टि वाले
  53. अप्रमेयः — अप्रमेय
  54. अजरामरः — जरा-मरण रहित
  55. अनाविलः — निर्मल
  56. अप्रतिरथः — जिनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं
  57. अच्युतः — अच्युत (अविचल)
  58. अमृतः — अमृत-स्वरूप
  59. अक्षरः — अक्षर (अविनाशी)
  60. अप्रतर्क्यः — तर्क से परे
  61. अक्षयः — क्षय-रहित
  62. अजय्यः — अजेय
  63. अनाधारः — आधार-रहित
  64. अनामयः — रोग-रहित
  65. अमलः — निर्मल
  66. अमोघसिद्धिः — अमोघ सिद्धि वाले
  67. अद्वैतः — अद्वैत-स्वरूप
  68. अघोरः — अघोर (शांत)
  69. अप्रमिताननः — अपरिमित मुख वाले
  70. अनाकारः — आकार-रहित
  71. अब्धिभूम्यग्निबलघ्नः — जल-भूमि-अग्नि के बल का नाश करने वाले
  72. अव्यक्तलक्षणः — अव्यक्त लक्षणों वाले
  73. आधारपीठः — आधार-पीठ रूप
  74. आधारः — समस्त के आधार
  75. आधाराधेयवर्जितः — आधार-आधेय से रहित
  76. आखुकेतनः — मूषक-ध्वज वाले
  77. आशापूरकः — आशा पूर्ण करने वाले
  78. आखुमहारथः — मूषक रूपी महारथ वाले
  79. इक्षुसागरमध्यस्थः — इक्षु-सागर के मध्य स्थित
  80. इक्षुभक्षणलालसः — इक्षु-भक्षण के इच्छुक
  81. इक्षुचापातिरेकश्रीः — इक्षु-धनुष से अधिक श्री वाले
  82. इक्षुचापनिषेवितः — इक्षु-धनुष से सेवित
  83. इन्द्रगोपसमानश्रीः — इंद्रगोप (बीरबहूटी) सम श्री वाले
  84. इन्द्रनीलसमद्युतिः — इंद्रनील मणि सम कांति वाले
  85. इन्दीवरदलश्यामः — नीलकमल-दल सम श्याम
  86. इन्दुमण्डलनिर्मलः — चंद्र-मंडल सम निर्मल
  87. इध्मप्रियः — समिधा के प्रिय
  88. इडाभागः — इडा-नाड़ी के भाग रूप
  89. इराधामः — वाणी के धाम
  90. इन्दिराप्रियः — इंदिरा (लक्ष्मी) के प्रिय
  91. इक्ष्वाकुविघ्नविध्वंसी — इक्ष्वाकु के विघ्न का नाश करने वाले
  92. इतिकर्तव्यतेप्सितः — कर्तव्य-पूर्ति के लिए वांछित
  93. ईशानमौलिः — ईशान रूपी मौलि वाले
  94. ईशानः — ईश्वर
  95. ईशानसुतः — ईशान (शिव) के पुत्र
  96. ईतिहा — ईतियों (उपद्रवों) का नाश करने वाले
  97. ईषणात्रयकल्पान्तः — तीन एषणाओं के लिए कल्पांत रूप
  98. ईहामात्रविवर्जितः — समस्त चेष्टा से रहित
  99. उपेन्द्रः — उपेंद्र (विष्णु) रूप
  100. उडुभृन्मौलिः — चंद्र को मौलि पर धारण करने वाले

पंचम शतक (नाम 401–500)

  1. उण्डेरकबलिप्रियः — मोदक-बलि के प्रिय
  2. उन्नताननः — उन्नत मुख वाले
  3. उत्तुङ्गः — अति उच्च
  4. उदारत्रिदशाग्रणीः — उदार देवताओं में अग्रणी
  5. ऊर्जस्वान् — बल-संपन्न
  6. ऊष्मलमदः — प्रबल मद वाले
  7. ऊहापोहदुरासदः — तर्क-वितर्क से दुर्गम
  8. ऋग्यजुस्सामसम्भूतिः — ऋक्-यजुः-साम से प्रकट
  9. ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तकः — ऋद्धि-सिद्धि के प्रवर्तक
  10. ऋजुचित्तैकसुलभः — सरल चित्त वालों को सुलभ
  11. ऋणत्रयविमोचकः — तीन ऋणों से मुक्त करने वाले
  12. स्वभक्तलुप्तविघ्नः — अपने भक्तों के विघ्न मिटाने वाले
  13. सुरद्विषांलुप्तशक्तिः — देव-शत्रुओं की शक्ति हरने वाले
  14. विमुखार्चनलुप्तश्रीः — विमुख पूजकों की श्री हरने वाले
  15. लूताविस्फोटनाशनः — मकड़ी-विष व फोड़ों का नाश करने वाले
  16. एकारपीठमध्यस्थः — 'एकार' पीठ के मध्य स्थित
  17. एकपादकृतासनः — एक पाद पर आसन करने वाले
  18. एजिताखिलदैत्यश्रीः — समस्त दैत्यों की श्री हिला देने वाले
  19. एधिताखिलसंश्रयः — समस्त आश्रितों को बढ़ाने वाले
  20. ऐश्वर्यनिधिः — ऐश्वर्य के निधि
  21. ऐश्वर्यम् — ऐश्वर्य-स्वरूप
  22. ऐहिकामुष्मिकप्रदः — इहलोक-परलोक का फल देने वाले
  23. ऐरम्मदसमोन्मेषः — ऐरम्मद (विद्युत) सम उन्मेष वाले
  24. ऐरावतनिभाननः — ऐरावत सम मुख वाले
  25. ओङ्कारवाच्यः — ॐकार से वाच्य
  26. ओङ्कारः — ॐकार-स्वरूप
  27. ओजस्वान् — ओजस्वी
  28. ओषधीपतिः — औषधियों के पति
  29. औदार्यनिधिः — उदारता के निधि
  30. औद्धत्यधुर्यः — उद्धतों के नायक
  31. औन्नत्यनिस्स्वनः — उन्नति-नाद वाले
  32. सुरनागानामङ्कुशः — देव-नागों के लिए अंकुश रूप
  33. सुरविद्विषामङ्कुशः — देव-शत्रुओं के लिए अंकुश रूप
  34. अःसमस्तविसर्गान्तपदेषुपरिकीर्तितः — समस्त विसर्गांत पदों में कीर्तित
  35. कमण्डलुधरः — कमंडलु धारी
  36. कल्पः — कल्प-स्वरूप
  37. कपर्दी — जटाजूट धारी
  38. कलभाननः — गज-शावक सम मुख वाले
  39. कर्मसाक्षी — कर्मों के साक्षी
  40. कर्मकर्ता — कर्मों के कर्ता
  41. कर्माकर्मफलप्रदः — कर्म-अकर्म का फल देने वाले
  42. कदम्बगोलकाकारः — कदंब-गोलक सम आकार वाले
  43. कूष्माण्डगणनायकः — कूष्माण्ड-गणों के नायक
  44. कारुण्यदेहः — करुणामय देह वाले
  45. कपिलः — कपिल वर्ण वाले
  46. कथकः — कथावाचक रूप
  47. कटिसूत्रभृत् — कटि-सूत्र धारी
  48. खर्वः — बौने रूप
  49. खड्गप्रियः — खड्ग के प्रिय
  50. खड्गखान्तान्तःस्थः — खड्ग व 'ख' के अंत में स्थित
  51. खनिर्मलः — आकाश सम निर्मल
  52. खल्वाटशृङ्गनिलयः — खल्वाट-शिखर पर निवास करने वाले
  53. खट्वाङ्गी — खट्वांग धारी
  54. खदुरासदः — आकाश सम दुर्गम
  55. गुणाढ्यः — गुणों से समृद्ध
  56. गहनः — गहन (गूढ़)
  57. गस्थः — 'ग' में स्थित
  58. गद्यपद्यसुधार्णवः — गद्य-पद्य रूपी अमृत-सागर
  59. गद्यगानप्रियः — गद्य-गान के प्रिय
  60. गर्जः — गर्जना रूप
  61. गीतगीर्वाणपूर्वजः — देवताओं से पूर्वज (अग्रपूज्य)
  62. गुह्याचाररतः — गुह्याचार में रत
  63. गुह्यः — गुह्य (गोपनीय)
  64. गुह्यागमनिरूपितः — गुह्य आगमों में निरूपित
  65. गुहाशयः — हृदय-गुहा में शयन करने वाले
  66. गुहाब्धिस्थः — गुहा-सागर में स्थित
  67. गुरुगम्यः — गुरु द्वारा गम्य
  68. गुरोर्गुरुः — गुरुओं के भी गुरु
  69. घण्टाघर्घरिकामाली — घंटा-घर्घरिका की माला वाले
  70. घटकुम्भः — घट सम कुंभ (मस्तक) वाले
  71. घटोदरः — घट सम उदर वाले
  72. चण्डः — प्रचंड
  73. चण्डेश्वरसुहृत् — चंडेश्वर के सुहृद
  74. चण्डीशः — चंडी के ईश
  75. चण्डविक्रमः — प्रचंड पराक्रम वाले
  76. चराचरपतिः — चर-अचर के पति
  77. चिन्तामणिचर्वणलालसः — चिंतामणि-चर्वण के इच्छुक
  78. छन्दः — छंद-स्वरूप
  79. छन्दोवपुः — छंद रूपी देह वाले
  80. छन्दोदुर्लक्ष्यः — छंदों से दुर्लक्ष्य
  81. छन्दविग्रहः — छंद रूपी विग्रह वाले
  82. जगद्योनिः — जगत् के उद्गम
  83. जगत्साक्षी — जगत् के साक्षी
  84. जगदीशः — जगत् के ईश
  85. जगन्मयः — जगत्-स्वरूप
  86. जपः — जप-स्वरूप
  87. जपपरः — जप में तत्पर
  88. जप्यः — जप करने योग्य
  89. जिह्वासिंहासनप्रभुः — जिह्वा रूपी सिंहासन के प्रभु
  90. झलज्झलोल्लसद्दानझङ्कारिभ्रमराकुलः — मद-झंकार करते भौंरों से युक्त
  91. टङ्कारस्फारसंरावः — टंकार के विशाल नाद वाले
  92. टङ्कारिमणिनूपुरः — टंकार करते मणि-नूपुर वाले
  93. ठद्वयीपल्लवान्तःस्थसर्वमन्त्रैकसिद्धिदः — 'ठठ' पल्लवांत में स्थित सर्वमंत्र-सिद्धि देने वाले
  94. डिण्डिमुण्डः — डिंडि-मुंड रूप
  95. डाकिनीशः — डाकिनियों के ईश
  96. डामरः — डामर रूप
  97. डिण्डिमप्रियः — डिंडिम-वाद्य के प्रिय
  98. ढक्कानिनादमुदितः — ढक्का-नाद से प्रसन्न
  99. ढौकः — समीप आने वाले/भेंट रूप
  100. ढुण्ढिविनायकः — ढुंढि-विनायक रूप

षष्ठ शतक (नाम 501–600)

  1. तत्त्वानां परमतत्त्वम् — तत्त्वों के परम तत्त्व
  2. तत्त्वम्पदनिरूपितः — 'तत्त्वम्' पद से निरूपित
  3. तारकान्तरसंस्थानः — ताराओं के मध्य स्थित
  4. तारकः — तारने वाले
  5. तारकान्तकः — तारकासुर का अंत करने वाले (के प्रेरक)
  6. स्थाणुः — स्थिर (अचल)
  7. स्थाणुप्रियः — स्थाणु (शिव) के प्रिय
  8. स्थाता — स्थित रहने वाले
  9. स्थावरजङ्गमजगत् — स्थावर-जंगम जगत् रूप
  10. दक्षयज्ञप्रमथनः — दक्ष-यज्ञ का विध्वंस करने वाले
  11. दाता — दान देने वाले
  12. दानवमोहनः — दानवों को मोहित करने वाले
  13. दयावान् — दयालु
  14. दिव्यविभवः — दिव्य ऐश्वर्य वाले
  15. दण्डभृत् — दंड धारण करने वाले
  16. दण्डनायकः — दंड के नायक
  17. दन्तप्रभिन्नाभ्रमालः — दाँत से मेघ-माला भेदने वाले
  18. दैत्यवारणदारणः — दैत्य रूपी गजों का विदारण करने वाले
  19. दंष्ट्रालग्नद्विपघटः — दाढ़ में गज-समूह लटकाने वाले
  20. देवार्थनृगजाकृतिः — देवताओं के हेतु नर-गज आकृति वाले
  21. धनधान्यपतिः — धन-धान्य के पति
  22. धन्यः — धन्य-स्वरूप
  23. धनदः — धन देने वाले
  24. धरणीधरः — पृथ्वी को धारण करने वाले
  25. ध्यानैकप्रकटः — ध्यान से ही प्रकट होने वाले
  26. ध्येयः — ध्यान करने योग्य
  27. ध्यानः — ध्यान-स्वरूप
  28. ध्यानपरायणः — ध्यान में तत्पर
  29. नन्द्यः — वंदनीय
  30. नन्दिप्रियः — नंदी के प्रिय
  31. नादः — नाद-स्वरूप
  32. नादमध्यप्रतिष्ठितः — नाद के मध्य प्रतिष्ठित
  33. निष्कलः — निष्कल (अखंड)
  34. निर्मलः — निर्मल
  35. नित्यः — नित्य
  36. नित्यानित्यः — नित्य व अनित्य रूप
  37. निरामयः — रोग-रहित
  38. परं व्योम — परम आकाश रूप
  39. परं धाम — परम धाम
  40. परमात्मा — परमात्मा
  41. परं पदम् — परम पद
  42. परात्परः — परे से भी परे
  43. पशुपतिः — पशुओं (जीवों) के पति
  44. पशुपाशविमोचकः — पशु-पाश (बंधन) से मुक्त करने वाले
  45. पूर्णानन्दः — पूर्ण आनंद रूप
  46. परानन्दः — परम आनंद रूप
  47. पुराणपुरुषोत्तमः — पुराण-पुरुषोत्तम
  48. पद्मप्रसन्ननयनः — कमल सम प्रसन्न नयन वाले
  49. प्रणताज्ञाननाशनः — शरणागतों के अज्ञान का नाश करने वाले
  50. प्रमाणप्रत्ययातीतः — प्रमाण व प्रत्यय से परे
  51. प्रणतार्तिनिवारणः — शरणागतों की पीड़ा निवारण करने वाले
  52. फलहस्तः — हाथ में फल वाले
  53. फणिपतिः — नागों के पति
  54. फेत्कारः — फेत्कार-नाद रूप
  55. फाणितप्रियः — गुड़-राब के प्रिय
  56. बाणार्चिताङ्घ्रियुगलः — बाणासुर द्वारा पूजित चरण-युगल वाले
  57. बालकेलिकुतूहली — बाल-क्रीड़ा के कौतुकी
  58. ब्रह्म — ब्रह्म-स्वरूप
  59. ब्रह्मार्चितपदः — ब्रह्मा द्वारा पूजित चरण वाले
  60. ब्रह्मचारी — ब्रह्मचारी
  61. बृहस्पतिः — बृहस्पति रूप
  62. बृहत्तमः — सबसे महान
  63. ब्रह्मपरः — ब्रह्म से परे
  64. ब्रह्मण्यः — ब्रह्म-हितैषी
  65. ब्रह्मवित्प्रियः — ब्रह्मवेत्ताओं के प्रिय
  66. बृहन्नादाग्र्यचीत्कारः — उच्च नाद व चीत्कार वाले
  67. ब्रह्माण्डावलिमेखलः — ब्रह्मांड-समूह रूपी मेखला वाले
  68. भ्रूक्षेपदत्तलक्ष्मीकः — भ्रू-संकेत से लक्ष्मी प्रदान करने वाले
  69. भर्गः — तेज-स्वरूप
  70. भद्रः — कल्याणकारी
  71. भयापहः — भय को हरने वाले
  72. भगवान् — षड्ऐश्वर्य-संपन्न भगवान
  73. भक्तिसुलभः — भक्ति से सुलभ
  74. भूतिदः — ऐश्वर्य देने वाले
  75. भूतिभूषणः — भस्म से विभूषित
  76. भव्यः — भव्य (कल्याण रूप)
  77. भूतालयः — भूतों के आलय
  78. भोगदाता — भोग प्रदान करने वाले
  79. भ्रूमध्यगोचरः — भ्रू-मध्य में गोचर
  80. मन्त्रः — मंत्र-स्वरूप
  81. मन्त्रपतिः — मंत्रों के पति
  82. मन्त्री — मंत्र-ज्ञाता
  83. मदमत्तमनोरमः — मद से मत्त व मनोरम
  84. मेखलावान् — मेखला धारी
  85. मन्दगतिः — मंद गति वाले
  86. मतिमत्कमलेक्षणः — बुद्धिमानों को कमल सम दृष्टि वाले
  87. महाबलः — महाबलशाली
  88. महावीर्यः — महावीर्यवान
  89. महाप्राणः — महाप्राण रूप
  90. महामनाः — उदार मन वाले
  91. यज्ञः — यज्ञ-स्वरूप
  92. यज्ञपतिः — यज्ञों के पति
  93. यज्ञगोप्ता — यज्ञ के रक्षक
  94. यज्ञफलप्रदः — यज्ञ का फल देने वाले
  95. यशस्करः — यश देने वाले
  96. योगगम्यः — योग द्वारा गम्य
  97. याज्ञिकः — यज्ञकर्ता रूप
  98. याजकप्रियः — याजकों के प्रिय
  99. रसः — रस-स्वरूप
  100. रसप्रियः — रस के प्रिय

सप्तम शतक (नाम 601–700)

  1. रस्यः — रस्य (आस्वाद्य)
  2. रञ्जकः — आनंदित करने वाले
  3. रावणार्चितः — रावण द्वारा पूजित
  4. रक्षोरक्षाकरः — राक्षसों से रक्षा करने वाले
  5. रत्नगर्भः — रत्न-गर्भ वाले
  6. राजसुखप्रदः — राज-सुख देने वाले
  7. लक्ष्यः — लक्ष्य-स्वरूप
  8. लक्ष्यप्रदः — लक्ष्य प्रदान करने वाले
  9. लयस्थः — लय में स्थित
  10. लड्डुकप्रियः — लड्डू के प्रिय
  11. लानप्रियः — आलिंगन-प्रिय
  12. लास्यपरः — लास्य-नृत्य में तत्पर
  13. लाभकृल्लोकविश्रुतः — लाभ देने वाले व लोक-विख्यात
  14. वरेण्यः — वरणीय (श्रेष्ठ)
  15. वह्निवदनः — अग्नि सम मुख वाले
  16. वन्द्यः — वंदनीय
  17. वेदान्तगोचरः — वेदांत द्वारा गोचर
  18. विकर्ता — सृष्टि-कर्ता
  19. विश्वतश्चक्षुः — सर्वत्र दृष्टि वाले
  20. विधाता — विधाता
  21. विश्वतोमुखः — सर्वत्र मुख वाले
  22. वामदेवः — वामदेव (शिव) रूप
  23. विश्वनेता — विश्व के नेता
  24. वज्रिवज्रनिवारणः — इंद्र-वज्र का निवारण करने वाले
  25. विश्वबन्धनविष्कम्भाधारः — विश्व-बंधन के विष्कंभ-आधार
  26. विश्वेश्वरप्रभुः — विश्वेश्वर प्रभु
  27. शब्दब्रह्म — शब्द-ब्रह्म रूप
  28. शमप्राप्यः — शम (शांति) से प्राप्य
  29. शम्भुशक्तिगणेश्वरः — शम्भु-शक्ति रूपी गणेश्वर
  30. शास्ता — शासक
  31. शिखाग्रनिलयः — शिखाग्र में निवास करने वाले
  32. शरण्यः — शरण देने योग्य
  33. शिखरीश्वरः — पर्वतों के ईश
  34. षड्ऋतुकुसुमस्रग्वी — छह ऋतुओं के पुष्प-हार वाले
  35. षडाधारः — छह आधार (चक्र) वाले
  36. षडक्षरः — षडक्षर-स्वरूप
  37. संसारवैद्यः — संसार-रोग के वैद्य
  38. सर्वज्ञः — सर्वज्ञ
  39. सर्वभेषजभेषजः — समस्त औषधियों की औषधि
  40. सृष्टिस्थितिलयक्रीडः — सृष्टि-स्थिति-लय की क्रीड़ा करने वाले
  41. सुरकुञ्जरभेदनः — देव-गजों का भेदन करने वाले
  42. सिन्दूरितमहाकुम्भः — सिंदूर-चर्चित विशाल कुंभ वाले
  43. सदसद्व्यक्तिदायकः — सत्-असत् की व्यक्ति देने वाले
  44. साक्षी — साक्षी-स्वरूप
  45. समुद्रमथनः — समुद्र-मंथन के (प्रेरक)
  46. स्वसंवेद्यः — स्वयं से ज्ञेय
  47. स्वदक्षिणः — उदार दक्षिण वाले
  48. स्वतन्त्रः — स्वतंत्र
  49. सत्यसङ्कल्पः — सत्य संकल्प वाले
  50. सामगानरतः — सामगान में रत
  51. सुखी — सुखस्वरूप
  52. हंसः — हंस (परमात्मा) रूप
  53. हस्तिपिशाचीशः — हस्तिपिशाची-शक्ति के ईश
  54. हवनः — हवन-स्वरूप
  55. हव्यकव्यभुक् — हव्य-कव्य का भोग करने वाले
  56. हव्यः — हव्य (आहुति) रूप
  57. हुतप्रियः — हवन के प्रिय
  58. हर्षः — हर्ष-स्वरूप
  59. हृल्लेखामन्त्रमध्यगः — हृल्लेखा-मंत्र के मध्य स्थित
  60. क्षेत्राधिपः — क्षेत्रों के अधिपति
  61. क्षमाभर्ता — क्षमा के धारक
  62. क्षमापरपरायणः — क्षमा में परम तत्पर
  63. क्षिप्रक्षेमकरः — शीघ्र कल्याण करने वाले
  64. क्षेमानन्दः — कल्याण व आनंद रूप
  65. क्षोणीसुरद्रुमः — पृथ्वी पर देव-कल्पवृक्ष रूप
  66. धर्मप्रदः — धर्म प्रदान करने वाले
  67. अर्थदः — अर्थ (धन) देने वाले
  68. कामदाता — काम (इच्छा) पूर्ण करने वाले
  69. सौभाग्यवर्धनः — सौभाग्य बढ़ाने वाले
  70. विद्याप्रदः — विद्या देने वाले
  71. विभवदः — वैभव देने वाले
  72. भुक्तिमुक्तिफलप्रदः — भोग व मोक्ष फल देने वाले
  73. आभिरूप्यकरः — सौंदर्य प्रदान करने वाले
  74. वीरश्रीप्रदः — वीर-श्री प्रदान करने वाले
  75. विजयप्रदः — विजय प्रदान करने वाले
  76. सर्ववश्यकरः — सबको वश में करने वाले
  77. गर्भदोषहा — गर्भ-दोषों का नाश करने वाले
  78. पुत्रपौत्रदः — पुत्र-पौत्र देने वाले
  79. मेधादः — मेधा (बुद्धि) देने वाले
  80. कीर्तिदः — कीर्ति देने वाले
  81. शोकहारी — शोक हरने वाले
  82. दौर्भाग्यनाशनः — दुर्भाग्य का नाश करने वाले
  83. प्रतिवादिमुखस्तम्भः — प्रतिवादियों के मुख स्तंभित करने वाले
  84. रुष्टचित्तप्रसादनः — रुष्ट चित्त को प्रसन्न करने वाले
  85. पराभिचारशमनः — पर-अभिचार (टोना) का शमन करने वाले
  86. दुःखभञ्जनकारकः — दुःखों का नाश करने वाले
  87. लवः — लव (काल-अंश) रूप
  88. त्रुटिः — त्रुटि (काल-अंश) रूप
  89. कला — कला-स्वरूप
  90. काष्ठा — काष्ठा (काल-अंश) रूप
  91. निमेषः — निमेष (काल) रूप
  92. तत्परः — तत्पर (काल-अंश) रूप
  93. क्षणः — क्षण-स्वरूप
  94. घटी — घटी (काल) रूप
  95. मुहूर्तः — मुहूर्त-स्वरूप
  96. प्रहरः — प्रहर-स्वरूप
  97. दिवानक्तः — दिन-रात रूप
  98. अहर्निशः — अहोरात्र रूप
  99. पक्षः — पक्ष-स्वरूप
  100. मासः — मास-स्वरूप

अष्टम शतक (नाम 701–800)

  1. अयनः — अयन-स्वरूप
  2. वर्षः — वर्ष-स्वरूप
  3. युगः — युग-स्वरूप
  4. कल्पः — कल्प-स्वरूप
  5. महालयः — महाप्रलय रूप
  6. राशिः — राशि-स्वरूप
  7. तारा — तारा (नक्षत्र) रूप
  8. तिथिः — तिथि-स्वरूप
  9. योगः — योग (पंचांग) रूप
  10. वारः — वार-स्वरूप
  11. करणः — करण-स्वरूप
  12. अंशकः — अंश-स्वरूप
  13. लग्नः — लग्न-स्वरूप
  14. होरा — होरा-स्वरूप
  15. कालचक्रः — कालचक्र-स्वरूप
  16. मेरुः — मेरु-स्वरूप
  17. सप्तर्षिः — सप्तर्षि-स्वरूप
  18. ध्रुवः — ध्रुव-स्वरूप
  19. राहुः — राहु-स्वरूप
  20. मन्दः — शनि-स्वरूप
  21. कविः — शुक्र-स्वरूप
  22. जीवः — बृहस्पति-स्वरूप
  23. बुधः — बुध-स्वरूप
  24. भौमः — मंगल-स्वरूप
  25. शशी — चंद्र-स्वरूप
  26. रविः — सूर्य-स्वरूप
  27. कालः — काल-स्वरूप
  28. सृष्टिः — सृष्टि-स्वरूप
  29. स्थितिः — स्थिति-स्वरूप
  30. विश्वः — विश्व-स्वरूप
  31. भूः — पृथ्वी-स्वरूप
  32. आपः — जल-स्वरूप
  33. अग्निः — अग्नि-स्वरूप
  34. मरुत् — वायु-स्वरूप
  35. व्योम — आकाश-स्वरूप
  36. अहङ्कृतिः — अहंकार-तत्त्व रूप
  37. प्रकृतिः — प्रकृति-स्वरूप
  38. पुमान् — पुरुष-स्वरूप
  39. ब्रह्मा — ब्रह्मा-स्वरूप
  40. विष्णुः — विष्णु-स्वरूप
  41. शिवः — शिव-स्वरूप
  42. रुद्रः — रुद्र-स्वरूप
  43. ईशः — ईश्वर-स्वरूप
  44. शक्तिः — शक्ति-स्वरूप
  45. सदाशिवः — सदाशिव-स्वरूप
  46. त्रिदशः — देवता-स्वरूप
  47. पितृः — पितर-स्वरूप
  48. सिद्धः — सिद्ध-स्वरूप
  49. यक्षः — यक्ष-स्वरूप
  50. रक्षः — राक्षस-स्वरूप
  51. किन्नरः — किन्नर-स्वरूप
  52. साध्यः — साध्य-स्वरूप
  53. विद्याधरः — विद्याधर-स्वरूप
  54. भूतः — भूत-स्वरूप
  55. मनुष्यः — मनुष्य-स्वरूप
  56. पशुः — पशु-स्वरूप
  57. खगः — पक्षी-स्वरूप
  58. समुद्रः — समुद्र-स्वरूप
  59. सरित् — नदी-स्वरूप
  60. शैलः — पर्वत-स्वरूप
  61. भूतः — प्राणी-स्वरूप
  62. भव्यः — भव्य (भविष्य) रूप
  63. साङ्ख्यः — सांख्य-दर्शन रूप
  64. पातञ्जलः — पातंजल-योग रूप
  65. योगः — योग-दर्शन रूप
  66. पुराणः — पुराण-स्वरूप
  67. श्रुतिः — श्रुति (वेद) रूप
  68. स्मृतिः — स्मृति-स्वरूप
  69. वेदाङ्गः — वेदांग-स्वरूप
  70. सदाचारः — सदाचार-स्वरूप
  71. मीमांसा — मीमांसा-दर्शन रूप
  72. न्यायविस्तरः — न्याय-दर्शन के विस्तार रूप
  73. आयुर्वेदः — आयुर्वेद-स्वरूप
  74. धनुर्वेदः — धनुर्वेद-स्वरूप
  75. गान्धर्वः — गांधर्व (संगीत) वेद रूप
  76. काव्यनाटकः — काव्य-नाटक रूप
  77. वैखानसः — वैखानस-मत रूप
  78. भागवतः — भागवत-मत रूप
  79. सात्वतः — सात्वत-मत रूप
  80. पाञ्चरात्रकः — पांचरात्र-मत रूप
  81. शैवः — शैव-मत रूप
  82. पाशुपतः — पाशुपत-मत रूप
  83. कालामुखः — कालामुख-मत रूप
  84. भैरवशासनः — भैरव-शासन रूप
  85. शाक्तः — शाक्त-मत रूप
  86. वैनायकः — वैनायक-मत रूप
  87. सौरः — सौर-मत रूप
  88. जैनः — जैन-मत रूप
  89. आर्हतसंहिता — आर्हत-संहिता रूप
  90. सत् — सत् (विद्यमान) रूप
  91. असत् — असत् (अव्यक्त) रूप
  92. व्यक्तः — व्यक्त रूप
  93. अव्यक्तः — अव्यक्त रूप
  94. सचेतनः — सचेतन रूप
  95. अचेतनः — अचेतन रूप
  96. बन्धः — बंधन-स्वरूप
  97. मोक्षः — मोक्ष-स्वरूप
  98. सुखम् — सुख-स्वरूप
  99. भोगः — भोग-स्वरूप
  100. अयोगः — योग-रहित रूप

नवम शतक (नाम 801–900)

  1. सत्यम् — सत्य-स्वरूप
  2. अणुः — अणु (सूक्ष्म) रूप
  3. महान् — महान (विराट) रूप
  4. स्वस्ति — स्वस्ति-स्वरूप
  5. हुम् — 'हुं' बीज रूप
  6. फट् — 'फट्' मंत्रांग रूप
  7. स्वधा — स्वधा-स्वरूप
  8. स्वाहा — स्वाहा-स्वरूप
  9. श्रौषट् — 'श्रौषट्' वषट्कार रूप
  10. वौषट् — 'वौषट्' वषट्कार रूप
  11. वषट् — 'वषट्' वषट्कार रूप
  12. नमो नमः — नमस्कार-स्वरूप
  13. ज्ञानम् — ज्ञान-स्वरूप
  14. विज्ञानम् — विज्ञान-स्वरूप
  15. आनन्दः — आनंद-स्वरूप
  16. बोधः — बोध-स्वरूप
  17. संविद् — संवित् (चेतना) रूप
  18. शमः — शम (शांति) रूप
  19. यमः — यम (संयम) रूप
  20. एकः — एक (अद्वितीय)
  21. एकाक्षराधारः — एकाक्षर (ॐ) के आधार
  22. एकाक्षरपरायणः — एकाक्षर में तत्पर
  23. एकाग्रधीः — एकाग्र बुद्धि वाले
  24. एकवीरः — अद्वितीय वीर
  25. एकानेकस्वरूपधृक् — एक व अनेक रूप धारण करने वाले
  26. द्विरूपः — दो रूप वाले
  27. द्विभुजः — दो भुजाओं वाले
  28. द्व्यक्षः — दो नेत्रों वाले
  29. द्विरदः — दो दाँतों वाले
  30. द्वीपरक्षकः — द्वीपों के रक्षक
  31. द्वैमातुरः — दो माताओं वाले
  32. द्विवदनः — दो मुख वाले
  33. द्वन्द्वातीतः — द्वंद्वों से परे
  34. द्व्यातिगः — द्वंद्व से परे जाने वाले
  35. त्रिधामा — तीन धाम वाले
  36. त्रिकरः — तीन कर वाले
  37. त्रेतात्रिवर्गफलदायकः — त्रेता व त्रिवर्ग का फल देने वाले
  38. त्रिगुणात्मा — तीन गुण-स्वरूप
  39. त्रिलोकादिः — तीन लोकों के आदि
  40. त्रिशक्तीशः — तीन शक्तियों के ईश
  41. त्रिलोचनः — तीन नेत्रों वाले
  42. चतुर्बाहुः — चार भुजाओं वाले
  43. चतुर्दन्तः — चार दाँतों वाले
  44. चतुरात्मा — चार रूप-स्वरूप
  45. चतुर्मुखः — चार मुख वाले
  46. चतुर्विधोपायमयः — चार उपायों (साम आदि) रूप
  47. चतुर्वर्णाश्रमाश्रयः — चार वर्ण-आश्रमों के आश्रय
  48. चतुर्विधवचोवृत्तिपरिवृत्तिप्रवर्तकः — चार वाणी-वृत्तियों के प्रवर्तक
  49. चतुर्थीपूजनप्रीतः — चतुर्थी-पूजन से प्रसन्न होने वाले
  50. चतुर्थीतिथिसम्भवः — चतुर्थी तिथि पर प्रकट
  51. पञ्चाक्षरात्मा — पञ्चाक्षर-स्वरूप
  52. पञ्चात्मा — पाँच रूप-स्वरूप
  53. पञ्चास्यः — पाँच मुख वाले
  54. पञ्चकृत्यकृत् — पाँच कृत्य (सृष्टि आदि) करने वाले
  55. पञ्चाधारः — पाँच आधार वाले
  56. पञ्चवर्णः — पाँच वर्णों वाले
  57. पञ्चाक्षरपरायणः — पञ्चाक्षर में तत्पर
  58. पञ्चतालः — पाँच ताल वाले
  59. पञ्चकरः — पाँच कर वाले
  60. पञ्चप्रणवभावितः — पाँच प्रणवों से भावित
  61. पञ्चब्रह्ममयस्फूर्तिः — पञ्च-ब्रह्ममयी स्फूर्ति रूप
  62. पञ्चावरणवारितः — पाँच आवरणों से वेष्टित
  63. पञ्चभक्ष्यप्रियः — पाँच भक्ष्यों के प्रिय
  64. पञ्चबाणः — पाँच बाण वाले
  65. पञ्चशिवात्मकः — पञ्च-शिव स्वरूप
  66. षट्कोणपीठः — षट्कोण पीठ वाले
  67. षट्चक्रधामा — षट्चक्रों के धाम
  68. षड्ग्रन्थिभेदकः — छह ग्रंथियों का भेदन करने वाले
  69. षड्ध्वध्वान्तविध्वंसी — छह मार्गों के अंधकार का नाश करने वाले
  70. षडङ्गुलमहाह्रदः — षडङ्गुल महाह्रद रूप
  71. षण्मुखः — छह मुख वाले
  72. षण्मुखभ्राता — षण्मुख (कार्तिकेय) के भ्राता
  73. षट्शक्तिपरिवारितः — छह शक्तियों से घिरे
  74. षड्वैरिवर्गविध्वंसी — छह शत्रुओं (काम आदि) का नाश करने वाले
  75. षडूर्मिमायाभञ्जनः — छह ऊर्मियों की माया का नाश करने वाले
  76. षट्तर्कदूरः — छह तर्कों से परे
  77. षट्कर्मनिरतः — छह कर्मों में रत
  78. षड्रसाश्रयः — छह रसों के आश्रय
  79. सप्तपातालचरणः — सात पातालरूपी चरण वाले
  80. सप्तद्वीपोरुमण्डलः — सात द्वीपरूपी विशाल मण्डल वाले
  81. सप्तस्वर्लोकमुकुटः — सात स्वर्गलोक रूपी मुकुट वाले
  82. सप्तसप्तिवरप्रदः — सप्त-अश्व (सूर्य) को वर देने वाले
  83. सप्ताङ्गराज्यसुखदः — सप्तांग राज्य का सुख देने वाले
  84. सप्तर्षिगणमण्डितः — सप्तर्षिगण से मण्डित
  85. सप्तच्छन्दोनिधिः — सात छंदों के निधि
  86. सप्तहोता — सात होताओं रूप
  87. सप्तस्वराश्रयः — सात स्वरों के आश्रय
  88. सप्ताब्धिकेलिकासारः — सात समुद्ररूपी क्रीड़ा-सरोवर वाले
  89. सप्तमातृनिषेवितः — सप्त-मातृकाओं द्वारा सेवित
  90. सप्तच्छन्दोमोदमदः — सात छंदों के आनंद-मद वाले
  91. सप्तच्छन्दोमखप्रभुः — सात छंदों के यज्ञ के प्रभु
  92. अष्टमूर्तिध्येयमूर्तिः — अष्टमूर्ति में ध्येय मूर्ति वाले
  93. अष्टप्रकृतिकारणः — आठ प्रकृतियों के कारण
  94. अष्टाङ्गयोगफलभूः — अष्टांग योग के फल रूप
  95. अष्टपत्राम्बुजासनः — अष्टदल कमल पर आसीन
  96. अष्टशक्तिसमृद्धश्रीः — आठ शक्तियों से समृद्ध श्री वाले
  97. अष्टैश्वर्यप्रदायकः — आठ ऐश्वर्य देने वाले
  98. अष्टपीठोपपीठश्रीः — आठ पीठ-उपपीठ की श्री वाले
  99. अष्टमातृसमावृतः — आठ मातृकाओं से घिरे
  100. अष्टभैरवसेव्यः — आठ भैरवों द्वारा सेव्य

दशम शतक (नाम 901–996)

  1. अष्टवसुवन्द्यः — आठ वसुओं द्वारा वंदित
  2. अष्टमूर्तिभृत् — आठ मूर्तियाँ धारण करने वाले
  3. अष्टचक्रस्फुरन्मूर्तिः — आठ चक्रों में स्फुरित मूर्ति वाले
  4. अष्टद्रव्यहविःप्रियः — आठ द्रव्यों की हवि के प्रिय
  5. नवनागासनाध्यासी — नौ नागासन पर विराजमान
  6. नवनिध्यनुशासितः — नौ निधियों के अनुशासक
  7. नवद्वारपुराधारः — नवद्वार-पुर (देह) के आधार
  8. नवाधारनिकेतनः — नौ आधारों के निकेतन
  9. नवनारायणस्तुत्यः — नौ नारायणों द्वारा स्तुत्य
  10. नवदुर्गानिषेवितः — नवदुर्गाओं द्वारा सेवित
  11. नवनाथमहानाथः — नौ नाथों के महानाथ
  12. नवनागविभूषणः — नौ नागों से विभूषित
  13. नवरत्नविचित्राङ्गः — नवरत्नों से विचित्र अंगों वाले
  14. नवशक्तिशिरोधृतः — नौ शक्तियों को शिरोधार्य करने वाले
  15. दशात्मकः — दश रूप वाले
  16. दशभुजः — दस भुजाओं वाले
  17. दशदिक्पतिवन्दितः — दस दिक्पालों द्वारा वंदित
  18. दशाध्यायः — दश अध्याय रूप
  19. दशप्राणः — दस प्राण रूप
  20. दशेन्द्रियनियामकः — दस इंद्रियों के नियामक
  21. दशाक्षरमहामन्त्रः — दशाक्षर महामंत्र रूप
  22. दशाशाव्यापिविग्रहः — दसों दिशाओं में व्यापक विग्रह वाले
  23. एकादशादिभीरुद्रैःस्तुतः — एकादश रुद्रों आदि द्वारा स्तुत
  24. एकादशाक्षरः — एकादशाक्षर रूप
  25. द्वादशोद्दण्डदोर्दण्डः — बारह उद्दंड भुजादंड वाले
  26. द्वादशान्तनिकेतनः — द्वादशांत में निवास करने वाले
  27. त्रयोदशाभिदाभिन्नविश्वेदेवाधिदैवतः — तेरह भेदों वाले विश्वेदेवों के अधिदैवत
  28. चतुर्दशेन्द्रवरदः — चौदह इंद्रों को वर देने वाले
  29. चतुर्दशमनुप्रभुः — चौदह मनुओं के प्रभु
  30. चतुर्दशविद्याढ्यः — चौदह विद्याओं से समृद्ध
  31. चतुर्दशजगत्प्रभुः — चौदह भुवनों के प्रभु
  32. सामपञ्चदशः — समान पंद्रह कलाओं वाले
  33. पञ्चदशीशीतांशुनिर्मलः — पूर्ण चंद्रकला सम निर्मल
  34. षोडशाधारनिलयः — सोलह आधारों के निलय
  35. षोडशस्वरमातृका — सोलह स्वर-मातृका रूप
  36. षोडशान्तपदवासः — षोडशांत पद में वास करने वाले
  37. षोडशेन्दुकलात्मकः — सोलह चंद्रकला स्वरूप
  38. कलासप्तदशी — सत्रहवीं कला रूप
  39. सप्तदशः — सत्रह रूप
  40. सप्तदशाक्षरः — सत्रह अक्षर रूप
  41. अष्टादशद्वीपपतिः — अठारह द्वीपों के पति
  42. अष्टादशपुराणकृत् — अठारह पुराणों के रचयिता
  43. अष्टादशौषधिसृष्टिः — अठारह औषधियों की सृष्टि करने वाले
  44. अष्टादशविधिस्मृतः — अठारह विधियों में स्मृत
  45. अष्टादशलिपिव्यष्टिसमष्टिज्ञानकोविदः — अठारह लिपियों के व्यष्टि-समष्टि ज्ञान में निपुण
  46. एकविंशपुरुषः — इक्कीस रूप वाले पुरुष
  47. एकविंशत्यङ्गुलिपल्लवः — इक्कीस अंगुलिरूपी पल्लव वाले
  48. चतुर्विंशतितत्त्वात्मा — चौबीस तत्त्व-स्वरूप
  49. पञ्चविंशाख्यपुरुषः — पच्चीस नामक पुरुष रूप
  50. सप्तविंशतितारेशः — सत्ताईस ताराओं (नक्षत्रों) के ईश
  51. सप्तविंशतियोगकृत् — सत्ताईस योग करने वाले
  52. द्वात्रिंशद्भैरवाधीशः — बत्तीस भैरवों के अधीश
  53. चतुस्त्रिंशन्महाह्रदः — चौंतीस महाह्रद रूप
  54. षट्त्रिंशत्तत्त्वसम्भूतिः — छत्तीस तत्त्वों की उत्पत्ति
  55. अष्टत्रिंशकलातनुः — अड़तीस कलाओं वाले तनु
  56. एकोनपञ्चाशन्मरुद्वर्गनिरर्गलः — उनचास मरुद्गणों में निर्बाध
  57. पञ्चाशदक्षरश्रेणी — पचास अक्षरों की श्रेणी रूप
  58. पञ्चाशद्रुद्रविग्रहः — पचास रुद्र विग्रह वाले
  59. पञ्चाशद्विष्णुशक्तीशः — पचास विष्णु-शक्तियों के ईश
  60. पञ्चाशन्मातृकालयः — पचास मातृकाओं के आलय
  61. द्विपञ्चाशद्वपुःश्रेणी — बावन रूपों की श्रेणी वाले
  62. त्रिषष्ट्यक्षरसंश्रयः — तिरसठ अक्षरों के आश्रय
  63. चतुःषष्ट्यर्णनिर्णेता — चौंसठ अक्षरों के निर्णायक
  64. चतुःषष्टिकलानिधिः — चौंसठ कलाओं के निधि
  65. चतुःषष्टिमहासिद्धयोगिनीवृन्दवन्दितः — चौंसठ महासिद्ध योगिनी-वृंद द्वारा वंदित
  66. अष्टषष्टिमहातीर्थक्षेत्रभैरवभावनः — अड़सठ महातीर्थ-क्षेत्रों के भैरवरूप भावन
  67. चतुर्नवतिमन्त्रात्मा — चौरानवे मंत्र-स्वरूप
  68. षण्णवत्यधिकप्रभुः — छियानवे से अधिक के प्रभु
  69. शतानन्दः — सौ आनंद रूप
  70. शतधृतिः — सौ धारण करने वाले
  71. शतपत्रायतेक्षणः — शतदल कमल सम विशाल नेत्रों वाले
  72. शतानीकः — सौ सेनाओं वाले
  73. शतमखः — सौ यज्ञों वाले
  74. शतधारवरायुधः — सौ धार वाले श्रेष्ठ आयुध वाले
  75. सहस्रपत्रनिलयः — सहस्रदल कमल के निलय
  76. सहस्रफणभूषणः — सहस्र फणों से भूषित
  77. सहस्रशीर्षपुरुषः — सहस्र शीर्ष वाले पुरुष
  78. सहस्राक्षः — सहस्र नेत्रों वाले
  79. सहस्रपात् — सहस्र चरणों वाले
  80. सहस्रनामसंस्तुत्यः — सहस्रनाम से संस्तुत्य
  81. सहस्राक्षबलापहः — सहस्राक्ष (इंद्र) का बल हरने वाले
  82. दशसहस्रफणभृत्फणिराजकृतासनः — दस सहस्र फण वाले नागराज को आसन बनाने वाले
  83. अष्टाशीतिसहस्राद्यमहर्षिस्तोत्रयन्त्रितः — अट्ठासी सहस्र महर्षियों के स्तोत्र से आबद्ध
  84. लक्षाधीशप्रियाधारः — लाखों ईशों के प्रिय आधार
  85. लक्ष्याधारमनोमयः — लक्ष्य के आधार व मनोमय
  86. चतुर्लक्षजपप्रीतः — चार लाख जप से प्रसन्न
  87. चतुर्लक्षप्रकाशितः — चार लाख योनियों में प्रकाशित
  88. चतुराशीतिलक्षाणां जीवानां देहसंस्थितः — चौरासी लाख जीवों की देह में स्थित
  89. कोटिसूर्यप्रतिकाशः — करोड़ों सूर्यों सम प्रकाश वाले
  90. कोटिचन्द्रांशुनिर्मलः — करोड़ों चंद्र-किरणों सम निर्मल
  91. शिवभवाध्युष्टकोटिविनायकधुरन्धरः — साढ़े तीन करोड़ विनायकों के धुरंधर
  92. सप्तकोटिमहामन्त्रमन्त्रितावयवद्युतिः — सात करोड़ महामंत्रों से मंत्रित अंग-कांति वाले
  93. त्रयस्त्रिंशत्कोटिसुरश्रेणीप्रणतपादुकः — तैंतीस करोड़ देवों द्वारा प्रणत चरण-पादुका वाले
  94. अनन्तनामा — अनंत नाम वाले
  95. अनन्तश्रीः — अनंत श्री वाले
  96. अनन्तानन्तसौख्यदः — अनंत-अनंत सुख देने वाले

अर्थ (हिन्दी)

  1. वक्र सूँड वाले, विशाल काय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न कीजिए।

लाभ

  • कार्यों में विघ्नों का नाश व सफलता मिलती है।
  • बुद्धि, विवेक व एकाग्रता बढ़ती है।
  • रोग, दोष व नकारात्मकता का नाश होता है।
  • घर में सुख-समृद्धि व मंगल का वास होता है।

कब करें पाठ

बुधवार को · गणेश चतुर्थी पर · किसी नए कार्य के आरंभ में

स्रोत

रचयिता: गणेश पुराण परंपरा. गणेश पुराण — उपासना खण्ड, अध्याय 46 (श्री गणेश सहस्रनामस्तोत्र) · drikpanchang.com — श्री गणेश सहस्रनाम स्तोत्रम् · karmkandvidhi.in — गणेश सहस्रनाम स्तोत्र

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