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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ असतो मा सद्गमय

मंत्र

पाठ

1

ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. हे प्रभु! मुझे असत् (असत्य) से सत् (सत्य) की ओर ले चलो; अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो; मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो। ॐ शांति, शांति, शांति।

लाभ

  • सत्य, ज्ञान व प्रकाश की ओर मन प्रेरित होता है।
  • अज्ञान व भय दूर होकर आत्म-बोध बढ़ता है।
  • मन को गहन शांति व आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

कब करें पाठ

प्रातः व संध्या प्रार्थना में · ध्यान से पूर्व · सत्संग व पूजा में

स्रोत

बृहदारण्यक उपनिषद् 1.3.28

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