Om Asato Ma Sadgamaya,
Tamaso Ma Jyotir-gamaya,
Mrityor-ma Amritam Gamaya,
Om Shantih Shantih Shantih.
उच्चारण मार्गदर्शन: "असतो मा सद्गमय", "तमसो मा ज्योतिर्गमय", "मृत्योर्मा अमृतं गमय" को सम लय में स्पष्ट बोलें। अंत में "शान्तिः" तीन बार शांत स्वर में।
शब्द-अर्थ (Word-by-Word)
असतो मा सद्गमयअसत्य से सत्य की ओर ले चलो
तमसो मा ज्योतिर्गमयअंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो
मृत्योर्मा अमृतं गमयमृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो
शान्तिः शान्तिः शान्तिःत्रिविध शांति
अर्थ (हिन्दी)
हे प्रभु! मुझे असत् (असत्य) से सत् (सत्य) की ओर ले चलो; अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो; मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो। ॐ शांति, शांति, शांति।
लाभ
सत्य, ज्ञान व प्रकाश की ओर मन प्रेरित होता है।
अज्ञान व भय दूर होकर आत्म-बोध बढ़ता है।
मन को गहन शांति व आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।
अनुशंसित जप संख्या
जप संख्या: प्रतिदिन 3 बार (एक माला)।
माला: आवश्यक नहीं (प्रार्थना पाठ)
उत्तम समय: प्रातः, संध्या व ध्यान-काल
जप का उत्तम समय
प्रातः व संध्या प्रार्थना मेंध्यान से पूर्वसत्संग व पूजा में
जप विधि (चैंटिंग मेथड)
शांत चित्त से आत्म-उन्नति की भावना रखते हुए इस मंत्र का पाठ करें। प्रायः प्रार्थना, ध्यान व सत्संग में इसका पाठ किया जाता है।