ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः

oṃ śrāṃ śrīṃ śrauṃ saḥ candrāya namaḥ

Chandra Beej Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
सोमवार
उद्देश्य:मन की शांति (Peace of Mind)भावनात्मक संतुलन (Emotional Balance)
✓ संपूर्ण बीज मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः एक बीज मंत्र है — पारंपरिक चन्द्र बीज मंत्र (नवग्रह)। चन्द्र देव को नमस्कार। परंपरा में इसे मुख्यतः मन की शांति, भावनात्मक संतुलन के भाव से जपा जाता है, प्रायः 108 बार अर्थात एक माला।

परिचय

स्रोत: पारंपरिक चन्द्र बीज मंत्र (नवग्रह)

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
IASToṃ śrāṃ śrīṃ śrauṃ saḥ candrāya namaḥ
प्रकारबीज मंत्र
मूल स्रोतपारंपरिक चन्द्र बीज मंत्र (नवग्रह)
जप संख्या108
मालामोती या स्फटिक माला
शुभ दिनसोमवार
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईमध्यम

उद्भव / पृष्ठभूमि

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः पारंपरिक चन्द्र बीज मंत्र (नवग्रह) के रूप में जाना जाता है। चन्द्र देव को नमस्कार। "श्रां श्रीं श्रौं सः" चन्द्र के बीजाक्षर हैं जो मन को शांति, स्थिरता व भावनात्मक संतुलन प्रदान करते हैं।

मंत्र के प्रत्येक पद का अपना अर्थ है: श्रां श्रीं श्रौं सः — चन्द्र के बीजाक्षर; चन्द्राय — चन्द्र देव को; नमः — नमस्कार। इन्हीं पदों के मेल से पूरे मंत्र का भाव बनता है, इसलिए जप करते समय इनका स्मरण रखना उपयोगी कहा जाता है।

यह बीज मंत्र है — अर्थात इसका केंद्र बीजाक्षर है, जिसका अर्थ शब्दकोश से नहीं, ध्वनि व परंपरा से लिया जाता है। इसी कारण बीज मंत्रों में उच्चारण-शुद्धि पर सबसे अधिक बल दिया जाता है, और परंपरा इनके लिए गुरु-दीक्षा को श्रेष्ठ मानती है।

परंपरा में इसका जप 108 बार — एक माला — कहा जाता है, और इसके लिए मोती या स्फटिक माला बताई जाती है। इसके लिए सोमवार विशेष कहे जाते हैं। परंपरा में यह भी कहा जाता है कि संख्या से अधिक महत्व नियमितता का है।

मंत्र

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ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः॥

oṃ śrāṃ śrīṃ śrauṃ saḥ candrāya namaḥ ||

Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "श्रां", "श्रीं", "श्रौं" को अनुस्वार सहित नासिक्य ध्वनि में स्पष्ट बोलें, "सः" का विसर्ग स्पष्ट रखें, फिर "चन्द्राय नमः"।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

श्रां श्रीं श्रौं सःचन्द्र के बीजाक्षर
चन्द्रायचन्द्र देव को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. चन्द्र देव को नमस्कार। "श्रां श्रीं श्रौं सः" चन्द्र के बीजाक्षर हैं जो मन को शांति, स्थिरता व भावनात्मक संतुलन प्रदान करते हैं।

लाभ

  • मन शांत होकर भावनात्मक संतुलन आता है।
  • तनाव, चिंता व अनिद्रा में राहत मिलती है।
  • कुंडली में चन्द्र की स्थिति बलवान होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: मोती या स्फटिक माला

उत्तम समय: रात्रि व सोमवार

जप का उत्तम समय

सोमवार कोरात्रि व प्रातःशुक्ल पक्ष में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

सोमवार की रात्रि में चन्द्र-दर्शन कर श्वेत वस्तु अर्पित करते हुए मोती या स्फटिक माला से 108 बार जप करें।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराbhaktisandesh.com — नवग्रह बीज मंत्र · astrotalk.com — बीज मंत्र · पाठ-भेद: कुछ प्रकाशक (shlokmantra, webdunia) "… सः चन्द्रमसे नमः" छापते हैं
अंतिम अद्यतनजून 2026

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः — सामान्य प्रश्न