ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

oṃ grāṃ grīṃ grauṃ saḥ gurave namaḥ

Guru (Brihaspati) Beej Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
गुरुवार
उद्देश्य:ज्ञान (Knowledge)समृद्धि (Prosperity)विवाह (Marriage)
✓ संपूर्ण

परिचय

स्रोत: पारंपरिक बृहस्पति (गुरु) बीज मंत्र (नवग्रह)

मंत्र

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ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥

oṃ grāṃ grīṃ grauṃ saḥ gurave namaḥ ||

Om Graam Greem Graum Sah Gurave Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "ग्रां", "ग्रीं", "ग्रौं" को अनुस्वार सहित नासिक्य ध्वनि में स्पष्ट बोलें, "सः" का विसर्ग स्पष्ट रखें, फिर "गुरवे नमः"।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ग्रां ग्रीं ग्रौं सःबृहस्पति (गुरु) के बीजाक्षर
गुरवेगुरु (बृहस्पति) देव को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. गुरु (बृहस्पति) देव को नमस्कार। "ग्रां ग्रीं ग्रौं सः" गुरु के बीजाक्षर हैं जो ज्ञान, समृद्धि व शुभ विवाह-योग प्रदान करते हैं।

लाभ

  • ज्ञान, विवेक व समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • विवाह व संतान-सम्बन्धी बाधाओं में राहत मिलती है।
  • कुंडली में गुरु (बृहस्पति) की स्थिति बलवान होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: पुखराज या रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः व गुरुवार

जप का उत्तम समय

गुरुवार कोप्रातःशुभ कार्य व विवाह-योग हेतु

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

गुरुवार को पीले पुष्प व चने की दाल अर्पित कर पुखराज या रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक नवग्रह बीज मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः — सामान्य प्रश्न