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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

मंत्र

पाठ

1

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. गुरु (बृहस्पति) देव को नमस्कार। "ग्रां ग्रीं ग्रौं सः" गुरु के बीजाक्षर हैं जो ज्ञान, समृद्धि व शुभ विवाह-योग प्रदान करते हैं।

लाभ

  • ज्ञान, विवेक व समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • विवाह व संतान-सम्बन्धी बाधाओं में राहत मिलती है।
  • कुंडली में गुरु (बृहस्पति) की स्थिति बलवान होती है।

कब करें पाठ

गुरुवार को · प्रातः · शुभ कार्य व विवाह-योग हेतु

स्रोत

पारंपरिक नवग्रह बीज मंत्र परंपरा

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