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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ भोलेनाथाय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ भोलेनाथाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- भोलेनाथ को नमस्कार। जो भोले हैं — सरल, छल-रहित — और जो भक्त की चतुराई नहीं, केवल भाव देखते हैं, उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे सहज, निष्कपट भक्ति-भाव जगाने वाला संबोधन माना जाता है।
- हिन्दी-भाषी भक्तों के लिए सबसे सुलभ व परिचित शिव-पुकार है।
- कांवड़ यात्रा व श्रावण सोमवार की उपासना में सर्वाधिक प्रयुक्त।
- बालकों को शिव-भक्ति से जोड़ने का सबसे सरल नाम कहा जाता है।
कब करें पाठ
श्रावण मास व सोमवार व्रत में · कांवड़ यात्रा व शिव-यात्रा के समय · प्रदोष काल व महाशिवरात्रि पर · भजन-कीर्तन में सामूहिक रूप से
स्रोत
हिन्दी लोक-भक्ति परंपरा — शिव संबोधन "भोलेनाथ" / "भोले बाबा" · नोट: यह नाम शिव अष्टोत्तर शतनामावली, शिव शतनामावली व शिव सहस्रनाम — तीनों में नहीं मिलता · सम-भाव संस्कृत संबोधन: "आशुतोष"
