ॐ भोलेनाथाय नमः

oṃ bholenāthāya namaḥ

Bholenath Mantra (Om Bholenathaya Namah)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार व प्रदोष
उद्देश्य:शीघ्र कृपा (Grace)मन की शांति (Peace)भक्ति-भाव (Devotion)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ भोलेनाथाय नमः हिन्दी लोक-भक्ति का शिव संबोधन है, जिसका अर्थ है “भोले स्वामी को नमस्कार”। यह संस्कृत अष्टोत्तर शतनामावली, शतनामावली या शिव सहस्रनाम — किसी में नहीं मिलता। यह भक्ति की सहज पुकार है, जिसका भाव संस्कृत के “आशुतोष” के अत्यंत निकट है।

परिचय

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

स्रोत: हिन्दी लोक-भक्ति परंपरा का शिव संबोधन (संस्कृत शतनामावली का नाम नहीं)

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ भोलेनाथाय नमः
IASToṃ bholenāthāya namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री शिव
मूल स्रोतहिन्दी लोक-भक्ति परंपरा का शिव संबोधन (संस्कृत शतनामावली का नाम नहीं)
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनसोमवार व प्रदोष
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

भोलेनाथ अर्थात् "भोले स्वामी" — "भोला" का अर्थ है सरल, निष्कपट, छल-रहित। यह नाम शिव के उस स्वभाव को कहता है जिसमें वे भक्त की चतुराई नहीं, भाव देखते हैं; न पात्र-अपात्र का विचार करते हैं, न विधि की त्रुटियों का। हिन्दी-भाषी क्षेत्रों में शिव को सबसे अधिक इसी नाम से पुकारा जाता है — कांवड़ यात्रा, श्रावण सोमवार और शिव-भजनों में "भोलेनाथ" व "भोले बाबा" संबोधन निरंतर सुनाई देते हैं।

एक बात स्पष्ट रहनी चाहिए: यह संस्कृत शतनामावली का नाम नहीं है। शिव अष्टोत्तर शतनामावली, शिव शतनामावली और शिव सहस्रनाम — तीनों में यह नहीं मिलता। यह हिन्दी लोक-भक्ति का संबोधन है, जिसका भाव संस्कृत के "आशुतोष" (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) के अत्यंत निकट है। इसे शास्त्रीय नाम-मंत्र मानकर नहीं, भक्ति की सहज पुकार मानकर जपा जाता है — और परंपरा में ऐसी पुकार का अपना स्थान है।

मंत्र

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ॐ भोलेनाथाय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ भोलेनाथाय नमः॥

oṃ bholenāthāya namaḥ ||

Om Bholenathaya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "भो" महाप्राण है — "बो" नहीं, "भो"। "ले" के बाद "ना" दीर्घ और "थाय" में महाप्राण "थ"। पूरा रूप "भो-ले-ना-थाय न-मः"। यह हिन्दी-मूल का संबोधन है, इसलिए इसका उच्चारण सामान्य हिन्दी की तरह ही सहज रखें — संस्कृत मंत्रों जैसा कठोर स्वर आवश्यक नहीं।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
भोलासरल, निष्कपट, छल-रहित
नाथस्वामी, रक्षक
भोलेनाथायभोले स्वामी (शिव) को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. भोलेनाथ को नमस्कार। जो भोले हैं — सरल, छल-रहित — और जो भक्त की चतुराई नहीं, केवल भाव देखते हैं, उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे सहज, निष्कपट भक्ति-भाव जगाने वाला संबोधन माना जाता है।
  • हिन्दी-भाषी भक्तों के लिए सबसे सुलभ व परिचित शिव-पुकार है।
  • कांवड़ यात्रा व श्रावण सोमवार की उपासना में सर्वाधिक प्रयुक्त।
  • बालकों को शिव-भक्ति से जोड़ने का सबसे सरल नाम कहा जाता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व सोमवार

जप का उत्तम समय

श्रावण मास व सोमवार व्रत मेंकांवड़ यात्रा व शिव-यात्रा के समयप्रदोष काल व महाशिवरात्रि परभजन-कीर्तन में सामूहिक रूप से

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

शिवलिंग पर जल व बिल्वपत्र अर्पित कर 108 बार जप करें। यह लोक-भक्ति का सहज संबोधन है, इसलिए इसके लिए परंपरा में किसी कठोर विधान की बात नहीं कही जाती — माला के साथ या बिना, अकेले या सामूहिक कीर्तन में, दोनों प्रकार से जपा जाता है। यदि शास्त्रीय विधान से जप करना हो तो इसके साथ "ॐ नमः शिवाय" का जप करने की परंपरा बताई जाती है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराहिन्दी लोक-भक्ति परंपरा — शिव संबोधन "भोलेनाथ" / "भोले बाबा" · नोट: यह नाम शिव अष्टोत्तर शतनामावली, शिव शतनामावली व शिव सहस्रनाम — तीनों में नहीं मिलता · सम-भाव संस्कृत संबोधन: "आशुतोष"
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री शिव

Lord Shiva

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

देवता वर्गसंहार · योग · ध्यान · कल्याण · मोक्ष
वाहननंदी (वृषभ)
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मुख्य मंत्रॐ नमः शिवाय
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