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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ चक्रपाणये नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ चक्रपाणये नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- चक्रपाणि को नमस्कार। जिनके हाथ में सुदर्शन चक्र है, जो अधर्म का नाश करता है और धर्म की रक्षा — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे शत्रु-बाधा व विघ्नों से रक्षा से जोड़ा जाता है।
- अन्याय व अधर्म के विरुद्ध खड़े होने का साहस जगने की मान्यता है।
- सुदर्शन उपासना का सम-भाव नाम-मंत्र माना जाता है।
- संकट व आकस्मिक विपत्ति में स्मरण किया जाता है।
कब करें पाठ
बुधवार व एकादशी को · शत्रु-बाधा या संकट के समय · जन्माष्टमी पर · यात्रा या किसी कठिन कार्य के आरंभ पर
स्रोत
श्री कृष्ण सहस्रनामावली — सम-अर्थी नाम 601 "ॐ चक्रिणे नमः" (drikpanchang) · सुदर्शन चक्र प्रसंग — महाभारत व श्रीमद्भागवत महापुराण · नोट: ठीक "चक्रपाणये" शब्द-रूप जाँची गई कृष्ण नामावलियों में नहीं मिला
