वापस
लिपि:
॥ श्री ॥

छठी मैया आरती

आरती

पाठ

जय छठी मैया॥

1

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

2

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

3

अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

4

शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

5

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

6

सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. (टेक) हे छठी मैया, आपकी जय हो!
  2. जो केला गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
  3. जो नारियल गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
  4. जो अमरूद गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
  5. जो शरीफा गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
  6. जो सेब गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
  7. जो सब फल गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।

लाभ

  • छठ पर्व की पूजा और घाट पर अर्घ्य का गीत।
  • प्रसाद की पवित्रता का भाव — अर्घ्य का फल जूठा न हो।

कब करें पाठ

छठ पर्व (कार्तिक शुक्ल षष्ठी) पर · डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय · चैती छठ पर

स्रोत

रचयिता: लोक-परंपरा (किसी प्रति में नाम नहीं). hindi.webdunia.com — जय छठी मैया : छठ मैया की प्राचीन आरती (आधार-पाठ) · dnaindia.com (हिन्दी) — Chhathi Maiya Aarti · hindi.news24online.com — छठी मैया की आरती

VedikMarg · निःशुल्क भक्ति संग्रह · vedikmarg.in