छठी मैया आरती
पाठ
जय छठी मैया॥
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥
ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥
अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥
शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥
ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥
सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए। मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए। ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥
अर्थ (हिन्दी)
- (टेक) हे छठी मैया, आपकी जय हो!
- जो केला गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
- जो नारियल गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
- जो अमरूद गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
- जो शरीफा गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
- जो सेब गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
- जो सब फल गुच्छों में फलता है, उस पर तोता मँडरा रहा है। मैं उस तोते को धनुष से मारूँगा, (तो) तोता मूर्छित होकर गिर जाएगा; और उसकी तोती (सुगनी) वियोग में रोएगी — आदित (सूर्यदेव) भी सहाय नहीं होंगे।
लाभ
- छठ पर्व की पूजा और घाट पर अर्घ्य का गीत।
- प्रसाद की पवित्रता का भाव — अर्घ्य का फल जूठा न हो।
कब करें पाठ
छठ पर्व (कार्तिक शुक्ल षष्ठी) पर · डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय · चैती छठ पर
स्रोत
रचयिता: लोक-परंपरा (किसी प्रति में नाम नहीं). hindi.webdunia.com — जय छठी मैया : छठ मैया की प्राचीन आरती (आधार-पाठ) · dnaindia.com (हिन्दी) — Chhathi Maiya Aarti · hindi.news24online.com — छठी मैया की आरती
