समय
4 मिनट
श्लोक/चौपाई
7
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
छठ पर्व (कार्तिक शुक्ल षष्ठी); चैती छठ
उद्देश्य:आरोग्य (Health)संतान-सुख (Blessing of children)समृद्धि (Prosperity)
✓ संपूर्ण
छठी मैया की प्रचलित आरती भोजपुरी का लोकगीत है — "जय छठी मैया, ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से"। इसके छह पद हैं, हर पद एक फल पर: केला, नारियल, अमरूद, शरीफा, सेब और "सभे फलवा" — वही फल जो छठ के सूप में सूर्य को अर्घ्य के लिए सजते हैं।
FAQ
छठी मैया आरती — सामान्य प्रश्न
छठ की प्रचलित आरती भोजपुरी लोकगीत "जय छठी मैया, ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से" है। वेबदुनिया इसे "छठ मैया की प्राचीन आरती" नाम से छापता है।
हर पद एक फल — केला, नारियल, अमरूद, शरीफा, सेब, और सब फल — पर है, जो छठ के सूप में अर्घ्य के लिए सजते हैं। तोता उस फल पर मँडराता है, और गीत कहता है कि उसे धनुष से मार गिराया जाएगा, उसकी तोती वियोग में रोएगी और सूर्यदेव भी सहायक नहीं होंगे।
तीन प्रकाशित प्रतियों से — वेबदुनिया (आधार), डीएनए इंडिया (हिन्दी) और न्यूज़24। छहों फलों के पद तीनों में हैं।
पर्व
