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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये। मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥
अर्थ (हिन्दी)
- भगवान दक्षिणामूर्ति को नमस्कार। हे प्रभु, मुझे मेधा (धारण-शक्ति) और प्रज्ञा (विवेकपूर्ण बुद्धि) प्रदान कीजिए — यह आहुति आपको समर्पित है।
लाभ
- परंपरा में इसे स्मरण-शक्ति व धारण-क्षमता बढ़ाने वाला मंत्र माना जाता है।
- विद्यार्थियों में परीक्षा व अध्ययन की सफलता हेतु इसका जप प्रचलित है।
- विवेक व निर्णय-शक्ति में स्पष्टता आने की मान्यता है।
- गुरु-कृपा व आत्म-बोध के मार्ग का मंत्र कहा जाता है।
कब करें पाठ
गुरुवार को — गुरु का दिन · प्रातः अध्ययन आरंभ करने से पूर्व · परीक्षा या साक्षात्कार से पहले · गुरु पूर्णिमा पर
स्रोत
दक्षिणामूर्ति शिव मंत्र — drikpanchang (पूर्ण पाठ; किसी ग्रन्थ का नाम वहाँ नहीं दिया गया) · दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम् — आदि शंकराचार्य (स्वरूप का शास्त्रीय आधार) · दक्षिणामूर्ति उपनिषद् — कृष्ण यजुर्वेद की शैव उपनिषदों में से एक (स्वरूप-वर्णन)
