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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ देवकीनन्दनाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- देवकीनन्दन को नमस्कार। जो माता देवकी के पुत्र रूप में कंस के कारागार में प्रकट हुए और जिनके अवतरण से धर्म की पुनःस्थापना हुई — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- जन्माष्टमी की रात्रि-पूजा का केंद्रीय नाम-मंत्र माना जाता है।
- परंपरा में इसे संतान-सुख व वंश-कल्याण की कामना से जोड़ा जाता है।
- कठिन परिस्थिति में भी रक्षा का भाव — कारागार-प्राकट्य का प्रसंग।
- माता-पिता व संतान के बीच स्नेह-भाव जगने की मान्यता है।
कब करें पाठ
जन्माष्टमी की अर्धरात्रि पूजा में · प्रत्येक अष्टमी तिथि को · बुधवार व एकादशी को · संतान-कल्याण के संकल्प के साथ
स्रोत
श्री कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (नारद पञ्चरात्र) — नाम 12 "ॐ देवकीनन्दनाय नमः" · कृष्ण जन्म प्रसंग — श्रीमद्भागवत महापुराण, दशम स्कन्ध
