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लिपि:
॥ श्री ॥
दुर्गा गायत्री मंत्र
मंत्र · माँ दुर्गा
पाठ
1
ॐ कात्यायन्यै च विद्महे कन्याकुमारि च धीमहि। तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
अर्थ (हिन्दी)
- हम कात्यायनी को जानते हैं और कन्याकुमारी का ध्यान करते हैं; वे दुर्गा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
लाभ
- भय व नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
- साहस, शक्ति व आत्मबल बढ़ता है।
- मन शांत होकर आध्यात्मिक उन्नति होती है।
कब करें पाठ
नवरात्रि में · मंगलवार व शुक्रवार को · प्रातः व संध्या पूजा में
स्रोत
पारंपरिक दुर्गा गायत्री परंपरा
