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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ द्वारकाधीशाय नमः

मंत्र · श्री कृष्ण

पाठ

1

ॐ द्वारकाधीशाय नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. द्वारकाधीश को नमस्कार। जो समुद्र-तट पर बसी द्वारका नगरी के अधीश्वर हैं और जिनका यह स्वरूप ऐश्वर्य व राजधर्म का प्रतीक है — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे ऐश्वर्य, व्यापार व समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है।
  • नेतृत्व व उत्तरदायित्व-निर्वाह का भाव — राजधर्म का स्वरूप है।
  • चार धाम व द्वारका यात्रा-संकल्प के साथ जप प्रचलित है।
  • गुजरात व पश्चिम भारत की कृष्ण-उपासना का केंद्रीय नाम है।

कब करें पाठ

बुधवार व एकादशी को · जन्माष्टमी पर · द्वारका यात्रा या चार धाम संकल्प पर · नए व्यापार या उत्तरदायित्व के आरंभ पर

स्रोत

श्री कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (नारद पञ्चरात्र) — सम-अर्थी नाम 58 "ॐ द्वारकानायकाय नमः" · श्री द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका — चार धाम व सप्त पुरी परंपरा · नोट: ठीक "द्वारकाधीशाय" शब्द-रूप शतनामावली की सूची में नहीं मिला

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