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लिपि:
॥ श्री ॥
गणेश गायत्री मंत्र
मंत्र · श्री गणेश
पाठ
1
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्॥
अर्थ (हिन्दी)
- हम एकदन्त गणेश को जानते हैं और वक्रतुण्ड का ध्यान करते हैं; वे दन्ती (गणेश) हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
लाभ
- बुद्धि, विवेक व एकाग्रता में वृद्धि होती है।
- विद्या व कार्यों में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं।
- मन शांत होकर आध्यात्मिक उन्नति होती है।
कब करें पाठ
प्रातः सूर्योदय के समय · बुधवार व चतुर्थी को · अध्ययन से पूर्व
स्रोत
पारंपरिक गणेश गायत्री परंपरा
