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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ गङ्गाधराय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ गङ्गाधराय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- गङ्गाधर शिव को नमस्कार। जिन्होंने भगीरथ की तपस्या से उतरती गंगा को अपने जटाजूट में धारण कर उनका प्रचंड वेग शांत किया — उन महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे मन व आचरण की शुद्धि से जोड़ा जाता है।
- कठिन संकल्पों में धैर्य व दृढ़ता आने की मान्यता है — भगीरथ-प्रयत्न का भाव।
- पितृ-तर्पण व श्राद्ध-कर्म के संकल्प के साथ इसका जप प्रचलित है।
- क्रोध व आवेग के शमन में सहायक माना जाता है।
कब करें पाठ
सोमवार व प्रदोष काल में · गंगा दशहरा व गंगा स्नान के अवसर पर · श्रावण मास में जलाभिषेक के साथ · पितृ पक्ष व तर्पण के समय
स्रोत
शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 27 "ॐ गङ्गाधराय नमः" · गंगावतरण व भगीरथ प्रसंग — पारंपरिक पुराण कथा
