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लिपि:
॥ श्री ॥
हनुमान गायत्री मंत्र
मंत्र · श्री हनुमान
पाठ
1
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमान् प्रचोदयात्॥
अर्थ (हिन्दी)
- हम अंजनीपुत्र को जानते हैं और वायुपुत्र का ध्यान करते हैं; वे हनुमान हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
लाभ
- भय व संकट से रक्षा होती है।
- साहस, बल व आत्मविश्वास बढ़ता है।
- शनि व मंगल दोष में राहत मिलती है।
कब करें पाठ
मंगलवार व शनिवार को · प्रातः व संध्या · भय या संकट के समय
स्रोत
पारंपरिक हनुमान गायत्री परंपरा
