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॥ श्री ॥

श्री हनुमत् सहस्रनाम

सहस्रनाम · श्री हनुमान

पाठ

॥ विनियोगः ॥ अस्य श्रीहनुमत्सहस्रनामस्तोत्रमहामन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीहनुमान् महारुद्रो देवता, ह्रीं श्रीं ह्रौं ह्रां बीजं, श्रीं इति शक्तिः, किलिकिल बुबु कारेण इति कीलकं, लङ्काविध्वंसनेति कवचं, मम सर्वोपद्रवशान्त्यर्थे मम सर्वकार्यसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः॥

॥ ध्यानम् ॥ प्रतप्तस्वर्णवर्णाभं संरक्तारुणलोचनम्। सुग्रीवादियुतं ध्यायेत् पीताम्बरसमावृतम्॥ गोष्पदीकृतवाराशिं पुच्छमस्तकमीश्वरम्। ज्ञानमुद्रां च बिभ्राणं सर्वालङ्कारभूषितम्॥ वामहस्तसमाकृष्टदशास्याननमण्डलम्। उद्यद्दक्षिणदोर्दण्डं हनूमन्तं विचिन्तयेत्॥

1

हनूमान् श्रीप्रदो वायुपुत्रो रुद्रो नयोऽजरः। अमृत्युर्वीरवीरश्च ग्रामवासो जनाश्रयः॥१॥

128

तारको भगवांस्त्राता स्वस्तिदाता सुमङ्गलः। समस्तलोकसाक्षी च समस्तसुरवन्दितः। सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धरः॥१२८॥

॥ फलश्रुति ॥ इदं नामसहस्रं तु योऽधीते प्रत्यहं नरः। दुःखौघो नश्यते क्षिप्रं सम्पत्तिर्वर्धते चिरम्॥ त्रिकालपठनादस्य सिद्धिः स्यात् करसंस्थिता। ब्राह्मे मुहूर्ते चोत्थाय प्रत्यहं यः पठेन्नरः॥ अश्वत्थमूले जपतां नास्ति वैरिकृतं भयम्। ज्वरापस्मारशमनं गुल्मादिव्याधिवारणम्॥ य इदं पठते नित्यं पाठयेद्वा समाहितः। सर्वान् कामानवाप्नोति वायुपुत्रप्रसादतः॥

आरंभिक नाम — स्वरूप व विश्व-व्यापकता (नाम 1–100)

  1. ॐ हनुमते नमः — हनुमान; जिनकी हनु (ठोड़ी) पर वज्र का चिह्न है
  2. ॐ श्रीप्रदाय नमः — श्री अर्थात ऐश्वर्य देने वाले
  3. ॐ वायुपुत्राय नमः — पवनदेव के पुत्र
  4. ॐ रुद्राय नमः — रुद्र-स्वरूप
  5. ॐ नयाय नमः — नीति-स्वरूप; सन्मार्ग दिखाने वाले
  6. ॐ अजराय नमः — जो कभी वृद्ध नहीं होते
  7. ॐ अमृत्यवे नमः — जिनकी मृत्यु नहीं होती
  8. ॐ वीरवीराय नमः — वीरों में भी वीर
  9. ॐ ग्रामवासाय नमः — ग्राम-ग्राम में निवास करने वाले
  10. ॐ जनाश्रयाय नमः — जन-सामान्य के आश्रय
  11. ॐ धनदाय नमः — धन देने वाले
  12. ॐ निर्गुणाकाराय नमः — जिनका स्वरूप निर्गुण है
  13. ॐ वीराय नमः — वीर
  14. ॐ निधिपतये नमः — निधियों के स्वामी
  15. ॐ मुनये नमः — मननशील मुनि
  16. ॐ पिङ्गाक्षाय नमः — भूरे-पीले नेत्रों वाले
  17. ॐ वरदाय नमः — वर देने वाले
  18. ॐ वाग्मिने नमः — वाक्-चतुर, सुवक्ता
  19. ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः — सीता जी का शोक नष्ट करने वाले
  20. ॐ शिवाय नमः — कल्याणस्वरूप शिव
  21. ॐ शर्वाय नमः — शर्व; सबका संहार करने वाले शिव-रूप
  22. ॐ पराय नमः — सबसे परे
  23. ॐ अव्यक्ताय नमः — अव्यक्त, इंद्रियों से परे
  24. ॐ व्यक्ताव्यक्ताय नमः — व्यक्त तथा अव्यक्त दोनों रूप वाले
  25. ॐ धराधराय नमः — पृथ्वी को धारण करने वाले
  26. ॐ पिङ्गकेशाय नमः — भूरे केश वाले
  27. ॐ पिङ्गरोमाय नमः — भूरे रोम वाले
  28. ॐ श्रुतिगम्याय नमः — श्रुति अर्थात वेद से जाने जाने वाले
  29. ॐ सनातनाय नमः — सनातन, नित्य
  30. ॐ अनादये नमः — जिनका कोई आदि नहीं
  31. ॐ भगवते नमः — षड्ऐश्वर्य-संपन्न भगवान्
  32. ॐ दिव्याय नमः — दिव्य स्वरूप
  33. ॐ विश्वहेतवे नमः — विश्व के कारण
  34. ॐ नराश्रयाय नमः — मनुष्यों के आश्रय
  35. ॐ आरोग्यकर्त्रे नमः — आरोग्य प्रदान करने वाले
  36. ॐ विश्वेशाय नमः — विश्व के ईश
  37. ॐ विश्वनाथाय नमः — विश्व के नाथ
  38. ॐ हरीश्वराय नमः — वानरों (हरि) के ईश्वर
  39. ॐ भर्गाय नमः — भर्ग; तेजोमय स्वरूप
  40. ॐ रामाय नमः — राम-स्वरूप
  41. ॐ रामभक्ताय नमः — श्रीराम के भक्त
  42. ॐ कल्याणप्रकृतीश्वराय नमः — कल्याणमयी प्रकृति के ईश्वर
  43. ॐ विश्वम्भराय नमः — विश्व का भरण-पोषण करने वाले
  44. ॐ विश्वमूर्तये नमः — जिनकी मूर्ति ही विश्व है
  45. ॐ विश्वाकाराय नमः — विश्व-रूप आकार वाले
  46. ॐ विश्वपाय नमः — विश्व का पालन करने वाले
  47. ॐ विश्वात्मने नमः — विश्व की आत्मा
  48. ॐ विश्वसेव्याय नमः — विश्व द्वारा सेवनीय
  49. ॐ विश्वाय नमः — जो स्वयं विश्व-रूप हैं
  50. ॐ विश्वधराय नमः — विश्व को धारण करने वाले
  51. ॐ रवये नमः — सूर्य-स्वरूप
  52. ॐ विश्वचेष्टाय नमः — विश्व की समस्त चेष्टा जिनसे होती है
  53. ॐ विश्वगम्याय नमः — विश्व के लिए गम्य अर्थात प्राप्य
  54. ॐ विश्वध्येयाय नमः — विश्व द्वारा ध्यान करने योग्य
  55. ॐ कलाधराय नमः — कलाओं को धारण करने वाले
  56. ॐ प्लवङ्गमाय नमः — उछलकर चलने वाले, वानर
  57. ॐ कपिश्रेष्ठाय नमः — वानरों में श्रेष्ठ
  58. ॐ ज्येष्ठाय नमः — सबसे ज्येष्ठ
  59. ॐ वेद्याय नमः — जानने योग्य
  60. ॐ वनेचराय नमः — वन में विचरण करने वाले
  61. ॐ बालाय नमः — बाल-रूप
  62. ॐ वृद्धाय नमः — वृद्ध-रूप
  63. ॐ यूने नमः — युवा-रूप
  64. ॐ तत्त्वाय नमः — तत्त्व-स्वरूप
  65. ॐ तत्त्वगम्याय नमः — तत्त्व से जाने जाने वाले
  66. ॐ सखिने नमः — सबके सखा
  67. ॐ अजाय नमः — अजन्मा
  68. ॐ अञ्जनासूनवे नमः — माता अंजना के पुत्र
  69. ॐ अव्यग्राय नमः — जो कभी व्यग्र नहीं होते
  70. ॐ ग्रामस्यान्ताय नमः — ग्राम-सीमा के रक्षक
  71. ॐ धराधराय नमः — पृथ्वी को धारण करने वाले
  72. ॐ भूर्लोकाय नमः — भूर्लोक-स्वरूप
  73. ॐ भुवर्लोकाय नमः — भुवर्लोक-स्वरूप
  74. ॐ स्वर्लोकाय नमः — स्वर्लोक-स्वरूप
  75. ॐ महर्लोकाय नमः — महर्लोक-स्वरूप
  76. ॐ जनोलोकाय नमः — जनलोक-स्वरूप
  77. ॐ तपोलोकाय नमः — तपोलोक-स्वरूप
  78. ॐ अव्ययाय नमः — अव्यय; जिनका कभी क्षय नहीं होता
  79. ॐ सत्याय नमः — सत्य-स्वरूप
  80. ॐ ओङ्कारगम्याय नमः — ओंकार से जाने जाने वाले
  81. ॐ प्रणवाय नमः — प्रणव अर्थात ॐ-स्वरूप
  82. ॐ व्यापकाय नमः — सर्वत्र व्याप्त
  83. ॐ अमलाय नमः — निर्मल, निष्कलंक
  84. ॐ शिवधर्मप्रतिष्ठात्रे नमः — शिव-धर्म की प्रतिष्ठा करने वाले
  85. ॐ रामेष्टाय नमः — श्रीराम के प्रिय
  86. ॐ फल्गुनप्रियाय नमः — अर्जुन (फल्गुन) के प्रिय
  87. ॐ गोष्पदीकृतवारीशाय नमः — जिन्होंने समुद्र को गाय के खुर-जितना कर दिया
  88. ॐ पूर्णकामाय नमः — जिनकी सब कामनाएँ पूर्ण हैं
  89. ॐ धरापतये नमः — पृथ्वी के पति
  90. ॐ रक्षोघ्नाय नमः — राक्षसों का नाश करने वाले
  91. ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
  92. ॐ शरणागतवत्सलाय नमः — शरणागत पर वात्सल्य रखने वाले
  93. ॐ जानकीप्राणदात्रे नमः — जानकी जी को प्राणदान देने वाले
  94. ॐ रक्षःप्राणापहारकाय नमः — राक्षसों के प्राण हरने वाले
  95. ॐ पूर्णाय नमः — पूर्ण
  96. ॐ सत्याय नमः — सत्य-स्वरूप
  97. ॐ पीतवाससे नमः — पीत वस्त्र धारण करने वाले
  98. ॐ दिवाकरसमप्रभाय नमः — सूर्य के समान प्रभा वाले
  99. ॐ द्रोणहर्त्रे नमः — द्रोणगिरि को उठा लाने वाले
  100. ॐ शक्तिनेत्रे नमः — शक्ति-प्रहार से आहत हुए लक्ष्मण के नेता अर्थात रक्षक

रामदूत — लंका-प्रसंग तथा जगद्गुरु स्वरूप (नाम 101–200)

  1. ॐ शक्तिराक्षसमारकाय नमः — शक्ति चलाने वाले राक्षसों का संहार करने वाले
  2. ॐ अक्षघ्नाय नमः — अक्षयकुमार का वध करने वाले
  3. ॐ रामदूताय नमः — श्रीराम के दूत
  4. ॐ शाकिनीजीविताहराय नमः — शाकिनियों का जीवन हरने वाले
  5. ॐ बुभूकारहतारातये नमः — "बुभू" हुंकार मात्र से शत्रुओं का नाश करने वाले
  6. ॐ गर्वपर्वतमर्दनाय नमः — गर्व-रूपी पर्वत का मर्दन करने वाले
  7. ॐ हेतवे नमः — सबके कारण
  8. ॐ अहेतवे नमः — जिनका स्वयं कोई कारण नहीं
  9. ॐ प्रांशवे नमः — अत्यंत ऊँचे, विशालकाय
  10. ॐ विश्वकर्त्रे नमः — विश्व की रचना करने वाले
  11. ॐ जगद्गुरवे नमः — जगत् के गुरु
  12. ॐ जगन्नाथाय नमः — जगत् के नाथ
  13. ॐ जगन्नेत्रे नमः — जगत् के नेता
  14. ॐ जगदीशाय नमः — जगत् के ईश
  15. ॐ जनेश्वराय नमः — समस्त जनों के ईश्वर
  16. ॐ जगत्श्रिताय नमः — जगत् जिनके आश्रित है
  17. ॐ हरये नमः — हरि; वानर-रूप तथा दुःखहर्ता
  18. ॐ श्रीशाय नमः — श्री के स्वामी
  19. ॐ गरुडस्मयभञ्जकाय नमः — गरुड़ के गर्व का भंजन करने वाले
  20. ॐ पार्थध्वजाय नमः — अर्जुन की ध्वजा पर विराजने वाले
  21. ॐ वायुपुत्राय नमः — पवनदेव के पुत्र
  22. ॐ सितपुच्छाय नमः — श्वेत पूँछ वाले
  23. ॐ अमितप्रभाय नमः — अपार कांति वाले
  24. ॐ ब्रह्मपुच्छाय नमः — जिनकी पूँछ ब्रह्म-स्वरूप है
  25. ॐ परब्रह्मपुच्छाय नमः — जिनकी पूँछ परब्रह्म-स्वरूप है
  26. ॐ रामेष्टकारकाय नमः — श्रीराम का अभीष्ट कार्य सिद्ध करने वाले
  27. ॐ सुग्रीवादियुताय नमः — सुग्रीव आदि से युक्त
  28. ॐ ज्ञानिने नमः — ज्ञानी
  29. ॐ वानराय नमः — वानर
  30. ॐ वानरेश्वराय नमः — वानरों के ईश्वर
  31. ॐ कल्पस्थायिने नमः — कल्प-पर्यंत स्थिर रहने वाले
  32. ॐ चिरञ्जीविने नमः — चिरंजीवी
  33. ॐ प्रसन्नाय नमः — सदा प्रसन्न रहने वाले
  34. ॐ सदाशिवाय नमः — सदाशिव-स्वरूप
  35. ॐ सन्मतये नमः — सद्बुद्धि-स्वरूप
  36. ॐ सद्गतये नमः — सद्गति देने वाले
  37. ॐ भुक्तिमुक्तिदाय नमः — भोग तथा मोक्ष दोनों देने वाले
  38. ॐ कीर्तिदायकाय नमः — कीर्ति प्रदान करने वाले
  39. ॐ कीर्तये नमः — स्वयं कीर्ति-स्वरूप
  40. ॐ कीर्तिप्रदाय नमः — कीर्ति देने वाले
  41. ॐ समुद्राय नमः — समुद्र के समान गंभीर
  42. ॐ श्रीप्रदाय नमः — श्री प्रदान करने वाले
  43. ॐ शिवाय नमः — कल्याणकारी शिव-स्वरूप
  44. ॐ उदधिक्रमणाय नमः — समुद्र को लाँघ जाने वाले
  45. ॐ देवाय नमः — देव-स्वरूप
  46. ॐ संसारभयनाशनाय नमः — संसार के भय का नाश करने वाले
  47. ॐ वालिबन्धनकृते नमः — बालि को बाँधने वाले
  48. ॐ विश्वजेत्रे नमः — विश्व को जीत लेने वाले
  49. ॐ विश्वप्रतिष्ठिताय नमः — विश्व में प्रतिष्ठित
  50. ॐ लङ्कारये नमः — लंका के शत्रु
  51. ॐ कालपुरुषाय नमः — काल-पुरुष
  52. ॐ लङ्केशगृहभञ्जनाय नमः — लंकेश रावण के गृह का भंजन करने वाले
  53. ॐ भूतावासाय नमः — समस्त भूतों के निवास
  54. ॐ वासुदेवाय नमः — वासुदेव-स्वरूप
  55. ॐ वसवे नमः — वसु-स्वरूप
  56. ॐ त्रिभुवनेश्वराय नमः — तीनों भुवनों के ईश्वर
  57. ॐ श्रीरामरूपाय नमः — श्रीराम-रूप
  58. ॐ कृष्णरूपाय नमः — कृष्ण-रूप
  59. ॐ लङ्काप्रासादभञ्जनाय नमः — लंका के प्रासादों का भंजन करने वाले
  60. ॐ कृष्णाय नमः — कृष्ण-स्वरूप
  61. ॐ कृष्णस्तुताय नमः — कृष्ण द्वारा स्तुत
  62. ॐ शान्ताय नमः — शांत
  63. ॐ शान्तिदाय नमः — शांति देने वाले
  64. ॐ विश्वभावनाय नमः — विश्व की भावना करने वाले
  65. ॐ विश्वभोक्त्रे नमः — विश्व का भोग करने वाले
  66. ॐ मारघ्नाय नमः — काम-विकार का नाश करने वाले
  67. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः — ब्रह्मचारी
  68. ॐ जितेन्द्रियाय नमः — इंद्रियों को जीत लेने वाले
  69. ॐ ऊर्ध्वगाय नमः — ऊर्ध्वगामी
  70. ॐ लाङ्गुलिने नमः — लांगूल अर्थात पूँछ धारण करने वाले
  71. ॐ मालिने नमः — माला धारण करने वाले
  72. ॐ लाङ्गूलाहतराक्षसाय नमः — पूँछ के प्रहार से राक्षसों का संहार करने वाले
  73. ॐ समीरतनुजाय नमः — पवन (समीर) के तनुज अर्थात पुत्र
  74. ॐ वीराय नमः — वीर
  75. ॐ वीरमाराय नमः — वीरों का भी मान मर्दन करने वाले
  76. ॐ जयप्रदाय नमः — विजय देने वाले
  77. ॐ जगन्मङ्गलदाय नमः — जगत् का मंगल करने वाले
  78. ॐ पुण्याय नमः — पुण्य-स्वरूप
  79. ॐ पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः — जिनका श्रवण व कीर्तन पुण्य है
  80. ॐ पुण्यकीर्तये नमः — पुण्यमयी कीर्ति वाले
  81. ॐ पुण्यगीतये नमः — जिनका गान पुण्यदायी है
  82. ॐ जगत्पावनपावनाय नमः — पावन करने वालों को भी पावन करने वाले
  83. ॐ देवेशाय नमः — देवों के ईश
  84. ॐ अमितरोम्णे नमः — अगणित रोम वाले
  85. ॐ रामभक्तविधायकाय नमः — भक्तों में रामभक्ति उत्पन्न करने वाले
  86. ॐ ध्यात्रे नमः — ध्यान करने वाले
  87. ॐ ध्येयाय नमः — ध्यान करने योग्य
  88. ॐ जगत्साक्षिणे नमः — जगत् के साक्षी
  89. ॐ चेतसे नमः — चेतन-स्वरूप
  90. ॐ चैतन्यविग्रहाय नमः — जिनका विग्रह ही चैतन्य है
  91. ॐ ज्ञानदाय नमः — ज्ञान देने वाले
  92. ॐ प्राणदाय नमः — प्राण देने वाले
  93. ॐ प्राणाय नमः — प्राण-स्वरूप
  94. ॐ जगत्प्राणाय नमः — जगत् के प्राण
  95. ॐ समीरणाय नमः — वायु-स्वरूप
  96. ॐ विभीषणप्रियाय नमः — विभीषण के प्रिय
  97. ॐ शूराय नमः — शूरवीर
  98. ॐ पिप्पलाश्रयसिद्धिदाय नमः — पीपल के आश्रय में सिद्धि देने वाले
  99. ॐ सिद्धाय नमः — सिद्ध
  100. ॐ सिद्धाश्रयाय नमः — सिद्धों के आश्रय

काल, ग्रह-शांति व देवशक्तियाँ (नाम 201–300)

  1. ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
  2. ॐ कालभक्षकपूजिताय नमः — कालभक्षक शिव द्वारा पूजित
  3. ॐ लङ्केशनिधनस्थायिने नमः — लंकेश के वध-स्थल पर स्थिर रहने वाले
  4. ॐ लङ्कादाहकाय नमः — लंका को जलाने वाले
  5. ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
  6. ॐ चन्द्रसूर्याग्निनेत्राय नमः — चंद्र, सूर्य व अग्नि जिनके नेत्र हैं
  7. ॐ कालाग्नये नमः — प्रलय की अग्नि-स्वरूप
  8. ॐ प्रलयान्तकाय नमः — प्रलय का भी अंत करने वाले
  9. ॐ कपिलाय नमः — कपिल-स्वरूप
  10. ॐ कपिशाय नमः — भूरे वर्ण वाले
  11. ॐ पुण्यरातये नमः — पुण्य के भंडार
  12. ॐ द्वादशराशिगाय नमः — बारहों राशियों में गति करने वाले
  13. ॐ सर्वाश्रयाय नमः — सबके आश्रय
  14. ॐ अप्रमेयात्मने नमः — जिनकी आत्मा अप्रमेय अर्थात अमाप्य है
  15. ॐ रेवत्यादिनिवारकाय नमः — रेवती आदि नक्षत्र-दोषों का निवारण करने वाले
  16. ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः — लक्ष्मण जी को प्राणदान देने वाले
  17. ॐ सीताजीवनहेतुकाय नमः — सीता जी के जीवन के हेतु
  18. ॐ रामध्यायिने नमः — श्रीराम का ध्यान करने वाले
  19. ॐ हृषीकेशाय नमः — हृषीकेश; इंद्रियों के स्वामी
  20. ॐ विष्णुभक्ताय नमः — विष्णु के भक्त
  21. ॐ जटिने नमः — जटाधारी
  22. ॐ बलिने नमः — बलवान
  23. ॐ देवारिदर्पघ्ने नमः — देव-शत्रुओं का दर्प चूर्ण करने वाले
  24. ॐ होत्रे नमः — होता; यज्ञ में आहुति देने वाले
  25. ॐ धात्रे नमः — धाता; सबको धारण करने वाले
  26. ॐ कर्त्रे नमः — कर्ता; सब कुछ करने वाले
  27. ॐ जगत्प्रभवे नमः — जगत् के प्रभु
  28. ॐ नगरग्रामपालाय नमः — नगर व ग्राम की रक्षा करने वाले
  29. ॐ शुद्धाय नमः — शुद्ध
  30. ॐ बुद्धाय नमः — बुद्ध; ज्ञान-स्वरूप
  31. ॐ निरन्तराय नमः — जो निरंतर हैं, जिनमें अंतराल नहीं
  32. ॐ निरञ्जनाय नमः — निरंजन; निर्दोष
  33. ॐ निर्विकल्पाय नमः — निर्विकल्प; भेद-रहित
  34. ॐ गुणातीताय नमः — तीनों गुणों से परे
  35. ॐ भयङ्कराय नमः — शत्रुओं के लिए भयंकर
  36. ॐ हनुमते नमः — हनुमान
  37. ॐ दुराराध्याय नमः — जिनकी आराधना सहज नहीं
  38. ॐ तपःसाध्याय नमः — तप से ही साध्य
  39. ॐ महेश्वराय नमः — महेश्वर-स्वरूप
  40. ॐ जानकीघनशोकोत्थतापहर्त्रे नमः — जानकी जी के घने शोक से उत्पन्न ताप को हरने वाले
  41. ॐ पराशराय नमः — पराशर-स्वरूप
  42. ॐ वाङ्मयाय नमः — वाङ्मय; वाणी-स्वरूप
  43. ॐ सदसद्रूपाय नमः — सत् तथा असत् दोनों रूप वाले
  44. ॐ कारणाय नमः — सबके कारण
  45. ॐ प्रकृतेः पराय नमः — प्रकृति से भी परे
  46. ॐ भाग्यदाय नमः — भाग्य देने वाले
  47. ॐ निर्मलाय नमः — निर्मल
  48. ॐ नेत्रे नमः — नेता; मार्ग दिखाने वाले
  49. ॐ पुच्छलङ्काविदाहकाय नमः — पूँछ से लंका जलाने वाले
  50. ॐ पुच्छबद्धाय नमः — जिनकी पूँछ बाँधी गई
  51. ॐ यातुधानाय नमः — यातुधान अर्थात राक्षसों के भी स्वामी
  52. ॐ यातुधानरिपुप्रियाय नमः — राक्षसों के शत्रु (विभीषण) के प्रिय
  53. ॐ छायापहारिणे नमः — छाया पकड़ने वाली राक्षसी का नाश करने वाले
  54. ॐ भूतेशाय नमः — भूतों के ईश
  55. ॐ लोकेशाय नमः — लोकों के ईश
  56. ॐ सद्गतिप्रदाय नमः — सद्गति प्रदान करने वाले
  57. ॐ प्लवङ्गमेश्वराय नमः — वानरों के ईश्वर
  58. ॐ क्रोधाय नमः — क्रोध-स्वरूप
  59. ॐ क्रोधसंरक्तलोचनाय नमः — क्रोध से रक्त नेत्रों वाले
  60. ॐ क्रोधहर्त्रे नमः — क्रोध को हरने वाले
  61. ॐ तापहर्त्रे नमः — ताप को हरने वाले
  62. ॐ भक्ताभयवरप्रदाय नमः — भक्तों को अभय का वर देने वाले
  63. ॐ भक्तानुकम्पिने नमः — भक्तों पर अनुकंपा करने वाले
  64. ॐ विश्वेशाय नमः — विश्व के ईश
  65. ॐ पुरुहूताय नमः — पुरुहूत; बहुतों द्वारा पुकारे जाने वाले
  66. ॐ पुरन्दराय नमः — पुरंदर-स्वरूप
  67. ॐ अग्नये नमः — अग्नि-स्वरूप
  68. ॐ विभावसवे नमः — विभावसु; तेज के निधान
  69. ॐ भास्वते नमः — भास्वान्; प्रकाशमान
  70. ॐ यमाय नमः — यम-स्वरूप
  71. ॐ निरृतये नमः — निरृति-स्वरूप
  72. ॐ वरुणाय नमः — वरुण-स्वरूप
  73. ॐ वायुगतिमते नमः — वायु के समान गति वाले
  74. ॐ वायवे नमः — वायु-स्वरूप
  75. ॐ कुबेराय नमः — कुबेर-स्वरूप
  76. ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर-स्वरूप
  77. ॐ रवये नमः — सूर्य-स्वरूप
  78. ॐ चन्द्राय नमः — चंद्र-स्वरूप
  79. ॐ कुजाय नमः — मंगल-स्वरूप
  80. ॐ सौम्याय नमः — बुध-स्वरूप
  81. ॐ गुरवे नमः — बृहस्पति-स्वरूप
  82. ॐ काव्याय नमः — शुक्र-स्वरूप
  83. ॐ शनैश्चराय नमः — शनि-स्वरूप
  84. ॐ राहवे नमः — राहु-स्वरूप
  85. ॐ केतवे नमः — केतु-स्वरूप
  86. ॐ मरुते नमः — मरुत्-स्वरूप
  87. ॐ दात्रे नमः — देने वाले
  88. ॐ धात्रे नमः — धारण करने वाले
  89. ॐ हर्त्रे नमः — हरण करने वाले
  90. ॐ समीरजाय नमः — पवन से उत्पन्न
  91. ॐ मशकीकृतदेवारये नमः — देव-शत्रुओं को मच्छर के समान तुच्छ कर देने वाले
  92. ॐ दैत्यारये नमः — दैत्यों के शत्रु
  93. ॐ मधुसूदनाय नमः — मधु नामक दैत्य का नाश करने वाले
  94. ॐ कामाय नमः — काम-स्वरूप अर्थात इच्छित देने वाले
  95. ॐ कपये नमः — कपि, वानर
  96. ॐ कामपालाय नमः — कामनाओं का पालन करने वाले
  97. ॐ कपिलाय नमः — कपिल-स्वरूप
  98. ॐ विश्वजीवनाय नमः — विश्व के जीवन
  99. ॐ भागीरथीपदाम्भोजाय नमः — जिनके चरण-कमल भागीरथी से पूजित हैं
  100. ॐ सेतुबन्धविशारदाय नमः — सेतु-बंधन में निपुण

पंचभूत, वेद तथा बृहत्-नामों का आरंभ (नाम 301–400)

  1. ॐ स्वाहायै नमः — स्वाहा-स्वरूप (देव-आहुति का मंत्र)
  2. ॐ स्वधायै नमः — स्वधा-स्वरूप (पितृ-आहुति का मंत्र)
  3. ॐ हविषे नमः — हवि-स्वरूप
  4. ॐ कव्याय नमः — कव्य-स्वरूप (पितरों का अन्न)
  5. ॐ हव्यवाहाय नमः — हव्य को वहन करने वाले
  6. ॐ प्रकाशकाय नमः — प्रकाश करने वाले
  7. ॐ स्वप्रकाशाय नमः — स्वयं-प्रकाश
  8. ॐ महावीराय नमः — महावीर
  9. ॐ मधुराय नमः — मधुर स्वभाव वाले
  10. ॐ अमितविक्रमाय नमः — अपार पराक्रम वाले
  11. ॐ उड्डीनोड्डीनगतिमते नमः — उड़ने तथा ऊँची उड़ान भरने की गति वाले
  12. ॐ सद्गतये नमः — सद्गति-स्वरूप
  13. ॐ पुरुषोत्तमाय नमः — पुरुषों में उत्तम
  14. ॐ जगदात्मने नमः — जगत् की आत्मा
  15. ॐ जगद्योनये नमः — जगत् के उद्गम
  16. ॐ जगदन्ताय नमः — जगत् का अंत करने वाले
  17. ॐ अनन्तराय नमः — जिनमें कोई अंतराल नहीं
  18. ॐ विपाप्मने नमः — पाप-रहित
  19. ॐ निष्कलङ्काय नमः — कलंक-रहित
  20. ॐ महते नमः — महान्
  21. ॐ महदहङ्कृतये नमः — महत् तथा अहंकार तत्त्व-स्वरूप
  22. ॐ खाय नमः — आकाश-स्वरूप
  23. ॐ वायवे नमः — वायु-स्वरूप
  24. ॐ पृथिव्यै नमः — पृथ्वी-स्वरूप
  25. ॐ अद्भ्यः नमः — जल-स्वरूप
  26. ॐ वह्नये नमः — अग्नि-स्वरूप
  27. ॐ दिशे नमः — दिशा-स्वरूप
  28. ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
  29. ॐ एकलाय नमः — एकाकी, अद्वितीय
  30. ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः — क्षेत्र अर्थात शरीर को जानने वाले
  31. ॐ क्षेत्रपालाय नमः — क्षेत्र की रक्षा करने वाले
  32. ॐ पल्वलीकृतसागराय नमः — समुद्र को छोटे तालाब-जितना कर देने वाले
  33. ॐ हिरण्मयाय नमः — स्वर्णमय
  34. ॐ पुराणाय नमः — पुरातन
  35. ॐ खेचराय नमः — आकाश में विचरने वाले
  36. ॐ भूचराय नमः — पृथ्वी पर विचरने वाले
  37. ॐ मनवे नमः — मनु-स्वरूप
  38. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः — हिरण्यगर्भ-स्वरूप
  39. ॐ सूत्रात्मने नमः — सूत्रात्मा; सबको सूत्र की भाँति पिरोने वाले
  40. ॐ राजराजाय नमः — राजाओं के भी राजा
  41. ॐ विशां पतये नमः — प्रजा के स्वामी
  42. ॐ वेदान्तवेद्याय नमः — वेदांत से जाने जाने वाले
  43. ॐ उद्गीथाय नमः — उद्गीथ-स्वरूप (सामगान का प्रधान अंग)
  44. ॐ वेदाङ्गाय नमः — वेदांग-स्वरूप
  45. ॐ वेदपारगाय नमः — वेदों के पारंगत
  46. ॐ प्रतिग्रामस्थिताय नमः — प्रत्येक ग्राम में स्थित
  47. ॐ सद्यः स्फूर्तिदात्रे नमः — तत्काल स्फूर्ति देने वाले
  48. ॐ गुणाकराय नमः — गुणों की खान
  49. ॐ नक्षत्रमालिने नमः — नक्षत्रों की माला धारण करने वाले
  50. ॐ भूतात्मने नमः — समस्त भूतों की आत्मा
  51. ॐ सुरभये नमः — कामधेनु-स्वरूप
  52. ॐ कल्पपादपाय नमः — कल्पवृक्ष-स्वरूप
  53. ॐ चिन्तामणये नमः — चिंतामणि-स्वरूप
  54. ॐ गुणनिधये नमः — गुणों के निधि
  55. ॐ प्रजाद्वाराय नमः — प्रजा की उत्पत्ति के द्वार
  56. ॐ अनुत्तमाय नमः — जिनसे उत्तम कोई नहीं
  57. ॐ पुण्यश्लोकाय नमः — जिनका यश पुण्यदायी है
  58. ॐ पुरारातये नमः — त्रिपुरारि शिव-स्वरूप
  59. ॐ मतिमते नमः — बुद्धिमान्
  60. ॐ शर्वरीपतये नमः — रात्रि के स्वामी, चंद्र-स्वरूप
  61. ॐ किल्किलारावसन्त्रस्तभूतप्रेतपिशाचकाय नमः — जिनके किलकिल-नाद से भूत, प्रेत व पिशाच भयभीत हो जाते हैं
  62. ॐ ऋणत्रयहराय नमः — देव, ऋषि व पितृ — तीनों ऋणों को हरने वाले
  63. ॐ सूक्ष्माय नमः — सूक्ष्म
  64. ॐ स्थूलाय नमः — स्थूल
  65. ॐ सर्वगतये नमः — सर्वत्र गति वाले
  66. ॐ पुंसे नमः — पुरुष-स्वरूप
  67. ॐ अपस्मारहराय नमः — अपस्मार अर्थात मिर्गी-रोग को हरने वाले
  68. ॐ स्मर्त्रे नमः — स्मरण करने वाले
  69. ॐ श्रुतये नमः — श्रुति-स्वरूप
  70. ॐ गाथाय नमः — गाथा-स्वरूप
  71. ॐ स्मृतये नमः — स्मृति-स्वरूप
  72. ॐ मनवे नमः — मनु-स्वरूप
  73. ॐ स्वर्गद्वाराय नमः — स्वर्ग के द्वार
  74. ॐ प्रजाद्वाराय नमः — प्रजा के द्वार
  75. ॐ मोक्षद्वाराय नमः — मोक्ष के द्वार
  76. ॐ यतीश्वराय नमः — यतियों के ईश्वर
  77. ॐ नादरूपाय नमः — नाद-स्वरूप
  78. ॐ परस्मै ब्रह्मणे नमः — परब्रह्म-स्वरूप
  79. ॐ ब्रह्मणे नमः — ब्रह्म-स्वरूप
  80. ॐ ब्रह्मपुरातनाय नमः — पुरातन ब्रह्म
  81. ॐ एकाय नमः — एक, अद्वितीय
  82. ॐ अनेकाय नमः — अनेक रूपों वाले
  83. ॐ जनाय नमः — जन-स्वरूप
  84. ॐ शुक्लाय नमः — शुक्ल अर्थात शुभ्र
  85. ॐ स्वयञ्ज्योतिषे नमः — स्वयं ज्योति-स्वरूप
  86. ॐ अनाकुलाय नमः — आकुलता-रहित
  87. ॐ ज्योतिर्ज्योतिषे नमः — ज्योतियों की भी ज्योति
  88. ॐ अनादये नमः — आदि-रहित
  89. ॐ सात्त्विकाय नमः — सत्त्व-गुण स्वरूप
  90. ॐ राजसाय नमः — रजो-गुण स्वरूप
  91. ॐ तमसे नमः — तमो-गुण स्वरूप
  92. ॐ तमोहर्त्रे नमः — तम अर्थात अज्ञान को हरने वाले
  93. ॐ निरालम्बाय नमः — जिन्हें किसी आलंबन की आवश्यकता नहीं
  94. ॐ निराकाराय नमः — आकार-रहित
  95. ॐ गुणाकराय नमः — गुणों की खान
  96. ॐ गुणाश्रयाय नमः — गुणों के आश्रय
  97. ॐ गुणमयाय नमः — गुणमय
  98. ॐ बृहत्कायाय नमः — विशाल शरीर वाले
  99. ॐ बृहद्यशसे नमः — महान यश वाले
  100. ॐ बृहद्धनुषे नमः — विशाल धनुष वाले

बृहत्-नाम, योग व इंद्रिय-स्वरूप (नाम 401–500)

  1. ॐ बृहत्पादाय नमः — विशाल चरणों वाले
  2. ॐ बृहन्मूर्ध्ने नमः — विशाल मस्तक वाले
  3. ॐ बृहत्स्वनाय नमः — विशाल स्वर वाले
  4. ॐ बृहत्कर्णाय नमः — विशाल कर्णों वाले
  5. ॐ बृहन्नासाय नमः — विशाल नासिका वाले
  6. ॐ बृहद्बाहवे नमः — विशाल भुजाओं वाले
  7. ॐ बृहत्तनवे नमः — विशाल देह वाले
  8. ॐ बृहद्गलाय नमः — विशाल कंठ वाले
  9. ॐ बृहत्कायाय नमः — विशाल काया वाले
  10. ॐ बृहत्पुच्छाय नमः — विशाल पूँछ वाले
  11. ॐ बृहत्कराय नमः — विशाल हाथों वाले
  12. ॐ बृहद्गतये नमः — विशाल गति वाले
  13. ॐ बृहत्सेवाय नमः — जिनकी सेवा महान है
  14. ॐ बृहल्लोकफलप्रदाय नमः — महान लोक-फल देने वाले
  15. ॐ बृहद्भक्तये नमः — जिनकी भक्ति महान है
  16. ॐ बृहद्वाञ्छाफलदाय नमः — बड़ी-बड़ी कामनाओं का फल देने वाले
  17. ॐ बृहदीश्वराय नमः — महान ईश्वर
  18. ॐ बृहल्लोकनुताय नमः — महान लोकों द्वारा स्तुत
  19. ॐ द्रष्ट्रे नमः — द्रष्टा; सब कुछ देखने वाले
  20. ॐ विद्यादात्रे नमः — विद्या देने वाले
  21. ॐ जगद्गुरवे नमः — जगत् के गुरु
  22. ॐ देवाचार्याय नमः — देवों के आचार्य
  23. ॐ सत्यवादिने नमः — सत्य बोलने वाले
  24. ॐ ब्रह्मवादिने नमः — ब्रह्म का उपदेश करने वाले
  25. ॐ कलाधराय नमः — कलाओं को धारण करने वाले
  26. ॐ सप्तपातालगामिने नमः — सातों पातालों में गति करने वाले
  27. ॐ मलयाचलसंश्रयाय नमः — मलयाचल पर आश्रय लेने वाले
  28. ॐ उत्तराशास्थिताय नमः — उत्तर दिशा में स्थित
  29. ॐ श्रीशाय नमः — श्री के स्वामी
  30. ॐ दिव्यौषधिवशाय नमः — दिव्य औषधियाँ जिनके वश में हैं
  31. ॐ खगाय नमः — आकाश में गति करने वाले
  32. ॐ शाखामृगाय नमः — शाखामृग अर्थात वानर
  33. ॐ कपीन्द्राय नमः — वानरों के इंद्र
  34. ॐ पुराणाय नमः — पुरातन
  35. ॐ प्राणचञ्चुराय नमः — प्राणों में चंचल अर्थात अत्यंत वेगवान
  36. ॐ चतुराय नमः — चतुर
  37. ॐ ब्राह्मणाय नमः — ब्राह्मण-रूप धारण करने वाले
  38. ॐ योगिने नमः — योगी
  39. ॐ योगिगम्याय नमः — योगियों द्वारा गम्य
  40. ॐ पराय नमः — पर, श्रेष्ठ
  41. ॐ अवराय नमः — अवर; निकटतम भी
  42. ॐ अनादिनिधनाय नमः — जिनका न आदि है न अंत
  43. ॐ व्यासाय नमः — व्यास-स्वरूप
  44. ॐ वैकुण्ठाय नमः — वैकुण्ठ-स्वरूप
  45. ॐ पृथिवीपतये नमः — पृथ्वी के पति
  46. ॐ अपराजिताय नमः — जो कभी पराजित नहीं होते
  47. ॐ जितारातये नमः — शत्रुओं को जीत लेने वाले
  48. ॐ सदानन्ददाय नमः — सदा आनंद देने वाले
  49. ॐ ईशित्रे नमः — ईशिता सिद्धि से युक्त, शासन करने वाले
  50. ॐ गोपालाय नमः — गोपाल-स्वरूप
  51. ॐ गोपतये नमः — गौओं तथा इंद्रियों के स्वामी
  52. ॐ योद्धाय नमः — योद्धा
  53. ॐ कलये नमः — कलि-स्वरूप
  54. ॐ स्फालाय नमः — स्फाल; प्रहार करने वाले
  55. ॐ परात्पराय नमः — पर से भी पर
  56. ॐ मनोवेगिने नमः — मन के समान वेग वाले
  57. ॐ सदायोगिने नमः — सदा योग में स्थित
  58. ॐ संसारभयनाशनाय नमः — संसार के भय का नाश करने वाले
  59. ॐ तत्त्वदात्रे नमः — तत्त्व-ज्ञान देने वाले
  60. ॐ तत्त्वज्ञाय नमः — तत्त्व को जानने वाले
  61. ॐ तत्त्वाय नमः — तत्त्व-स्वरूप
  62. ॐ तत्त्वप्रकाशकाय नमः — तत्त्व को प्रकाशित करने वाले
  63. ॐ शुद्धाय नमः — शुद्ध
  64. ॐ बुद्धाय नमः — बुद्ध, ज्ञान-स्वरूप
  65. ॐ नित्ययुक्ताय नमः — नित्य योग-युक्त
  66. ॐ भक्ताकाराय नमः — भक्तों के अनुरूप रूप धारण करने वाले
  67. ॐ जगद्रथाय नमः — जगत् जिनका रथ है
  68. ॐ प्रलयाय नमः — प्रलय-स्वरूप
  69. ॐ अमितमायाय नमः — अपार माया वाले
  70. ॐ मायातीताय नमः — माया से परे
  71. ॐ विमत्सराय नमः — मत्सर-रहित
  72. ॐ मायानिर्जितरक्षसे नमः — माया से राक्षसों को जीतने वाले
  73. ॐ मायानिर्मितविष्टपाय नमः — माया से लोकों की रचना करने वाले
  74. ॐ मायाश्रयाय नमः — माया के आश्रय
  75. ॐ निर्लेपाय नमः — निर्लेप; जिन पर कुछ लिपटता नहीं
  76. ॐ मायानिर्वर्तकाय नमः — माया की निवृत्ति करने वाले
  77. ॐ सुखिने नमः — सुखी
  78. ॐ सुखाय नमः — सुख-स्वरूप
  79. ॐ सुखप्रदाय नमः — सुख देने वाले
  80. ॐ नागाय नमः — नाग-स्वरूप
  81. ॐ महेशकृतसंस्तवाय नमः — महेश द्वारा जिनकी स्तुति की गई
  82. ॐ महेश्वराय नमः — महेश्वर-स्वरूप
  83. ॐ सत्यसन्धाय नमः — सत्य-प्रतिज्ञ
  84. ॐ शरभाय नमः — शरभ-स्वरूप
  85. ॐ कलिपावनाय नमः — कलियुग को पवित्र करने वाले
  86. ॐ रसाय नमः — रस-स्वरूप
  87. ॐ रसज्ञाय नमः — रस को जानने वाले
  88. ॐ सते नमः — सत्-स्वरूप
  89. ॐ मानाय नमः — मान अर्थात प्रमाण-स्वरूप
  90. ॐ रूपाय नमः — रूप-स्वरूप
  91. ॐ चक्षुषे नमः — चक्षु अर्थात दृष्टि-स्वरूप
  92. ॐ श्रुतये नमः — श्रवण-स्वरूप
  93. ॐ रवाय नमः — शब्द-स्वरूप
  94. ॐ घ्राणाय नमः — घ्राण अर्थात नासिका-स्वरूप
  95. ॐ गन्धाय नमः — गंध-स्वरूप
  96. ॐ स्पर्शनाय नमः — स्पर्श-इंद्रिय स्वरूप
  97. ॐ स्पर्शाय नमः — स्पर्श-स्वरूप
  98. ॐ हिङ्कारमानगाय नमः — हुंकार से ही मान भंग कर देने वाले
  99. ॐ नेतिनेतीतिगम्याय नमः — "नेति-नेति" से जाने जाने वाले
  100. ॐ वैकुण्ठभजनप्रियाय नमः — वैकुण्ठनाथ का भजन जिन्हें प्रिय है

ऋषि-स्वरूप, महा-नाम व सिद्धि (नाम 501–600)

  1. ॐ गिरिशाय नमः — गिरीश शिव-स्वरूप
  2. ॐ गिरिजाकान्ताय नमः — गिरिजा के कांत शिव-स्वरूप
  3. ॐ दुर्वाससे नमः — दुर्वासा-स्वरूप
  4. ॐ कवये नमः — कवि अर्थात शुक्राचार्य-स्वरूप
  5. ॐ अङ्गिरसे नमः — अंगिरा-स्वरूप
  6. ॐ भृगवे नमः — भृगु-स्वरूप
  7. ॐ वसिष्ठाय नमः — वसिष्ठ-स्वरूप
  8. ॐ च्यवनाय नमः — च्यवन-स्वरूप
  9. ॐ नारदाय नमः — नारद-स्वरूप
  10. ॐ तुम्बुरवे नमः — तुम्बुरु-स्वरूप
  11. ॐ हराय नमः — हर अर्थात शिव-स्वरूप
  12. ॐ विश्वक्षेत्राय नमः — विश्व जिनका क्षेत्र है
  13. ॐ विश्वबीजाय नमः — विश्व के बीज
  14. ॐ विश्वनेत्राय नमः — विश्व के नेत्र
  15. ॐ विश्वपाय नमः — विश्व का पालन करने वाले
  16. ॐ याजकाय नमः — यज्ञ कराने वाले
  17. ॐ यजमानाय नमः — यजमान-स्वरूप
  18. ॐ पावकाय नमः — पावक अर्थात अग्नि-स्वरूप
  19. ॐ पितृभ्यः नमः — पितृगण-स्वरूप
  20. ॐ श्रद्धये नमः — श्रद्धा-स्वरूप
  21. ॐ बुद्धये नमः — बुद्धि-स्वरूप
  22. ॐ क्षमाय नमः — क्षमा-स्वरूप
  23. ॐ तन्द्राय नमः — तंद्रा-स्वरूप
  24. ॐ मन्त्राय नमः — मंत्र-स्वरूप
  25. ॐ मन्त्रयित्रे नमः — मंत्रणा देने वाले
  26. ॐ सुराय नमः — देव-स्वरूप
  27. ॐ राजेन्द्राय नमः — राजाओं के इंद्र
  28. ॐ भूपतये नमः — भूमि के पति
  29. ॐ रूढाय नमः — प्रतिष्ठित, आरूढ़
  30. ॐ मालिने नमः — माला धारण करने वाले
  31. ॐ संसारसारथये नमः — संसार-रथ के सारथी
  32. ॐ नित्याय नमः — नित्य
  33. ॐ सम्पूर्णकामाय नमः — जिनकी सब कामनाएँ पूर्ण हैं
  34. ॐ भक्तकामदुहे नमः — भक्तों की कामनाएँ कामधेनु की भाँति पूर्ण करने वाले
  35. ॐ उत्तमाय नमः — उत्तम
  36. ॐ गणपाय नमः — गणों का पालन करने वाले
  37. ॐ केशवाय नमः — केशव-स्वरूप
  38. ॐ भ्रात्रे नमः — भाई-स्वरूप
  39. ॐ पित्रे नमः — पिता-स्वरूप
  40. ॐ मात्रे नमः — माता-स्वरूप
  41. ॐ मारुतये नमः — मरुत् अर्थात पवन के पुत्र
  42. ॐ सहस्रमूर्ध्ने नमः — सहस्र मस्तक वाले
  43. ॐ सहस्रास्याय नमः — सहस्र मुख वाले
  44. ॐ सहस्राक्षाय नमः — सहस्र नेत्रों वाले
  45. ॐ सहस्रपदे नमः — सहस्र चरणों वाले
  46. ॐ कामजिते नमः — काम को जीत लेने वाले
  47. ॐ कामदहनाय नमः — काम को भस्म करने वाले
  48. ॐ कामाय नमः — काम्य-स्वरूप
  49. ॐ काम्यफलप्रदाय नमः — इच्छित फल देने वाले
  50. ॐ मुद्रोपहारिणे नमः — मुद्रिका को उपहार-रूप में ले जाने वाले
  51. ॐ रक्षोघ्नाय नमः — राक्षसों का नाश करने वाले
  52. ॐ क्षितिभारहराय नमः — पृथ्वी का भार हरने वाले
  53. ॐ बलाय नमः — बल-स्वरूप
  54. ॐ नखदंष्ट्रायुधाय नमः — नख तथा दाढ़ ही जिनके आयुध हैं
  55. ॐ विष्णुभक्ताय नमः — विष्णु के भक्त
  56. ॐ भक्ताभयप्रदाय नमः — भक्तों को अभय देने वाले
  57. ॐ दर्पघ्ने नमः — दर्प का नाश करने वाले
  58. ॐ दर्पदाय नमः — योग्य को तेज व आत्मबल देने वाले
  59. ॐ दंष्ट्राशतमूर्तये नमः — सैकड़ों दाढ़ों वाले विशाल रूप वाले
  60. ॐ अमूर्तिमते नमः — जो निराकार भी हैं
  61. ॐ महानिधये नमः — महान निधि
  62. ॐ महाभागाय नमः — महाभाग्यशाली
  63. ॐ महाभर्गाय नमः — महान तेजस्वी
  64. ॐ महर्धिदाय नमः — महती ऋद्धि देने वाले
  65. ॐ महाकाराय नमः — महान आकार वाले
  66. ॐ महायोगिने नमः — महायोगी
  67. ॐ महातेजाय नमः — महातेजस्वी
  68. ॐ महाद्युतये नमः — महान कांति वाले
  69. ॐ महाकर्मणे नमः — महान कर्म करने वाले
  70. ॐ महानादाय नमः — महान नाद वाले
  71. ॐ महामन्त्राय नमः — महामंत्र-स्वरूप
  72. ॐ महामतये नमः — महाबुद्धिमान्
  73. ॐ महाशमाय नमः — महान शमन अर्थात परम शांत
  74. ॐ महोदाराय नमः — महान उदार
  75. ॐ महादेवात्मकाय नमः — महादेव-स्वरूप
  76. ॐ विभवे नमः — विभु; सर्वव्यापी
  77. ॐ रुद्रकर्मणे नमः — रुद्र के समान कर्म करने वाले
  78. ॐ क्रूरकर्मणे नमः — दुष्टों के प्रति कठोर कर्म करने वाले
  79. ॐ रत्ननाभाय नमः — रत्नमयी नाभि वाले
  80. ॐ कृतागमाय नमः — जिन्होंने आगम-शास्त्रों की रचना की
  81. ॐ अम्भोधिलङ्घनाय नमः — समुद्र को लाँघने वाले
  82. ॐ सिद्धाय नमः — सिद्ध
  83. ॐ सत्यधर्मणे नमः — सत्य ही जिनका धर्म है
  84. ॐ प्रमोदनाय नमः — प्रमोद देने वाले
  85. ॐ जितामित्राय नमः — शत्रुओं को जीत लेने वाले
  86. ॐ जयाय नमः — जय-स्वरूप
  87. ॐ सोमाय नमः — सोम-स्वरूप
  88. ॐ विजयाय नमः — विजय-स्वरूप
  89. ॐ वायुवाहनाय नमः — वायु जिनका वाहन है
  90. ॐ जीवाय नमः — जीव-स्वरूप
  91. ॐ धात्रे नमः — धारण करने वाले
  92. ॐ सहस्रांशवे नमः — सहस्र किरणों वाले सूर्य-स्वरूप
  93. ॐ मुकुन्दाय नमः — मुकुंद-स्वरूप
  94. ॐ भूरिदक्षिणाय नमः — प्रचुर दक्षिणा देने वाले
  95. ॐ सिद्धार्थाय नमः — जिनका अर्थ सिद्ध है
  96. ॐ सिद्धिदाय नमः — सिद्धि देने वाले
  97. ॐ सिद्धाय नमः — सिद्ध
  98. ॐ सङ्कल्पाय नमः — संकल्प-स्वरूप
  99. ॐ सिद्धिहेतुकाय नमः — सिद्धि के हेतु
  100. ॐ सप्तपातालचरणाय नमः — जिनके चरण सातों पातालों तक पहुँचते हैं

सप्त-नाम, रक्षा-कवच तथा अवतार (नाम 601–700)

  1. ॐ सप्तर्षिगणवन्दिताय नमः — सप्तर्षियों द्वारा वंदित
  2. ॐ सप्ताब्धिलङ्घनाय नमः — सातों समुद्रों को लाँघने वाले
  3. ॐ वीराय नमः — वीर
  4. ॐ सप्तद्वीपोरुमण्डलाय नमः — सप्तद्वीपमयी विशाल पृथ्वी-मंडल स्वरूप
  5. ॐ सप्ताङ्गराज्यसुखदाय नमः — सप्तांग राज्य का सुख देने वाले
  6. ॐ सप्तमातृनिषेविताय नमः — सप्त मातृकाओं द्वारा सेवित
  7. ॐ सप्तलोकैकमकुटाय नमः — सातों लोकों के एकमात्र मुकुट
  8. ॐ सप्तहोत्राय नमः — सप्त होताओं के स्वरूप
  9. ॐ स्वराश्रयाय नमः — स्वरों के आश्रय
  10. ॐ सप्तसामोपगीताय नमः — सात सामगानों से गाए जाने वाले
  11. ॐ सप्तपातालसंश्रयाय नमः — सातों पातालों में आश्रय लेने वाले
  12. ॐ सप्तच्छन्दोनिधये नमः — सातों छंदों के निधि
  13. ॐ सप्तच्छन्दाय नमः — सप्तछंद-स्वरूप
  14. ॐ सप्तजनाश्रयाय नमः — सातों जनों के आश्रय
  15. ॐ मेधादाय नमः — मेधा अर्थात धारणा-शक्ति देने वाले
  16. ॐ कीर्तिदाय नमः — कीर्ति देने वाले
  17. ॐ शोकहारिणे नमः — शोक हरने वाले
  18. ॐ दौर्भाग्यनाशनाय नमः — दुर्भाग्य का नाश करने वाले
  19. ॐ सर्ववश्यकराय नमः — सबको वश में करने वाले
  20. ॐ गर्भदोषघ्ने नमः — गर्भ-दोष का नाश करने वाले
  21. ॐ पुत्रपौत्रदाय नमः — पुत्र-पौत्र देने वाले
  22. ॐ प्रतिवादिमुखस्तम्भाय नमः — विरोधी का मुख स्तंभित कर देने वाले
  23. ॐ रुष्टचित्तप्रसादनाय नमः — रुष्ट चित्त को प्रसन्न कर देने वाले
  24. ॐ पराभिचारशमनाय नमः — शत्रु के अभिचार-प्रयोग को शांत करने वाले
  25. ॐ दुःखघ्ने नमः — दुःख का नाश करने वाले
  26. ॐ बन्धमोक्षदाय नमः — बंधन से मुक्ति देने वाले
  27. ॐ नवद्वारपुराधाराय नमः — नौ द्वारों वाले शरीर-पुर के आधार
  28. ॐ नवद्वारनिकेतनाय नमः — नौ द्वारों वाले शरीर में निवास करने वाले
  29. ॐ नरनारायणस्तुत्याय नमः — नर तथा नारायण द्वारा स्तुत
  30. ॐ नवनाथमहेश्वराय नमः — नवनाथों के महेश्वर
  31. ॐ मेखलिने नमः — मेखला धारण करने वाले
  32. ॐ कवचिने नमः — कवच धारण करने वाले
  33. ॐ खड्गिने नमः — खड्ग धारण करने वाले
  34. ॐ भ्राजिष्णवे नमः — देदीप्यमान
  35. ॐ जिष्णुसारथये नमः — जिष्णु अर्थात अर्जुन के सारथी-पक्ष में स्थित
  36. ॐ बहुयोजनविस्तीर्णपुच्छाय नमः — अनेक योजन तक फैली पूँछ वाले
  37. ॐ पुच्छहतासुराय नमः — पूँछ से असुरों का संहार करने वाले
  38. ॐ दुष्टहन्त्रे नमः — दुष्टों का नाश करने वाले
  39. ॐ नियमित्रे नमः — नियम में बाँधने वाले
  40. ॐ पिशाचग्रहशातनाय नमः — पिशाच तथा ग्रह-बाधा का शमन करने वाले
  41. ॐ बालग्रहविनाशिने नमः — बाल-ग्रह अर्थात शिशु-रोगों का नाश करने वाले
  42. ॐ धर्मनेत्रे नमः — धर्म के नेता
  43. ॐ कृपाकराय नमः — कृपा करने वाले
  44. ॐ उग्रकृत्याय नमः — उग्र कार्य करने वाले
  45. ॐ उग्रवेगाय नमः — उग्र वेग वाले
  46. ॐ उग्रनेत्राय नमः — उग्र नेत्रों वाले
  47. ॐ शतक्रतवे नमः — शतक्रतु इंद्र-स्वरूप
  48. ॐ शतमन्युस्तुताय नमः — शतमन्यु अर्थात इंद्र द्वारा स्तुत
  49. ॐ स्तुत्याय नमः — स्तुति करने योग्य
  50. ॐ स्तुतये नमः — स्तुति-स्वरूप
  51. ॐ स्तोत्रे नमः — स्तुति करने वाले
  52. ॐ महाबलाय नमः — महाबली
  53. ॐ समग्रगुणशालिने नमः — समस्त गुणों से युक्त
  54. ॐ व्यग्राय नमः — कार्य में तत्पर, अनवरत सक्रिय
  55. ॐ रक्षोविनाशनाय नमः — राक्षसों का विनाश करने वाले
  56. ॐ रक्षोग्निदावाय नमः — राक्षसों के लिए दावाग्नि-स्वरूप
  57. ॐ ब्रह्मेशाय नमः — ब्रह्मा तथा शिव-स्वरूप
  58. ॐ श्रीधराय नमः — श्री को धारण करने वाले
  59. ॐ भक्तवत्सलाय नमः — भक्तों पर वात्सल्य रखने वाले
  60. ॐ मेघनादाय नमः — मेघ के समान गर्जना करने वाले
  61. ॐ मेघरूपाय नमः — मेघ-रूप
  62. ॐ मेघवृष्टिनिवारणाय नमः — मेघों की अनावृष्टि व अतिवृष्टि दूर करने वाले
  63. ॐ मेघजीवनहेतवे नमः — मेघ द्वारा जीवन देने वाले
  64. ॐ मेघश्यामाय नमः — मेघ के समान श्याम
  65. ॐ परात्मकाय नमः — परमात्म-स्वरूप
  66. ॐ समीरतनयाय नमः — पवन के पुत्र
  67. ॐ धात्रे नमः — धारण करने वाले
  68. ॐ तत्त्वविद्याविशारदाय नमः — तत्त्व-विद्या में निपुण
  69. ॐ अमोघाय नमः — अमोघ; जिनका प्रयास व्यर्थ नहीं जाता
  70. ॐ अमोघवृष्टये नमः — अमोघ वृष्टि करने वाले
  71. ॐ अभीष्टदाय नमः — अभीष्ट फल देने वाले
  72. ॐ अनिष्टनाशनाय नमः — अनिष्ट का नाश करने वाले
  73. ॐ अर्थाय नमः — अर्थ-स्वरूप
  74. ॐ अनर्थापहारिणे नमः — अनर्थ का हरण करने वाले
  75. ॐ समर्थाय नमः — समर्थ
  76. ॐ रामसेवकाय नमः — श्रीराम के सेवक
  77. ॐ अर्थिने नमः — याचक के भाव में रहने वाले
  78. ॐ धन्याय नमः — धन्य
  79. ॐ असुरारातये नमः — असुरों के शत्रु
  80. ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
  81. ॐ आत्मभुवे नमः — स्वयं से उत्पन्न
  82. ॐ सङ्कर्षणाय नमः — संकर्षण-स्वरूप
  83. ॐ विशुद्धात्मने नमः — विशुद्ध आत्मा वाले
  84. ॐ विद्याराशये नमः — विद्या की राशि
  85. ॐ सुरेश्वराय नमः — देवों के ईश्वर
  86. ॐ अचलोद्धारकाय नमः — पर्वत को ही उठा लाने वाले
  87. ॐ नित्याय नमः — नित्य
  88. ॐ सेतुकृते नमः — सेतु का निर्माण करने वाले
  89. ॐ रामसारथये नमः — श्रीराम के सारथी
  90. ॐ आनन्दाय नमः — आनंद-स्वरूप
  91. ॐ परमानन्दाय नमः — परमानंद-स्वरूप
  92. ॐ मत्स्याय नमः — मत्स्य-अवतार स्वरूप
  93. ॐ कूर्माय नमः — कूर्म-अवतार स्वरूप
  94. ॐ निधये नमः — निधि-स्वरूप
  95. ॐ शयाय नमः — शयन करने वाले, शेष-स्वरूप
  96. ॐ वराहाय नमः — वराह-अवतार स्वरूप
  97. ॐ नारसिंहाय नमः — नरसिंह-अवतार स्वरूप
  98. ॐ वामनाय नमः — वामन-अवतार स्वरूप
  99. ॐ जमदग्निजाय नमः — जमदग्नि-पुत्र परशुराम स्वरूप
  100. ॐ रामाय नमः — राम-अवतार स्वरूप

नख-युद्ध, पवन-स्वरूप व सत्य-नाम (नाम 701–800)

  1. ॐ कृष्णाय नमः — कृष्ण-अवतार स्वरूप
  2. ॐ शिवाय नमः — शिव-स्वरूप
  3. ॐ बुद्धाय नमः — बुद्ध-अवतार स्वरूप
  4. ॐ कल्किने नमः — कल्कि-अवतार स्वरूप
  5. ॐ रामाश्रयाय नमः — श्रीराम ही जिनके आश्रय हैं
  6. ॐ हरये नमः — हरि-स्वरूप
  7. ॐ नन्दिने नमः — नंदी-स्वरूप
  8. ॐ भृङ्गिणे नमः — भृंगी-स्वरूप
  9. ॐ चण्डिने नमः — चण्डी-स्वरूप
  10. ॐ गणेशाय नमः — गणेश-स्वरूप
  11. ॐ गणसेविताय नमः — गणों द्वारा सेवित
  12. ॐ कर्माध्यक्षाय नमः — कर्मों के अध्यक्ष
  13. ॐ सुरारामाय नमः — देवों के आराम अर्थात विश्राम-स्थल
  14. ॐ विश्रामाय नमः — विश्राम-स्वरूप
  15. ॐ जगतीपतये नमः — पृथ्वी के पति
  16. ॐ जगन्नाथाय नमः — जगत् के नाथ
  17. ॐ कपीशाय नमः — वानरों के ईश
  18. ॐ सर्वावासाय नमः — सबमें निवास करने वाले
  19. ॐ सदाश्रयाय नमः — सदा आश्रय देने वाले
  20. ॐ सुग्रीवादिस्तुताय नमः — सुग्रीव आदि द्वारा स्तुत
  21. ॐ दान्ताय नमः — संयमी, इंद्रिय-दमन करने वाले
  22. ॐ सर्वकर्मणे नमः — समस्त कर्म-स्वरूप
  23. ॐ प्लवङ्गमाय नमः — उछलकर चलने वाले वानर
  24. ॐ नखदारितरक्षसे नमः — नखों से राक्षसों को विदीर्ण करने वाले
  25. ॐ नखयुद्धविशारदाय नमः — नख-युद्ध में निपुण
  26. ॐ कुशलाय नमः — कुशल
  27. ॐ सुधनाय नमः — उत्तम धन वाले
  28. ॐ शेषाय नमः — शेष-स्वरूप
  29. ॐ वासुकये नमः — वासुकि-स्वरूप
  30. ॐ तक्षकाय नमः — तक्षक-स्वरूप
  31. ॐ स्वर्णवर्णाय नमः — स्वर्ण-वर्ण वाले
  32. ॐ बलाढ्याय नमः — बल से समृद्ध
  33. ॐ पुरुजेत्रे नमः — अनेकों को जीत लेने वाले
  34. ॐ अघनाशनाय नमः — पापों का नाश करने वाले
  35. ॐ कैवल्यदीपाय नमः — कैवल्य के दीपक
  36. ॐ कैवल्याय नमः — कैवल्य अर्थात मोक्ष-स्वरूप
  37. ॐ गरुडाय नमः — गरुड़-स्वरूप
  38. ॐ पन्नगाय नमः — पन्नग अर्थात नाग-स्वरूप
  39. ॐ गुरवे नमः — गुरु
  40. ॐ क्लीक्लीरावहतारातिगर्वाय नमः — "क्लीक्ली" नाद से शत्रुओं का गर्व चूर्ण करने वाले
  41. ॐ पर्वतभेदनाय नमः — पर्वतों को भेद देने वाले
  42. ॐ वज्राङ्गाय नमः — वज्र के समान अंगों वाले
  43. ॐ वज्रवक्त्राय नमः — वज्र के समान मुख वाले
  44. ॐ भक्तवज्रनिवारकाय नमः — भक्तों पर आने वाले वज्र-प्रहार को भी रोक देने वाले
  45. ॐ नखायुधाय नमः — नख ही जिनके आयुध हैं
  46. ॐ मणिग्रीवाय नमः — मणि-मंडित ग्रीवा वाले
  47. ॐ ज्वालामालिने नमः — ज्वालाओं की माला वाले
  48. ॐ भास्कराय नमः — सूर्य के समान प्रकाशमान
  49. ॐ प्रौढप्रतापाय नमः — प्रौढ़ प्रताप वाले
  50. ॐ तपनाय नमः — तपाने वाले, सूर्य-स्वरूप
  51. ॐ भक्ततापनिवारकाय नमः — भक्तों का ताप दूर करने वाले
  52. ॐ शरणाय नमः — शरण-स्वरूप
  53. ॐ जीवनाय नमः — जीवन-स्वरूप
  54. ॐ भोक्त्रे नमः — भोक्ता
  55. ॐ नानाचेष्टाय नमः — अनेक प्रकार की चेष्टा करने वाले
  56. ॐ चञ्चलाय नमः — चंचल
  57. ॐ स्वस्थाय नमः — स्वस्थ, आत्मा में स्थित
  58. ॐ अस्वास्थ्यघ्ने नमः — अस्वस्थता का नाश करने वाले
  59. ॐ दुःखशातनाय नमः — दुःख का शमन करने वाले
  60. ॐ पवनात्मजाय नमः — पवन के पुत्र
  61. ॐ पवनाय नमः — पवन-स्वरूप
  62. ॐ पावनाय नमः — पवित्र करने वाले
  63. ॐ कान्ताय नमः — कमनीय, प्रिय
  64. ॐ भक्ताङ्गाय नमः — भक्त ही जिनके अंग हैं
  65. ॐ सहनाय नमः — सहनशील
  66. ॐ बलाय नमः — बल-स्वरूप
  67. ॐ मेघनादरिपवे नमः — मेघनाद के शत्रु
  68. ॐ मेघनादसंहृतराक्षसाय नमः — मेघनाद के राक्षसों का संहार करने वाले
  69. ॐ क्षराय नमः — क्षर अर्थात नाशवान् रूप में भी व्याप्त
  70. ॐ अक्षराय नमः — अक्षर, अविनाशी
  71. ॐ विनीतात्मने नमः — विनम्र आत्मा वाले
  72. ॐ वानरेशाय नमः — वानरों के ईश
  73. ॐ सताङ्गतये नमः — सज्जनों की गति
  74. ॐ श्रीकण्ठाय नमः — श्रीकण्ठ शिव-स्वरूप
  75. ॐ शितिकण्ठाय नमः — नीलकण्ठ शिव-स्वरूप
  76. ॐ सहायाय नमः — सहायक
  77. ॐ सहनायकाय नमः — सहायकों के भी नायक
  78. ॐ अस्थूलाय नमः — जो स्थूल नहीं
  79. ॐ अनणवे नमः — जो अणु भी नहीं
  80. ॐ भर्गाय नमः — भर्ग; तेजोमय
  81. ॐ देवसंसृतिनाशनाय नमः — देवों की भी संसृति अर्थात जन्म-मरण का नाश करने वाले
  82. ॐ अध्यात्मविद्यासाराय नमः — अध्यात्म-विद्या के सार
  83. ॐ अध्यात्मकुशलाय नमः — अध्यात्म में कुशल
  84. ॐ सुधिये नमः — सुबुद्धि वाले
  85. ॐ अकल्मषाय नमः — कल्मष अर्थात दोष-रहित
  86. ॐ सत्यहेतवे नमः — सत्य के हेतु
  87. ॐ सत्यदाय नमः — सत्य देने वाले
  88. ॐ सत्यगोचराय नमः — सत्य के द्वारा जाने जाने वाले
  89. ॐ सत्यगर्भाय नमः — जिनके गर्भ में सत्य है
  90. ॐ सत्यरूपाय नमः — सत्य-स्वरूप
  91. ॐ सत्याय नमः — सत्य
  92. ॐ सत्यपराक्रमाय नमः — जिनका पराक्रम सत्य है
  93. ॐ अञ्जनाप्राणलिङ्गाय नमः — माता अंजना के प्राण-लिंग अर्थात प्राणों के आधार
  94. ॐ वायुवंशोद्भवाय नमः — वायु के वंश में उत्पन्न
  95. ॐ श्रुतये नमः — श्रुति-स्वरूप
  96. ॐ भद्ररूपाय नमः — भद्र अर्थात कल्याणकारी रूप वाले
  97. ॐ रुद्ररूपाय नमः — रुद्र-रूप
  98. ॐ सुरूपाय नमः — सुंदर रूप वाले
  99. ॐ चित्ररूपधृशे नमः — विचित्र रूप धारण करने वाले
  100. ॐ मैनाकवन्दिताय नमः — मैनाक पर्वत द्वारा वंदित

योग, स्वरूप-वर्णन व शक्ति (नाम 801–900)

  1. ॐ सूक्ष्मदर्शनाय नमः — सूक्ष्म रूप धारण करने वाले
  2. ॐ विजयाय नमः — विजय-स्वरूप
  3. ॐ जयाय नमः — जय-स्वरूप
  4. ॐ क्रान्तदिङ्मण्डलाय नमः — दिशाओं के मंडल को लाँघ जाने वाले
  5. ॐ रुद्राय नमः — रुद्र-स्वरूप
  6. ॐ प्रकटीकृतविक्रमाय नमः — जिन्होंने अपना पराक्रम प्रकट किया
  7. ॐ कम्बुकण्ठाय नमः — शंख के समान कंठ वाले
  8. ॐ प्रसन्नात्मने नमः — प्रसन्न अंतःकरण वाले
  9. ॐ ह्रस्वनासाय नमः — छोटी नासिका वाले
  10. ॐ वृकोदराय नमः — भेड़िये के समान उदर वाले, अत्यंत क्षुधावान्
  11. ॐ लम्बोष्ठाय नमः — लंबे ओष्ठ वाले
  12. ॐ कुण्डलिने नमः — कुण्डल धारण करने वाले
  13. ॐ चित्रमालिने नमः — विचित्र माला धारण करने वाले
  14. ॐ योगविदां वराय नमः — योग जानने वालों में श्रेष्ठ
  15. ॐ विपश्चिते नमः — विद्वान्
  16. ॐ कवये नमः — कवि
  17. ॐ आनन्दविग्रहाय नमः — जिनका विग्रह आनंद-स्वरूप है
  18. ॐ अनल्पनाशनाय नमः — जो थोड़े का नहीं, बहुत बड़े का नाश करते हैं
  19. ॐ फाल्गुनीसूनवे नमः — फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे, अंजना-पुत्र
  20. ॐ अव्यग्राय नमः — अव्यग्र, अविचल
  21. ॐ योगात्मने नमः — योग-स्वरूप
  22. ॐ योगतत्पराय नमः — योग में तत्पर
  23. ॐ योगविदे नमः — योग को जानने वाले
  24. ॐ योगकर्त्रे नमः — योग करने वाले
  25. ॐ योगयोनये नमः — योग के उद्गम
  26. ॐ दिगम्बराय नमः — दिगंबर
  27. ॐ अकारादिक्षकारान्तवर्णनिर्मितविग्रहाय नमः — "अ" से "क्ष" तक के वर्णों से जिनका विग्रह बना है
  28. ॐ उलूखलमुखाय नमः — ओखली के समान मुख वाले
  29. ॐ सिद्धसंस्तुताय नमः — सिद्धों द्वारा स्तुत
  30. ॐ परमेश्वराय नमः — परमेश्वर
  31. ॐ श्लिष्टजङ्घाय नमः — पुष्ट जंघाओं वाले
  32. ॐ श्लिष्टजानवे नमः — पुष्ट जानुओं वाले
  33. ॐ श्लिष्टपाणये नमः — पुष्ट हाथों वाले
  34. ॐ शिखाधराय नमः — शिखा धारण करने वाले
  35. ॐ सुशर्मणे नमः — उत्तम कल्याण वाले
  36. ॐ अमितधर्मणे नमः — अपार धर्म वाले
  37. ॐ नारायणपरायणाय नमः — नारायण में परायण
  38. ॐ जिष्णवे नमः — जिष्णु; विजयशील
  39. ॐ भविष्णवे नमः — भविष्णु; सदा होने वाले
  40. ॐ रोचिष्णवे नमः — रोचिष्णु; देदीप्यमान
  41. ॐ ग्रसिष्णवे नमः — ग्रसिष्णु; ग्रसने वाले
  42. ॐ स्थाणवे नमः — स्थाणु; अचल
  43. ॐ हरये नमः — हरि-स्वरूप
  44. ॐ रुद्रानुकृते नमः — रुद्र का अनुकरण करने वाले
  45. ॐ वृक्षकम्पनाय नमः — वृक्षों को कँपा देने वाले
  46. ॐ भूमिकम्पनाय नमः — भूमि को कँपा देने वाले
  47. ॐ गुणप्रवाहाय नमः — गुणों के प्रवाह-स्वरूप
  48. ॐ सूत्रात्मने नमः — सूत्रात्मा; सबको सूत्र की भाँति पिरोने वाले
  49. ॐ वीतरागाय नमः — राग-रहित
  50. ॐ स्तुतिप्रियाय नमः — स्तुति जिन्हें प्रिय है
  51. ॐ नागकन्याभयध्वंसिने नमः — नागकन्याओं का भय दूर करने वाले
  52. ॐ कृतपूर्णाय नमः — जो सर्वथा पूर्ण हैं
  53. ॐ कपालभृते नमः — कपाल धारण करने वाले
  54. ॐ अनुकूलाय नमः — अनुकूल रहने वाले
  55. ॐ अक्षयाय नमः — अक्षय
  56. ॐ अपायाय नमः — अपाय अर्थात विनाश-स्वरूप (दुष्टों के लिए)
  57. ॐ अनपायाय नमः — जिनका स्वयं कोई अपाय अर्थात नाश नहीं
  58. ॐ वेदपारगाय नमः — वेदों के पारंगत
  59. ॐ अक्षराय नमः — अक्षर, अविनाशी
  60. ॐ पुरुषाय नमः — पुरुष-स्वरूप
  61. ॐ लोकनाथाय नमः — लोकों के नाथ
  62. ॐ त्र्यक्षाय नमः — तीन नेत्रों वाले
  63. ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
  64. ॐ दृढाय नमः — दृढ़
  65. ॐ अष्टाङ्गयोगफलभुवे नमः — अष्टांग योग का फल जिनसे प्राप्त होता है
  66. ॐ सत्यसन्धाय नमः — सत्य-प्रतिज्ञ
  67. ॐ पुरुष्टुताय नमः — बहुतों द्वारा स्तुत
  68. ॐ श्मशानस्थाननिलयाय नमः — श्मशान में भी निवास करने वाले
  69. ॐ प्रेतविद्रावणक्षमाय नमः — प्रेतों को भगा देने में समर्थ
  70. ॐ पञ्चाक्षरपराय नमः — पंचाक्षर मंत्र में परायण
  71. ॐ पञ्चमातृकाय नमः — पंच मातृकाओं से युक्त
  72. ॐ रञ्जनाय नमः — आनंदित करने वाले
  73. ॐ ध्वजाय नमः — ध्वजा-स्वरूप
  74. ॐ योगिनीवृन्दवन्द्यश्रिये नमः — योगिनी-वृंद द्वारा वंदित श्री वाले
  75. ॐ शत्रुघ्नाय नमः — शत्रुओं का नाश करने वाले
  76. ॐ अनन्तविक्रमाय नमः — अनंत पराक्रम वाले
  77. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः — ब्रह्मचारी
  78. ॐ इन्द्रियवपुषे नमः — इंद्रियों में ही जिनका वपु अर्थात रूप है
  79. ॐ धृतदण्डाय नमः — दण्ड धारण करने वाले
  80. ॐ दशात्मकाय नमः — दस रूपों वाले
  81. ॐ अप्रपञ्चाय नमः — प्रपंच-रहित
  82. ॐ सदाचाराय नमः — सदाचारी
  83. ॐ शूरसेनाय नमः — शूरों की सेना-स्वरूप
  84. ॐ विदारकाय नमः — विदीर्ण करने वाले
  85. ॐ बुद्धाय नमः — बुद्ध; ज्ञान-स्वरूप
  86. ॐ प्रमोदाय नमः — प्रमोद-स्वरूप
  87. ॐ आनन्दाय नमः — आनंद-स्वरूप
  88. ॐ सप्तजिह्वपतये नमः — सप्तजिह्व अर्थात अग्नि के स्वामी
  89. ॐ धराय नमः — धारण करने वाले
  90. ॐ नवद्वारपुराधाराय नमः — नौ द्वारों वाले शरीर-पुर के आधार
  91. ॐ प्रत्यग्राय नमः — सदा नवीन
  92. ॐ सामगायनाय नमः — सामगान करने वाले
  93. ॐ षट्चक्रधाम्ने नमः — षट्चक्रों में निवास करने वाले
  94. ॐ स्वर्लोकभयहृते नमः — स्वर्लोक का भय हरने वाले
  95. ॐ मानदाय नमः — मान देने वाले
  96. ॐ मदाय नमः — मद-स्वरूप
  97. ॐ सर्ववश्यकराय नमः — सबको वश में करने वाले
  98. ॐ शक्तये नमः — शक्ति-स्वरूप
  99. ॐ अनन्ताय नमः — अनंत
  100. ॐ अनन्तमङ्गलाय नमः — जिनका मंगल अनंत है

अंतिम नाम — सब पराक्रम रामसेवा पर आकर ठहरता है (नाम 901–1008)

  1. ॐ अष्टमूर्तिधराय नमः — आठ मूर्तियाँ धारण करने वाले
  2. ॐ नेत्रे नमः — नेता
  3. ॐ विरूपाय नमः — विरूप; अनेक रूप वाले
  4. ॐ स्वरसुन्दराय नमः — सुंदर स्वर वाले
  5. ॐ धूमकेतवे नमः — धूमकेतु-स्वरूप
  6. ॐ महाकेतवे नमः — महान ध्वजा वाले
  7. ॐ सत्यकेतवे नमः — सत्य ही जिनकी ध्वजा है
  8. ॐ महारथाय नमः — महारथी
  9. ॐ नन्दिने नमः — नंदी-स्वरूप
  10. ॐ प्रियाय नमः — प्रिय
  11. ॐ स्वतन्त्राय नमः — स्वतंत्र
  12. ॐ मेखलिने नमः — मेखला धारण करने वाले
  13. ॐ डमरुप्रियाय नमः — डमरू जिन्हें प्रिय है
  14. ॐ लोहिताङ्गाय नमः — लाल अंगों वाले
  15. ॐ समिधे नमः — समिधा-स्वरूप
  16. ॐ वह्नये नमः — अग्नि-स्वरूप
  17. ॐ षडृतवे नमः — छहों ऋतु-स्वरूप
  18. ॐ शर्वाय नमः — शर्व शिव-स्वरूप
  19. ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
  20. ॐ फलभुजे नमः — कर्म-फल का भोग करने वाले
  21. ॐ फलहस्ताय नमः — जिनके हाथ में फल है
  22. ॐ सर्वकर्मफलप्रदाय नमः — समस्त कर्मों का फल देने वाले
  23. ॐ धर्माध्यक्षाय नमः — धर्म के अध्यक्ष
  24. ॐ धर्मफलाय नमः — धर्म का फल-स्वरूप
  25. ॐ धर्माय नमः — धर्म-स्वरूप
  26. ॐ धर्मप्रदाय नमः — धर्म प्रदान करने वाले
  27. ॐ अर्थदाय नमः — अर्थ प्रदान करने वाले
  28. ॐ पञ्चविंशतितत्त्वज्ञाय नमः — पच्चीस तत्त्वों को जानने वाले
  29. ॐ तारकाय नमः — तारने वाले
  30. ॐ ब्रह्मतत्पराय नमः — ब्रह्म में तत्पर
  31. ॐ त्रिमार्गवसतये नमः — तीनों मार्गों में निवास करने वाले
  32. ॐ भीमाय नमः — भीम; भयंकर
  33. ॐ सर्वदुष्टनिबर्हणाय नमः — समस्त दुष्टों का नाश करने वाले
  34. ॐ ऊर्जःस्वामिने नमः — ऊर्जा के स्वामी
  35. ॐ जलस्वामिने नमः — जल के स्वामी
  36. ॐ शूलिने नमः — शूल धारण करने वाले
  37. ॐ मालिने नमः — माला धारण करने वाले
  38. ॐ निशाकराय नमः — चंद्र-स्वरूप
  39. ॐ रक्ताम्बरधराय नमः — लाल वस्त्र धारण करने वाले
  40. ॐ रक्ताय नमः — रक्त-वर्ण वाले
  41. ॐ रक्तमाल्यविभूषणाय नमः — लाल माला से विभूषित
  42. ॐ वनमालिने नमः — वनमाला धारण करने वाले
  43. ॐ शुभाङ्गाय नमः — शुभ अंगों वाले
  44. ॐ श्वेताय नमः — श्वेत
  45. ॐ श्वेताम्बराय नमः — श्वेत वस्त्र धारण करने वाले
  46. ॐ युवाय नमः — युवा
  47. ॐ जयाय नमः — जय-स्वरूप
  48. ॐ अजेयपरीवाराय नमः — जिनका परिवार अजेय है
  49. ॐ सहस्रवदनाय नमः — सहस्र मुख वाले
  50. ॐ कवये नमः — कवि
  51. ॐ शाकिनीडाकिनीयक्षरक्षोभूतप्रभञ्जनाय नमः — शाकिनी, डाकिनी, यक्ष, राक्षस व भूतों का प्रभंजन करने वाले
  52. ॐ सद्योजाताय नमः — सद्यःजात शिव-स्वरूप
  53. ॐ कामगतये नमः — इच्छानुसार गति करने वाले
  54. ॐ ज्ञानमूर्तये नमः — ज्ञान की मूर्ति
  55. ॐ यशस्कराय नमः — यश देने वाले
  56. ॐ शम्भुतेजसे नमः — शंभु के तेज से उत्पन्न
  57. ॐ सार्वभौमाय नमः — सार्वभौम; सबके स्वामी
  58. ॐ विष्णुभक्ताय नमः — विष्णु के भक्त
  59. ॐ प्लवङ्गमाय नमः — उछलकर चलने वाले वानर
  60. ॐ चतुर्णवतिमन्त्रज्ञाय नमः — चौरानवे मंत्रों को जानने वाले
  61. ॐ पौलस्त्यबलदर्पघ्ने नमः — पुलस्त्य-वंशी रावण के बल का दर्प चूर्ण करने वाले
  62. ॐ सर्वलक्ष्मीप्रदाय नमः — समस्त लक्ष्मी अर्थात संपदा देने वाले
  63. ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
  64. ॐ अङ्गदप्रियवर्धनाय नमः — अंगद की प्रीति बढ़ाने वाले
  65. ॐ स्मृतिबीजाय नमः — स्मृति के बीज-स्वरूप
  66. ॐ सुरेशानाय नमः — देवों के ईशान
  67. ॐ संसारभयनाशनाय नमः — संसार के भय का नाश करने वाले
  68. ॐ उत्तमाय नमः — उत्तम
  69. ॐ श्रीपरीवाराय नमः — श्री ही जिनका परिवार है
  70. ॐ श्रीभुवे नमः — श्री तथा भूमि-स्वरूप
  71. ॐ उग्राय नमः — उग्र
  72. ॐ कामदुहे नमः — कामधेनु की भाँति कामनाएँ पूर्ण करने वाले
  73. ॐ सदागतये नमः — सदागति; निरंतर गतिशील वायु-स्वरूप
  74. ॐ मातरिश्वने नमः — मातरिश्वा; वायु-स्वरूप
  75. ॐ रामपादाब्जषट्पदाय नमः — श्रीराम के चरण-कमलों के भ्रमर
  76. ॐ नीलप्रियाय नमः — नील जिन्हें प्रिय है
  77. ॐ नीलवर्णाय नमः — नील वर्ण वाले
  78. ॐ नीलवर्णप्रियाय नमः — नील वर्ण जिन्हें प्रिय है
  79. ॐ सुहृदे नमः — सबके सुहृद अर्थात हितैषी
  80. ॐ रामदूताय नमः — श्रीराम के दूत
  81. ॐ लोकबन्धवे नमः — लोकों के बंधु
  82. ॐ अन्तरात्मने नमः — अंतरात्मा-स्वरूप
  83. ॐ मनोरमाय नमः — मन को हरने वाले
  84. ॐ श्रीरामध्यानकृते नमः — श्रीराम का ध्यान करने वाले
  85. ॐ वीराय नमः — वीर
  86. ॐ सदा किम्पुरुषस्तुताय नमः — किंपुरुषों द्वारा सदा स्तुत
  87. ॐ रामकार्यान्तरङ्गाय नमः — श्रीराम के कार्यों के अंतरंग सहयोगी
  88. ॐ शुद्धये नमः — शुद्धि-स्वरूप
  89. ॐ गत्यै नमः — गति-स्वरूप
  90. ॐ अनामयाय नमः — रोग-रहित
  91. ॐ पुण्यश्लोकाय नमः — जिनका यश पुण्यदायी है
  92. ॐ परानन्दाय नमः — परम आनंद-स्वरूप
  93. ॐ परेशप्रियसारथये नमः — परमेश्वर के प्रिय सारथी
  94. ॐ लोकस्वामिने नमः — लोकों के स्वामी
  95. ॐ मुक्तिदात्रे नमः — मुक्ति देने वाले
  96. ॐ सर्वकारणकारणाय नमः — समस्त कारणों के भी कारण
  97. ॐ महाबलाय नमः — महाबली
  98. ॐ महावीराय नमः — महावीर
  99. ॐ पारावारगतये नमः — इस पार तथा उस पार — दोनों की गति
  100. ॐ गुरवे नमः — गुरु
  101. ॐ तारकाय नमः — तारने वाले
  102. ॐ भगवते नमः — भगवान्
  103. ॐ त्रात्रे नमः — त्राता; रक्षा करने वाले
  104. ॐ स्वस्तिदात्रे नमः — कल्याण देने वाले
  105. ॐ सुमङ्गलाय नमः — उत्तम मंगल-स्वरूप
  106. ॐ समस्तलोकसाक्षिणे नमः — समस्त लोकों के साक्षी
  107. ॐ समस्तसुरवन्दिताय नमः — समस्त देवों द्वारा वंदित
  108. ॐ सीतासमेत श्रीरामपादसेवा धुरन्धराय नमः — सीता सहित श्रीराम की चरण-सेवा का भार वहन करने वाले

अर्थ (हिन्दी)

  1. इस श्रीहनुमत्सहस्रनाम-स्तोत्र-महामंत्र के ऋषि श्रीरामचन्द्र हैं, छंद अनुष्टुप् है, देवता श्रीहनुमान् महारुद्र हैं; "ह्रीं श्रीं ह्रौं ह्रां" बीज है, "श्रीं" शक्ति है, "किलिकिल बुबु कार" कीलक है और "लङ्काविध्वंसन" कवच है। मेरे समस्त उपद्रवों की शांति तथा समस्त कार्यों की सिद्धि के लिए इस जप में विनियोग किया जाता है।
  2. तपाए हुए स्वर्ण के समान वर्ण वाले, अत्यंत लाल-अरुण नेत्रों वाले, पीतांबर धारण किए तथा सुग्रीव आदि से घिरे हुए हनुमान जी का ध्यान करना चाहिए। जिन्होंने समुद्र को गाय के खुर-जितना कर दिया, जिनकी पूँछ मस्तक के ऊपर उठी है, जो ईश्वर हैं, ज्ञानमुद्रा धारण किए हैं और समस्त अलंकारों से भूषित हैं। जिन्होंने बाएँ हाथ से दशमुख रावण के मुख-मंडल को खींच रखा है और जिनका दायाँ बाहु-दंड उठा हुआ है — ऐसे हनुमान जी का चिंतन करना चाहिए।
  3. आरंभिक श्लोक: हनुमान् श्री (ऐश्वर्य) देने वाले, पवनपुत्र, रुद्र-स्वरूप, नीति-स्वरूप तथा अजर हैं; वे अमृत्यु, वीरों में भी वीर, ग्राम-ग्राम में निवास करने वाले और जन-सामान्य के आश्रय हैं। (इसी क्रम में आगे 128 श्लोकों तक कुल 1008 नाम आते हैं।)
  4. अंतिम नाम-श्लोक: वे तारने वाले, भगवान्, त्राता, कल्याण देने वाले तथा उत्तम मंगल-स्वरूप हैं; समस्त लोकों के साक्षी और समस्त देवों द्वारा वंदित हैं — और अंततः सीता सहित श्रीराम की चरण-सेवा का भार वहन करने वाले हैं। (यही 1008वाँ नाम है, और अष्टोत्तर शतनामावली भी ठीक इसी नाम पर समाप्त होती है।)
  5. फलश्रुति: जो मनुष्य प्रतिदिन इस नाम-सहस्र का पाठ करता है, उसका दुःख-समूह शीघ्र नष्ट होता है और संपत्ति चिरकाल तक बढ़ती है। तीनों कालों में पाठ करने से सिद्धि हाथ में आ जाती है। जो ब्राह्म मुहूर्त में उठकर प्रतिदिन इसका पाठ करता है, तथा जो पीपल के मूल में इसका जप करता है, उसे शत्रु-कृत भय नहीं रहता। यह ज्वर व अपस्मार का शमन तथा गुल्म आदि व्याधियों का निवारण करने वाला कहा गया है। जो एकाग्रचित्त होकर नित्य इसका पाठ करता है अथवा कराता है, वह पवनपुत्र की कृपा से समस्त कामनाएँ प्राप्त करता है।

लाभ

  • फलश्रुति के अनुसार नित्य पाठ से दुःख-समूह शीघ्र नष्ट होता है और संपत्ति चिरकाल तक बढ़ती है।
  • फलश्रुति में ज्वर व अपस्मार के शमन तथा गुल्म आदि व्याधियों के निवारण का विशेष उल्लेख है — यह सहस्रनाम आरोग्य के संकल्प से भी पढ़ा जाता है।
  • नाम 620–626 का खंड गर्भ-दोष, संतति, विरोधी-स्तंभन, रूठे मन को मनाने, अभिचार-शमन तथा बंधन-मुक्ति — छह ठोस संकटों को नाम देता है; परंपरा में यही इसके व्यावहारिक प्रयोग का आधार है।
  • फलश्रुति कहती है कि पीपल के मूल में जप करने वालों को शत्रु-कृत भय नहीं रहता।
  • दशावतार, नवग्रह व पंचभूत — तीनों के नाम इसी सूची में हैं, इसलिए एक ही पाठ में समग्र देव-स्मरण हो जाता है।

कब करें पाठ

मंगलवार व शनिवार को, विशेषतः ब्राह्म मुहूर्त में · हनुमान जयंती पर · किसी दीर्घ रोग, बंधन अथवा विवाद की स्थिति में संकल्प लेकर · ज्येष्ठ मास के मंगलवार (बड़ा मंगल) को

स्रोत

रचयिता: पारंपरिक. stotranidhi.com — श्री हनुमत्सहस्रनामावली (आधार सूची; 1008 नाम). प्रत्येक बीसवें नाम पर दिए क्रमांक-चिह्न (२०, ४०, … १०००, १००८) यंत्रवत् जाँचे गए — सभी 50 चिह्न सही स्थान पर, एक भी विचलन नहीं। · stotranidhi.com — श्री आञ्जनेय सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; विनियोग, ध्यान के 3 श्लोक, 128 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति 129–135). नामावली इसी पाठ के पद-विच्छेद से मेल खाती है। · drikpanchang.com — भगवान हनुमान की सहस्रनामावली (तुलना हेतु). ⚠️ यह पाठ श्लोक 123 पर, 1004 नाम पर "कामधुक्" के साथ समाप्त हो जाता है; श्लोक 124–128 तथा फलश्रुति उसमें नहीं हैं, और अंतिम नाम "सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धर" अनुपस्थित है — इसीलिए आधार stotranidhi रखा गया। · sanskritdocuments.org/doc_hanumaana/ — "हनुमान सहस्रनाम" शीर्षक से तीन भिन्न स्तोत्रों (आञ्जनेय; सुदर्शन संहिता; रुद्रयामल) के अलग-अलग सूचीबद्ध होने का प्रमाण। · ⚠️ मूल ग्रंथ व अध्याय-क्रमांक किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला, अतः कोई ग्रंथ-नाम नहीं दिया गया — केवल विनियोग-कथित ऋषि, छंद व देवता दर्ज हैं। · ⚠️ दोनों पाठ-परंपराओं का पद-विच्छेद भिन्न है (1008 बनाम 1004), तथा drikpanchang वाले रूप में एक ~40-नामों का खंड (सहस्रकन्धरबल… से मकरीशापमोक्षद तक) है जो आधार-पाठ में नहीं — भेद दर्ज है, दूसरी परंपरा को ग़लत नहीं कहा गया। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1008/1008 नाम)।

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