श्री हनुमत् सहस्रनाम

śrī hanumat sahasranāma

Shri Hanumat Sahasranama (Anjaneya Sahasranama)

समय
35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
श्लोक
5
कुल नाम
1008
कठिनाई
कठिन (Advanced)
शुभ दिन
मंगलवार व शनिवार; हनुमान जयंती
उद्देश्य:आरोग्य (Health)संकट-निवारण (Relief from Crisis)बंधन-मुक्ति (Release from Bondage)
✓ संपूर्ण

श्री हनुमत् सहस्रनाम (आञ्जनेय सहस्रनाम) हनुमान जी के 1008 नामों का स्तोत्र है, जो हनूमान् श्रीप्रदो वायुपुत्रो से आरंभ होकर सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धर पर समाप्त होता है। मूल पाठ 128 अनुष्टुप् श्लोकों का है, जिसके आगे सात श्लोकों की फलश्रुति है। सम्पूर्ण पाठ में 35–45 मिनट लगते हैं।

परिचय

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

स्रोत: आञ्जनेय सहस्रनाम स्तोत्र — विनियोग, ध्यान, 128 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति; 1008 नाम

एक नज़र में

मंत्र / पाठश्री हनुमत् सहस्रनाम
IASTśrī hanumat sahasranāma
देवताश्री हनुमान
मूल स्रोतआञ्जनेय सहस्रनाम स्तोत्र — विनियोग, ध्यान, 128 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति; 1008 नाम
शुभ दिनमंगलवार व शनिवार; हनुमान जयंती
पाठ समय35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
कठिनाईकठिन (Advanced)
छंदअनुष्टुप्

उद्भव / पृष्ठभूमि

श्री हनुमत् सहस्रनाम — जिसे आञ्जनेय सहस्रनाम भी कहा जाता है — हनुमान जी के एक हज़ार आठ नामों का स्तोत्र है। मूल पाठ 128 अनुष्टुप् श्लोकों का है; उसके आगे सात श्लोकों की फलश्रुति है। इसका विनियोग बताता है कि इसके ऋषि श्रीरामचन्द्र हैं, छंद अनुष्टुप् है और देवता श्रीहनुमान् महारुद्र।

सबसे पहले एक बात जो प्रायः कोई नहीं बताता: "हनुमान सहस्रनाम" नाम से तीन अलग स्तोत्र प्रचलित हैं — यह वाला (आञ्जनेय सहस्रनाम), एक सुदर्शन संहिता का, और एक रुद्रयामल का। तीनों के नाम आपस में मिलते नहीं। यह पाठ-भेद नहीं है; ये तीन भिन्न रचनाएँ हैं। यहाँ पहली — सर्वाधिक प्रचलित — दी गई है।

इस सहस्रनाम की बनावट अन्य सहस्रनामों से एक बात में अलग है। यह केवल विशेषण नहीं गिनाता; यह हनुमान जी को क्रमशः सब कुछ बना देता है। बीच में एक लंबा खंड आता है जहाँ वे पंचभूत हो जाते हैं — खं, वायुः, पृथिवी, आपः, वह्निः (नाम 322–326); फिर नवग्रह हो जाते हैं — रवि, चंद्र, कुज, सौम्य, गुरु, काव्य, शनैश्चर, राहु, केतु (नाम 277–285); फिर सप्तर्षि, फिर दशावतार — मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि (नाम 692–704)। यानी स्तुति धीरे-धीरे यह कहने लगती है कि जो कुछ है, वही हनुमान हैं।

एक खंड विशेष रूप से ध्यान खींचता है — बीस से अधिक नाम लगातार "बृहत्" से आरंभ होते हैं (नाम 398 से 418 तक): बृहत्काय, बृहद्यश, बृहद्धनु, बृहत्पाद, बृहन्मूर्धा, बृहत्स्वन, बृहत्कर्ण, बृहन्नास, बृहद्बाहु, बृहत्तनु, बृहद्गल, बृहत्पुच्छ, बृहत्कर, बृहद्गति… यह सूची शरीर के अंग-प्रत्यंग को एक-एक कर विशाल कहती चलती है। लंका में धारण किए गए उस विराट रूप का इससे अधिक क्रमबद्ध वर्णन कहीं नहीं मिलता।

इसी प्रकार "सप्त" से आरंभ होने वाले पंद्रह नाम (600–614) हैं — सप्तपातालचरण, सप्ताब्धिलङ्घन, सप्तद्वीपोरुमण्डल, सप्तमातृनिषेवित, सप्तसामोपगीत, सप्तच्छन्दोनिधि। और एक नाम सबसे असामान्य है — अकारादिक्षकारान्तवर्णनिर्मितविग्रह (नाम 827): "जिनका विग्रह "अ" से "क्ष" तक के समस्त वर्णों से बना है"। यानी पूरी वर्णमाला ही उनका शरीर है।

व्यावहारिक दृष्टि से भी यह सूची असामान्य रूप से विशिष्ट है। नाम 620 से 626 तक लगातार सात नाम ठोस संकटों के हैं — गर्भदोषघ्न (गर्भ-दोष का नाश), पुत्रपौत्रद (संतति देने वाले), प्रतिवादिमुखस्तम्भ (विरोधी का मुख स्तंभित करने वाले), रुष्टचित्तप्रसादन (रूठे मन को मनाने वाले), पराभिचारशमन (शत्रु के अभिचार का शमन), दुःखघ्न और बन्धमोक्षद। यही कारण है कि परंपरा में यह स्तोत्र न्यायालय-विवाद, बंधन तथा ऊपरी बाधा में विशेष रूप से पढ़ा जाता है।

और अंत — 1008वाँ नाम सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धर है। एक हज़ार सात नामों में उन्हें पंचभूत, नवग्रह, दशावतार, परब्रह्म — सब कह चुकने के बाद अंतिम नाम केवल इतना कहता है कि वे "सीता सहित श्रीराम की चरण-सेवा का भार वहन करने वाले" हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि अष्टोत्तर शतनामावली का 108वाँ नाम भी ठीक यही है — दोनों सूचियाँ, चाहे 108 की हो या 1008 की, एक ही स्थान पर आकर रुकती हैं।

ध्यान व आरंभिक श्लोक

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॥ विनियोगः ॥ अस्य श्रीहनुमत्सहस्रनामस्तोत्रमहामन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीहनुमान् महारुद्रो देवता, ह्रीं श्रीं ह्रौं ह्रां बीजं, श्रीं इति शक्तिः, किलिकिल बुबु कारेण इति कीलकं, लङ्काविध्वंसनेति कवचं, मम सर्वोपद्रवशान्त्यर्थे मम सर्वकार्यसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः॥

इस श्रीहनुमत्सहस्रनाम-स्तोत्र-महामंत्र के ऋषि श्रीरामचन्द्र हैं, छंद अनुष्टुप् है, देवता श्रीहनुमान् महारुद्र हैं; "ह्रीं श्रीं ह्रौं ह्रां" बीज है, "श्रीं" शक्ति है, "किलिकिल बुबु कार" कीलक है और "लङ्काविध्वंसन" कवच है। मेरे समस्त उपद्रवों की शांति तथा समस्त कार्यों की सिद्धि के लिए इस जप में विनियोग किया जाता है।

॥ ध्यानम् ॥ प्रतप्तस्वर्णवर्णाभं संरक्तारुणलोचनम्। सुग्रीवादियुतं ध्यायेत् पीताम्बरसमावृतम्॥ गोष्पदीकृतवाराशिं पुच्छमस्तकमीश्वरम्। ज्ञानमुद्रां च बिभ्राणं सर्वालङ्कारभूषितम्॥ वामहस्तसमाकृष्टदशास्याननमण्डलम्। उद्यद्दक्षिणदोर्दण्डं हनूमन्तं विचिन्तयेत्॥

तपाए हुए स्वर्ण के समान वर्ण वाले, अत्यंत लाल-अरुण नेत्रों वाले, पीतांबर धारण किए तथा सुग्रीव आदि से घिरे हुए हनुमान जी का ध्यान करना चाहिए। जिन्होंने समुद्र को गाय के खुर-जितना कर दिया, जिनकी पूँछ मस्तक के ऊपर उठी है, जो ईश्वर हैं, ज्ञानमुद्रा धारण किए हैं और समस्त अलंकारों से भूषित हैं। जिन्होंने बाएँ हाथ से दशमुख रावण के मुख-मंडल को खींच रखा है और जिनका दायाँ बाहु-दंड उठा हुआ है — ऐसे हनुमान जी का चिंतन करना चाहिए।

हनूमान् श्रीप्रदो वायुपुत्रो रुद्रो नयोऽजरः। अमृत्युर्वीरवीरश्च ग्रामवासो जनाश्रयः॥१॥

आरंभिक श्लोक: हनुमान् श्री (ऐश्वर्य) देने वाले, पवनपुत्र, रुद्र-स्वरूप, नीति-स्वरूप तथा अजर हैं; वे अमृत्यु, वीरों में भी वीर, ग्राम-ग्राम में निवास करने वाले और जन-सामान्य के आश्रय हैं। (इसी क्रम में आगे 128 श्लोकों तक कुल 1008 नाम आते हैं।)

तारको भगवांस्त्राता स्वस्तिदाता सुमङ्गलः। समस्तलोकसाक्षी च समस्तसुरवन्दितः। सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धरः॥१२८॥

अंतिम नाम-श्लोक: वे तारने वाले, भगवान्, त्राता, कल्याण देने वाले तथा उत्तम मंगल-स्वरूप हैं; समस्त लोकों के साक्षी और समस्त देवों द्वारा वंदित हैं — और अंततः सीता सहित श्रीराम की चरण-सेवा का भार वहन करने वाले हैं। (यही 1008वाँ नाम है, और अष्टोत्तर शतनामावली भी ठीक इसी नाम पर समाप्त होती है।)

॥ फलश्रुति ॥ इदं नामसहस्रं तु योऽधीते प्रत्यहं नरः। दुःखौघो नश्यते क्षिप्रं सम्पत्तिर्वर्धते चिरम्॥ त्रिकालपठनादस्य सिद्धिः स्यात् करसंस्थिता। ब्राह्मे मुहूर्ते चोत्थाय प्रत्यहं यः पठेन्नरः॥ अश्वत्थमूले जपतां नास्ति वैरिकृतं भयम्। ज्वरापस्मारशमनं गुल्मादिव्याधिवारणम्॥ य इदं पठते नित्यं पाठयेद्वा समाहितः। सर्वान् कामानवाप्नोति वायुपुत्रप्रसादतः॥

फलश्रुति: जो मनुष्य प्रतिदिन इस नाम-सहस्र का पाठ करता है, उसका दुःख-समूह शीघ्र नष्ट होता है और संपत्ति चिरकाल तक बढ़ती है। तीनों कालों में पाठ करने से सिद्धि हाथ में आ जाती है। जो ब्राह्म मुहूर्त में उठकर प्रतिदिन इसका पाठ करता है, तथा जो पीपल के मूल में इसका जप करता है, उसे शत्रु-कृत भय नहीं रहता। यह ज्वर व अपस्मार का शमन तथा गुल्म आदि व्याधियों का निवारण करने वाला कहा गया है। जो एकाग्रचित्त होकर नित्य इसका पाठ करता है अथवा कराता है, वह पवनपुत्र की कृपा से समस्त कामनाएँ प्राप्त करता है।

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नाम सूची (Name List)

लिपि:

आरंभिक नाम — स्वरूप व विश्व-व्यापकता (नाम 1–100)

  1. 1.
    ॐ हनुमते नमःहनुमान; जिनकी हनु (ठोड़ी) पर वज्र का चिह्न है
  2. 2.
    ॐ श्रीप्रदाय नमःश्री अर्थात ऐश्वर्य देने वाले
  3. 3.
    ॐ वायुपुत्राय नमःपवनदेव के पुत्र
  4. 4.
    ॐ रुद्राय नमःरुद्र-स्वरूप
  5. 5.
    ॐ नयाय नमःनीति-स्वरूप; सन्मार्ग दिखाने वाले
  6. 6.
    ॐ अजराय नमःजो कभी वृद्ध नहीं होते
  7. 7.
    ॐ अमृत्यवे नमःजिनकी मृत्यु नहीं होती
  8. 8.
    ॐ वीरवीराय नमःवीरों में भी वीर
  9. 9.
    ॐ ग्रामवासाय नमःग्राम-ग्राम में निवास करने वाले
  10. 10.
    ॐ जनाश्रयाय नमःजन-सामान्य के आश्रय
  11. 11.
    ॐ धनदाय नमःधन देने वाले
  12. 12.
    ॐ निर्गुणाकाराय नमःजिनका स्वरूप निर्गुण है
  13. 13.
    ॐ वीराय नमःवीर
  14. 14.
    ॐ निधिपतये नमःनिधियों के स्वामी
  15. 15.
    ॐ मुनये नमःमननशील मुनि
  16. 16.
    ॐ पिङ्गाक्षाय नमःभूरे-पीले नेत्रों वाले
  17. 17.
    ॐ वरदाय नमःवर देने वाले
  18. 18.
    ॐ वाग्मिने नमःवाक्-चतुर, सुवक्ता
  19. 19.
    ॐ सीताशोकविनाशनाय नमःसीता जी का शोक नष्ट करने वाले
  20. 20.
    ॐ शिवाय नमःकल्याणस्वरूप शिव
  21. 21.
    ॐ शर्वाय नमःशर्व; सबका संहार करने वाले शिव-रूप
  22. 22.
    ॐ पराय नमःसबसे परे
  23. 23.
    ॐ अव्यक्ताय नमःअव्यक्त, इंद्रियों से परे
  24. 24.
    ॐ व्यक्ताव्यक्ताय नमःव्यक्त तथा अव्यक्त दोनों रूप वाले
  25. 25.
    ॐ धराधराय नमःपृथ्वी को धारण करने वाले
  26. 26.
    ॐ पिङ्गकेशाय नमःभूरे केश वाले
  27. 27.
    ॐ पिङ्गरोमाय नमःभूरे रोम वाले
  28. 28.
    ॐ श्रुतिगम्याय नमःश्रुति अर्थात वेद से जाने जाने वाले
  29. 29.
    ॐ सनातनाय नमःसनातन, नित्य
  30. 30.
    ॐ अनादये नमःजिनका कोई आदि नहीं
  31. 31.
    ॐ भगवते नमःषड्ऐश्वर्य-संपन्न भगवान्
  32. 32.
    ॐ दिव्याय नमःदिव्य स्वरूप
  33. 33.
    ॐ विश्वहेतवे नमःविश्व के कारण
  34. 34.
    ॐ नराश्रयाय नमःमनुष्यों के आश्रय
  35. 35.
    ॐ आरोग्यकर्त्रे नमःआरोग्य प्रदान करने वाले
  36. 36.
    ॐ विश्वेशाय नमःविश्व के ईश
  37. 37.
    ॐ विश्वनाथाय नमःविश्व के नाथ
  38. 38.
    ॐ हरीश्वराय नमःवानरों (हरि) के ईश्वर
  39. 39.
    ॐ भर्गाय नमःभर्ग; तेजोमय स्वरूप
  40. 40.
    ॐ रामाय नमःराम-स्वरूप
  41. 41.
    ॐ रामभक्ताय नमःश्रीराम के भक्त
  42. 42.
    ॐ कल्याणप्रकृतीश्वराय नमःकल्याणमयी प्रकृति के ईश्वर
  43. 43.
    ॐ विश्वम्भराय नमःविश्व का भरण-पोषण करने वाले
  44. 44.
    ॐ विश्वमूर्तये नमःजिनकी मूर्ति ही विश्व है
  45. 45.
    ॐ विश्वाकाराय नमःविश्व-रूप आकार वाले
  46. 46.
    ॐ विश्वपाय नमःविश्व का पालन करने वाले
  47. 47.
    ॐ विश्वात्मने नमःविश्व की आत्मा
  48. 48.
    ॐ विश्वसेव्याय नमःविश्व द्वारा सेवनीय
  49. 49.
    ॐ विश्वाय नमःजो स्वयं विश्व-रूप हैं
  50. 50.
    ॐ विश्वधराय नमःविश्व को धारण करने वाले
  51. 51.
    ॐ रवये नमःसूर्य-स्वरूप
  52. 52.
    ॐ विश्वचेष्टाय नमःविश्व की समस्त चेष्टा जिनसे होती है
  53. 53.
    ॐ विश्वगम्याय नमःविश्व के लिए गम्य अर्थात प्राप्य
  54. 54.
    ॐ विश्वध्येयाय नमःविश्व द्वारा ध्यान करने योग्य
  55. 55.
    ॐ कलाधराय नमःकलाओं को धारण करने वाले
  56. 56.
    ॐ प्लवङ्गमाय नमःउछलकर चलने वाले, वानर
  57. 57.
    ॐ कपिश्रेष्ठाय नमःवानरों में श्रेष्ठ
  58. 58.
    ॐ ज्येष्ठाय नमःसबसे ज्येष्ठ
  59. 59.
    ॐ वेद्याय नमःजानने योग्य
  60. 60.
    ॐ वनेचराय नमःवन में विचरण करने वाले
  61. 61.
    ॐ बालाय नमःबाल-रूप
  62. 62.
    ॐ वृद्धाय नमःवृद्ध-रूप
  63. 63.
    ॐ यूने नमःयुवा-रूप
  64. 64.
    ॐ तत्त्वाय नमःतत्त्व-स्वरूप
  65. 65.
    ॐ तत्त्वगम्याय नमःतत्त्व से जाने जाने वाले
  66. 66.
    ॐ सखिने नमःसबके सखा
  67. 67.
    ॐ अजाय नमःअजन्मा
  68. 68.
    ॐ अञ्जनासूनवे नमःमाता अंजना के पुत्र
  69. 69.
    ॐ अव्यग्राय नमःजो कभी व्यग्र नहीं होते
  70. 70.
    ॐ ग्रामस्यान्ताय नमःग्राम-सीमा के रक्षक
  71. 71.
    ॐ धराधराय नमःपृथ्वी को धारण करने वाले
  72. 72.
    ॐ भूर्लोकाय नमःभूर्लोक-स्वरूप
  73. 73.
    ॐ भुवर्लोकाय नमःभुवर्लोक-स्वरूप
  74. 74.
    ॐ स्वर्लोकाय नमःस्वर्लोक-स्वरूप
  75. 75.
    ॐ महर्लोकाय नमःमहर्लोक-स्वरूप
  76. 76.
    ॐ जनोलोकाय नमःजनलोक-स्वरूप
  77. 77.
    ॐ तपोलोकाय नमःतपोलोक-स्वरूप
  78. 78.
    ॐ अव्ययाय नमःअव्यय; जिनका कभी क्षय नहीं होता
  79. 79.
    ॐ सत्याय नमःसत्य-स्वरूप
  80. 80.
    ॐ ओङ्कारगम्याय नमःओंकार से जाने जाने वाले
  81. 81.
    ॐ प्रणवाय नमःप्रणव अर्थात ॐ-स्वरूप
  82. 82.
    ॐ व्यापकाय नमःसर्वत्र व्याप्त
  83. 83.
    ॐ अमलाय नमःनिर्मल, निष्कलंक
  84. 84.
    ॐ शिवधर्मप्रतिष्ठात्रे नमःशिव-धर्म की प्रतिष्ठा करने वाले
  85. 85.
    ॐ रामेष्टाय नमःश्रीराम के प्रिय
  86. 86.
    ॐ फल्गुनप्रियाय नमःअर्जुन (फल्गुन) के प्रिय
  87. 87.
    ॐ गोष्पदीकृतवारीशाय नमःजिन्होंने समुद्र को गाय के खुर-जितना कर दिया
  88. 88.
    ॐ पूर्णकामाय नमःजिनकी सब कामनाएँ पूर्ण हैं
  89. 89.
    ॐ धरापतये नमःपृथ्वी के पति
  90. 90.
    ॐ रक्षोघ्नाय नमःराक्षसों का नाश करने वाले
  91. 91.
    ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
  92. 92.
    ॐ शरणागतवत्सलाय नमःशरणागत पर वात्सल्य रखने वाले
  93. 93.
    ॐ जानकीप्राणदात्रे नमःजानकी जी को प्राणदान देने वाले
  94. 94.
    ॐ रक्षःप्राणापहारकाय नमःराक्षसों के प्राण हरने वाले
  95. 95.
    ॐ पूर्णाय नमःपूर्ण
  96. 96.
    ॐ सत्याय नमःसत्य-स्वरूप
  97. 97.
    ॐ पीतवाससे नमःपीत वस्त्र धारण करने वाले
  98. 98.
    ॐ दिवाकरसमप्रभाय नमःसूर्य के समान प्रभा वाले
  99. 99.
    ॐ द्रोणहर्त्रे नमःद्रोणगिरि को उठा लाने वाले
  100. 100.
    ॐ शक्तिनेत्रे नमःशक्ति-प्रहार से आहत हुए लक्ष्मण के नेता अर्थात रक्षक

रामदूत — लंका-प्रसंग तथा जगद्गुरु स्वरूप (नाम 101–200)

  1. 101.
    ॐ शक्तिराक्षसमारकाय नमःशक्ति चलाने वाले राक्षसों का संहार करने वाले
  2. 102.
    ॐ अक्षघ्नाय नमःअक्षयकुमार का वध करने वाले
  3. 103.
    ॐ रामदूताय नमःश्रीराम के दूत
  4. 104.
    ॐ शाकिनीजीविताहराय नमःशाकिनियों का जीवन हरने वाले
  5. 105.
    ॐ बुभूकारहतारातये नमः"बुभू" हुंकार मात्र से शत्रुओं का नाश करने वाले
  6. 106.
    ॐ गर्वपर्वतमर्दनाय नमःगर्व-रूपी पर्वत का मर्दन करने वाले
  7. 107.
    ॐ हेतवे नमःसबके कारण
  8. 108.
    ॐ अहेतवे नमःजिनका स्वयं कोई कारण नहीं
  9. 109.
    ॐ प्रांशवे नमःअत्यंत ऊँचे, विशालकाय
  10. 110.
    ॐ विश्वकर्त्रे नमःविश्व की रचना करने वाले
  11. 111.
    ॐ जगद्गुरवे नमःजगत् के गुरु
  12. 112.
    ॐ जगन्नाथाय नमःजगत् के नाथ
  13. 113.
    ॐ जगन्नेत्रे नमःजगत् के नेता
  14. 114.
    ॐ जगदीशाय नमःजगत् के ईश
  15. 115.
    ॐ जनेश्वराय नमःसमस्त जनों के ईश्वर
  16. 116.
    ॐ जगत्श्रिताय नमःजगत् जिनके आश्रित है
  17. 117.
    ॐ हरये नमःहरि; वानर-रूप तथा दुःखहर्ता
  18. 118.
    ॐ श्रीशाय नमःश्री के स्वामी
  19. 119.
    ॐ गरुडस्मयभञ्जकाय नमःगरुड़ के गर्व का भंजन करने वाले
  20. 120.
    ॐ पार्थध्वजाय नमःअर्जुन की ध्वजा पर विराजने वाले
  21. 121.
    ॐ वायुपुत्राय नमःपवनदेव के पुत्र
  22. 122.
    ॐ सितपुच्छाय नमःश्वेत पूँछ वाले
  23. 123.
    ॐ अमितप्रभाय नमःअपार कांति वाले
  24. 124.
    ॐ ब्रह्मपुच्छाय नमःजिनकी पूँछ ब्रह्म-स्वरूप है
  25. 125.
    ॐ परब्रह्मपुच्छाय नमःजिनकी पूँछ परब्रह्म-स्वरूप है
  26. 126.
    ॐ रामेष्टकारकाय नमःश्रीराम का अभीष्ट कार्य सिद्ध करने वाले
  27. 127.
    ॐ सुग्रीवादियुताय नमःसुग्रीव आदि से युक्त
  28. 128.
    ॐ ज्ञानिने नमःज्ञानी
  29. 129.
    ॐ वानराय नमःवानर
  30. 130.
    ॐ वानरेश्वराय नमःवानरों के ईश्वर
  31. 131.
    ॐ कल्पस्थायिने नमःकल्प-पर्यंत स्थिर रहने वाले
  32. 132.
    ॐ चिरञ्जीविने नमःचिरंजीवी
  33. 133.
    ॐ प्रसन्नाय नमःसदा प्रसन्न रहने वाले
  34. 134.
    ॐ सदाशिवाय नमःसदाशिव-स्वरूप
  35. 135.
    ॐ सन्मतये नमःसद्बुद्धि-स्वरूप
  36. 136.
    ॐ सद्गतये नमःसद्गति देने वाले
  37. 137.
    ॐ भुक्तिमुक्तिदाय नमःभोग तथा मोक्ष दोनों देने वाले
  38. 138.
    ॐ कीर्तिदायकाय नमःकीर्ति प्रदान करने वाले
  39. 139.
    ॐ कीर्तये नमःस्वयं कीर्ति-स्वरूप
  40. 140.
    ॐ कीर्तिप्रदाय नमःकीर्ति देने वाले
  41. 141.
    ॐ समुद्राय नमःसमुद्र के समान गंभीर
  42. 142.
    ॐ श्रीप्रदाय नमःश्री प्रदान करने वाले
  43. 143.
    ॐ शिवाय नमःकल्याणकारी शिव-स्वरूप
  44. 144.
    ॐ उदधिक्रमणाय नमःसमुद्र को लाँघ जाने वाले
  45. 145.
    ॐ देवाय नमःदेव-स्वरूप
  46. 146.
    ॐ संसारभयनाशनाय नमःसंसार के भय का नाश करने वाले
  47. 147.
    ॐ वालिबन्धनकृते नमःबालि को बाँधने वाले
  48. 148.
    ॐ विश्वजेत्रे नमःविश्व को जीत लेने वाले
  49. 149.
    ॐ विश्वप्रतिष्ठिताय नमःविश्व में प्रतिष्ठित
  50. 150.
    ॐ लङ्कारये नमःलंका के शत्रु
  51. 151.
    ॐ कालपुरुषाय नमःकाल-पुरुष
  52. 152.
    ॐ लङ्केशगृहभञ्जनाय नमःलंकेश रावण के गृह का भंजन करने वाले
  53. 153.
    ॐ भूतावासाय नमःसमस्त भूतों के निवास
  54. 154.
    ॐ वासुदेवाय नमःवासुदेव-स्वरूप
  55. 155.
    ॐ वसवे नमःवसु-स्वरूप
  56. 156.
    ॐ त्रिभुवनेश्वराय नमःतीनों भुवनों के ईश्वर
  57. 157.
    ॐ श्रीरामरूपाय नमःश्रीराम-रूप
  58. 158.
    ॐ कृष्णरूपाय नमःकृष्ण-रूप
  59. 159.
    ॐ लङ्काप्रासादभञ्जनाय नमःलंका के प्रासादों का भंजन करने वाले
  60. 160.
    ॐ कृष्णाय नमःकृष्ण-स्वरूप
  61. 161.
    ॐ कृष्णस्तुताय नमःकृष्ण द्वारा स्तुत
  62. 162.
    ॐ शान्ताय नमःशांत
  63. 163.
    ॐ शान्तिदाय नमःशांति देने वाले
  64. 164.
    ॐ विश्वभावनाय नमःविश्व की भावना करने वाले
  65. 165.
    ॐ विश्वभोक्त्रे नमःविश्व का भोग करने वाले
  66. 166.
    ॐ मारघ्नाय नमःकाम-विकार का नाश करने वाले
  67. 167.
    ॐ ब्रह्मचारिणे नमःब्रह्मचारी
  68. 168.
    ॐ जितेन्द्रियाय नमःइंद्रियों को जीत लेने वाले
  69. 169.
    ॐ ऊर्ध्वगाय नमःऊर्ध्वगामी
  70. 170.
    ॐ लाङ्गुलिने नमःलांगूल अर्थात पूँछ धारण करने वाले
  71. 171.
    ॐ मालिने नमःमाला धारण करने वाले
  72. 172.
    ॐ लाङ्गूलाहतराक्षसाय नमःपूँछ के प्रहार से राक्षसों का संहार करने वाले
  73. 173.
    ॐ समीरतनुजाय नमःपवन (समीर) के तनुज अर्थात पुत्र
  74. 174.
    ॐ वीराय नमःवीर
  75. 175.
    ॐ वीरमाराय नमःवीरों का भी मान मर्दन करने वाले
  76. 176.
    ॐ जयप्रदाय नमःविजय देने वाले
  77. 177.
    ॐ जगन्मङ्गलदाय नमःजगत् का मंगल करने वाले
  78. 178.
    ॐ पुण्याय नमःपुण्य-स्वरूप
  79. 179.
    ॐ पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमःजिनका श्रवण व कीर्तन पुण्य है
  80. 180.
    ॐ पुण्यकीर्तये नमःपुण्यमयी कीर्ति वाले
  81. 181.
    ॐ पुण्यगीतये नमःजिनका गान पुण्यदायी है
  82. 182.
    ॐ जगत्पावनपावनाय नमःपावन करने वालों को भी पावन करने वाले
  83. 183.
    ॐ देवेशाय नमःदेवों के ईश
  84. 184.
    ॐ अमितरोम्णे नमःअगणित रोम वाले
  85. 185.
    ॐ रामभक्तविधायकाय नमःभक्तों में रामभक्ति उत्पन्न करने वाले
  86. 186.
    ॐ ध्यात्रे नमःध्यान करने वाले
  87. 187.
    ॐ ध्येयाय नमःध्यान करने योग्य
  88. 188.
    ॐ जगत्साक्षिणे नमःजगत् के साक्षी
  89. 189.
    ॐ चेतसे नमःचेतन-स्वरूप
  90. 190.
    ॐ चैतन्यविग्रहाय नमःजिनका विग्रह ही चैतन्य है
  91. 191.
    ॐ ज्ञानदाय नमःज्ञान देने वाले
  92. 192.
    ॐ प्राणदाय नमःप्राण देने वाले
  93. 193.
    ॐ प्राणाय नमःप्राण-स्वरूप
  94. 194.
    ॐ जगत्प्राणाय नमःजगत् के प्राण
  95. 195.
    ॐ समीरणाय नमःवायु-स्वरूप
  96. 196.
    ॐ विभीषणप्रियाय नमःविभीषण के प्रिय
  97. 197.
    ॐ शूराय नमःशूरवीर
  98. 198.
    ॐ पिप्पलाश्रयसिद्धिदाय नमःपीपल के आश्रय में सिद्धि देने वाले
  99. 199.
    ॐ सिद्धाय नमःसिद्ध
  100. 200.
    ॐ सिद्धाश्रयाय नमःसिद्धों के आश्रय

काल, ग्रह-शांति व देवशक्तियाँ (नाम 201–300)

  1. 201.
    ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
  2. 202.
    ॐ कालभक्षकपूजिताय नमःकालभक्षक शिव द्वारा पूजित
  3. 203.
    ॐ लङ्केशनिधनस्थायिने नमःलंकेश के वध-स्थल पर स्थिर रहने वाले
  4. 204.
    ॐ लङ्कादाहकाय नमःलंका को जलाने वाले
  5. 205.
    ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
  6. 206.
    ॐ चन्द्रसूर्याग्निनेत्राय नमःचंद्र, सूर्य व अग्नि जिनके नेत्र हैं
  7. 207.
    ॐ कालाग्नये नमःप्रलय की अग्नि-स्वरूप
  8. 208.
    ॐ प्रलयान्तकाय नमःप्रलय का भी अंत करने वाले
  9. 209.
    ॐ कपिलाय नमःकपिल-स्वरूप
  10. 210.
    ॐ कपिशाय नमःभूरे वर्ण वाले
  11. 211.
    ॐ पुण्यरातये नमःपुण्य के भंडार
  12. 212.
    ॐ द्वादशराशिगाय नमःबारहों राशियों में गति करने वाले
  13. 213.
    ॐ सर्वाश्रयाय नमःसबके आश्रय
  14. 214.
    ॐ अप्रमेयात्मने नमःजिनकी आत्मा अप्रमेय अर्थात अमाप्य है
  15. 215.
    ॐ रेवत्यादिनिवारकाय नमःरेवती आदि नक्षत्र-दोषों का निवारण करने वाले
  16. 216.
    ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमःलक्ष्मण जी को प्राणदान देने वाले
  17. 217.
    ॐ सीताजीवनहेतुकाय नमःसीता जी के जीवन के हेतु
  18. 218.
    ॐ रामध्यायिने नमःश्रीराम का ध्यान करने वाले
  19. 219.
    ॐ हृषीकेशाय नमःहृषीकेश; इंद्रियों के स्वामी
  20. 220.
    ॐ विष्णुभक्ताय नमःविष्णु के भक्त
  21. 221.
    ॐ जटिने नमःजटाधारी
  22. 222.
    ॐ बलिने नमःबलवान
  23. 223.
    ॐ देवारिदर्पघ्ने नमःदेव-शत्रुओं का दर्प चूर्ण करने वाले
  24. 224.
    ॐ होत्रे नमःहोता; यज्ञ में आहुति देने वाले
  25. 225.
    ॐ धात्रे नमःधाता; सबको धारण करने वाले
  26. 226.
    ॐ कर्त्रे नमःकर्ता; सब कुछ करने वाले
  27. 227.
    ॐ जगत्प्रभवे नमःजगत् के प्रभु
  28. 228.
    ॐ नगरग्रामपालाय नमःनगर व ग्राम की रक्षा करने वाले
  29. 229.
    ॐ शुद्धाय नमःशुद्ध
  30. 230.
    ॐ बुद्धाय नमःबुद्ध; ज्ञान-स्वरूप
  31. 231.
    ॐ निरन्तराय नमःजो निरंतर हैं, जिनमें अंतराल नहीं
  32. 232.
    ॐ निरञ्जनाय नमःनिरंजन; निर्दोष
  33. 233.
    ॐ निर्विकल्पाय नमःनिर्विकल्प; भेद-रहित
  34. 234.
    ॐ गुणातीताय नमःतीनों गुणों से परे
  35. 235.
    ॐ भयङ्कराय नमःशत्रुओं के लिए भयंकर
  36. 236.
    ॐ हनुमते नमःहनुमान
  37. 237.
    ॐ दुराराध्याय नमःजिनकी आराधना सहज नहीं
  38. 238.
    ॐ तपःसाध्याय नमःतप से ही साध्य
  39. 239.
    ॐ महेश्वराय नमःमहेश्वर-स्वरूप
  40. 240.
    ॐ जानकीघनशोकोत्थतापहर्त्रे नमःजानकी जी के घने शोक से उत्पन्न ताप को हरने वाले
  41. 241.
    ॐ पराशराय नमःपराशर-स्वरूप
  42. 242.
    ॐ वाङ्मयाय नमःवाङ्मय; वाणी-स्वरूप
  43. 243.
    ॐ सदसद्रूपाय नमःसत् तथा असत् दोनों रूप वाले
  44. 244.
    ॐ कारणाय नमःसबके कारण
  45. 245.
    ॐ प्रकृतेः पराय नमःप्रकृति से भी परे
  46. 246.
    ॐ भाग्यदाय नमःभाग्य देने वाले
  47. 247.
    ॐ निर्मलाय नमःनिर्मल
  48. 248.
    ॐ नेत्रे नमःनेता; मार्ग दिखाने वाले
  49. 249.
    ॐ पुच्छलङ्काविदाहकाय नमःपूँछ से लंका जलाने वाले
  50. 250.
    ॐ पुच्छबद्धाय नमःजिनकी पूँछ बाँधी गई
  51. 251.
    ॐ यातुधानाय नमःयातुधान अर्थात राक्षसों के भी स्वामी
  52. 252.
    ॐ यातुधानरिपुप्रियाय नमःराक्षसों के शत्रु (विभीषण) के प्रिय
  53. 253.
    ॐ छायापहारिणे नमःछाया पकड़ने वाली राक्षसी का नाश करने वाले
  54. 254.
    ॐ भूतेशाय नमःभूतों के ईश
  55. 255.
    ॐ लोकेशाय नमःलोकों के ईश
  56. 256.
    ॐ सद्गतिप्रदाय नमःसद्गति प्रदान करने वाले
  57. 257.
    ॐ प्लवङ्गमेश्वराय नमःवानरों के ईश्वर
  58. 258.
    ॐ क्रोधाय नमःक्रोध-स्वरूप
  59. 259.
    ॐ क्रोधसंरक्तलोचनाय नमःक्रोध से रक्त नेत्रों वाले
  60. 260.
    ॐ क्रोधहर्त्रे नमःक्रोध को हरने वाले
  61. 261.
    ॐ तापहर्त्रे नमःताप को हरने वाले
  62. 262.
    ॐ भक्ताभयवरप्रदाय नमःभक्तों को अभय का वर देने वाले
  63. 263.
    ॐ भक्तानुकम्पिने नमःभक्तों पर अनुकंपा करने वाले
  64. 264.
    ॐ विश्वेशाय नमःविश्व के ईश
  65. 265.
    ॐ पुरुहूताय नमःपुरुहूत; बहुतों द्वारा पुकारे जाने वाले
  66. 266.
    ॐ पुरन्दराय नमःपुरंदर-स्वरूप
  67. 267.
    ॐ अग्नये नमःअग्नि-स्वरूप
  68. 268.
    ॐ विभावसवे नमःविभावसु; तेज के निधान
  69. 269.
    ॐ भास्वते नमःभास्वान्; प्रकाशमान
  70. 270.
    ॐ यमाय नमःयम-स्वरूप
  71. 271.
    ॐ निरृतये नमःनिरृति-स्वरूप
  72. 272.
    ॐ वरुणाय नमःवरुण-स्वरूप
  73. 273.
    ॐ वायुगतिमते नमःवायु के समान गति वाले
  74. 274.
    ॐ वायवे नमःवायु-स्वरूप
  75. 275.
    ॐ कुबेराय नमःकुबेर-स्वरूप
  76. 276.
    ॐ ईश्वराय नमःईश्वर-स्वरूप
  77. 277.
    ॐ रवये नमःसूर्य-स्वरूप
  78. 278.
    ॐ चन्द्राय नमःचंद्र-स्वरूप
  79. 279.
    ॐ कुजाय नमःमंगल-स्वरूप
  80. 280.
    ॐ सौम्याय नमःबुध-स्वरूप
  81. 281.
    ॐ गुरवे नमःबृहस्पति-स्वरूप
  82. 282.
    ॐ काव्याय नमःशुक्र-स्वरूप
  83. 283.
    ॐ शनैश्चराय नमःशनि-स्वरूप
  84. 284.
    ॐ राहवे नमःराहु-स्वरूप
  85. 285.
    ॐ केतवे नमःकेतु-स्वरूप
  86. 286.
    ॐ मरुते नमःमरुत्-स्वरूप
  87. 287.
    ॐ दात्रे नमःदेने वाले
  88. 288.
    ॐ धात्रे नमःधारण करने वाले
  89. 289.
    ॐ हर्त्रे नमःहरण करने वाले
  90. 290.
    ॐ समीरजाय नमःपवन से उत्पन्न
  91. 291.
    ॐ मशकीकृतदेवारये नमःदेव-शत्रुओं को मच्छर के समान तुच्छ कर देने वाले
  92. 292.
    ॐ दैत्यारये नमःदैत्यों के शत्रु
  93. 293.
    ॐ मधुसूदनाय नमःमधु नामक दैत्य का नाश करने वाले
  94. 294.
    ॐ कामाय नमःकाम-स्वरूप अर्थात इच्छित देने वाले
  95. 295.
    ॐ कपये नमःकपि, वानर
  96. 296.
    ॐ कामपालाय नमःकामनाओं का पालन करने वाले
  97. 297.
    ॐ कपिलाय नमःकपिल-स्वरूप
  98. 298.
    ॐ विश्वजीवनाय नमःविश्व के जीवन
  99. 299.
    ॐ भागीरथीपदाम्भोजाय नमःजिनके चरण-कमल भागीरथी से पूजित हैं
  100. 300.
    ॐ सेतुबन्धविशारदाय नमःसेतु-बंधन में निपुण

पंचभूत, वेद तथा बृहत्-नामों का आरंभ (नाम 301–400)

  1. 301.
    ॐ स्वाहायै नमःस्वाहा-स्वरूप (देव-आहुति का मंत्र)
  2. 302.
    ॐ स्वधायै नमःस्वधा-स्वरूप (पितृ-आहुति का मंत्र)
  3. 303.
    ॐ हविषे नमःहवि-स्वरूप
  4. 304.
    ॐ कव्याय नमःकव्य-स्वरूप (पितरों का अन्न)
  5. 305.
    ॐ हव्यवाहाय नमःहव्य को वहन करने वाले
  6. 306.
    ॐ प्रकाशकाय नमःप्रकाश करने वाले
  7. 307.
    ॐ स्वप्रकाशाय नमःस्वयं-प्रकाश
  8. 308.
    ॐ महावीराय नमःमहावीर
  9. 309.
    ॐ मधुराय नमःमधुर स्वभाव वाले
  10. 310.
    ॐ अमितविक्रमाय नमःअपार पराक्रम वाले
  11. 311.
    ॐ उड्डीनोड्डीनगतिमते नमःउड़ने तथा ऊँची उड़ान भरने की गति वाले
  12. 312.
    ॐ सद्गतये नमःसद्गति-स्वरूप
  13. 313.
    ॐ पुरुषोत्तमाय नमःपुरुषों में उत्तम
  14. 314.
    ॐ जगदात्मने नमःजगत् की आत्मा
  15. 315.
    ॐ जगद्योनये नमःजगत् के उद्गम
  16. 316.
    ॐ जगदन्ताय नमःजगत् का अंत करने वाले
  17. 317.
    ॐ अनन्तराय नमःजिनमें कोई अंतराल नहीं
  18. 318.
    ॐ विपाप्मने नमःपाप-रहित
  19. 319.
    ॐ निष्कलङ्काय नमःकलंक-रहित
  20. 320.
    ॐ महते नमःमहान्
  21. 321.
    ॐ महदहङ्कृतये नमःमहत् तथा अहंकार तत्त्व-स्वरूप
  22. 322.
    ॐ खाय नमःआकाश-स्वरूप
  23. 323.
    ॐ वायवे नमःवायु-स्वरूप
  24. 324.
    ॐ पृथिव्यै नमःपृथ्वी-स्वरूप
  25. 325.
    ॐ अद्भ्यः नमःजल-स्वरूप
  26. 326.
    ॐ वह्नये नमःअग्नि-स्वरूप
  27. 327.
    ॐ दिशे नमःदिशा-स्वरूप
  28. 328.
    ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
  29. 329.
    ॐ एकलाय नमःएकाकी, अद्वितीय
  30. 330.
    ॐ क्षेत्रज्ञाय नमःक्षेत्र अर्थात शरीर को जानने वाले
  31. 331.
    ॐ क्षेत्रपालाय नमःक्षेत्र की रक्षा करने वाले
  32. 332.
    ॐ पल्वलीकृतसागराय नमःसमुद्र को छोटे तालाब-जितना कर देने वाले
  33. 333.
    ॐ हिरण्मयाय नमःस्वर्णमय
  34. 334.
    ॐ पुराणाय नमःपुरातन
  35. 335.
    ॐ खेचराय नमःआकाश में विचरने वाले
  36. 336.
    ॐ भूचराय नमःपृथ्वी पर विचरने वाले
  37. 337.
    ॐ मनवे नमःमनु-स्वरूप
  38. 338.
    ॐ हिरण्यगर्भाय नमःहिरण्यगर्भ-स्वरूप
  39. 339.
    ॐ सूत्रात्मने नमःसूत्रात्मा; सबको सूत्र की भाँति पिरोने वाले
  40. 340.
    ॐ राजराजाय नमःराजाओं के भी राजा
  41. 341.
    ॐ विशां पतये नमःप्रजा के स्वामी
  42. 342.
    ॐ वेदान्तवेद्याय नमःवेदांत से जाने जाने वाले
  43. 343.
    ॐ उद्गीथाय नमःउद्गीथ-स्वरूप (सामगान का प्रधान अंग)
  44. 344.
    ॐ वेदाङ्गाय नमःवेदांग-स्वरूप
  45. 345.
    ॐ वेदपारगाय नमःवेदों के पारंगत
  46. 346.
    ॐ प्रतिग्रामस्थिताय नमःप्रत्येक ग्राम में स्थित
  47. 347.
    ॐ सद्यः स्फूर्तिदात्रे नमःतत्काल स्फूर्ति देने वाले
  48. 348.
    ॐ गुणाकराय नमःगुणों की खान
  49. 349.
    ॐ नक्षत्रमालिने नमःनक्षत्रों की माला धारण करने वाले
  50. 350.
    ॐ भूतात्मने नमःसमस्त भूतों की आत्मा
  51. 351.
    ॐ सुरभये नमःकामधेनु-स्वरूप
  52. 352.
    ॐ कल्पपादपाय नमःकल्पवृक्ष-स्वरूप
  53. 353.
    ॐ चिन्तामणये नमःचिंतामणि-स्वरूप
  54. 354.
    ॐ गुणनिधये नमःगुणों के निधि
  55. 355.
    ॐ प्रजाद्वाराय नमःप्रजा की उत्पत्ति के द्वार
  56. 356.
    ॐ अनुत्तमाय नमःजिनसे उत्तम कोई नहीं
  57. 357.
    ॐ पुण्यश्लोकाय नमःजिनका यश पुण्यदायी है
  58. 358.
    ॐ पुरारातये नमःत्रिपुरारि शिव-स्वरूप
  59. 359.
    ॐ मतिमते नमःबुद्धिमान्
  60. 360.
    ॐ शर्वरीपतये नमःरात्रि के स्वामी, चंद्र-स्वरूप
  61. 361.
    ॐ किल्किलारावसन्त्रस्तभूतप्रेतपिशाचकाय नमःजिनके किलकिल-नाद से भूत, प्रेत व पिशाच भयभीत हो जाते हैं
  62. 362.
    ॐ ऋणत्रयहराय नमःदेव, ऋषि व पितृ — तीनों ऋणों को हरने वाले
  63. 363.
    ॐ सूक्ष्माय नमःसूक्ष्म
  64. 364.
    ॐ स्थूलाय नमःस्थूल
  65. 365.
    ॐ सर्वगतये नमःसर्वत्र गति वाले
  66. 366.
    ॐ पुंसे नमःपुरुष-स्वरूप
  67. 367.
    ॐ अपस्मारहराय नमःअपस्मार अर्थात मिर्गी-रोग को हरने वाले
  68. 368.
    ॐ स्मर्त्रे नमःस्मरण करने वाले
  69. 369.
    ॐ श्रुतये नमःश्रुति-स्वरूप
  70. 370.
    ॐ गाथाय नमःगाथा-स्वरूप
  71. 371.
    ॐ स्मृतये नमःस्मृति-स्वरूप
  72. 372.
    ॐ मनवे नमःमनु-स्वरूप
  73. 373.
    ॐ स्वर्गद्वाराय नमःस्वर्ग के द्वार
  74. 374.
    ॐ प्रजाद्वाराय नमःप्रजा के द्वार
  75. 375.
    ॐ मोक्षद्वाराय नमःमोक्ष के द्वार
  76. 376.
    ॐ यतीश्वराय नमःयतियों के ईश्वर
  77. 377.
    ॐ नादरूपाय नमःनाद-स्वरूप
  78. 378.
    ॐ परस्मै ब्रह्मणे नमःपरब्रह्म-स्वरूप
  79. 379.
    ॐ ब्रह्मणे नमःब्रह्म-स्वरूप
  80. 380.
    ॐ ब्रह्मपुरातनाय नमःपुरातन ब्रह्म
  81. 381.
    ॐ एकाय नमःएक, अद्वितीय
  82. 382.
    ॐ अनेकाय नमःअनेक रूपों वाले
  83. 383.
    ॐ जनाय नमःजन-स्वरूप
  84. 384.
    ॐ शुक्लाय नमःशुक्ल अर्थात शुभ्र
  85. 385.
    ॐ स्वयञ्ज्योतिषे नमःस्वयं ज्योति-स्वरूप
  86. 386.
    ॐ अनाकुलाय नमःआकुलता-रहित
  87. 387.
    ॐ ज्योतिर्ज्योतिषे नमःज्योतियों की भी ज्योति
  88. 388.
    ॐ अनादये नमःआदि-रहित
  89. 389.
    ॐ सात्त्विकाय नमःसत्त्व-गुण स्वरूप
  90. 390.
    ॐ राजसाय नमःरजो-गुण स्वरूप
  91. 391.
    ॐ तमसे नमःतमो-गुण स्वरूप
  92. 392.
    ॐ तमोहर्त्रे नमःतम अर्थात अज्ञान को हरने वाले
  93. 393.
    ॐ निरालम्बाय नमःजिन्हें किसी आलंबन की आवश्यकता नहीं
  94. 394.
    ॐ निराकाराय नमःआकार-रहित
  95. 395.
    ॐ गुणाकराय नमःगुणों की खान
  96. 396.
    ॐ गुणाश्रयाय नमःगुणों के आश्रय
  97. 397.
    ॐ गुणमयाय नमःगुणमय
  98. 398.
    ॐ बृहत्कायाय नमःविशाल शरीर वाले
  99. 399.
    ॐ बृहद्यशसे नमःमहान यश वाले
  100. 400.
    ॐ बृहद्धनुषे नमःविशाल धनुष वाले

बृहत्-नाम, योग व इंद्रिय-स्वरूप (नाम 401–500)

  1. 401.
    ॐ बृहत्पादाय नमःविशाल चरणों वाले
  2. 402.
    ॐ बृहन्मूर्ध्ने नमःविशाल मस्तक वाले
  3. 403.
    ॐ बृहत्स्वनाय नमःविशाल स्वर वाले
  4. 404.
    ॐ बृहत्कर्णाय नमःविशाल कर्णों वाले
  5. 405.
    ॐ बृहन्नासाय नमःविशाल नासिका वाले
  6. 406.
    ॐ बृहद्बाहवे नमःविशाल भुजाओं वाले
  7. 407.
    ॐ बृहत्तनवे नमःविशाल देह वाले
  8. 408.
    ॐ बृहद्गलाय नमःविशाल कंठ वाले
  9. 409.
    ॐ बृहत्कायाय नमःविशाल काया वाले
  10. 410.
    ॐ बृहत्पुच्छाय नमःविशाल पूँछ वाले
  11. 411.
    ॐ बृहत्कराय नमःविशाल हाथों वाले
  12. 412.
    ॐ बृहद्गतये नमःविशाल गति वाले
  13. 413.
    ॐ बृहत्सेवाय नमःजिनकी सेवा महान है
  14. 414.
    ॐ बृहल्लोकफलप्रदाय नमःमहान लोक-फल देने वाले
  15. 415.
    ॐ बृहद्भक्तये नमःजिनकी भक्ति महान है
  16. 416.
    ॐ बृहद्वाञ्छाफलदाय नमःबड़ी-बड़ी कामनाओं का फल देने वाले
  17. 417.
    ॐ बृहदीश्वराय नमःमहान ईश्वर
  18. 418.
    ॐ बृहल्लोकनुताय नमःमहान लोकों द्वारा स्तुत
  19. 419.
    ॐ द्रष्ट्रे नमःद्रष्टा; सब कुछ देखने वाले
  20. 420.
    ॐ विद्यादात्रे नमःविद्या देने वाले
  21. 421.
    ॐ जगद्गुरवे नमःजगत् के गुरु
  22. 422.
    ॐ देवाचार्याय नमःदेवों के आचार्य
  23. 423.
    ॐ सत्यवादिने नमःसत्य बोलने वाले
  24. 424.
    ॐ ब्रह्मवादिने नमःब्रह्म का उपदेश करने वाले
  25. 425.
    ॐ कलाधराय नमःकलाओं को धारण करने वाले
  26. 426.
    ॐ सप्तपातालगामिने नमःसातों पातालों में गति करने वाले
  27. 427.
    ॐ मलयाचलसंश्रयाय नमःमलयाचल पर आश्रय लेने वाले
  28. 428.
    ॐ उत्तराशास्थिताय नमःउत्तर दिशा में स्थित
  29. 429.
    ॐ श्रीशाय नमःश्री के स्वामी
  30. 430.
    ॐ दिव्यौषधिवशाय नमःदिव्य औषधियाँ जिनके वश में हैं
  31. 431.
    ॐ खगाय नमःआकाश में गति करने वाले
  32. 432.
    ॐ शाखामृगाय नमःशाखामृग अर्थात वानर
  33. 433.
    ॐ कपीन्द्राय नमःवानरों के इंद्र
  34. 434.
    ॐ पुराणाय नमःपुरातन
  35. 435.
    ॐ प्राणचञ्चुराय नमःप्राणों में चंचल अर्थात अत्यंत वेगवान
  36. 436.
    ॐ चतुराय नमःचतुर
  37. 437.
    ॐ ब्राह्मणाय नमःब्राह्मण-रूप धारण करने वाले
  38. 438.
    ॐ योगिने नमःयोगी
  39. 439.
    ॐ योगिगम्याय नमःयोगियों द्वारा गम्य
  40. 440.
    ॐ पराय नमःपर, श्रेष्ठ
  41. 441.
    ॐ अवराय नमःअवर; निकटतम भी
  42. 442.
    ॐ अनादिनिधनाय नमःजिनका न आदि है न अंत
  43. 443.
    ॐ व्यासाय नमःव्यास-स्वरूप
  44. 444.
    ॐ वैकुण्ठाय नमःवैकुण्ठ-स्वरूप
  45. 445.
    ॐ पृथिवीपतये नमःपृथ्वी के पति
  46. 446.
    ॐ अपराजिताय नमःजो कभी पराजित नहीं होते
  47. 447.
    ॐ जितारातये नमःशत्रुओं को जीत लेने वाले
  48. 448.
    ॐ सदानन्ददाय नमःसदा आनंद देने वाले
  49. 449.
    ॐ ईशित्रे नमःईशिता सिद्धि से युक्त, शासन करने वाले
  50. 450.
    ॐ गोपालाय नमःगोपाल-स्वरूप
  51. 451.
    ॐ गोपतये नमःगौओं तथा इंद्रियों के स्वामी
  52. 452.
    ॐ योद्धाय नमःयोद्धा
  53. 453.
    ॐ कलये नमःकलि-स्वरूप
  54. 454.
    ॐ स्फालाय नमःस्फाल; प्रहार करने वाले
  55. 455.
    ॐ परात्पराय नमःपर से भी पर
  56. 456.
    ॐ मनोवेगिने नमःमन के समान वेग वाले
  57. 457.
    ॐ सदायोगिने नमःसदा योग में स्थित
  58. 458.
    ॐ संसारभयनाशनाय नमःसंसार के भय का नाश करने वाले
  59. 459.
    ॐ तत्त्वदात्रे नमःतत्त्व-ज्ञान देने वाले
  60. 460.
    ॐ तत्त्वज्ञाय नमःतत्त्व को जानने वाले
  61. 461.
    ॐ तत्त्वाय नमःतत्त्व-स्वरूप
  62. 462.
    ॐ तत्त्वप्रकाशकाय नमःतत्त्व को प्रकाशित करने वाले
  63. 463.
    ॐ शुद्धाय नमःशुद्ध
  64. 464.
    ॐ बुद्धाय नमःबुद्ध, ज्ञान-स्वरूप
  65. 465.
    ॐ नित्ययुक्ताय नमःनित्य योग-युक्त
  66. 466.
    ॐ भक्ताकाराय नमःभक्तों के अनुरूप रूप धारण करने वाले
  67. 467.
    ॐ जगद्रथाय नमःजगत् जिनका रथ है
  68. 468.
    ॐ प्रलयाय नमःप्रलय-स्वरूप
  69. 469.
    ॐ अमितमायाय नमःअपार माया वाले
  70. 470.
    ॐ मायातीताय नमःमाया से परे
  71. 471.
    ॐ विमत्सराय नमःमत्सर-रहित
  72. 472.
    ॐ मायानिर्जितरक्षसे नमःमाया से राक्षसों को जीतने वाले
  73. 473.
    ॐ मायानिर्मितविष्टपाय नमःमाया से लोकों की रचना करने वाले
  74. 474.
    ॐ मायाश्रयाय नमःमाया के आश्रय
  75. 475.
    ॐ निर्लेपाय नमःनिर्लेप; जिन पर कुछ लिपटता नहीं
  76. 476.
    ॐ मायानिर्वर्तकाय नमःमाया की निवृत्ति करने वाले
  77. 477.
    ॐ सुखिने नमःसुखी
  78. 478.
    ॐ सुखाय नमःसुख-स्वरूप
  79. 479.
    ॐ सुखप्रदाय नमःसुख देने वाले
  80. 480.
    ॐ नागाय नमःनाग-स्वरूप
  81. 481.
    ॐ महेशकृतसंस्तवाय नमःमहेश द्वारा जिनकी स्तुति की गई
  82. 482.
    ॐ महेश्वराय नमःमहेश्वर-स्वरूप
  83. 483.
    ॐ सत्यसन्धाय नमःसत्य-प्रतिज्ञ
  84. 484.
    ॐ शरभाय नमःशरभ-स्वरूप
  85. 485.
    ॐ कलिपावनाय नमःकलियुग को पवित्र करने वाले
  86. 486.
    ॐ रसाय नमःरस-स्वरूप
  87. 487.
    ॐ रसज्ञाय नमःरस को जानने वाले
  88. 488.
    ॐ सते नमःसत्-स्वरूप
  89. 489.
    ॐ मानाय नमःमान अर्थात प्रमाण-स्वरूप
  90. 490.
    ॐ रूपाय नमःरूप-स्वरूप
  91. 491.
    ॐ चक्षुषे नमःचक्षु अर्थात दृष्टि-स्वरूप
  92. 492.
    ॐ श्रुतये नमःश्रवण-स्वरूप
  93. 493.
    ॐ रवाय नमःशब्द-स्वरूप
  94. 494.
    ॐ घ्राणाय नमःघ्राण अर्थात नासिका-स्वरूप
  95. 495.
    ॐ गन्धाय नमःगंध-स्वरूप
  96. 496.
    ॐ स्पर्शनाय नमःस्पर्श-इंद्रिय स्वरूप
  97. 497.
    ॐ स्पर्शाय नमःस्पर्श-स्वरूप
  98. 498.
    ॐ हिङ्कारमानगाय नमःहुंकार से ही मान भंग कर देने वाले
  99. 499.
    ॐ नेतिनेतीतिगम्याय नमः"नेति-नेति" से जाने जाने वाले
  100. 500.
    ॐ वैकुण्ठभजनप्रियाय नमःवैकुण्ठनाथ का भजन जिन्हें प्रिय है

ऋषि-स्वरूप, महा-नाम व सिद्धि (नाम 501–600)

  1. 501.
    ॐ गिरिशाय नमःगिरीश शिव-स्वरूप
  2. 502.
    ॐ गिरिजाकान्ताय नमःगिरिजा के कांत शिव-स्वरूप
  3. 503.
    ॐ दुर्वाससे नमःदुर्वासा-स्वरूप
  4. 504.
    ॐ कवये नमःकवि अर्थात शुक्राचार्य-स्वरूप
  5. 505.
    ॐ अङ्गिरसे नमःअंगिरा-स्वरूप
  6. 506.
    ॐ भृगवे नमःभृगु-स्वरूप
  7. 507.
    ॐ वसिष्ठाय नमःवसिष्ठ-स्वरूप
  8. 508.
    ॐ च्यवनाय नमःच्यवन-स्वरूप
  9. 509.
    ॐ नारदाय नमःनारद-स्वरूप
  10. 510.
    ॐ तुम्बुरवे नमःतुम्बुरु-स्वरूप
  11. 511.
    ॐ हराय नमःहर अर्थात शिव-स्वरूप
  12. 512.
    ॐ विश्वक्षेत्राय नमःविश्व जिनका क्षेत्र है
  13. 513.
    ॐ विश्वबीजाय नमःविश्व के बीज
  14. 514.
    ॐ विश्वनेत्राय नमःविश्व के नेत्र
  15. 515.
    ॐ विश्वपाय नमःविश्व का पालन करने वाले
  16. 516.
    ॐ याजकाय नमःयज्ञ कराने वाले
  17. 517.
    ॐ यजमानाय नमःयजमान-स्वरूप
  18. 518.
    ॐ पावकाय नमःपावक अर्थात अग्नि-स्वरूप
  19. 519.
    ॐ पितृभ्यः नमःपितृगण-स्वरूप
  20. 520.
    ॐ श्रद्धये नमःश्रद्धा-स्वरूप
  21. 521.
    ॐ बुद्धये नमःबुद्धि-स्वरूप
  22. 522.
    ॐ क्षमाय नमःक्षमा-स्वरूप
  23. 523.
    ॐ तन्द्राय नमःतंद्रा-स्वरूप
  24. 524.
    ॐ मन्त्राय नमःमंत्र-स्वरूप
  25. 525.
    ॐ मन्त्रयित्रे नमःमंत्रणा देने वाले
  26. 526.
    ॐ सुराय नमःदेव-स्वरूप
  27. 527.
    ॐ राजेन्द्राय नमःराजाओं के इंद्र
  28. 528.
    ॐ भूपतये नमःभूमि के पति
  29. 529.
    ॐ रूढाय नमःप्रतिष्ठित, आरूढ़
  30. 530.
    ॐ मालिने नमःमाला धारण करने वाले
  31. 531.
    ॐ संसारसारथये नमःसंसार-रथ के सारथी
  32. 532.
    ॐ नित्याय नमःनित्य
  33. 533.
    ॐ सम्पूर्णकामाय नमःजिनकी सब कामनाएँ पूर्ण हैं
  34. 534.
    ॐ भक्तकामदुहे नमःभक्तों की कामनाएँ कामधेनु की भाँति पूर्ण करने वाले
  35. 535.
    ॐ उत्तमाय नमःउत्तम
  36. 536.
    ॐ गणपाय नमःगणों का पालन करने वाले
  37. 537.
    ॐ केशवाय नमःकेशव-स्वरूप
  38. 538.
    ॐ भ्रात्रे नमःभाई-स्वरूप
  39. 539.
    ॐ पित्रे नमःपिता-स्वरूप
  40. 540.
    ॐ मात्रे नमःमाता-स्वरूप
  41. 541.
    ॐ मारुतये नमःमरुत् अर्थात पवन के पुत्र
  42. 542.
    ॐ सहस्रमूर्ध्ने नमःसहस्र मस्तक वाले
  43. 543.
    ॐ सहस्रास्याय नमःसहस्र मुख वाले
  44. 544.
    ॐ सहस्राक्षाय नमःसहस्र नेत्रों वाले
  45. 545.
    ॐ सहस्रपदे नमःसहस्र चरणों वाले
  46. 546.
    ॐ कामजिते नमःकाम को जीत लेने वाले
  47. 547.
    ॐ कामदहनाय नमःकाम को भस्म करने वाले
  48. 548.
    ॐ कामाय नमःकाम्य-स्वरूप
  49. 549.
    ॐ काम्यफलप्रदाय नमःइच्छित फल देने वाले
  50. 550.
    ॐ मुद्रोपहारिणे नमःमुद्रिका को उपहार-रूप में ले जाने वाले
  51. 551.
    ॐ रक्षोघ्नाय नमःराक्षसों का नाश करने वाले
  52. 552.
    ॐ क्षितिभारहराय नमःपृथ्वी का भार हरने वाले
  53. 553.
    ॐ बलाय नमःबल-स्वरूप
  54. 554.
    ॐ नखदंष्ट्रायुधाय नमःनख तथा दाढ़ ही जिनके आयुध हैं
  55. 555.
    ॐ विष्णुभक्ताय नमःविष्णु के भक्त
  56. 556.
    ॐ भक्ताभयप्रदाय नमःभक्तों को अभय देने वाले
  57. 557.
    ॐ दर्पघ्ने नमःदर्प का नाश करने वाले
  58. 558.
    ॐ दर्पदाय नमःयोग्य को तेज व आत्मबल देने वाले
  59. 559.
    ॐ दंष्ट्राशतमूर्तये नमःसैकड़ों दाढ़ों वाले विशाल रूप वाले
  60. 560.
    ॐ अमूर्तिमते नमःजो निराकार भी हैं
  61. 561.
    ॐ महानिधये नमःमहान निधि
  62. 562.
    ॐ महाभागाय नमःमहाभाग्यशाली
  63. 563.
    ॐ महाभर्गाय नमःमहान तेजस्वी
  64. 564.
    ॐ महर्धिदाय नमःमहती ऋद्धि देने वाले
  65. 565.
    ॐ महाकाराय नमःमहान आकार वाले
  66. 566.
    ॐ महायोगिने नमःमहायोगी
  67. 567.
    ॐ महातेजाय नमःमहातेजस्वी
  68. 568.
    ॐ महाद्युतये नमःमहान कांति वाले
  69. 569.
    ॐ महाकर्मणे नमःमहान कर्म करने वाले
  70. 570.
    ॐ महानादाय नमःमहान नाद वाले
  71. 571.
    ॐ महामन्त्राय नमःमहामंत्र-स्वरूप
  72. 572.
    ॐ महामतये नमःमहाबुद्धिमान्
  73. 573.
    ॐ महाशमाय नमःमहान शमन अर्थात परम शांत
  74. 574.
    ॐ महोदाराय नमःमहान उदार
  75. 575.
    ॐ महादेवात्मकाय नमःमहादेव-स्वरूप
  76. 576.
    ॐ विभवे नमःविभु; सर्वव्यापी
  77. 577.
    ॐ रुद्रकर्मणे नमःरुद्र के समान कर्म करने वाले
  78. 578.
    ॐ क्रूरकर्मणे नमःदुष्टों के प्रति कठोर कर्म करने वाले
  79. 579.
    ॐ रत्ननाभाय नमःरत्नमयी नाभि वाले
  80. 580.
    ॐ कृतागमाय नमःजिन्होंने आगम-शास्त्रों की रचना की
  81. 581.
    ॐ अम्भोधिलङ्घनाय नमःसमुद्र को लाँघने वाले
  82. 582.
    ॐ सिद्धाय नमःसिद्ध
  83. 583.
    ॐ सत्यधर्मणे नमःसत्य ही जिनका धर्म है
  84. 584.
    ॐ प्रमोदनाय नमःप्रमोद देने वाले
  85. 585.
    ॐ जितामित्राय नमःशत्रुओं को जीत लेने वाले
  86. 586.
    ॐ जयाय नमःजय-स्वरूप
  87. 587.
    ॐ सोमाय नमःसोम-स्वरूप
  88. 588.
    ॐ विजयाय नमःविजय-स्वरूप
  89. 589.
    ॐ वायुवाहनाय नमःवायु जिनका वाहन है
  90. 590.
    ॐ जीवाय नमःजीव-स्वरूप
  91. 591.
    ॐ धात्रे नमःधारण करने वाले
  92. 592.
    ॐ सहस्रांशवे नमःसहस्र किरणों वाले सूर्य-स्वरूप
  93. 593.
    ॐ मुकुन्दाय नमःमुकुंद-स्वरूप
  94. 594.
    ॐ भूरिदक्षिणाय नमःप्रचुर दक्षिणा देने वाले
  95. 595.
    ॐ सिद्धार्थाय नमःजिनका अर्थ सिद्ध है
  96. 596.
    ॐ सिद्धिदाय नमःसिद्धि देने वाले
  97. 597.
    ॐ सिद्धाय नमःसिद्ध
  98. 598.
    ॐ सङ्कल्पाय नमःसंकल्प-स्वरूप
  99. 599.
    ॐ सिद्धिहेतुकाय नमःसिद्धि के हेतु
  100. 600.
    ॐ सप्तपातालचरणाय नमःजिनके चरण सातों पातालों तक पहुँचते हैं

सप्त-नाम, रक्षा-कवच तथा अवतार (नाम 601–700)

  1. 601.
    ॐ सप्तर्षिगणवन्दिताय नमःसप्तर्षियों द्वारा वंदित
  2. 602.
    ॐ सप्ताब्धिलङ्घनाय नमःसातों समुद्रों को लाँघने वाले
  3. 603.
    ॐ वीराय नमःवीर
  4. 604.
    ॐ सप्तद्वीपोरुमण्डलाय नमःसप्तद्वीपमयी विशाल पृथ्वी-मंडल स्वरूप
  5. 605.
    ॐ सप्ताङ्गराज्यसुखदाय नमःसप्तांग राज्य का सुख देने वाले
  6. 606.
    ॐ सप्तमातृनिषेविताय नमःसप्त मातृकाओं द्वारा सेवित
  7. 607.
    ॐ सप्तलोकैकमकुटाय नमःसातों लोकों के एकमात्र मुकुट
  8. 608.
    ॐ सप्तहोत्राय नमःसप्त होताओं के स्वरूप
  9. 609.
    ॐ स्वराश्रयाय नमःस्वरों के आश्रय
  10. 610.
    ॐ सप्तसामोपगीताय नमःसात सामगानों से गाए जाने वाले
  11. 611.
    ॐ सप्तपातालसंश्रयाय नमःसातों पातालों में आश्रय लेने वाले
  12. 612.
    ॐ सप्तच्छन्दोनिधये नमःसातों छंदों के निधि
  13. 613.
    ॐ सप्तच्छन्दाय नमःसप्तछंद-स्वरूप
  14. 614.
    ॐ सप्तजनाश्रयाय नमःसातों जनों के आश्रय
  15. 615.
    ॐ मेधादाय नमःमेधा अर्थात धारणा-शक्ति देने वाले
  16. 616.
    ॐ कीर्तिदाय नमःकीर्ति देने वाले
  17. 617.
    ॐ शोकहारिणे नमःशोक हरने वाले
  18. 618.
    ॐ दौर्भाग्यनाशनाय नमःदुर्भाग्य का नाश करने वाले
  19. 619.
    ॐ सर्ववश्यकराय नमःसबको वश में करने वाले
  20. 620.
    ॐ गर्भदोषघ्ने नमःगर्भ-दोष का नाश करने वाले
  21. 621.
    ॐ पुत्रपौत्रदाय नमःपुत्र-पौत्र देने वाले
  22. 622.
    ॐ प्रतिवादिमुखस्तम्भाय नमःविरोधी का मुख स्तंभित कर देने वाले
  23. 623.
    ॐ रुष्टचित्तप्रसादनाय नमःरुष्ट चित्त को प्रसन्न कर देने वाले
  24. 624.
    ॐ पराभिचारशमनाय नमःशत्रु के अभिचार-प्रयोग को शांत करने वाले
  25. 625.
    ॐ दुःखघ्ने नमःदुःख का नाश करने वाले
  26. 626.
    ॐ बन्धमोक्षदाय नमःबंधन से मुक्ति देने वाले
  27. 627.
    ॐ नवद्वारपुराधाराय नमःनौ द्वारों वाले शरीर-पुर के आधार
  28. 628.
    ॐ नवद्वारनिकेतनाय नमःनौ द्वारों वाले शरीर में निवास करने वाले
  29. 629.
    ॐ नरनारायणस्तुत्याय नमःनर तथा नारायण द्वारा स्तुत
  30. 630.
    ॐ नवनाथमहेश्वराय नमःनवनाथों के महेश्वर
  31. 631.
    ॐ मेखलिने नमःमेखला धारण करने वाले
  32. 632.
    ॐ कवचिने नमःकवच धारण करने वाले
  33. 633.
    ॐ खड्गिने नमःखड्ग धारण करने वाले
  34. 634.
    ॐ भ्राजिष्णवे नमःदेदीप्यमान
  35. 635.
    ॐ जिष्णुसारथये नमःजिष्णु अर्थात अर्जुन के सारथी-पक्ष में स्थित
  36. 636.
    ॐ बहुयोजनविस्तीर्णपुच्छाय नमःअनेक योजन तक फैली पूँछ वाले
  37. 637.
    ॐ पुच्छहतासुराय नमःपूँछ से असुरों का संहार करने वाले
  38. 638.
    ॐ दुष्टहन्त्रे नमःदुष्टों का नाश करने वाले
  39. 639.
    ॐ नियमित्रे नमःनियम में बाँधने वाले
  40. 640.
    ॐ पिशाचग्रहशातनाय नमःपिशाच तथा ग्रह-बाधा का शमन करने वाले
  41. 641.
    ॐ बालग्रहविनाशिने नमःबाल-ग्रह अर्थात शिशु-रोगों का नाश करने वाले
  42. 642.
    ॐ धर्मनेत्रे नमःधर्म के नेता
  43. 643.
    ॐ कृपाकराय नमःकृपा करने वाले
  44. 644.
    ॐ उग्रकृत्याय नमःउग्र कार्य करने वाले
  45. 645.
    ॐ उग्रवेगाय नमःउग्र वेग वाले
  46. 646.
    ॐ उग्रनेत्राय नमःउग्र नेत्रों वाले
  47. 647.
    ॐ शतक्रतवे नमःशतक्रतु इंद्र-स्वरूप
  48. 648.
    ॐ शतमन्युस्तुताय नमःशतमन्यु अर्थात इंद्र द्वारा स्तुत
  49. 649.
    ॐ स्तुत्याय नमःस्तुति करने योग्य
  50. 650.
    ॐ स्तुतये नमःस्तुति-स्वरूप
  51. 651.
    ॐ स्तोत्रे नमःस्तुति करने वाले
  52. 652.
    ॐ महाबलाय नमःमहाबली
  53. 653.
    ॐ समग्रगुणशालिने नमःसमस्त गुणों से युक्त
  54. 654.
    ॐ व्यग्राय नमःकार्य में तत्पर, अनवरत सक्रिय
  55. 655.
    ॐ रक्षोविनाशनाय नमःराक्षसों का विनाश करने वाले
  56. 656.
    ॐ रक्षोग्निदावाय नमःराक्षसों के लिए दावाग्नि-स्वरूप
  57. 657.
    ॐ ब्रह्मेशाय नमःब्रह्मा तथा शिव-स्वरूप
  58. 658.
    ॐ श्रीधराय नमःश्री को धारण करने वाले
  59. 659.
    ॐ भक्तवत्सलाय नमःभक्तों पर वात्सल्य रखने वाले
  60. 660.
    ॐ मेघनादाय नमःमेघ के समान गर्जना करने वाले
  61. 661.
    ॐ मेघरूपाय नमःमेघ-रूप
  62. 662.
    ॐ मेघवृष्टिनिवारणाय नमःमेघों की अनावृष्टि व अतिवृष्टि दूर करने वाले
  63. 663.
    ॐ मेघजीवनहेतवे नमःमेघ द्वारा जीवन देने वाले
  64. 664.
    ॐ मेघश्यामाय नमःमेघ के समान श्याम
  65. 665.
    ॐ परात्मकाय नमःपरमात्म-स्वरूप
  66. 666.
    ॐ समीरतनयाय नमःपवन के पुत्र
  67. 667.
    ॐ धात्रे नमःधारण करने वाले
  68. 668.
    ॐ तत्त्वविद्याविशारदाय नमःतत्त्व-विद्या में निपुण
  69. 669.
    ॐ अमोघाय नमःअमोघ; जिनका प्रयास व्यर्थ नहीं जाता
  70. 670.
    ॐ अमोघवृष्टये नमःअमोघ वृष्टि करने वाले
  71. 671.
    ॐ अभीष्टदाय नमःअभीष्ट फल देने वाले
  72. 672.
    ॐ अनिष्टनाशनाय नमःअनिष्ट का नाश करने वाले
  73. 673.
    ॐ अर्थाय नमःअर्थ-स्वरूप
  74. 674.
    ॐ अनर्थापहारिणे नमःअनर्थ का हरण करने वाले
  75. 675.
    ॐ समर्थाय नमःसमर्थ
  76. 676.
    ॐ रामसेवकाय नमःश्रीराम के सेवक
  77. 677.
    ॐ अर्थिने नमःयाचक के भाव में रहने वाले
  78. 678.
    ॐ धन्याय नमःधन्य
  79. 679.
    ॐ असुरारातये नमःअसुरों के शत्रु
  80. 680.
    ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
  81. 681.
    ॐ आत्मभुवे नमःस्वयं से उत्पन्न
  82. 682.
    ॐ सङ्कर्षणाय नमःसंकर्षण-स्वरूप
  83. 683.
    ॐ विशुद्धात्मने नमःविशुद्ध आत्मा वाले
  84. 684.
    ॐ विद्याराशये नमःविद्या की राशि
  85. 685.
    ॐ सुरेश्वराय नमःदेवों के ईश्वर
  86. 686.
    ॐ अचलोद्धारकाय नमःपर्वत को ही उठा लाने वाले
  87. 687.
    ॐ नित्याय नमःनित्य
  88. 688.
    ॐ सेतुकृते नमःसेतु का निर्माण करने वाले
  89. 689.
    ॐ रामसारथये नमःश्रीराम के सारथी
  90. 690.
    ॐ आनन्दाय नमःआनंद-स्वरूप
  91. 691.
    ॐ परमानन्दाय नमःपरमानंद-स्वरूप
  92. 692.
    ॐ मत्स्याय नमःमत्स्य-अवतार स्वरूप
  93. 693.
    ॐ कूर्माय नमःकूर्म-अवतार स्वरूप
  94. 694.
    ॐ निधये नमःनिधि-स्वरूप
  95. 695.
    ॐ शयाय नमःशयन करने वाले, शेष-स्वरूप
  96. 696.
    ॐ वराहाय नमःवराह-अवतार स्वरूप
  97. 697.
    ॐ नारसिंहाय नमःनरसिंह-अवतार स्वरूप
  98. 698.
    ॐ वामनाय नमःवामन-अवतार स्वरूप
  99. 699.
    ॐ जमदग्निजाय नमःजमदग्नि-पुत्र परशुराम स्वरूप
  100. 700.
    ॐ रामाय नमःराम-अवतार स्वरूप

नख-युद्ध, पवन-स्वरूप व सत्य-नाम (नाम 701–800)

  1. 701.
    ॐ कृष्णाय नमःकृष्ण-अवतार स्वरूप
  2. 702.
    ॐ शिवाय नमःशिव-स्वरूप
  3. 703.
    ॐ बुद्धाय नमःबुद्ध-अवतार स्वरूप
  4. 704.
    ॐ कल्किने नमःकल्कि-अवतार स्वरूप
  5. 705.
    ॐ रामाश्रयाय नमःश्रीराम ही जिनके आश्रय हैं
  6. 706.
    ॐ हरये नमःहरि-स्वरूप
  7. 707.
    ॐ नन्दिने नमःनंदी-स्वरूप
  8. 708.
    ॐ भृङ्गिणे नमःभृंगी-स्वरूप
  9. 709.
    ॐ चण्डिने नमःचण्डी-स्वरूप
  10. 710.
    ॐ गणेशाय नमःगणेश-स्वरूप
  11. 711.
    ॐ गणसेविताय नमःगणों द्वारा सेवित
  12. 712.
    ॐ कर्माध्यक्षाय नमःकर्मों के अध्यक्ष
  13. 713.
    ॐ सुरारामाय नमःदेवों के आराम अर्थात विश्राम-स्थल
  14. 714.
    ॐ विश्रामाय नमःविश्राम-स्वरूप
  15. 715.
    ॐ जगतीपतये नमःपृथ्वी के पति
  16. 716.
    ॐ जगन्नाथाय नमःजगत् के नाथ
  17. 717.
    ॐ कपीशाय नमःवानरों के ईश
  18. 718.
    ॐ सर्वावासाय नमःसबमें निवास करने वाले
  19. 719.
    ॐ सदाश्रयाय नमःसदा आश्रय देने वाले
  20. 720.
    ॐ सुग्रीवादिस्तुताय नमःसुग्रीव आदि द्वारा स्तुत
  21. 721.
    ॐ दान्ताय नमःसंयमी, इंद्रिय-दमन करने वाले
  22. 722.
    ॐ सर्वकर्मणे नमःसमस्त कर्म-स्वरूप
  23. 723.
    ॐ प्लवङ्गमाय नमःउछलकर चलने वाले वानर
  24. 724.
    ॐ नखदारितरक्षसे नमःनखों से राक्षसों को विदीर्ण करने वाले
  25. 725.
    ॐ नखयुद्धविशारदाय नमःनख-युद्ध में निपुण
  26. 726.
    ॐ कुशलाय नमःकुशल
  27. 727.
    ॐ सुधनाय नमःउत्तम धन वाले
  28. 728.
    ॐ शेषाय नमःशेष-स्वरूप
  29. 729.
    ॐ वासुकये नमःवासुकि-स्वरूप
  30. 730.
    ॐ तक्षकाय नमःतक्षक-स्वरूप
  31. 731.
    ॐ स्वर्णवर्णाय नमःस्वर्ण-वर्ण वाले
  32. 732.
    ॐ बलाढ्याय नमःबल से समृद्ध
  33. 733.
    ॐ पुरुजेत्रे नमःअनेकों को जीत लेने वाले
  34. 734.
    ॐ अघनाशनाय नमःपापों का नाश करने वाले
  35. 735.
    ॐ कैवल्यदीपाय नमःकैवल्य के दीपक
  36. 736.
    ॐ कैवल्याय नमःकैवल्य अर्थात मोक्ष-स्वरूप
  37. 737.
    ॐ गरुडाय नमःगरुड़-स्वरूप
  38. 738.
    ॐ पन्नगाय नमःपन्नग अर्थात नाग-स्वरूप
  39. 739.
    ॐ गुरवे नमःगुरु
  40. 740.
    ॐ क्लीक्लीरावहतारातिगर्वाय नमः"क्लीक्ली" नाद से शत्रुओं का गर्व चूर्ण करने वाले
  41. 741.
    ॐ पर्वतभेदनाय नमःपर्वतों को भेद देने वाले
  42. 742.
    ॐ वज्राङ्गाय नमःवज्र के समान अंगों वाले
  43. 743.
    ॐ वज्रवक्त्राय नमःवज्र के समान मुख वाले
  44. 744.
    ॐ भक्तवज्रनिवारकाय नमःभक्तों पर आने वाले वज्र-प्रहार को भी रोक देने वाले
  45. 745.
    ॐ नखायुधाय नमःनख ही जिनके आयुध हैं
  46. 746.
    ॐ मणिग्रीवाय नमःमणि-मंडित ग्रीवा वाले
  47. 747.
    ॐ ज्वालामालिने नमःज्वालाओं की माला वाले
  48. 748.
    ॐ भास्कराय नमःसूर्य के समान प्रकाशमान
  49. 749.
    ॐ प्रौढप्रतापाय नमःप्रौढ़ प्रताप वाले
  50. 750.
    ॐ तपनाय नमःतपाने वाले, सूर्य-स्वरूप
  51. 751.
    ॐ भक्ततापनिवारकाय नमःभक्तों का ताप दूर करने वाले
  52. 752.
    ॐ शरणाय नमःशरण-स्वरूप
  53. 753.
    ॐ जीवनाय नमःजीवन-स्वरूप
  54. 754.
    ॐ भोक्त्रे नमःभोक्ता
  55. 755.
    ॐ नानाचेष्टाय नमःअनेक प्रकार की चेष्टा करने वाले
  56. 756.
    ॐ चञ्चलाय नमःचंचल
  57. 757.
    ॐ स्वस्थाय नमःस्वस्थ, आत्मा में स्थित
  58. 758.
    ॐ अस्वास्थ्यघ्ने नमःअस्वस्थता का नाश करने वाले
  59. 759.
    ॐ दुःखशातनाय नमःदुःख का शमन करने वाले
  60. 760.
    ॐ पवनात्मजाय नमःपवन के पुत्र
  61. 761.
    ॐ पवनाय नमःपवन-स्वरूप
  62. 762.
    ॐ पावनाय नमःपवित्र करने वाले
  63. 763.
    ॐ कान्ताय नमःकमनीय, प्रिय
  64. 764.
    ॐ भक्ताङ्गाय नमःभक्त ही जिनके अंग हैं
  65. 765.
    ॐ सहनाय नमःसहनशील
  66. 766.
    ॐ बलाय नमःबल-स्वरूप
  67. 767.
    ॐ मेघनादरिपवे नमःमेघनाद के शत्रु
  68. 768.
    ॐ मेघनादसंहृतराक्षसाय नमःमेघनाद के राक्षसों का संहार करने वाले
  69. 769.
    ॐ क्षराय नमःक्षर अर्थात नाशवान् रूप में भी व्याप्त
  70. 770.
    ॐ अक्षराय नमःअक्षर, अविनाशी
  71. 771.
    ॐ विनीतात्मने नमःविनम्र आत्मा वाले
  72. 772.
    ॐ वानरेशाय नमःवानरों के ईश
  73. 773.
    ॐ सताङ्गतये नमःसज्जनों की गति
  74. 774.
    ॐ श्रीकण्ठाय नमःश्रीकण्ठ शिव-स्वरूप
  75. 775.
    ॐ शितिकण्ठाय नमःनीलकण्ठ शिव-स्वरूप
  76. 776.
    ॐ सहायाय नमःसहायक
  77. 777.
    ॐ सहनायकाय नमःसहायकों के भी नायक
  78. 778.
    ॐ अस्थूलाय नमःजो स्थूल नहीं
  79. 779.
    ॐ अनणवे नमःजो अणु भी नहीं
  80. 780.
    ॐ भर्गाय नमःभर्ग; तेजोमय
  81. 781.
    ॐ देवसंसृतिनाशनाय नमःदेवों की भी संसृति अर्थात जन्म-मरण का नाश करने वाले
  82. 782.
    ॐ अध्यात्मविद्यासाराय नमःअध्यात्म-विद्या के सार
  83. 783.
    ॐ अध्यात्मकुशलाय नमःअध्यात्म में कुशल
  84. 784.
    ॐ सुधिये नमःसुबुद्धि वाले
  85. 785.
    ॐ अकल्मषाय नमःकल्मष अर्थात दोष-रहित
  86. 786.
    ॐ सत्यहेतवे नमःसत्य के हेतु
  87. 787.
    ॐ सत्यदाय नमःसत्य देने वाले
  88. 788.
    ॐ सत्यगोचराय नमःसत्य के द्वारा जाने जाने वाले
  89. 789.
    ॐ सत्यगर्भाय नमःजिनके गर्भ में सत्य है
  90. 790.
    ॐ सत्यरूपाय नमःसत्य-स्वरूप
  91. 791.
    ॐ सत्याय नमःसत्य
  92. 792.
    ॐ सत्यपराक्रमाय नमःजिनका पराक्रम सत्य है
  93. 793.
    ॐ अञ्जनाप्राणलिङ्गाय नमःमाता अंजना के प्राण-लिंग अर्थात प्राणों के आधार
  94. 794.
    ॐ वायुवंशोद्भवाय नमःवायु के वंश में उत्पन्न
  95. 795.
    ॐ श्रुतये नमःश्रुति-स्वरूप
  96. 796.
    ॐ भद्ररूपाय नमःभद्र अर्थात कल्याणकारी रूप वाले
  97. 797.
    ॐ रुद्ररूपाय नमःरुद्र-रूप
  98. 798.
    ॐ सुरूपाय नमःसुंदर रूप वाले
  99. 799.
    ॐ चित्ररूपधृशे नमःविचित्र रूप धारण करने वाले
  100. 800.
    ॐ मैनाकवन्दिताय नमःमैनाक पर्वत द्वारा वंदित

योग, स्वरूप-वर्णन व शक्ति (नाम 801–900)

  1. 801.
    ॐ सूक्ष्मदर्शनाय नमःसूक्ष्म रूप धारण करने वाले
  2. 802.
    ॐ विजयाय नमःविजय-स्वरूप
  3. 803.
    ॐ जयाय नमःजय-स्वरूप
  4. 804.
    ॐ क्रान्तदिङ्मण्डलाय नमःदिशाओं के मंडल को लाँघ जाने वाले
  5. 805.
    ॐ रुद्राय नमःरुद्र-स्वरूप
  6. 806.
    ॐ प्रकटीकृतविक्रमाय नमःजिन्होंने अपना पराक्रम प्रकट किया
  7. 807.
    ॐ कम्बुकण्ठाय नमःशंख के समान कंठ वाले
  8. 808.
    ॐ प्रसन्नात्मने नमःप्रसन्न अंतःकरण वाले
  9. 809.
    ॐ ह्रस्वनासाय नमःछोटी नासिका वाले
  10. 810.
    ॐ वृकोदराय नमःभेड़िये के समान उदर वाले, अत्यंत क्षुधावान्
  11. 811.
    ॐ लम्बोष्ठाय नमःलंबे ओष्ठ वाले
  12. 812.
    ॐ कुण्डलिने नमःकुण्डल धारण करने वाले
  13. 813.
    ॐ चित्रमालिने नमःविचित्र माला धारण करने वाले
  14. 814.
    ॐ योगविदां वराय नमःयोग जानने वालों में श्रेष्ठ
  15. 815.
    ॐ विपश्चिते नमःविद्वान्
  16. 816.
    ॐ कवये नमःकवि
  17. 817.
    ॐ आनन्दविग्रहाय नमःजिनका विग्रह आनंद-स्वरूप है
  18. 818.
    ॐ अनल्पनाशनाय नमःजो थोड़े का नहीं, बहुत बड़े का नाश करते हैं
  19. 819.
    ॐ फाल्गुनीसूनवे नमःफाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे, अंजना-पुत्र
  20. 820.
    ॐ अव्यग्राय नमःअव्यग्र, अविचल
  21. 821.
    ॐ योगात्मने नमःयोग-स्वरूप
  22. 822.
    ॐ योगतत्पराय नमःयोग में तत्पर
  23. 823.
    ॐ योगविदे नमःयोग को जानने वाले
  24. 824.
    ॐ योगकर्त्रे नमःयोग करने वाले
  25. 825.
    ॐ योगयोनये नमःयोग के उद्गम
  26. 826.
    ॐ दिगम्बराय नमःदिगंबर
  27. 827.
    ॐ अकारादिक्षकारान्तवर्णनिर्मितविग्रहाय नमः"अ" से "क्ष" तक के वर्णों से जिनका विग्रह बना है
  28. 828.
    ॐ उलूखलमुखाय नमःओखली के समान मुख वाले
  29. 829.
    ॐ सिद्धसंस्तुताय नमःसिद्धों द्वारा स्तुत
  30. 830.
    ॐ परमेश्वराय नमःपरमेश्वर
  31. 831.
    ॐ श्लिष्टजङ्घाय नमःपुष्ट जंघाओं वाले
  32. 832.
    ॐ श्लिष्टजानवे नमःपुष्ट जानुओं वाले
  33. 833.
    ॐ श्लिष्टपाणये नमःपुष्ट हाथों वाले
  34. 834.
    ॐ शिखाधराय नमःशिखा धारण करने वाले
  35. 835.
    ॐ सुशर्मणे नमःउत्तम कल्याण वाले
  36. 836.
    ॐ अमितधर्मणे नमःअपार धर्म वाले
  37. 837.
    ॐ नारायणपरायणाय नमःनारायण में परायण
  38. 838.
    ॐ जिष्णवे नमःजिष्णु; विजयशील
  39. 839.
    ॐ भविष्णवे नमःभविष्णु; सदा होने वाले
  40. 840.
    ॐ रोचिष्णवे नमःरोचिष्णु; देदीप्यमान
  41. 841.
    ॐ ग्रसिष्णवे नमःग्रसिष्णु; ग्रसने वाले
  42. 842.
    ॐ स्थाणवे नमःस्थाणु; अचल
  43. 843.
    ॐ हरये नमःहरि-स्वरूप
  44. 844.
    ॐ रुद्रानुकृते नमःरुद्र का अनुकरण करने वाले
  45. 845.
    ॐ वृक्षकम्पनाय नमःवृक्षों को कँपा देने वाले
  46. 846.
    ॐ भूमिकम्पनाय नमःभूमि को कँपा देने वाले
  47. 847.
    ॐ गुणप्रवाहाय नमःगुणों के प्रवाह-स्वरूप
  48. 848.
    ॐ सूत्रात्मने नमःसूत्रात्मा; सबको सूत्र की भाँति पिरोने वाले
  49. 849.
    ॐ वीतरागाय नमःराग-रहित
  50. 850.
    ॐ स्तुतिप्रियाय नमःस्तुति जिन्हें प्रिय है
  51. 851.
    ॐ नागकन्याभयध्वंसिने नमःनागकन्याओं का भय दूर करने वाले
  52. 852.
    ॐ कृतपूर्णाय नमःजो सर्वथा पूर्ण हैं
  53. 853.
    ॐ कपालभृते नमःकपाल धारण करने वाले
  54. 854.
    ॐ अनुकूलाय नमःअनुकूल रहने वाले
  55. 855.
    ॐ अक्षयाय नमःअक्षय
  56. 856.
    ॐ अपायाय नमःअपाय अर्थात विनाश-स्वरूप (दुष्टों के लिए)
  57. 857.
    ॐ अनपायाय नमःजिनका स्वयं कोई अपाय अर्थात नाश नहीं
  58. 858.
    ॐ वेदपारगाय नमःवेदों के पारंगत
  59. 859.
    ॐ अक्षराय नमःअक्षर, अविनाशी
  60. 860.
    ॐ पुरुषाय नमःपुरुष-स्वरूप
  61. 861.
    ॐ लोकनाथाय नमःलोकों के नाथ
  62. 862.
    ॐ त्र्यक्षाय नमःतीन नेत्रों वाले
  63. 863.
    ॐ प्रभवे नमःप्रभु
  64. 864.
    ॐ दृढाय नमःदृढ़
  65. 865.
    ॐ अष्टाङ्गयोगफलभुवे नमःअष्टांग योग का फल जिनसे प्राप्त होता है
  66. 866.
    ॐ सत्यसन्धाय नमःसत्य-प्रतिज्ञ
  67. 867.
    ॐ पुरुष्टुताय नमःबहुतों द्वारा स्तुत
  68. 868.
    ॐ श्मशानस्थाननिलयाय नमःश्मशान में भी निवास करने वाले
  69. 869.
    ॐ प्रेतविद्रावणक्षमाय नमःप्रेतों को भगा देने में समर्थ
  70. 870.
    ॐ पञ्चाक्षरपराय नमःपंचाक्षर मंत्र में परायण
  71. 871.
    ॐ पञ्चमातृकाय नमःपंच मातृकाओं से युक्त
  72. 872.
    ॐ रञ्जनाय नमःआनंदित करने वाले
  73. 873.
    ॐ ध्वजाय नमःध्वजा-स्वरूप
  74. 874.
    ॐ योगिनीवृन्दवन्द्यश्रिये नमःयोगिनी-वृंद द्वारा वंदित श्री वाले
  75. 875.
    ॐ शत्रुघ्नाय नमःशत्रुओं का नाश करने वाले
  76. 876.
    ॐ अनन्तविक्रमाय नमःअनंत पराक्रम वाले
  77. 877.
    ॐ ब्रह्मचारिणे नमःब्रह्मचारी
  78. 878.
    ॐ इन्द्रियवपुषे नमःइंद्रियों में ही जिनका वपु अर्थात रूप है
  79. 879.
    ॐ धृतदण्डाय नमःदण्ड धारण करने वाले
  80. 880.
    ॐ दशात्मकाय नमःदस रूपों वाले
  81. 881.
    ॐ अप्रपञ्चाय नमःप्रपंच-रहित
  82. 882.
    ॐ सदाचाराय नमःसदाचारी
  83. 883.
    ॐ शूरसेनाय नमःशूरों की सेना-स्वरूप
  84. 884.
    ॐ विदारकाय नमःविदीर्ण करने वाले
  85. 885.
    ॐ बुद्धाय नमःबुद्ध; ज्ञान-स्वरूप
  86. 886.
    ॐ प्रमोदाय नमःप्रमोद-स्वरूप
  87. 887.
    ॐ आनन्दाय नमःआनंद-स्वरूप
  88. 888.
    ॐ सप्तजिह्वपतये नमःसप्तजिह्व अर्थात अग्नि के स्वामी
  89. 889.
    ॐ धराय नमःधारण करने वाले
  90. 890.
    ॐ नवद्वारपुराधाराय नमःनौ द्वारों वाले शरीर-पुर के आधार
  91. 891.
    ॐ प्रत्यग्राय नमःसदा नवीन
  92. 892.
    ॐ सामगायनाय नमःसामगान करने वाले
  93. 893.
    ॐ षट्चक्रधाम्ने नमःषट्चक्रों में निवास करने वाले
  94. 894.
    ॐ स्वर्लोकभयहृते नमःस्वर्लोक का भय हरने वाले
  95. 895.
    ॐ मानदाय नमःमान देने वाले
  96. 896.
    ॐ मदाय नमःमद-स्वरूप
  97. 897.
    ॐ सर्ववश्यकराय नमःसबको वश में करने वाले
  98. 898.
    ॐ शक्तये नमःशक्ति-स्वरूप
  99. 899.
    ॐ अनन्ताय नमःअनंत
  100. 900.
    ॐ अनन्तमङ्गलाय नमःजिनका मंगल अनंत है

अंतिम नाम — सब पराक्रम रामसेवा पर आकर ठहरता है (नाम 901–1008)

  1. 901.
    ॐ अष्टमूर्तिधराय नमःआठ मूर्तियाँ धारण करने वाले
  2. 902.
    ॐ नेत्रे नमःनेता
  3. 903.
    ॐ विरूपाय नमःविरूप; अनेक रूप वाले
  4. 904.
    ॐ स्वरसुन्दराय नमःसुंदर स्वर वाले
  5. 905.
    ॐ धूमकेतवे नमःधूमकेतु-स्वरूप
  6. 906.
    ॐ महाकेतवे नमःमहान ध्वजा वाले
  7. 907.
    ॐ सत्यकेतवे नमःसत्य ही जिनकी ध्वजा है
  8. 908.
    ॐ महारथाय नमःमहारथी
  9. 909.
    ॐ नन्दिने नमःनंदी-स्वरूप
  10. 910.
    ॐ प्रियाय नमःप्रिय
  11. 911.
    ॐ स्वतन्त्राय नमःस्वतंत्र
  12. 912.
    ॐ मेखलिने नमःमेखला धारण करने वाले
  13. 913.
    ॐ डमरुप्रियाय नमःडमरू जिन्हें प्रिय है
  14. 914.
    ॐ लोहिताङ्गाय नमःलाल अंगों वाले
  15. 915.
    ॐ समिधे नमःसमिधा-स्वरूप
  16. 916.
    ॐ वह्नये नमःअग्नि-स्वरूप
  17. 917.
    ॐ षडृतवे नमःछहों ऋतु-स्वरूप
  18. 918.
    ॐ शर्वाय नमःशर्व शिव-स्वरूप
  19. 919.
    ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
  20. 920.
    ॐ फलभुजे नमःकर्म-फल का भोग करने वाले
  21. 921.
    ॐ फलहस्ताय नमःजिनके हाथ में फल है
  22. 922.
    ॐ सर्वकर्मफलप्रदाय नमःसमस्त कर्मों का फल देने वाले
  23. 923.
    ॐ धर्माध्यक्षाय नमःधर्म के अध्यक्ष
  24. 924.
    ॐ धर्मफलाय नमःधर्म का फल-स्वरूप
  25. 925.
    ॐ धर्माय नमःधर्म-स्वरूप
  26. 926.
    ॐ धर्मप्रदाय नमःधर्म प्रदान करने वाले
  27. 927.
    ॐ अर्थदाय नमःअर्थ प्रदान करने वाले
  28. 928.
    ॐ पञ्चविंशतितत्त्वज्ञाय नमःपच्चीस तत्त्वों को जानने वाले
  29. 929.
    ॐ तारकाय नमःतारने वाले
  30. 930.
    ॐ ब्रह्मतत्पराय नमःब्रह्म में तत्पर
  31. 931.
    ॐ त्रिमार्गवसतये नमःतीनों मार्गों में निवास करने वाले
  32. 932.
    ॐ भीमाय नमःभीम; भयंकर
  33. 933.
    ॐ सर्वदुष्टनिबर्हणाय नमःसमस्त दुष्टों का नाश करने वाले
  34. 934.
    ॐ ऊर्जःस्वामिने नमःऊर्जा के स्वामी
  35. 935.
    ॐ जलस्वामिने नमःजल के स्वामी
  36. 936.
    ॐ शूलिने नमःशूल धारण करने वाले
  37. 937.
    ॐ मालिने नमःमाला धारण करने वाले
  38. 938.
    ॐ निशाकराय नमःचंद्र-स्वरूप
  39. 939.
    ॐ रक्ताम्बरधराय नमःलाल वस्त्र धारण करने वाले
  40. 940.
    ॐ रक्ताय नमःरक्त-वर्ण वाले
  41. 941.
    ॐ रक्तमाल्यविभूषणाय नमःलाल माला से विभूषित
  42. 942.
    ॐ वनमालिने नमःवनमाला धारण करने वाले
  43. 943.
    ॐ शुभाङ्गाय नमःशुभ अंगों वाले
  44. 944.
    ॐ श्वेताय नमःश्वेत
  45. 945.
    ॐ श्वेताम्बराय नमःश्वेत वस्त्र धारण करने वाले
  46. 946.
    ॐ युवाय नमःयुवा
  47. 947.
    ॐ जयाय नमःजय-स्वरूप
  48. 948.
    ॐ अजेयपरीवाराय नमःजिनका परिवार अजेय है
  49. 949.
    ॐ सहस्रवदनाय नमःसहस्र मुख वाले
  50. 950.
    ॐ कवये नमःकवि
  51. 951.
    ॐ शाकिनीडाकिनीयक्षरक्षोभूतप्रभञ्जनाय नमःशाकिनी, डाकिनी, यक्ष, राक्षस व भूतों का प्रभंजन करने वाले
  52. 952.
    ॐ सद्योजाताय नमःसद्यःजात शिव-स्वरूप
  53. 953.
    ॐ कामगतये नमःइच्छानुसार गति करने वाले
  54. 954.
    ॐ ज्ञानमूर्तये नमःज्ञान की मूर्ति
  55. 955.
    ॐ यशस्कराय नमःयश देने वाले
  56. 956.
    ॐ शम्भुतेजसे नमःशंभु के तेज से उत्पन्न
  57. 957.
    ॐ सार्वभौमाय नमःसार्वभौम; सबके स्वामी
  58. 958.
    ॐ विष्णुभक्ताय नमःविष्णु के भक्त
  59. 959.
    ॐ प्लवङ्गमाय नमःउछलकर चलने वाले वानर
  60. 960.
    ॐ चतुर्णवतिमन्त्रज्ञाय नमःचौरानवे मंत्रों को जानने वाले
  61. 961.
    ॐ पौलस्त्यबलदर्पघ्ने नमःपुलस्त्य-वंशी रावण के बल का दर्प चूर्ण करने वाले
  62. 962.
    ॐ सर्वलक्ष्मीप्रदाय नमःसमस्त लक्ष्मी अर्थात संपदा देने वाले
  63. 963.
    ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
  64. 964.
    ॐ अङ्गदप्रियवर्धनाय नमःअंगद की प्रीति बढ़ाने वाले
  65. 965.
    ॐ स्मृतिबीजाय नमःस्मृति के बीज-स्वरूप
  66. 966.
    ॐ सुरेशानाय नमःदेवों के ईशान
  67. 967.
    ॐ संसारभयनाशनाय नमःसंसार के भय का नाश करने वाले
  68. 968.
    ॐ उत्तमाय नमःउत्तम
  69. 969.
    ॐ श्रीपरीवाराय नमःश्री ही जिनका परिवार है
  70. 970.
    ॐ श्रीभुवे नमःश्री तथा भूमि-स्वरूप
  71. 971.
    ॐ उग्राय नमःउग्र
  72. 972.
    ॐ कामदुहे नमःकामधेनु की भाँति कामनाएँ पूर्ण करने वाले
  73. 973.
    ॐ सदागतये नमःसदागति; निरंतर गतिशील वायु-स्वरूप
  74. 974.
    ॐ मातरिश्वने नमःमातरिश्वा; वायु-स्वरूप
  75. 975.
    ॐ रामपादाब्जषट्पदाय नमःश्रीराम के चरण-कमलों के भ्रमर
  76. 976.
    ॐ नीलप्रियाय नमःनील जिन्हें प्रिय है
  77. 977.
    ॐ नीलवर्णाय नमःनील वर्ण वाले
  78. 978.
    ॐ नीलवर्णप्रियाय नमःनील वर्ण जिन्हें प्रिय है
  79. 979.
    ॐ सुहृदे नमःसबके सुहृद अर्थात हितैषी
  80. 980.
    ॐ रामदूताय नमःश्रीराम के दूत
  81. 981.
    ॐ लोकबन्धवे नमःलोकों के बंधु
  82. 982.
    ॐ अन्तरात्मने नमःअंतरात्मा-स्वरूप
  83. 983.
    ॐ मनोरमाय नमःमन को हरने वाले
  84. 984.
    ॐ श्रीरामध्यानकृते नमःश्रीराम का ध्यान करने वाले
  85. 985.
    ॐ वीराय नमःवीर
  86. 986.
    ॐ सदा किम्पुरुषस्तुताय नमःकिंपुरुषों द्वारा सदा स्तुत
  87. 987.
    ॐ रामकार्यान्तरङ्गाय नमःश्रीराम के कार्यों के अंतरंग सहयोगी
  88. 988.
    ॐ शुद्धये नमःशुद्धि-स्वरूप
  89. 989.
    ॐ गत्यै नमःगति-स्वरूप
  90. 990.
    ॐ अनामयाय नमःरोग-रहित
  91. 991.
    ॐ पुण्यश्लोकाय नमःजिनका यश पुण्यदायी है
  92. 992.
    ॐ परानन्दाय नमःपरम आनंद-स्वरूप
  93. 993.
    ॐ परेशप्रियसारथये नमःपरमेश्वर के प्रिय सारथी
  94. 994.
    ॐ लोकस्वामिने नमःलोकों के स्वामी
  95. 995.
    ॐ मुक्तिदात्रे नमःमुक्ति देने वाले
  96. 996.
    ॐ सर्वकारणकारणाय नमःसमस्त कारणों के भी कारण
  97. 997.
    ॐ महाबलाय नमःमहाबली
  98. 998.
    ॐ महावीराय नमःमहावीर
  99. 999.
    ॐ पारावारगतये नमःइस पार तथा उस पार — दोनों की गति
  100. 1000.
    ॐ गुरवे नमःगुरु
  101. 1001.
    ॐ तारकाय नमःतारने वाले
  102. 1002.
    ॐ भगवते नमःभगवान्
  103. 1003.
    ॐ त्रात्रे नमःत्राता; रक्षा करने वाले
  104. 1004.
    ॐ स्वस्तिदात्रे नमःकल्याण देने वाले
  105. 1005.
    ॐ सुमङ्गलाय नमःउत्तम मंगल-स्वरूप
  106. 1006.
    ॐ समस्तलोकसाक्षिणे नमःसमस्त लोकों के साक्षी
  107. 1007.
    ॐ समस्तसुरवन्दिताय नमःसमस्त देवों द्वारा वंदित
  108. 1008.
    ॐ सीतासमेत श्रीरामपादसेवा धुरन्धराय नमःसीता सहित श्रीराम की चरण-सेवा का भार वहन करने वाले

अर्थ (हिन्दी)

  1. इस श्रीहनुमत्सहस्रनाम-स्तोत्र-महामंत्र के ऋषि श्रीरामचन्द्र हैं, छंद अनुष्टुप् है, देवता श्रीहनुमान् महारुद्र हैं; "ह्रीं श्रीं ह्रौं ह्रां" बीज है, "श्रीं" शक्ति है, "किलिकिल बुबु कार" कीलक है और "लङ्काविध्वंसन" कवच है। मेरे समस्त उपद्रवों की शांति तथा समस्त कार्यों की सिद्धि के लिए इस जप में विनियोग किया जाता है।
  2. तपाए हुए स्वर्ण के समान वर्ण वाले, अत्यंत लाल-अरुण नेत्रों वाले, पीतांबर धारण किए तथा सुग्रीव आदि से घिरे हुए हनुमान जी का ध्यान करना चाहिए। जिन्होंने समुद्र को गाय के खुर-जितना कर दिया, जिनकी पूँछ मस्तक के ऊपर उठी है, जो ईश्वर हैं, ज्ञानमुद्रा धारण किए हैं और समस्त अलंकारों से भूषित हैं। जिन्होंने बाएँ हाथ से दशमुख रावण के मुख-मंडल को खींच रखा है और जिनका दायाँ बाहु-दंड उठा हुआ है — ऐसे हनुमान जी का चिंतन करना चाहिए।
  3. आरंभिक श्लोक: हनुमान् श्री (ऐश्वर्य) देने वाले, पवनपुत्र, रुद्र-स्वरूप, नीति-स्वरूप तथा अजर हैं; वे अमृत्यु, वीरों में भी वीर, ग्राम-ग्राम में निवास करने वाले और जन-सामान्य के आश्रय हैं। (इसी क्रम में आगे 128 श्लोकों तक कुल 1008 नाम आते हैं।)
  4. अंतिम नाम-श्लोक: वे तारने वाले, भगवान्, त्राता, कल्याण देने वाले तथा उत्तम मंगल-स्वरूप हैं; समस्त लोकों के साक्षी और समस्त देवों द्वारा वंदित हैं — और अंततः सीता सहित श्रीराम की चरण-सेवा का भार वहन करने वाले हैं। (यही 1008वाँ नाम है, और अष्टोत्तर शतनामावली भी ठीक इसी नाम पर समाप्त होती है।)
  5. फलश्रुति: जो मनुष्य प्रतिदिन इस नाम-सहस्र का पाठ करता है, उसका दुःख-समूह शीघ्र नष्ट होता है और संपत्ति चिरकाल तक बढ़ती है। तीनों कालों में पाठ करने से सिद्धि हाथ में आ जाती है। जो ब्राह्म मुहूर्त में उठकर प्रतिदिन इसका पाठ करता है, तथा जो पीपल के मूल में इसका जप करता है, उसे शत्रु-कृत भय नहीं रहता। यह ज्वर व अपस्मार का शमन तथा गुल्म आदि व्याधियों का निवारण करने वाला कहा गया है। जो एकाग्रचित्त होकर नित्य इसका पाठ करता है अथवा कराता है, वह पवनपुत्र की कृपा से समस्त कामनाएँ प्राप्त करता है।

लाभ

  • फलश्रुति के अनुसार नित्य पाठ से दुःख-समूह शीघ्र नष्ट होता है और संपत्ति चिरकाल तक बढ़ती है।
  • फलश्रुति में ज्वर व अपस्मार के शमन तथा गुल्म आदि व्याधियों के निवारण का विशेष उल्लेख है — यह सहस्रनाम आरोग्य के संकल्प से भी पढ़ा जाता है।
  • नाम 620–626 का खंड गर्भ-दोष, संतति, विरोधी-स्तंभन, रूठे मन को मनाने, अभिचार-शमन तथा बंधन-मुक्ति — छह ठोस संकटों को नाम देता है; परंपरा में यही इसके व्यावहारिक प्रयोग का आधार है।
  • फलश्रुति कहती है कि पीपल के मूल में जप करने वालों को शत्रु-कृत भय नहीं रहता।
  • दशावतार, नवग्रह व पंचभूत — तीनों के नाम इसी सूची में हैं, इसलिए एक ही पाठ में समग्र देव-स्मरण हो जाता है।

कब करें पाठ

मंगलवार व शनिवार को, विशेषतः ब्राह्म मुहूर्त मेंहनुमान जयंती परकिसी दीर्घ रोग, बंधन अथवा विवाद की स्थिति में संकल्प लेकरज्येष्ठ मास के मंगलवार (बड़ा मंगल) को

पाठ विधि

यह दीर्घ पाठ है — सम्पूर्ण में 35–45 मिनट लगते हैं, इसलिए बिना जल्दबाज़ी के समय निकालकर बैठें। स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और हनुमान जी के समक्ष दीप जलाएँ। पहले विनियोग पढ़ें, फिर ध्यान के तीनों श्लोक; इसके बाद नामों का पाठ आरंभ करें और अंत में फलश्रुति पढ़ें। नामावली-रूप में पाठ करना हो तो प्रत्येक नाम "ॐ … नमः" के साथ पढ़ते हुए पुष्प, सिंदूर-कण अथवा तुलसी-दल अर्पित करें — यही अर्चना-विधि है। यदि एक बैठक में सम्पूर्ण पाठ कठिन हो, तो परंपरा में इसे खंडों में विभाजित कर सप्ताह भर में पूर्ण करने की छूट है; किंतु विनियोग, ध्यान और फलश्रुति हर बैठक में पढ़े जाते हैं। फलश्रुति स्वयं ब्राह्म मुहूर्त तथा पीपल के मूल में जप का उल्लेख करती है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
मूल ग्रंथआञ्जनेय सहस्रनाम स्तोत्र — ऋषि श्रीरामचन्द्र, छंद अनुष्टुप्, देवता श्रीहनुमान् महारुद्र (विनियोग के अनुसार)
स्रोत परंपराstotranidhi.com — श्री हनुमत्सहस्रनामावली (आधार सूची; 1008 नाम). प्रत्येक बीसवें नाम पर दिए क्रमांक-चिह्न (२०, ४०, … १०००, १००८) यंत्रवत् जाँचे गए — सभी 50 चिह्न सही स्थान पर, एक भी विचलन नहीं। · stotranidhi.com — श्री आञ्जनेय सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; विनियोग, ध्यान के 3 श्लोक, 128 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति 129–135). नामावली इसी पाठ के पद-विच्छेद से मेल खाती है। · drikpanchang.com — भगवान हनुमान की सहस्रनामावली (तुलना हेतु). ⚠️ यह पाठ श्लोक 123 पर, 1004 नाम पर "कामधुक्" के साथ समाप्त हो जाता है; श्लोक 124–128 तथा फलश्रुति उसमें नहीं हैं, और अंतिम नाम "सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धर" अनुपस्थित है — इसीलिए आधार stotranidhi रखा गया। · sanskritdocuments.org/doc_hanumaana/ — "हनुमान सहस्रनाम" शीर्षक से तीन भिन्न स्तोत्रों (आञ्जनेय; सुदर्शन संहिता; रुद्रयामल) के अलग-अलग सूचीबद्ध होने का प्रमाण। · ⚠️ मूल ग्रंथ व अध्याय-क्रमांक किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला, अतः कोई ग्रंथ-नाम नहीं दिया गया — केवल विनियोग-कथित ऋषि, छंद व देवता दर्ज हैं। · ⚠️ दोनों पाठ-परंपराओं का पद-विच्छेद भिन्न है (1008 बनाम 1004), तथा drikpanchang वाले रूप में एक ~40-नामों का खंड (सहस्रकन्धरबल… से मकरीशापमोक्षद तक) है जो आधार-पाठ में नहीं — भेद दर्ज है, दूसरी परंपरा को ग़लत नहीं कहा गया। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1008/1008 नाम)।
रचयितापारंपरिक
अंतिम अद्यतनजून 2026

संपादकीय टिप्पणी: "हनुमान सहस्रनाम" शीर्षक से तीन भिन्न स्तोत्र प्रचलित हैं — आञ्जनेय सहस्रनाम (यह वाला), सुदर्शन संहिता वाला, तथा रुद्रयामल वाला; तीनों के नाम आपस में मिलते नहीं। इसके अतिरिक्त इसी आञ्जनेय सहस्रनाम की दो पाठ-परंपराएँ हैं, जिनका पद-विच्छेद भिन्न है (1008 बनाम 1004 नाम)। यहाँ 128-श्लोक वाला पूर्ण पाठ लिया गया है, क्योंकि 1004-नाम वाला रूप श्लोक 123 पर ही रुक जाता है और अंतिम नाम "सीतासमेतश्रीरामपादसेवाधुरन्धर" उसमें आता ही नहीं। मूल ग्रंथ अनिश्चित है — किसी उपलब्ध स्रोत ने अध्याय-क्रमांक नहीं दिया, इसलिए यहाँ कोई ग्रंथ-नाम नहीं गढ़ा गया।

देव परिचय

श्री हनुमान

Lord Hanuman

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

देवता वर्गशक्ति · भक्ति · रक्षा · साहस · संकटमोचन
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मुख्य मंत्रॐ हं हनुमते नमः
श्री हनुमान के पाठ
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श्री हनुमत् सहस्रनाम — सामान्य प्रश्न

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