श्री हनुमान

śrī hanumāna

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

परिचय

श्री हनुमान माता अंजना और पवनदेव के पुत्र हैं और भगवान शिव के रुद्रावतार माने जाते हैं। वे श्रीराम के अनन्य भक्त, बुद्धिमानों में अग्रगण्य तथा अष्ट सिद्धियों व नौ निधियों के दाता हैं।

रामायण में लंका दहन, संजीवनी लाने और सीता-खोज जैसे पराक्रमों से वे भक्ति और सेवा के सर्वोच्च आदर्श बने। मंगलवार और शनिवार उनकी आराधना के विशेष दिन हैं; उनका स्मरण भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है।

स्वरूप: गदाधारी, सिंदूरी वर्ण, एक हाथ में गदा व दूसरे में संजीवनी पर्वत; हृदय में श्रीराम-सीता का वास।

श्री हनुमान भक्ति संग्रह

आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, सहस्रनाम और अन्य भक्ति पाठ

संबंधित पर्व व व्रत

आगामी संग्रह

स्तोत्रम्

जल्द

अष्टकम्

जल्द

सहस्रनाम

जल्द

ज्योतिष संबंध

ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।

संक्षिप्त विवरण

शुभ दिनमंगलवार, शनिवार
अन्य नामबजरंगबली, पवनपुत्र, महावीर, अंजनिपुत्र, मारुति
क्षेत्रशक्ति, भक्ति, रक्षा, साहस, संकटमोचन
बीज मंत्रॐ हं हनुमते नमः