ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय हनुमते नमः

oṃ namo bhagavate pañcavadanāya hanumate namaḥ

Panchamukhi Hanuman Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
मंगलवार व शनिवार
उद्देश्य:रक्षा (Protection)भय नाश (Fearlessness)संकट मोचन (Relief from Crisis)
✓ संपूर्ण

परिचय

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

स्रोत: पारंपरिक पंचमुखी हनुमान मंत्र

मंत्र

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ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय हनुमते नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय हनुमते नमः॥

oṃ namo bhagavate pañcavadanāya hanumate namaḥ ||

Om Namo Bhagavate Panchavadanaya Hanumate Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "न-मो", "भ-ग-व-ते", "पञ्च-व-द-नाय", "ह-नु-म-ते", "न-मः" को स्पष्ट बोलें। दृढ़ व निर्भय स्वर में दोहराएँ।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐ नमो भगवतेभगवान को नमस्कार
पञ्चवदनायपाँच मुख वाले (पंचमुखी) को
हनुमतेहनुमान को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. पाँच मुख वाले (पंचमुखी) भगवान हनुमान को नमस्कार। पंचमुखी रूप पाँचों दिशाओं से रक्षा करने वाला अत्यंत शक्तिशाली रक्षक स्वरूप माना जाता है।

लाभ

  • पाँचों दिशाओं से भय व नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
  • संकट, शत्रु-बाधा व तंत्र-बाधा से सुरक्षा मिलती है।
  • साहस व आत्मबल में वृद्धि होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: संध्या, रात्रि व मंगलवार-शनिवार

जप का उत्तम समय

मंगलवार व शनिवार कोरात्रि व संध्याभय या संकट के समय

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

पंचमुखी हनुमान के समक्ष सिंदूर व चमेली के तेल का दीपक अर्पित कर रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। मंगलवार-शनिवार व रात्रि में जप विशेष प्रभावी माना जाता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक पंचमुखी हनुमान मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री हनुमान

Lord Hanuman

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

देवता वर्गशक्ति · भक्ति · रक्षा · साहस · संकटमोचन
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मुख्य मंत्रॐ हं हनुमते नमः
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ॐ नमो भगवते पञ्चवदनाय हनुमते नमः — सामान्य प्रश्न

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