ॐ हं हनुमते नमः

oṃ haṃ hanumate namaḥ

Hanuman Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
मंगलवार व शनिवार
उद्देश्य:रक्षा (Protection)साहस (Courage)भय नाश (Fearlessness)
✓ संपूर्ण

परिचय

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

स्रोत: पारंपरिक हनुमान बीज मंत्र

मंत्र

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ॐ हं हनुमते नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ हं हनुमते नमः॥

oṃ haṃ hanumate namaḥ ||

Om Ham Hanumate Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "हं" को अनुस्वार सहित ("हम्") नासिक्य ध्वनि में बोलें। फिर "ह-नु-म-ते" और अंत में "न-मः"। मंत्र को दृढ़ व निर्भय स्वर में दोहराएँ।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
हंहनुमान का बीजाक्षर
हनुमतेहनुमान को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. श्री हनुमान को नमस्कार। यहाँ "हं" हनुमान जी का बीजाक्षर है, जो उनके बल, भक्ति और रक्षक स्वरूप का प्रतीक है।

लाभ

  • भय, संकट व नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
  • साहस, आत्मबल और निर्भयता बढ़ती है।
  • शनि व मंगल दोष में राहत मिलती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व मंगलवार-शनिवार

जप का उत्तम समय

मंगलवार व शनिवार कोप्रातः व संध्याभय या संकट के समय

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक व सिंदूर अर्पित कर रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। मंगलवार-शनिवार को नित्य जप विशेष फलदायी होता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक हनुमान बीज मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री हनुमान

Lord Hanuman

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

देवता वर्गशक्ति · भक्ति · रक्षा · साहस · संकटमोचन
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मुख्य मंत्रॐ हं हनुमते नमः
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ॐ हं हनुमते नमः — सामान्य प्रश्न

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