श्री गोपाल सहस्रनाम
śrī gopāla sahasranāma
Shri Gopala Sahasranama
श्री गोपाल सहस्रनाम सम्मोहन तंत्र का सहस्रनाम है, जो पार्वती-ईश्वर संवाद के रूप में कहा गया है। नाम "सहस्र" कहता है, किंतु गिनने पर इसमें 1003 नाम मिलते हैं। यहाँ ये नाम 17 खंडों में क्रमबद्ध हैं और पूर्ण पाठ में लगभग एक घंटा लगता है।
परिचय
श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।
स्रोत: श्रीसम्मोहनतन्त्रे पार्वतीश्वरसंवादे; मूल स्तोत्र 142 श्लोकों का
एक नज़र में
| मंत्र / पाठ | श्री गोपाल सहस्रनाम |
|---|---|
| IAST | śrī gopāla sahasranāma |
| देवता | श्री कृष्ण |
| मूल स्रोत | श्रीसम्मोहनतन्त्रे पार्वतीश्वरसंवादे; मूल स्तोत्र 142 श्लोकों का |
| शुभ दिन | जन्माष्टमी; एकादशी; बुधवार |
| पाठ समय | पूर्ण पाठ 45–60 मिनट (अनुमानित) |
| कठिनाई | कठिन (दीर्घ) |
उद्भव / पृष्ठभूमि
श्री गोपाल सहस्रनाम भगवान श्रीकृष्ण के सहस्र नामों का स्तोत्र है, जो सम्मोहन तंत्र से लिया गया है और भगवान शिव तथा माता पार्वती के संवाद के रूप में कहा गया है।
एक बात आरंभ में ही स्पष्ट कर देनी चाहिए: "गोपाल सहस्रनाम" नाम से एक नहीं, कई अलग पाठ प्रचलित हैं — सम्मोहन तंत्र वाला, नारद पञ्चरात्र वाला (जिसे बालकृष्ण सहस्रनाम भी कहते हैं), तथा शाण्डिल्य संहिता वाला। ये एक ही पाठ के भेद नहीं, अलग रचनाएँ हैं। यह पृष्ठ सम्मोहन तंत्र वाले का है, जो सर्वाधिक प्रचलित है।
मूल स्तोत्र 142 श्लोकों का है और उसके पहले भूमिका में शिव पार्वती को बताते हैं कि यह ज्ञान अत्यंत गोपनीय है। स्तोत्र "ॐ क्लीं" बीज से आरंभ होता है — यही इसे अन्य सहस्रनामों से अलग करता है, क्योंकि अधिकांश सहस्रनाम बीज से नहीं, ध्यान-श्लोक से आरंभ होते हैं।
यहाँ मूल स्तोत्र के सभी 142 श्लोक दिए गए हैं, जिनसे 1003 नाम निकलते हैं। तुलना के लिए — इसी संग्रह में विष्णु सहस्रनाम 1015, शिव 1037, दुर्गा 1000, ललिता 998 तथा गणेश 996 नामों का है; कोई भी ठीक 1000 पर नहीं बैठता, क्योंकि समासों को नामों में तोड़ना एक सम्पादकीय निर्णय है।
नाम सूची (Name List)
आरंभिक नाम — गोपाल, जगत्कर्ता व अवतार (नाम 1–75 (श्लोक 1–10))
- 1.देवःस्वयं प्रकाश-स्वरूप देव
- 2.कामदेवःकामदेव के समान मनोहर
- 3.कामबीजशिरोमणिःकाम-बीजों में शिरोमणि
- 4.श्रीगोपालःगौओं का पालन करने वाले श्रीगोपाल
- 5.महीपालःपृथ्वी का पालन करने वाले
- 6.सर्ववेदान्तपारगःसमस्त वेदांत के पार पहुँचे हुए
- 7.कृष्णःश्याम वर्ण; सबको आकर्षित करने वाले
- 8.कमलपत्राक्षःकमल-पत्र के समान नेत्रों वाले
- 9.पुण्डरीकःश्वेत कमल के समान
- 10.सनातनःनित्य व शाश्वत
- 11.गोपतिःगौओं के स्वामी
- 12.भूपतिःपृथ्वी के स्वामी
- 13.शास्ताशासन करने वाले
- 14.प्रहर्तादुष्टों पर प्रहार करने वाले
- 15.विश्वतोमुखःजिनका मुख सब दिशाओं में है
- 16.आदिकर्तासृष्टि के आदि कर्ता
- 17.महाकर्तामहान कर्ता
- 18.महाकालःमहाकाल-स्वरूप
- 19.प्रतापवान्प्रताप से युक्त
- 20.जगज्जीवःजगत् के जीवन-स्वरूप
- 21.जगद्धाताजगत् को धारण करने वाले
- 22.जगद्भर्ताजगत् का भरण-पोषण करने वाले
- 23.जगद्वसुःजगत् के धन-स्वरूप
- 24.मत्स्यःमत्स्य अवतार-स्वरूप
- 25.भीमःभयंकर; शत्रुओं के लिए भीषण
- 26.कुहूभर्ताअमावस्या के भी धारक
- 27.हर्ताहरण करने वाले
- 28.वाराहमूर्तिमान्वराह-मूर्ति धारण करने वाले
- 29.नारायणःसमस्त जीवों के आश्रय
- 30.हृषीकेशःइंद्रियों के स्वामी
- 31.गोविन्दःगौओं व इंद्रियों को प्रसन्न करने वाले
- 32.गरुडध्वजःगरुड़ जिनकी ध्वजा है
- 33.गोकुलेन्द्रःगोकुल के इंद्र अर्थात स्वामी
- 34.महीचन्द्रःपृथ्वी के चंद्रमा
- 35.शर्वरीप्रियकारकःरात्रि को प्रिय बना देने वाले
- 36.कमलामुखलोलाक्षःलक्ष्मी के मुख पर चंचल दृष्टि रखने वाले
- 37.पुण्डरीकःश्वेत कमल-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 38.शुभावहःशुभ लाने वाले
- 39.दुर्वासाःदुर्वासा-स्वरूप
- 40.कपिलःकपिल मुनि-स्वरूप
- 41.भौमःभूमि से उत्पन्न
- 42.सिन्धुसागरसङ्गमःनदी व सागर के संगम-स्वरूप
- 43.गोविन्दःगौओं को प्रसन्न करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 44.गोपतिःगौओं के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 45.गोपःग्वाला; रक्षक
- 46.कालिन्दीप्रेमपूरकःयमुना के प्रेम को पूर्ण करने वाले
- 47.गोपस्वामीग्वालों के स्वामी
- 48.गोकुलेन्द्रःगोकुल के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 49.गोवर्धनवरप्रदःगोवर्धन को वर देने वाले
- 50.नन्दादिगोकुलत्रातानंद आदि समस्त गोकुल की रक्षा करने वाले
- 51.दातादेने वाले
- 52.दारिद्र्यभञ्जनःदरिद्रता का नाश करने वाले
- 53.सर्वमङ्गलदातासमस्त मंगल देने वाले
- 54.सर्वकामप्रदायकःसमस्त कामनाएँ पूर्ण करने वाले
- 55.आदिकर्ताआदि कर्ता (पुनरावृत्त नाम)
- 56.महीभर्तापृथ्वी का भरण करने वाले
- 57.सर्वसागरसिन्धुजःसमस्त सागरों व नदियों से उत्पन्न
- 58.गजगामीगज के समान गंभीर चाल वाले
- 59.गजोद्धारीगजेंद्र का उद्धार करने वाले
- 60.कामीसमस्त कामनाओं के आश्रय
- 61.कामकलानिधिःकाम-कलाओं के निधान
- 62.कलङ्करहितःकलंक से रहित
- 63.चन्द्रःचंद्रमा-स्वरूप
- 64.बिम्बास्यःबिंबा-फल के समान मुख वाले
- 65.बिम्बसत्तमःबिंबों में श्रेष्ठ
- 66.मालाकारःमाला धारण करने वाले
- 67.कृपाकारःकृपा करने वाले
- 68.कोकिलस्वरभूषणःकोयल जैसे स्वर से विभूषित
- 69.रामःराम-स्वरूप; रमण करने वाले
- 70.नीलाम्बरःनील वस्त्र धारण करने वाले (बलराम-स्वरूप)
- 71.देवःदेव-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 72.हलीहल धारण करने वाले
- 73.दुर्दममर्दनःदुर्दम्य शत्रुओं का मर्दन करने वाले
राधा-संबंधी तथा राम-संबंधी नाम (नाम 74–153 (श्लोक 11–20))
- 74.सहस्राक्षपुरीभेत्ताइंद्र की नगरी का भेदन करने वाले
- 75.महामारीविनाशनःमहामारी का नाश करने वाले
- 76.शिवःकल्याण-स्वरूप
- 77.शिवतमःपरम कल्याणकारी
- 78.भेत्ताभेदन करने वाले
- 79.बलारातिप्रपूजकःइंद्र द्वारा भली-भाँति पूजित
- 80.कुमारीवरदायीकुमारियों को वर देने वाले
- 81.वरेण्यःवरण करने योग्य, श्रेष्ठ
- 82.मीनकेतनःमीन-ध्वज वाले (कामदेव-स्वरूप)
- 83.नरःनर-स्वरूप
- 84.नारायणःनारायण-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 85.धीरःधैर्यवान
- 86.राधापतिःश्रीराधा के पति
- 87.उदारधीःउदार बुद्धि वाले
- 88.श्रीपतिःलक्ष्मी के पति
- 89.श्रीनिधिःश्री के निधान
- 90.श्रीमान्श्री से युक्त
- 91.मापतिःलक्ष्मी के स्वामी
- 92.प्रतिराजहाविरोधी राजाओं का नाश करने वाले
- 93.वृन्दापतिःवृंदा (तुलसी) के स्वामी
- 94.कुलग्रामीकुल व ग्राम के आश्रय
- 95.धामीदिव्य धाम वाले
- 96.ब्रह्मब्रह्म-स्वरूप
- 97.सनातनःशाश्वत (पुनरावृत्त नाम)
- 98.रेवतीरमणःरेवती के रमण (बलराम-स्वरूप)
- 99.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 100.प्रियःसबको प्रिय
- 101.चञ्चललोचनःचंचल नेत्रों वाले
- 102.रामायणशरीरःरामायण ही जिनका शरीर है
- 103.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 104.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 105.श्रियःपतिःश्री के पति
- 106.शर्वरःरात्रि-स्वरूप
- 107.शर्वरीरात्रि-रूप
- 108.शर्वःशर्व अर्थात शिव-स्वरूप
- 109.सर्वत्रशुभदायकःसर्वत्र शुभ देने वाले
- 110.राधाराधयिताराधा की आराधना करने वाले
- 111.राधीराधा से युक्त
- 112.राधाचित्तप्रमोदकःराधा के चित्त को प्रमुदित करने वाले
- 113.राधारतिसुखोपेतःराधा के प्रेम-सुख से युक्त
- 114.राधामोहनतत्परःराधा को मोहित करने में तत्पर
- 115.राधावशीकरःराधा को वश में करने वाले
- 116.राधाहृदयाम्भोजषट्पदःराधा के हृदय-कमल के भ्रमर
- 117.राधालिङ्गनसम्मोहःराधा के आलिंगन में मुग्ध
- 118.राधानर्तनकौतुकःराधा के नृत्य में कौतुक रखने वाले
- 119.राधासञ्जातसम्प्रीतःराधा से उत्पन्न प्रीति वाले
- 120.राधाकाम्यफलप्रदःराधा की कामना का फल देने वाले
- 121.वृन्दापतिःवृंदा के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 122.कोशनिधिःकोष के निधान
- 123.कोकशोकविनाशनःचकवा-पक्षी का शोक दूर करने वाले
- 124.चन्द्रापतिःचंद्रावली के पति
- 125.चन्द्रपतिःचंद्रमा के स्वामी
- 126.चण्डकोदण्डभञ्जनःप्रचंड धनुष को तोड़ने वाले
- 127.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 128.दाशरथीदशरथ के पुत्र
- 129.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 130.भृगुवंशसमुद्भवःभृगुवंश में उत्पन्न (परशुराम-स्वरूप)
- 131.आत्मारामःअपने ही आत्मा में रमण करने वाले
- 132.जितक्रोधःक्रोध को जीत लेने वाले
- 133.मोहःमोह-स्वरूप
- 134.मोहान्धभञ्जनःमोह के अंधकार को तोड़ने वाले
- 135.वृषभानुभवःवृषभानु के कुल में भाव रखने वाले
- 136.भावःभाव-स्वरूप
- 137.काश्यपिःकश्यप के वंशज
- 138.करुणानिधिःकरुणा के निधान
- 139.कोलाहलःकोलाहल-स्वरूप
- 140.हलीहल धारण करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 141.हाली
- 142.हेली
- 143.हलधरप्रियःहलधर बलराम के प्रिय
अवतार, यज्ञ व असुर-संहार (नाम 144–221 (श्लोक 21–30))
- 144.राधामुखाब्जमार्तण्डःराधा के मुख-कमल को खिलाने वाले सूर्य
- 145.भास्करःप्रकाश करने वाले
- 146.रविजासूर्य से उत्पन्न
- 147.विधुःचंद्रमा-स्वरूप
- 148.विधिःविधान-स्वरूप
- 149.विधाताविधान करने वाले
- 150.वरुणःवरुण-स्वरूप
- 151.वारुणीप्रियःवारुणी को प्रिय
- 152.रोहिणीहृदयानन्दःमाता रोहिणी के हृदय को आनंद देने वाले
- 153.वसुदेवात्मजःवसुदेव के पुत्र
- 154.बलीबलवान
- 155.नीलाम्बरःनील वस्त्रधारी (पुनरावृत्त नाम)
- 156.रौहिणेयःरोहिणी के पुत्र (बलराम-स्वरूप)
- 157.जरासन्धवधःजरासंध का वध करने वाले
- 158.अमलःनिर्मल
- 159.नागःनाग-स्वरूप
- 160.नवाम्भःनवीन जल के समान
- 161.विरुदःकीर्ति से युक्त
- 162.वीरहावीर असुरों का संहार करने वाले
- 163.वरदःवर देने वाले
- 164.बलीबलवान (पुनरावृत्त नाम)
- 165.गोपथःगौओं का मार्ग
- 166.विजयीसदा विजयी
- 167.विद्वान्ज्ञानी
- 168.शिपिविष्टःकिरणों में व्याप्त (वैदिक विष्णु-नाम)
- 169.सनातनःशाश्वत (पुनरावृत्त नाम)
- 170.परशुरामवचोग्राहीपरशुराम के वचन को स्वीकार करने वाले
- 171.वरग्राहीवर ग्रहण करने वाले
- 172.शृगालहाशृगालवासुदेव का वध करने वाले
- 173.दमघोषोपदेष्टादमघोष को उपदेश देने वाले
- 174.रथग्राहीरथ ग्रहण करने वाले
- 175.सुदर्शनःसुदर्शन चक्रधारी; सुंदर दर्शन वाले
- 176.वीरपत्नीयशस्त्रातावीर-पत्नियों के यश की रक्षा करने वाले
- 177.जराव्याधिविघातकःजरा व व्याधि का नाश करने वाले
- 178.द्वारकावासतत्त्वज्ञःद्वारका-निवास के तत्त्व को जानने वाले
- 179.हुताशनवरप्रदःअग्निदेव को वर देने वाले
- 180.यमुनावेगसंहारीयमुना का वेग शांत करने वाले
- 181.नीलाम्बरधरःनील वस्त्र धारण करने वाले
- 182.प्रभुःसमर्थ स्वामी
- 183.विभुःसर्वव्यापी
- 184.शरासनःधनुष धारण करने वाले
- 185.धन्वीधनुर्धर
- 186.गणेशःगणों के ईश
- 187.गणनायकःगणों के नायक
- 188.लक्ष्मणःलक्ष्मण-स्वरूप
- 189.लक्षणःशुभ लक्षणों से युक्त
- 190.लक्ष्यःलक्ष्य-स्वरूप
- 191.रक्षोवंशविनाशनःराक्षस-वंश का विनाश करने वाले
- 192.वामनःवामन अवतार-स्वरूप
- 193.वामनीभूतःवामन रूप धारण किए हुए
- 194.अवामनःजो वामन नहीं, विराट हैं
- 195.वामनारुहःवामन रूप में आरूढ़
- 196.यशोदानन्दनःयशोदा के नंदन
- 197.कर्ताकर्ता
- 198.यमलार्जुनमुक्तिदःयमलार्जुन वृक्षों को मुक्ति देने वाले
- 199.उलूखलीऊखल से बँधे हुए
- 200.महामानीमहान मान वाले
- 201.दामबद्धाह्वयीरस्सी से बँधे कहलाने वाले (दामोदर)
- 202.शमीशांत-स्वरूप
- 203.भक्तानुकारीभक्तों के अनुसार आचरण करने वाले
- 204.भगवान्षड्गुण-ऐश्वर्य से युक्त
- 205.केशवःसुंदर केशों वाले; केशी का वध करने वाले
- 206.बलधारकःबल धारण करने वाले
- 207.केशिहाकेशी असुर का वध करने वाले
- 208.मधुहामधु असुर का वध करने वाले
- 209.मोहीमोहित करने वाले
- 210.वृषासुरविघातकःवृषासुर (अरिष्टासुर) का वध करने वाले
- 211.अघासुरविनाशीअघासुर का विनाश करने वाले
- 212.पूतनामोक्षदायकःपूतना को मोक्ष देने वाले
- 213.कुब्जाविनोदीकुब्जा के साथ विनोद करने वाले
- 214.भगवान्भगवान (पुनरावृत्त नाम)
- 215.कंसमृत्युःकंस के लिए मृत्यु-स्वरूप
- 216.महामखीमहान यज्ञ-स्वरूप
- 217.अश्वमेधःअश्वमेध यज्ञ-स्वरूप
- 218.वाजपेयःवाजपेय यज्ञ-स्वरूप
- 219.गोमेधःगोमेध यज्ञ-स्वरूप
- 220.नरमेधवान्नरमेध यज्ञ से युक्त
- 221.कन्दर्पकोटिलावण्यःकरोड़ों कामदेवों के समान लावण्य वाले
कोटि-उपमाएँ, राम-लीला व ब्रज-वन (नाम 222–284 (श्लोक 31–40))
- 222.चन्द्रकोटिसुशीतलःकरोड़ों चंद्रमाओं के समान शीतल
- 223.रविकोटिप्रतीकाशःकरोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी
- 224.वायुकोटिमहाबलःकरोड़ों वायुओं के समान बलशाली
- 225.ब्रह्माब्रह्मा-स्वरूप
- 226.ब्रह्माण्डकर्ताब्रह्मांड के रचयिता
- 227.कमलावाञ्छितप्रदःलक्ष्मी की इच्छा पूर्ण करने वाले
- 228.कमलाकमला-स्वरूप
- 229.कमलाक्षःकमल के समान नेत्रों वाले
- 230.कमलामुखलोलुपःलक्ष्मी के मुख पर आसक्त
- 231.कमलाव्रतधारीकमला के व्रत को धारण करने वाले
- 232.कमलाभःकमल के समान आभा वाले
- 233.पुरन्दरःपुरों का भेदन करने वाले
- 234.सौभाग्याधिकचित्तःसौभाग्य से अधिक चित्त वाले
- 235.महामायीमहामाया के स्वामी
- 236.मदोत्कटःउल्लास से भरे हुए
- 237.तारकारिःतारकासुर के शत्रु
- 238.सुरत्रातादेवताओं की रक्षा करने वाले
- 239.मारीचक्षोभकारकःमारीच को क्षुब्ध करने वाले
- 240.विश्वामित्रप्रियःविश्वामित्र को प्रिय
- 241.दान्तःइंद्रियों को वश में रखने वाले
- 242.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 243.राजीवलोचनःकमल के समान नेत्रों वाले
- 244.लङ्काधिपकुलध्वंसीलंकापति रावण के कुल का ध्वंस करने वाले
- 245.विभीषणवरप्रदःविभीषण को वर देने वाले
- 246.सीतानन्दकरःसीता जी को आनंद देने वाले
- 247.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 248.वीरःवीर
- 249.वारिधिबन्धनःसमुद्र पर सेतु बाँधने वाले
- 250.खरदूषणसंहारीखर व दूषण का संहार करने वाले
- 251.साकेतपुरवासवान्साकेत (अयोध्या) में निवास करने वाले
- 252.चन्द्रावलीपतिःचंद्रावली के पति
- 253.कूलःतट-स्वरूप
- 254.केशिकंसवधःकेशी व कंस का वध करने वाले
- 255.अमलःनिर्मल (पुनरावृत्त नाम)
- 256.माधवःमाधव — लक्ष्मी के पति
- 257.मधुहामधु का वध करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 258.माध्वीमधुरता से युक्त
- 259.माध्वीकःमधु-रस-स्वरूप
- 260.माधवःमाधव (पुनरावृत्त नाम)
- 261.विधुःचंद्रमा-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 262.मुञ्जाटवीगाहमानःमुञ्ज वन में विचरण करने वाले
- 263.धेनुकारिःधेनुकासुर के शत्रु
- 264.धरात्मजःपृथ्वी के पुत्र
- 265.वंशीवटविहारीवंशीवट में विहार करने वाले
- 266.गोवर्धनवनाश्रयःगोवर्धन के वन में आश्रय लेने वाले
- 267.तालवनोद्देशीतालवन की ओर जाने वाले
- 268.भाण्डीरवनशङ्खहाभांडीर वन में शंखचूड़ का वध करने वाले
- 269.तृणावर्तकृपाकारीतृणावर्त पर भी कृपा करने वाले
- 270.वृषभानुसुतापतिःवृषभानु-सुता राधा के पति
- 271.राधाप्राणसमःराधा के प्राणों के समान
- 272.राधावदनाब्जमधुव्रतःराधा के मुख-कमल के भ्रमर
- 273.गोपीरञ्जनदैवज्ञःगोपियों को प्रसन्न करना जानने वाले
- 274.लीलाकमलपूजितःलीला-कमल से पूजित
रंग, ऋषि-रूप व यादवेन्द्र (नाम 275–348 (श्लोक 41–50))
- 275.क्रीडाकमलसन्दोहःक्रीड़ा-कमलों के समूह वाले
- 276.गोपिकाप्रीतिरञ्जनःगोपिकाओं की प्रीति को रंजित करने वाले
- 277.रञ्जकःरंजित करने वाले
- 278.रञ्जनःआनंद देने वाले
- 279.रङ्गःरंग-स्वरूप
- 280.रङ्गीरंग से युक्त
- 281.रङ्गमहीरुहःरंग-भूमि के वृक्ष-स्वरूप
- 282.कामःकाम-स्वरूप
- 283.कामारिभक्तःकामारि शिव के भक्त
- 284.पुराणपुरुषःपुरातन पुरुष
- 285.कविःकवि; क्रांतदर्शी
- 286.नारदःनारद-स्वरूप
- 287.देवलःदेवल मुनि-स्वरूप
- 288.भीमःभीषण (पुनरावृत्त नाम)
- 289.बालःबाल-स्वरूप
- 290.बालमुखाम्बुजःबालक के मुख-कमल वाले
- 291.अम्बुजःकमल-स्वरूप
- 292.ब्रह्मसाक्षीब्रह्म के साक्षी
- 293.योगीपरम योगी
- 294.दत्तवरःवर देने वाले
- 295.मुनिःमननशील मुनि-स्वरूप
- 296.ऋषभःश्रेष्ठ; ऋषभ-स्वरूप
- 297.पर्वतःपर्वत-स्वरूप
- 298.ग्रामःग्राम-स्वरूप
- 299.नदीपवनवल्लभःनदियों व वायु को प्रिय
- 300.पद्मनाभःजिनकी नाभि से कमल उत्पन्न हुआ
- 301.सुरज्येष्ठीदेवताओं में ज्येष्ठ
- 302.ब्रह्माब्रह्मा-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 303.रुद्रःरुद्र-स्वरूप
- 304.अहिभूषितःसर्पों से विभूषित
- 305.गणानां त्राणकर्तागणों की रक्षा करने वाले
- 306.गणेशःगणों के ईश (पुनरावृत्त नाम)
- 307.ग्रहिलःग्रहण करने वाले
- 308.ग्रहीग्रहण-शील
- 309.गणाश्रयःगणों के आश्रय
- 310.गणाध्यक्षःगणों के अध्यक्ष
- 311.क्रोडीकृतजगत्त्रयःतीनों लोकों को गोद में समेटे हुए
- 312.यादवेन्द्रःयादवों के इंद्र
- 313.द्वारकेन्द्रःद्वारका के स्वामी
- 314.मथुरावल्लभःमथुरा को प्रिय
- 315.धुरीभार वहन करने वाले
- 316.भ्रमरःभ्रमर-स्वरूप
- 317.कुन्तलीघुँघराले केशों वाले
- 318.कुन्तीसुतरक्षःकुंती-पुत्रों की रक्षा करने वाले
- 319.महामखीमहायज्ञ-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 320.यमुनावरदातायमुना को वर देने वाले
- 321.काश्यपस्य वरप्रदःकश्यप को वर देने वाले
- 322.शङ्खचूडवधोद्दामःशंखचूड़ के वध में उद्यत
- 323.गोपीरक्षणतत्परःगोपियों की रक्षा में तत्पर
- 324.पाञ्चजन्यकरःहाथ में पांचजन्य शंख धारण करने वाले
- 325.रामीरमण करने वाले
- 326.त्रिरामीतीनों राम-स्वरूप
- 327.वनजःवन में उत्पन्न; कमल-स्वरूप
- 328.जयःविजय-स्वरूप
- 329.फाल्गुनःअर्जुन-स्वरूप
- 330.फाल्गुनसखःअर्जुन के सखा
- 331.विराधवधकारकःविराध का वध करने वाले
- 332.रुक्मिणीप्राणनाथःरुक्मिणी के प्राणनाथ
- 333.सत्यभामाप्रियङ्करःसत्यभामा को प्रिय करने वाले
- 334.कल्पवृक्षःकल्पवृक्ष-स्वरूप
- 335.महावृक्षःमहान वृक्ष-स्वरूप
- 336.दानवृक्षःदान का वृक्ष
- 337.महाफलःमहान फल देने वाले
- 338.अङ्कुशःअंकुश-स्वरूप; नियंत्रण करने वाले
- 339.भूसुरःभूदेव अर्थात ब्राह्मण-स्वरूप
- 340.भावःभाव-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 341.भ्रामकःभ्रमण कराने वाले
- 342.भामकःतेज से युक्त
- 343.हरिःपाप हरने वाले
- 344.सरलःसरल-स्वभाव
- 345.शाश्वतःसदा रहने वाले
- 346.वीरःवीर (पुनरावृत्त नाम)
- 347.यदुवंशीयदुवंश में उत्पन्न
- 348.शिवात्मकःशिव-स्वरूप
सूर्य-अग्नि रूप तथा नदी-नाम (नाम 349–397 (श्लोक 51–57))
- 349.प्रद्युम्नःप्रद्युम्न-स्वरूप
- 350.बलकर्ताबल प्रदान करने वाले
- 351.प्रहर्ताप्रहार करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 352.दैत्यहादैत्यों का संहार करने वाले
- 353.प्रभुःसमर्थ स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 354.महाधनीमहान धन के स्वामी
- 355.महावीरःमहान वीर
- 356.वनमालाविभूषणःवनमाला से विभूषित
- 357.तुलसीदामशोभाढ्यःतुलसी-माला की शोभा से युक्त
- 358.जालन्धरविनाशनःजालंधर का विनाश करने वाले
- 359.शूरःशूरवीर
- 360.सूर्यःसूर्य-स्वरूप
- 361.मृतण्डःमार्तण्ड अर्थात सूर्य
- 362.भास्करःप्रकाश करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 363.विश्वपूजितःसमस्त विश्व द्वारा पूजित
- 364.रविःरवि-स्वरूप
- 365.तमोहाअंधकार का नाश करने वाले
- 366.वह्निःअग्नि-स्वरूप
- 367.बाडवःबड़वानल-स्वरूप
- 368.वडवानलःसमुद्र में स्थित वडवानल
- 369.दैत्यदर्पविनाशीदैत्यों के दर्प का नाश करने वाले
- 370.गरुडःगरुड़-स्वरूप
- 371.गरुडाग्रजःगरुड़ के अग्रज
- 372.गोपीनाथःगोपियों के नाथ
- 373.महानाथःमहान नाथ
- 374.वृन्दानाथःवृंदा के नाथ
- 375.अविरोधकःकिसी का विरोध न करने वाले
- 376.प्रपञ्चीप्रपंच के स्वामी
- 377.पञ्चरूपःपाँच रूपों वाले
- 378.लतागुल्मःलता व गुल्म-स्वरूप
- 379.गोपतिःगौओं के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 380.गङ्गागंगा-स्वरूप
- 381.यमुनारूपःयमुना-स्वरूप
- 382.गोदागोदावरी-स्वरूप
- 383.वेत्रवतीवेत्रवती (बेतवा) नदी-स्वरूप
- 384.कावेरीकावेरी नदी-स्वरूप
- 385.नर्मदानर्मदा नदी-स्वरूप
- 386.ताप्तीताप्ती नदी-स्वरूप
- 387.गण्डकीगंडकी नदी-स्वरूप
- 388.सरयूःसरयू नदी-स्वरूप
- 389.राजसःरजोगुण-स्वरूप
- 390.तामसःतमोगुण-स्वरूप
- 391.सत्त्वीसत्त्वगुण से युक्त
- 392.सर्वाङ्गीसमस्त अंगों वाले
- 393.सर्वलोचनःसर्वत्र नेत्र वाले
- 394.सुधामयःअमृतमय
- 395.अमृतमयःअमृत से पूर्ण
- 396.योगिनीवल्लभःयोगिनियों को प्रिय
- 397.शिवःकल्याण-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
हंस, वृषाकपि व वर्धन-नाम (नाम 398–497 (श्लोक 58–67))
- 398.बुद्धःबुद्ध अवतार-स्वरूप
- 399.बुद्धिमतां श्रेष्ठःबुद्धिमानों में श्रेष्ठ
- 400.विष्णुःसर्वव्यापी
- 401.जिष्णुःसदा विजयशील
- 402.शचीपतिःशची के पति इंद्र-स्वरूप
- 403.वंशीवंशी धारण करने वाले
- 404.वंशधरःवंश को धारण करने वाले
- 405.लोकःलोक-स्वरूप
- 406.विलोकःलोक से परे
- 407.मोहनाशनःमोह का नाश करने वाले
- 408.रवरावःगंभीर नाद करने वाले
- 409.रवःनाद-स्वरूप
- 410.रावःध्वनि-स्वरूप
- 411.बलःबल-स्वरूप
- 412.बालबलाहकःबालक-रूप मेघ
- 413.शिवःकल्याण-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 414.रुद्रःरुद्र-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 415.नलःनल-स्वरूप
- 416.नीलःनील वर्ण वाले
- 417.लाङ्गलीहल धारण करने वाले
- 418.लाङ्गलाश्रयःहल के आश्रय
- 419.पारदःपार पहुँचाने वाले
- 420.पावनःपवित्र करने वाले
- 421.हंसःहंस-स्वरूप; परमहंस
- 422.हंसारूढःहंस पर आरूढ़
- 423.जगत्पतिःजगत् के स्वामी
- 424.मोहिनीमोहनःमोहिनी को भी मोहित करने वाले
- 425.मायीमाया के स्वामी
- 426.महामायःमहामाया-स्वरूप
- 427.महामखीमहायज्ञ-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 428.वृषःधर्म-स्वरूप वृष
- 429.वृषाकपिःवृषाकपि — वैदिक विष्णु-नाम
- 430.कालःकाल-स्वरूप
- 431.कालीदमनकारकःकालिय नाग का दमन करने वाले
- 432.कुब्जाभाग्यप्रदःकुब्जा को सौभाग्य देने वाले
- 433.वीरःवीर (पुनरावृत्त नाम)
- 434.रजकक्षयकारकःकंस के रजक का अंत करने वाले
- 435.कोमलःकोमल-स्वरूप
- 436.वारुणःवरुण-संबंधी
- 437.राजाराजा-स्वरूप
- 438.जलजःजल में उत्पन्न; कमल
- 439.जलधारकःजल को धारण करने वाले
- 440.हारकःहरण करने वाले
- 441.सर्वपापघ्नःसमस्त पापों का नाश करने वाले
- 442.परमेष्ठीसर्वोच्च स्थान पर स्थित
- 443.पितामहःसबके पितामह
- 444.खड्गधारीखड्ग धारण करने वाले
- 445.कृपाकारीकृपा करने वाले
- 446.राधारमणसुन्दरःराधा के रमण, परम सुंदर
- 447.द्वादशारण्यसम्भोगीब्रज के बारह वनों में विहार करने वाले
- 448.शेषनागफणालयःशेषनाग के फणों पर निवास करने वाले
- 449.कामःकाम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 450.श्यामःश्याम वर्ण वाले
- 451.सुखश्रीदःसुख व श्री देने वाले
- 452.श्रीपतिःलक्ष्मी के पति (पुनरावृत्त नाम)
- 453.श्रीनिधिःश्री के निधान (पुनरावृत्त नाम)
- 454.कृतीकृतकृत्य; निपुण
- 455.हरिःपाप हरने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 456.नारायणःनारायण (पुनरावृत्त नाम)
- 457.नारःजल-स्वरूप
- 458.नरोत्तमःपुरुषों में उत्तम
- 459.इषुप्रियःबाण को प्रिय मानने वाले
- 460.गोपालीचित्तहर्तागोपियों का चित्त हरने वाले
- 461.कर्ताकर्ता (पुनरावृत्त नाम)
- 462.संसारतारकःसंसार से तारने वाले
- 463.आदिदेवःआदि देव
- 464.महादेवःमहादेव-स्वरूप
- 465.गौरीगुरुःगौरी के गुरु
- 466.अनाश्रयःजिन्हें किसी आश्रय की आवश्यकता नहीं
- 467.साधुःसाधु-स्वरूप
- 468.मधुःमधु के समान मधुर
- 469.विधुःचंद्रमा-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 470.धाताधारण करने वाले
- 471.त्रातारक्षा करने वाले
- 472.अक्रूरपरायणःअक्रूर के परायण
- 473.रोलम्बीभ्रमर-सदृश
- 474.हयग्रीवःहयग्रीव अवतार-स्वरूप
- 475.वानरारिःवानरों के शत्रु का नाश करने वाले
- 476.वनाश्रयःवन में आश्रय लेने वाले
- 477.वनम्वन-स्वरूप
- 478.वनीवन से युक्त
- 479.वनाध्यक्षःवनों के अध्यक्ष
- 480.महावन्द्यःअत्यंत वंदनीय
- 481.महामुनिःमहान मुनि-स्वरूप
- 482.स्यमन्तकमणिप्राज्ञःस्यमंतक मणि के प्रकरण को जानने वाले
- 483.विज्ञःविशेष ज्ञान वाले
- 484.विघ्नविघातकःविघ्नों का नाश करने वाले
- 485.गोवर्धनःगोवर्धन-स्वरूप
- 486.वर्धनीयःबढ़ाने योग्य
- 487.वर्धनःवृद्धि करने वाले
- 488.वर्धनप्रियःवृद्धि को प्रिय मानने वाले
- 489.वर्धन्यःवृद्धि के योग्य
- 490.वर्धनःवृद्धि करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 491.वर्धीवृद्धिशील
- 492.वार्द्धिष्णुःसदा बढ़ते रहने वाले
- 493.सुमुखप्रियःसुमुख जनों को प्रिय
- 494.वर्धितःवृद्धि को प्राप्त
- 495.वृद्धकःवृद्ध-स्वरूप
- 496.वृद्धःपुरातन
- 497.वृन्दारकजनप्रियःदेवगणों को प्रिय
ऋषि-रूप, शुभ-नाम तथा बीजाक्षर-सदृश नाम (नाम 498–605 (श्लोक 68–79))
- 498.गोपालरमणीभर्तागोपांगनाओं का भरण करने वाले
- 499.साम्बकुष्ठविनाशकःसाम्ब के कुष्ठ का नाश करने वाले
- 500.रुक्मिणीहरणःरुक्मिणी का हरण करने वाले
- 501.प्रेमप्रेम-स्वरूप
- 502.प्रेमीप्रेम करने वाले
- 503.चन्द्रावलीपतिःचंद्रावली के पति (पुनरावृत्त नाम)
- 504.श्रीकर्ताश्री की रचना करने वाले
- 505.विश्वभर्ताविश्व का भरण करने वाले
- 506.नरःनर-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 507.नारायणःनारायण (पुनरावृत्त नाम)
- 508.बलीबलवान (पुनरावृत्त नाम)
- 509.गणःगण-स्वरूप
- 510.गणपतिःगणों के पति
- 511.दत्तात्रेयःदत्तात्रेय-स्वरूप
- 512.महामुनिःमहान मुनि (पुनरावृत्त नाम)
- 513.व्यासःवेदव्यास-स्वरूप
- 514.नारायणःनारायण (पुनरावृत्त नाम)
- 515.दिव्यःदिव्य-स्वरूप
- 516.भव्यःभव्य; कल्याणकारी
- 517.भावुकधारकःशुभ भाव धारण करने वाले
- 518.श्वःश्रेयसम्आगामी कल्याण-स्वरूप
- 519.शिवम्कल्याण-स्वरूप
- 520.भद्रम्भद्र अर्थात मंगल-स्वरूप
- 521.भावुकम्शुभ भाव-स्वरूप
- 522.भाविकम्भावी कल्याण-स्वरूप
- 523.शुभम्शुभ-स्वरूप
- 524.शुभात्मकःशुभ-स्वभाव वाले
- 525.शुभःशुभ
- 526.शास्ताशासन करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 527.प्रशास्ताभली-भाँति शासन करने वाले
- 528.मेघनादहामेघनाद का वध करने वाले
- 529.ब्रह्मण्यदेवःब्राह्मणों के हितकारी देव
- 530.दीनानामुद्धारकरणक्षमःदीनों का उद्धार करने में समर्थ
- 531.कृष्णःकृष्ण (पुनरावृत्त नाम)
- 532.कमलपत्राक्षःकमल-पत्र सदृश नेत्रों वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 533.कृष्णःकृष्ण (पुनरावृत्त नाम)
- 534.कमललोचनःकमल-नयन
- 535.कृष्णःकृष्ण (पुनरावृत्त नाम)
- 536.कामीकामनाओं के आश्रय (पुनरावृत्त नाम)
- 537.सदाकृष्णःसदा कृष्ण-स्वरूप
- 538.समस्तप्रियकारकःसबका प्रिय करने वाले
- 539.नन्दःआनंद-स्वरूप
- 540.नन्दीआनंदित करने वाले
- 541.महानन्दीमहान आनंद देने वाले
- 542.मादी
- 543.मादनकः
- 544.किली
- 545.मिली
- 546.हिली
- 547.गिली
- 548.गोली
- 549.गोलः
- 550.गोलालयः
- 551.गुली
- 552.गुग्गुली
- 553.मारकी
- 554.शाखीशाखाओं वाले; वृक्ष-स्वरूप
- 555.वटःवट वृक्ष-स्वरूप
- 556.पिप्पलकःपीपल वृक्ष-स्वरूप
- 557.कृतीनिपुण (पुनरावृत्त नाम)
- 558.म्लेच्छहाम्लेच्छों का नाश करने वाले
- 559.कालहर्ताकाल को हरने वाले
- 560.यशोदायशःयशोदा का यश-स्वरूप
- 561.अच्युतःजो अपने स्वरूप से कभी च्युत न हों
- 562.केशवःकेशव (पुनरावृत्त नाम)
- 563.विष्णुःसर्वव्यापी (पुनरावृत्त नाम)
- 564.हरिःपाप हरने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 565.सत्यःसत्य-स्वरूप
- 566.जनार्दनःजनों के आर्त-नाशक
- 567.हंसःहंस-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 568.नारायणःनारायण (पुनरावृत्त नाम)
- 569.लीलःलीला-स्वरूप
- 570.नीलःनील वर्ण (पुनरावृत्त नाम)
- 571.भक्तिपरायणःभक्ति के परायण
- 572.जानकीवल्लभःजानकी के वल्लभ
- 573.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 574.विरामःविश्राम-स्वरूप
- 575.विघ्ननाशनःविघ्नों का नाश करने वाले
- 576.सहभानुःसूर्य के सहित
- 577.महाभानुःमहान तेज वाले
- 578.वीरबाहुःवीर भुजाओं वाले
- 579.महोदधिःमहासागर-स्वरूप
- 580.समुद्रःसमुद्र-स्वरूप
- 581.अब्धिःजल के आधार
- 582.अकूपारःअपार समुद्र
- 583.पारावारःदोनों तटों वाला सागर
- 584.सरित्पतिःनदियों के पति अर्थात समुद्र
- 585.गोकुलानन्दकारीगोकुल को आनंद देने वाले
- 586.प्रतिज्ञापरिपालकःप्रतिज्ञा का पालन करने वाले
- 587.सदारामःसदा रमण करने वाले
- 588.कृपारामःकृपा में रमने वाले
- 589.महारामःमहान राम
- 590.धनुर्धरःधनुष धारण करने वाले
- 591.पर्वतःपर्वत-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 592.पर्वताकारःपर्वत के समान आकार वाले
- 593.गयःगय-स्वरूप
- 594.गेयःगाने योग्य
- 595.द्विजप्रियःब्राह्मणों को प्रिय
- 596.कम्बलाश्वतरःकम्बल व अश्वतर नागों से संबंधित
- 597.रामःराम-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 598.रामायणप्रवर्तकःरामायण के प्रवर्तक
- 599.द्यौःद्युलोक-स्वरूप
- 600.दिवःस्वर्ग-स्वरूप
- 601.दिवसःदिन-स्वरूप
- 602.दिव्यःदिव्य (पुनरावृत्त नाम)
- 603.भव्यःभव्य (पुनरावृत्त नाम)
- 604.भावीभविष्य-स्वरूप
- 605.भयापहःभय को दूर करने वाले
वेदांत-नाम — निर्गुण, निराकार व परमेश्वर (नाम 606–696 (श्लोक 80–90))
- 606.पार्वतीभाग्यसहितःपार्वती के सौभाग्य से युक्त
- 607.भर्ताभरण-पोषण करने वाले
- 608.लक्ष्मीविलासवान्लक्ष्मी के विलास से युक्त
- 609.विलासीविलास करने वाले
- 610.साहसीसाहसी
- 611.सर्वीसर्व-स्वरूप
- 612.गर्वीगौरव से युक्त
- 613.गर्वितलोचनःगर्व-भरे नेत्रों वाले
- 614.मुरारिःमुर दैत्य के शत्रु (पुनरावृत्त नाम)
- 615.लोकधर्मज्ञःलोक-धर्म को जानने वाले
- 616.जीवनःजीवन-स्वरूप
- 617.जीवनान्तकःजीवन का अंत करने वाले
- 618.यमःयम-स्वरूप; संयम-स्वरूप
- 619.यमादियमनःयम आदि का भी नियमन करने वाले
- 620.यामीप्रहरों के स्वामी
- 621.यामविधायकःप्रहरों का विधान करने वाले
- 622.वसुली
- 623.पांसुली
- 624.पांसुःरज-स्वरूप
- 625.पाण्डुरर्जुनवल्लभःपाण्डु-पुत्र अर्जुन को प्रिय
- 626.ललिताललित-स्वरूप
- 627.चन्द्रिकामालीचाँदनी की माला धारण करने वाले
- 628.मालीमाला धारण करने वाले
- 629.मालाम्बुजाश्रयःकमल-माला के आश्रय
- 630.अम्बुजाक्षःकमल-नयन
- 631.महायज्ञःमहायज्ञ-स्वरूप
- 632.दक्षःनिपुण
- 633.चिन्तामणिःचिंतामणि-स्वरूप; मनोरथ पूर्ण करने वाले
- 634.प्रभुःसमर्थ स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 635.मणिःमणि-स्वरूप
- 636.दिनमणिःदिन के मणि अर्थात सूर्य
- 637.केदारःकेदार-स्वरूप
- 638.बदरीश्रयःबदरी में आश्रय लेने वाले
- 639.बदरीवनसम्प्रीतःबदरी-वन में प्रसन्न रहने वाले
- 640.व्यासःव्यास-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 641.सत्यवतीसुतःसत्यवती के पुत्र
- 642.अमरारिनिहन्तादेवताओं के शत्रुओं का नाश करने वाले
- 643.सुधासिन्धुविधूदयःअमृत-सागर से उदित चंद्रमा
- 644.चन्द्रःचंद्र-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 645.रविःसूर्य-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 646.शिवःकल्याण-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 647.शूलीत्रिशूल धारण करने वाले
- 648.चक्रीचक्र धारण करने वाले
- 649.गदाधरःगदा धारण करने वाले
- 650.श्रीकर्ताश्री की रचना करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 651.श्रीपतिःलक्ष्मी के पति (पुनरावृत्त नाम)
- 652.श्रीदःश्री प्रदान करने वाले
- 653.श्रीदेवःश्री के देव
- 654.देवकीसुतःदेवकी के पुत्र
- 655.श्रीपतिःलक्ष्मी के पति (पुनरावृत्त नाम)
- 656.पुण्डरीकाक्षःश्वेत कमल के समान नेत्रों वाले
- 657.पद्मनाभःकमल-नाभि वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 658.जगत्पतिःजगत् के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 659.वासुदेवःवसुदेव-पुत्र; सर्वत्र वास करने वाले
- 660.अप्रमेयात्माजिनका आत्मा प्रमाण से परे है
- 661.केशवःकेशव (पुनरावृत्त नाम)
- 662.गरुडध्वजःगरुड़-ध्वज वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 663.नारायणःनारायण (पुनरावृत्त नाम)
- 664.परं धामपरम धाम-स्वरूप
- 665.देवदेवःदेवों के भी देव
- 666.महेश्वरःमहान ईश्वर
- 667.चक्रपाणिःहाथ में चक्र धारण करने वाले
- 668.कलापूर्णःसमस्त कलाओं से पूर्ण
- 669.वेदवेद्यःवेदों द्वारा जानने योग्य
- 670.दयानिधिःदया के निधान
- 671.भगवान्भगवान (पुनरावृत्त नाम)
- 672.सर्वभूतेशःसमस्त प्राणियों के ईश
- 673.गोपालःगौओं का पालन करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 674.सर्वपालकःसबका पालन करने वाले
- 675.अनन्तःअनंत (पुनरावृत्त नाम)
- 676.निर्गुणःतीनों गुणों से परे
- 677.नित्यःनित्य
- 678.निर्विकल्पःविकल्प से रहित
- 679.निरञ्जनःनिर्लेप (पुनरावृत्त नाम)
- 680.निराधारःजिन्हें किसी आधार की आवश्यकता नहीं
- 681.निराकारःआकार से रहित
- 682.निराभासःआभास से रहित
- 683.निराश्रयःआश्रय से रहित; स्वयं-आश्रित
- 684.पुरुषःपुरुष-स्वरूप
- 685.प्रणवातीतःॐकार से भी परे
- 686.मुकुन्दःमुक्ति देने वाले
- 687.परमेश्वरःपरम ईश्वर
- 688.क्षणावनिःक्षण भर में रक्षा करने वाले
- 689.सार्वभौमःसमस्त भूमि के स्वामी
- 690.वैकुण्ठःवैकुंठ-स्वरूप
- 691.भक्तवत्सलःभक्तों पर वात्सल्य रखने वाले
- 692.विष्णुःसर्वव्यापी (पुनरावृत्त नाम)
- 693.दामोदरःजिनके उदर पर रस्सी बाँधी गई
- 694.कृष्णःकृष्ण (पुनरावृत्त नाम)
- 695.माधवःमाधव (पुनरावृत्त नाम)
- 696.मथुरापतिःमथुरा के स्वामी
सङ्कर्षण, निर्वाण-नायक व आयुध-नाम (नाम 697–732 (श्लोक 91–95))
- 697.देवकीगर्भसम्भूतःदेवकी के गर्भ से उत्पन्न
- 698.यशोदावत्सलःयशोदा के वात्सल्य के पात्र
- 699.हरिःपाप हरने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 700.शिवःकल्याण-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 701.सङ्कर्षणःखींचकर लाए गए — बलराम का नाम
- 702.शम्भुःकल्याण उत्पन्न करने वाले
- 703.भूतनाथःसमस्त प्राणियों के नाथ
- 704.दिवस्पतिःद्युलोक के स्वामी
- 705.अव्ययःजिनका कभी क्षय न हो
- 706.सर्वधर्मज्ञःसमस्त धर्मों को जानने वाले
- 707.निर्मलःनिर्मल
- 708.निरुपद्रवःउपद्रव से रहित
- 709.निर्वाणनायकःमोक्ष के नायक
- 710.नित्यःनित्य (पुनरावृत्त नाम)
- 711.नीलजीमूतसन्निभःनील मेघ के समान
- 712.कलाक्षयःकलाओं का क्षय करने वाले
- 713.सर्वज्ञःसब कुछ जानने वाले
- 714.कमलारूपतत्परःलक्ष्मी के रूप में तत्पर
- 715.हृषीकेशःइंद्रियों के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 716.पीतवासाःपीत वस्त्र धारण करने वाले
- 717.वसुदेवप्रियात्मजःवसुदेव के प्रिय पुत्र
- 718.नन्दगोपकुमारार्यःनंद गोप के श्रेष्ठ कुमार
- 719.नवनीताशनःमाखन खाने वाले
- 720.विभुःसर्वव्यापी (पुनरावृत्त नाम)
- 721.पुराणपुरुषःपुरातन पुरुष (पुनरावृत्त नाम)
- 722.श्रेष्ठःसर्वश्रेष्ठ
- 723.शङ्खपाणिःहाथ में शंख धारण करने वाले
- 724.सुविक्रमःउत्तम पराक्रम वाले
- 725.अनिरुद्धःजिन्हें कोई रोक न सके; अनिरुद्ध-स्वरूप
- 726.चक्ररथःचक्र ही जिनका रथ है
- 727.शार्ङ्गपाणिःशार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- 728.चतुर्भुजःचार भुजाओं वाले
- 729.गदाधरःगदा धारण करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 730.सुरार्तिघ्नःदेवताओं की पीड़ा हरने वाले
- 731.गोविन्दःगोविंद (पुनरावृत्त नाम)
- 732.नन्दकायुधःनंदक खड्ग धारण करने वाले
असुर-संहार तथा अन्तर्यामी-नाम (नाम 733–786 (श्लोक 96–103))
- 733.वृन्दावनचरःवृंदावन में विचरण करने वाले
- 734.शौरिःशूरसेन के वंशज
- 735.वेणुवाद्यविशारदःवेणु-वादन में निपुण
- 736.तृणावर्तान्तकःतृणावर्त का अंत करने वाले
- 737.भीमसाहसीभीषण साहस वाले
- 738.बहुविक्रमःअनेक पराक्रम वाले
- 739.शकटासुरसंहारीशकटासुर का संहार करने वाले
- 740.बकासुरविनाशनःबकासुर का विनाश करने वाले
- 741.धेनुकासुरसंहारीधेनुकासुर का संहार करने वाले
- 742.पूतनारिःपूतना के शत्रु
- 743.नृकेसरीनरसिंह-स्वरूप
- 744.पितामहःसबके पितामह (पुनरावृत्त नाम)
- 745.गुरुःगुरु-स्वरूप
- 746.साक्षात्प्रत्यक्ष-स्वरूप
- 747.प्रत्यगात्माअंतरात्मा-स्वरूप
- 748.सदाशिवःसदा कल्याणकारी
- 749.अप्रमेयःप्रमाण से परे
- 750.प्रभुःसमर्थ स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 751.प्राज्ञःप्रकृष्ट ज्ञान वाले
- 752.अप्रतर्क्यःतर्क से परे
- 753.स्वप्नवर्धनःस्वप्न को बढ़ाने वाले
- 754.धन्यःधन्य-स्वरूप
- 755.मान्यःमाननीय
- 756.भवःसंसार-स्वरूप
- 757.भावःभाव-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 758.धीरःधैर्यवान (पुनरावृत्त नाम)
- 759.शान्तःशांत-स्वरूप
- 760.जगद्गुरुःसमस्त जगत् के गुरु
- 761.अन्तर्यामीसबके भीतर स्थित नियंता
- 762.ईश्वरःईश्वर-स्वरूप
- 763.दिव्यःदिव्य (पुनरावृत्त नाम)
- 764.दैवज्ञःदैव को जानने वाले
- 765.देवसंस्तुतःदेवताओं द्वारा भली-भाँति स्तुत
- 766.क्षीराब्धिशयनःक्षीरसागर में शयन करने वाले
- 767.धाताधारण करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 768.लक्ष्मीवान्लक्ष्मी से युक्त
- 769.लक्ष्मणाग्रजःलक्ष्मण के अग्रज
- 770.धात्रीपतिःपृथ्वी के पति
- 771.अमेयात्माअपरिमेय आत्मा वाले
- 772.चन्द्रशेखरपूजितःचंद्रशेखर शिव द्वारा पूजित
- 773.लोकसाक्षीसमस्त लोकों के साक्षी
- 774.जगच्चक्षुःजगत् के नेत्र-स्वरूप
- 775.पुण्यचारित्रकीर्तनःजिनके पुण्य चरित्र का कीर्तन होता है
- 776.कोटिमन्मथसौन्दर्यःकरोड़ों कामदेवों के समान सौंदर्य वाले
- 777.जगन्मोहनविग्रहःजगत् को मोहित करने वाला विग्रह
- 778.मन्दस्मिताननःमंद मुस्कान वाले मुख से युक्त
- 779.गोपःग्वाला; रक्षक (पुनरावृत्त नाम)
- 780.गोपिकापरिवेष्टितःगोपिकाओं से घिरे हुए
- 781.फुल्लारविन्दनयनःखिले कमल के समान नेत्रों वाले
- 782.चाणूरान्ध्रनिषूदनःचाणूर व अंध्र मल्लों का वध करने वाले
- 783.इन्दीवरदलश्यामःनील-कमल के दल के समान श्यामल
- 784.बर्हिबर्हावतंसकःमोरपंख को शिरोभूषण बनाने वाले
- 785.मुरलीनिनदाह्लादःमुरली की ध्वनि से आह्लाद देने वाले
- 786.दिव्यमाल्याम्बरावृतःदिव्य माला व वस्त्रों से आवृत
स्वरूप-वर्णन — कपोल से चरण तक (नाम 787–808 (श्लोक 104–107))
- 787.सुकपोलयुगःसुंदर दोनों कपोलों वाले
- 788.सुभ्रूयुगलःसुंदर दोनों भौंहों वाले
- 789.सुललाटकःसुंदर ललाट वाले
- 790.कम्बुग्रीवःशंख के समान ग्रीवा वाले
- 791.विशालाक्षःविशाल नेत्रों वाले
- 792.लक्ष्मीवान्लक्ष्मी से युक्त (पुनरावृत्त नाम)
- 793.शुभलक्षणःशुभ लक्षणों वाले
- 794.पीनवक्षाःविशाल वक्षःस्थल वाले
- 795.चतुर्बाहुःचार भुजाओं वाले
- 796.चतुर्मूर्तिःचार मूर्तियों वाले (वासुदेव, सङ्कर्षण, प्रद्युम्न, अनिरुद्ध)
- 797.त्रिविक्रमःतीन पग में तीनों लोक नापने वाले
- 798.कलङ्करहितःकलंक से रहित (पुनरावृत्त नाम)
- 799.शुद्धःशुद्ध-स्वरूप
- 800.दुष्टशत्रुनिबर्हणःदुष्ट शत्रुओं का नाश करने वाले
- 801.किरीटकुण्डलधरःकिरीट व कुंडल धारण करने वाले
- 802.कटकाङ्गदमण्डितःकड़े व बाजूबंद से मंडित
- 803.मुद्रिकाभरणोपेतःअंगूठी आदि आभूषणों से युक्त
- 804.कटिसूत्रविराजितःकटि-सूत्र से सुशोभित
- 805.मञ्जीररञ्जितपदःनूपुरों से रंजित चरणों वाले
- 806.सर्वाभरणभूषितःसमस्त आभूषणों से विभूषित
- 807.विन्यस्तपादयुगलःदोनों चरण सुंदर ढंग से रखे हुए
- 808.दिव्यमङ्गलविग्रहःदिव्य व मंगलमय विग्रह वाले
द्वारका-लीला तथा रानियों के नाम (नाम 809–848 (श्लोक 108–115))
- 809.गोपिकानयनानन्दःगोपिकाओं के नेत्रों को आनंद देने वाले
- 810.पूर्णचन्द्रनिभाननःपूर्ण चंद्रमा के समान मुख वाले
- 811.समस्तजगदानन्दःसमस्त जगत् को आनंद देने वाले
- 812.सुन्दरःपरम सुंदर
- 813.लोकनन्दनःलोकों को आनंदित करने वाले
- 814.यमुनातीरसञ्चारीयमुना-तट पर विचरण करने वाले
- 815.राधामन्मथवैभवःराधा के प्रति प्रेम-वैभव वाले
- 816.गोपनारीप्रियःगोप-नारियों को प्रिय
- 817.दान्तःइंद्रियों को वश में रखने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 818.गोपीवस्त्रापहारकःगोपियों के वस्त्र हरने वाले
- 819.शृङ्गारमूर्तिःशृंगार की मूर्ति
- 820.श्रीधामाश्री के धाम
- 821.तारकःतारने वाले
- 822.मूलकारणम्समस्त सृष्टि का मूल कारण
- 823.सृष्टिसंरक्षणोपायःसृष्टि की रक्षा का उपाय-स्वरूप
- 824.क्रूरासुरविभञ्जनःक्रूर असुरों का भंजन करने वाले
- 825.नरकासुरसंहारीनरकासुर का संहार करने वाले
- 826.मुरारिःमुर दैत्य के शत्रु (पुनरावृत्त नाम)
- 827.अरिमर्दनःशत्रुओं का मर्दन करने वाले
- 828.आदितेयप्रियःअदिति-पुत्र देवताओं को प्रिय
- 829.दैत्यभीकरःदैत्यों के लिए भयंकर
- 830.यदुशेखरःयदुवंश के शिरोमणि
- 831.जरासन्धकुलध्वंसीजरासंध के कुल का ध्वंस करने वाले
- 832.कंसारातिःकंस के शत्रु
- 833.सुविक्रमःउत्तम पराक्रम वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 834.पुण्यश्लोकःजिनकी कीर्ति का गान पुण्यदायी है
- 835.कीर्तनीयःकीर्तन करने योग्य
- 836.यादवेन्द्रःयादवों के इंद्र (पुनरावृत्त नाम)
- 837.जगन्नुतःसमस्त जगत् द्वारा स्तुत
- 838.रुक्मिणीरमणःरुक्मिणी के रमण
- 839.सत्यभामाजाम्बवतीप्रियःसत्यभामा व जाम्बवती को प्रिय
- 840.मित्रविन्दानाग्नजितीलक्ष्मणासमुपासितःमित्रविंदा, नाग्नजिती व लक्ष्मणा द्वारा उपासित
- 841.सुधाकरकुले जातःचंद्रवंश में उत्पन्न
- 842.अनन्तप्रबलविक्रमःअनंत व प्रबल पराक्रम वाले
- 843.सर्वसौभाग्यसम्पन्नःसमस्त सौभाग्य से सम्पन्न
- 844.द्वारकापत्तने स्थितःद्वारका नगरी में स्थित
- 845.भद्रासूर्यसुतानाथःभद्रा व सूर्यपुत्री (कालिंदी) के नाथ
- 846.लीलामानुषविग्रहःलीला हेतु मनुष्य-रूप धारण करने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 847.सहस्रषोडशस्त्रीशःसोलह हज़ार रानियों के ईश
- 848.भोगमोक्षैकदायकःभोग तथा मोक्ष — दोनों एक साथ देने वाले
सर्वकारण — वेदांत का शिखर (नाम 849–877 (श्लोक 116–120))
- 849.वेदान्तवेद्यःवेदांत द्वारा जानने योग्य
- 850.संवेद्यःभली-भाँति जानने योग्य
- 851.वैद्यःभव-रोग के वैद्य
- 852.ब्रह्माण्डनायकःब्रह्मांड के नायक
- 853.गोवर्धनधरःगोवर्धन धारण करने वाले
- 854.नाथःस्वामी
- 855.सर्वजीवदयापरःसमस्त जीवों पर दया करने वाले
- 856.मूर्तिमान्साकार रूप वाले
- 857.सर्वभूतात्मासमस्त प्राणियों के आत्मा
- 858.आर्तत्राणपरायणःदुखियों की रक्षा में तत्पर
- 859.सर्वज्ञःसब कुछ जानने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 860.सर्वसुलभःसबके लिए सुलभ
- 861.सर्वशास्त्रविशारदःसमस्त शास्त्रों में निपुण
- 862.षड्गुणैश्वर्यसम्पन्नःछह ऐश्वर्य-गुणों से सम्पन्न
- 863.पूर्णकामःजिनकी समस्त कामनाएँ पूर्ण हैं
- 864.धुरन्धरःभार वहन करने में समर्थ
- 865.महानुभावःमहान प्रभाव वाले
- 866.कैवल्यदायकःकैवल्य अर्थात मोक्ष देने वाले
- 867.लोकनायकःलोकों के नायक
- 868.आदिमध्यान्तरहितःआदि, मध्य व अंत से रहित
- 869.शुद्धसात्त्विकविग्रहःशुद्ध सत्त्वमय विग्रह वाले
- 870.असमानःजिनके समान कोई नहीं
- 871.समस्तात्मासमस्त का आत्मा
- 872.शरणागतवत्सलःशरण में आए हुओं पर वात्सल्य रखने वाले
- 873.उत्पत्तिस्थितिसंहारकारणम्सृष्टि, स्थिति व संहार के कारण
- 874.सर्वकारणम्समस्त का कारण
- 875.गम्भीरःगंभीर-स्वरूप
- 876.सर्वभावज्ञःसमस्त भावों को जानने वाले
- 877.सच्चिदानन्दविग्रहःसत्-चित्-आनंद स्वरूप विग्रह वाले
सत्य-नाम तथा महाभारत-प्रसंग (नाम 878–907 (श्लोक 121–125))
- 878.विष्वक्सेनःजिनकी सेना सर्वत्र है
- 879.सत्यसन्धःसत्य प्रतिज्ञा वाले
- 880.सत्यवाक्सत्य वाणी वाले
- 881.सत्यविक्रमःसत्य पराक्रम वाले
- 882.सत्यव्रतःसत्य ही जिनका व्रत है
- 883.सत्यरतःसत्य में रत रहने वाले
- 884.सर्वधर्मपरायणःसमस्त धर्मों के परायण
- 885.आपन्नार्तिप्रशमनःविपत्ति में पड़े हुओं की पीड़ा शांत करने वाले
- 886.द्रौपदीमानरक्षकःद्रौपदी के मान की रक्षा करने वाले
- 887.कन्दर्पजनकःकामदेव (प्रद्युम्न) के जनक
- 888.प्राज्ञःप्रकृष्ट ज्ञान वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 889.जगन्नाटकवैभवःजगत्-रूपी नाटक का वैभव जिनका है
- 890.भक्तिवश्यःकेवल भक्ति से वश में आने वाले
- 891.गुणातीतःतीनों गुणों से परे
- 892.सर्वैश्वर्यप्रदायकःसमस्त ऐश्वर्य प्रदान करने वाले
- 893.दमघोषसुतद्वेषीदमघोष-पुत्र शिशुपाल के विरोधी
- 894.बाणबाहुविखण्डनःबाणासुर की भुजाओं का खंडन करने वाले
- 895.भीष्मभक्तिप्रदःभीष्म को भक्ति प्रदान करने वाले
- 896.दिव्यःदिव्य (पुनरावृत्त नाम)
- 897.कौरवान्वयनाशनःकौरव-वंश का नाश करने वाले
- 898.कौन्तेयप्रियबन्धुःकुंती-पुत्रों के प्रिय बंधु
- 899.पार्थस्यन्दनसारथिःअर्जुन के रथ के सारथि
- 900.नारसिंहःनरसिंह अवतार-स्वरूप
- 901.महावीरःमहान वीर (पुनरावृत्त नाम)
- 902.स्तम्भजातःखंभे से प्रकट हुए
- 903.महाबलःमहान बल वाले
- 904.प्रह्लादवरदःप्रह्लाद को वर देने वाले
- 905.सत्यःसत्य-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 906.देवपूज्यःदेवताओं द्वारा पूज्य
- 907.अभयङ्करःअभय प्रदान करने वाले
अवतार, योग-मार्ग तथा सहस्रशीर्षा (नाम 908–956 (श्लोक 126–133))
- 908.उपेन्द्रःइंद्र के छोटे भाई
- 909.इन्द्रावरजःइंद्र के अनुज
- 910.वामनःवामन अवतार-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 911.बलिबन्धनःराजा बलि को बाँधने वाले
- 912.गजेन्द्रवरदःगजेंद्र को वर देने वाले
- 913.स्वामीस्वामी-स्वरूप
- 914.सर्वदेवनमस्कृतःसमस्त देवताओं द्वारा नमस्कृत
- 915.शेषपर्यङ्कशयनःशेषनाग की शय्या पर शयन करने वाले
- 916.वैनतेयरथःगरुड़ जिनका रथ है
- 917.जयीसदा विजयी
- 918.अव्याहतबलैश्वर्यसम्पन्नःअबाधित बल व ऐश्वर्य से सम्पन्न
- 919.पूर्णमानसःपूर्ण मन वाले
- 920.योगेश्वरेश्वरःयोगेश्वरों के भी ईश्वर
- 921.साक्षीसाक्षी-स्वरूप
- 922.क्षेत्रज्ञःक्षेत्र (शरीर) को जानने वाले
- 923.ज्ञानदायकःज्ञान प्रदान करने वाले
- 924.योगिहृत्पङ्कजावासःयोगियों के हृदय-कमल में निवास करने वाले
- 925.योगमायासमन्वितःयोगमाया से युक्त
- 926.नादबिन्दुकलातीतःनाद, बिंदु व कला से परे
- 927.चतुर्वर्गफलप्रदःधर्म, अर्थ, काम व मोक्ष — चारों फल देने वाले
- 928.सुषुम्नामार्गसञ्चारीसुषुम्ना मार्ग में संचार करने वाले
- 929.देहस्यान्तरसंस्थितःदेह के भीतर स्थित
- 930.देहेन्द्रियमनःप्राणसाक्षीदेह, इंद्रिय, मन व प्राण के साक्षी
- 931.चेतःप्रसादकःचित्त को प्रसन्न करने वाले
- 932.सूक्ष्मःसूक्ष्म-स्वरूप
- 933.सर्वगतःसर्वत्र व्याप्त
- 934.देहीदेह धारण करने वाले
- 935.ज्ञानदर्पणगोचरःज्ञान-रूपी दर्पण में दिखाई देने वाले
- 936.तत्त्वत्रयात्मकःतीनों तत्त्वों के स्वरूप
- 937.अव्यक्तःअव्यक्त (पुनरावृत्त नाम)
- 938.कुण्डलीकुंडलिनी-स्वरूप
- 939.समुपाश्रितःभली-भाँति आश्रित
- 940.ब्रह्मण्यःब्राह्मणों के हितकारी
- 941.सर्वधर्मज्ञःसमस्त धर्मों को जानने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 942.शान्तःशांत-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 943.दान्तःसंयमी (पुनरावृत्त नाम)
- 944.गतक्लमःजिनका क्लेश दूर हो चुका
- 945.श्रीनिवासःश्री के निवास
- 946.सदानन्दःसदा आनंद-स्वरूप
- 947.विश्वमूर्तिःविश्व ही जिनकी मूर्ति है
- 948.महाप्रभुःमहान प्रभु
- 949.सहस्रशीर्षासहस्र शीश वाले (पुरुष-सूक्त का वचन)
- 950.पुरुषःपुरुष-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 951.सहस्राक्षःसहस्र नेत्रों वाले
- 952.सहस्रपात्सहस्र चरणों वाले
- 953.समस्तभुवनाधारःसमस्त भुवनों के आधार
- 954.समस्तप्राणरक्षकःसमस्त प्राणियों की रक्षा करने वाले
- 955.समस्तसर्वभावज्ञःसबके समस्त भावों को जानने वाले
- 956.गोपिकाप्राणवल्लभःगोपिकाओं के प्राणों के वल्लभ
अंतिम नाम — भक्त-वत्सलता तथा करुणा-सिंधु (नाम 957–1003 (श्लोक 134–142))
- 957.नित्योत्सवःजिनके यहाँ नित्य उत्सव है
- 958.नित्यसौख्यःनित्य सुख-स्वरूप
- 959.नित्यश्रीःजिनकी श्री नित्य है
- 960.नित्यमङ्गलःनित्य मंगल-स्वरूप
- 961.व्यूहार्चितःचतुर्व्यूह रूप में अर्चित
- 962.जगन्नाथःजगत् के नाथ (पुनरावृत्त नाम)
- 963.श्रीवैकुण्ठपुराधिपःश्रीवैकुंठपुरी के अधिपति
- 964.पूर्णानन्दघनीभूतःपूर्ण आनंद के घनीभूत स्वरूप
- 965.गोपवेषधरःग्वाले का वेष धारण करने वाले
- 966.हरिःपाप हरने वाले (पुनरावृत्त नाम)
- 967.कलापकुसुमश्यामःकलाप-पुष्प के समान श्यामल
- 968.कोमलःकोमल-स्वरूप (पुनरावृत्त नाम)
- 969.शान्तविग्रहःशांत विग्रह वाले
- 970.गोपाङ्गनावृतःगोपांगनाओं से घिरे हुए
- 971.अनन्तःअनंत (पुनरावृत्त नाम)
- 972.वृन्दावनसमाश्रयःवृंदावन में आश्रय लेने वाले
- 973.वेणुवादरतःवेणु-वादन में रत
- 974.श्रेष्ठःसर्वश्रेष्ठ (पुनरावृत्त नाम)
- 975.देवानां हितकारकःदेवताओं का हित करने वाले
- 976.बालक्रीडासमासक्तःबाल-क्रीड़ा में लगे रहने वाले
- 977.नवनीतस्य तस्करःमाखन के चोर
- 978.गोपालकामिनीजारःगोप-कामिनियों के प्रियतम
- 979.चौरजारशिखामणिःचोरों व प्रियतमों में शिरोमणि
- 980.परञ्ज्योतिःपरम ज्योति
- 981.पराकाशःपरम आकाश-स्वरूप
- 982.परावासःपरम निवास-स्वरूप
- 983.परिस्फुटःपूर्णतः प्रकट
- 984.अष्टादशाक्षरो मन्त्रःअठारह अक्षरों वाला मंत्र-स्वरूप
- 985.व्यापकःसर्वत्र व्याप्त
- 986.लोकपावनःलोकों को पवित्र करने वाले
- 987.सप्तकोटिमहामन्त्रशेखरःसात करोड़ महामंत्रों के शिरोमणि
- 988.देवशेखरःदेवताओं के शिरोमणि
- 989.विज्ञानज्ञानसन्धानःविज्ञान व ज्ञान को जोड़ने वाले
- 990.तेजोराशिःतेज की राशि
- 991.जगत्पतिःजगत् के स्वामी (पुनरावृत्त नाम)
- 992.भक्तलोकप्रसन्नात्माभक्त-जनों पर प्रसन्न रहने वाले
- 993.भक्तमन्दारविग्रहःभक्तों के लिए कल्पवृक्ष-स्वरूप
- 994.भक्तदारिद्र्यदमनःभक्तों की दरिद्रता का दमन करने वाले
- 995.भक्तानां प्रीतिदायकःभक्तों को प्रीति देने वाले
- 996.भक्ताधीनमनाःजिनका मन भक्तों के अधीन है
- 997.पूज्यःपूजनीय
- 998.भक्तलोकशिवङ्करःभक्त-लोक का कल्याण करने वाले
- 999.भक्ताभीष्टप्रदःभक्तों की अभीष्ट कामना पूर्ण करने वाले
- 1000.सर्वभक्ताघौघनिकृन्तनःसमस्त भक्तों के पाप-समूह को काट देने वाले
- 1001.अपारकरुणासिन्धुःअपार करुणा के सागर
- 1002.भगवान्षड्गुण-ऐश्वर्य से युक्त भगवान (पुनरावृत्त नाम)
- 1003.भक्ततत्परःभक्तों के लिए सदा तत्पर — यही अंतिम नाम है
अर्थ (हिन्दी)
लाभ
- सहस्रनाम-पाठ को परंपरा में नाम-स्मरण का सर्वोच्च रूप माना गया है।
- यह स्तोत्र "ॐ क्लीं" बीज से आरंभ होता है, इसलिए इसे मंत्र-साधना के निकट माना जाता है।
- नामों में कृष्ण के साथ-साथ राम, परशुराम, बलराम, मत्स्य व वराह — अनेक अवतारों के नाम आते हैं।
- राधा-संबंधी नामों की एक पूरी शृंखला (श्लोक 15–17) इस सहस्रनाम की अपनी विशेषता है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
यह दीर्घ पाठ है, इसलिए इसे एक ही बैठक में पूरा करना आवश्यक नहीं। परंपरा में इसे शुद्ध होकर, श्रीकृष्ण के समक्ष दीप जलाकर पढ़ा जाता है। नामावली-रूप में पाठ करने वाले प्रत्येक नाम के साथ तुलसीदल अथवा पुष्प अर्पित करते हैं।
प्रामाणिकता व स्रोत
संपादकीय टिप्पणी: पाठ पूर्ण है — मूल स्तोत्र के सभी 142 श्लोक, कुल 1003 नाम। किंतु इनमें से 16 नामों का अर्थ जानबूझकर खाली छोड़ा गया है — ये "मादी, किली, मिली, हिली, गिली, गोली, गुली, गुग्गुली" जैसे बीजाक्षर-सदृश नाम हैं, जिनका अर्थ किसी प्रामाणिक टीका में नहीं मिला। इन्हें गढ़ने के बजाय खाली रखा गया है। शेष 987 नामों के अर्थ सत्यापित संस्कृत से दिए गए हैं।
देव परिचय
श्री कृष्ण
Lord Krishna
श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।
