FAQ
कृष्ण जन्माष्टमी — सामान्य प्रश्न
कृष्ण जन्माष्टमी अष्टमी तिथि, कृष्ण पक्ष, भाद्रपद को मनाया जाता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का महापर्व है। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव, झूला व भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है।
कृष्ण जन्माष्टमी मुख्यतः श्री कृष्ण की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन मध्यरात्रि जन्मोत्सव, झाँकी व झूला सजाना, माखन-मिश्री भोग, कृष्ण आरती व मधुराष्टकम पाठ का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
अनुशंसित पाठ
कृष्ण जन्माष्टमी के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
