समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री बांके बिहारी आरती — सामान्य प्रश्न
श्री बांके बिहारी जी श्रीकृष्ण का त्रिभंगी मनोहर स्वरूप हैं, जो वृन्दावन में विराजमान हैं; इनका प्राकट्य स्वामी हरिदास जी की भक्ति से हुआ।
बांके बिहारी आरती जन्माष्टमी, एकादशी, गुरुवार तथा नित्य संध्या में करना शुभ माना जाता है।
"बांके" अर्थात् तीन स्थानों से झुका (त्रिभंगी) तथा "बिहारी" अर्थात् विहार/लीला करने वाले — यह श्रीकृष्ण के मनोहर वृन्दावन-स्वरूप का नाम है।
इससे प्रेम, भक्ति व मन की प्रसन्नता बढ़ती है और श्रीकृष्ण की कृपा व आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
पर्व
