समय
3–4 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री खाटू श्याम आरती — सामान्य प्रश्न
खाटू श्याम जी महाभारत के वीर बर्बरीक हैं, जिन्हें श्रीकृष्ण ने अपना "श्याम" नाम व कलियुग में पूजित होने का वरदान दिया; इन्हें श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है।
नित्य प्रातः-संध्या तथा एकादशी, शुक्ल पक्ष व फाल्गुन मास में इसका विशेष महत्व है; खाटू धाम का प्रसिद्ध मेला फाल्गुन में लगता है।
खाटू श्याम जी को केसरिया पुष्प, मिश्री, पंजीरी व चूरमे का भोग प्रिय माना जाता है।
इसका अर्थ है कि श्याम बाबा निराश व हारे हुए जनों का सहारा बनते हैं और उन्हें आत्मबल व कृपा प्रदान करते हैं।
पर्व
