श्री खाटू श्याम आरती

śrī khāṭū śyāma āratī

Khatu Shyam Aarti (Om Jai Shri Shyam Hare)

समय
3–4 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण

परिचय

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

स्रोत: पारंपरिक खाटू श्याम आरती

उद्भव / पृष्ठभूमि

खाटू श्याम जी को कलियुग में श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है; ये महाभारत के वीर बर्बरीक हैं, जिन्हें श्रीकृष्ण ने "श्याम" नाम व कलियुग में पूजित होने का वरदान दिया। यह आरती राजस्थान के खाटू धाम में तथा भक्तों द्वारा घर-घर गाई जाती है।

आरती (लिरिक्स)

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ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। निज भक्तन के तुमने, पूरण काज करे॥

हे श्री श्याम बाबा, आपकी जय हो! आपने अपने भक्तों के समस्त कार्य सदा पूर्ण किए हैं।

रत्न जड़ित सिंहासन, सिर पर सुन्दर पाग। तन केसरिया बागा, कुण्डल श्रवण लगे॥

रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान, सिर पर सुन्दर पगड़ी; केसरिया वस्त्र धारण किए तथा कानों में कुण्डल शोभायमान हैं।

गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

गले में पुष्पों की माला व सिर पर मुकुट धारण किए; खाटू धाम में अनुपम (अद्वितीय) रूप में विराजमान हैं।

हारे का सहारा, श्याम तुम्हारा नाम। लखदातार दयालु, पूरण करो काम॥

हे श्याम! आपका नाम हारे हुए (निराश) जनों का सहारा है; आप लाखों को देने वाले व दयालु हैं — मेरे कार्य पूर्ण कीजिए।

श्याम बाबा की आरती, जो कोई नर गावे। कहत भक्तजन, मनवांछित फल पावे॥

श्याम बाबा की यह आरती जो भी भक्त गाता है, वह मनोवांछित फल प्राप्त करता है — ऐसा भक्तजन कहते हैं।

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अर्थ (हिन्दी)

  1. हे श्री श्याम बाबा, आपकी जय हो! आपने अपने भक्तों के समस्त कार्य सदा पूर्ण किए हैं।
  2. रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान, सिर पर सुन्दर पगड़ी; केसरिया वस्त्र धारण किए तथा कानों में कुण्डल शोभायमान हैं।
  3. गले में पुष्पों की माला व सिर पर मुकुट धारण किए; खाटू धाम में अनुपम (अद्वितीय) रूप में विराजमान हैं।
  4. हे श्याम! आपका नाम हारे हुए (निराश) जनों का सहारा है; आप लाखों को देने वाले व दयालु हैं — मेरे कार्य पूर्ण कीजिए।
  5. श्याम बाबा की यह आरती जो भी भक्त गाता है, वह मनोवांछित फल प्राप्त करता है — ऐसा भक्तजन कहते हैं।

लाभ

  • श्रद्धा व विश्वास से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
  • निराशा व संकट में आत्मबल व सहारा मिलता है।
  • मन में भक्ति, शांति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कब करें पाठ

नित्य प्रातः व संध्याएकादशी व शुक्ल पक्ष मेंफाल्गुन मास (खाटू श्याम मेला) में

पाठ विधि

खाटू श्याम जी के समक्ष दीप-धूप जलाकर केसरिया पुष्प व मिश्री-पंजीरी का भोग अर्पित करें। "श्याम" नाम का स्मरण करते हुए आरती गाएँ और तत्पश्चात प्रसाद वितरण करें।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक हिन्दू आरती संग्रह
रचयितापारंपरिक
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री कृष्ण

Lord Krishna

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

देवता वर्गप्रेम · धर्म · भक्ति · ज्ञान
मुख्य मंत्रॐ क्लीं कृष्णाय नमः
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श्री खाटू श्याम आरती — सामान्य प्रश्न

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