श्री राधा-कृष्ण आरती
śrī rādhā-kṛṣṇa āratī
Radha-Krishna Aarti (Aarti Yugal Kishor Ki)
परिचय
श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।
स्रोत: पारंपरिक युगल (राधा-कृष्ण) आरती
उद्भव / पृष्ठभूमि
राधा-कृष्ण युगल भक्ति व प्रेम की पराकाष्ठा हैं — राधा आह्लादिनी शक्ति व कृष्ण आनन्द-स्वरूप हैं। यह प्रसिद्ध "आरती युगल किशोर की" वृन्दावन व भक्तों द्वारा नित्य संध्या तथा जन्माष्टमी-राधाष्टमी पर गाई जाती है।
आरती (लिरिक्स)
आरती युगल किशोर की कीजै। तन-मन-धन न्योछावर कीजै॥
युगल किशोर (राधा-कृष्ण) की आरती कीजिए; उन पर अपना तन, मन व धन न्योछावर कर दीजिए।
गौर-श्याम मुख निरखत रीझै। प्रभु को रूप नयन भरि पीजै॥
गौर (राधा) व श्याम (कृष्ण) के मुख को निरखकर मन रीझ जाता है; प्रभु के इस रूप को नेत्रों में भरकर (हृदय से) पान कीजिए।
कंचन थार कपूर की बाती। हरि आये निर्मल भई छाती॥
स्वर्ण के थाल में कपूर की बाती (आरती) सजी है; हरि के आगमन से हृदय निर्मल व पवित्र हो गया।
श्रीवृन्दावन-निकुंज बिहारी। राधा-कृष्ण छवि मन-हारी॥
श्रीवृन्दावन के निकुंज में विहार करने वाले; राधा-कृष्ण की युगल छवि मन को हरने वाली है।
युगल किशोर की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। प्रेम-भक्ति रस पावे, युगल-कृपा पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से युगल किशोर (राधा-कृष्ण) की यह आरती गाता है, वह प्रेम-भक्ति का रस तथा युगल-सरकार की कृपा प्राप्त करता है।
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अर्थ (हिन्दी)
- युगल किशोर (राधा-कृष्ण) की आरती कीजिए; उन पर अपना तन, मन व धन न्योछावर कर दीजिए।
- गौर (राधा) व श्याम (कृष्ण) के मुख को निरखकर मन रीझ जाता है; प्रभु के इस रूप को नेत्रों में भरकर (हृदय से) पान कीजिए।
- स्वर्ण के थाल में कपूर की बाती (आरती) सजी है; हरि के आगमन से हृदय निर्मल व पवित्र हो गया।
- श्रीवृन्दावन के निकुंज में विहार करने वाले; राधा-कृष्ण की युगल छवि मन को हरने वाली है।
- जो भक्त श्रद्धा से युगल किशोर (राधा-कृष्ण) की यह आरती गाता है, वह प्रेम-भक्ति का रस तथा युगल-सरकार की कृपा प्राप्त करता है।
लाभ
- प्रेम, भक्ति व मन की प्रसन्नता बढ़ती है।
- दाम्पत्य व सम्बन्धों में प्रेम व सौहार्द आता है।
- राधा-कृष्ण की युगल कृपा व आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
राधा-कृष्ण के युगल विग्रह के समक्ष तुलसी, पुष्प व माखन-मिश्री का भोग अर्पित करें, कपूर की आरती से "आरती युगल किशोर की" गाएँ और प्रसाद वितरण करें।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
श्री कृष्ण
Lord Krishna
श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।
