FAQ
गीता जयंती — सामान्य प्रश्न
गीता जयंती एकादशी तिथि, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष को मनाया जाता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
गीता जयंती मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है — वह दिन जब महाभारत के युद्ध-क्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था।
गीता जयंती मुख्यतः श्री कृष्ण की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन भगवद्गीता का पाठ अथवा श्रवण, मोक्षदा एकादशी का व्रत, गीता-ग्रंथ का पूजन, श्रीकृष्ण की आरती व तुलसीदल अर्पण का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
अनुशंसित पाठ
गीता जयंती के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
