FAQ
राधाष्टमी — सामान्य प्रश्न
राधाष्टमी अष्टमी तिथि, शुक्ल पक्ष, भाद्रपद को मनाया जाता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
राधाष्टमी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है और शास्त्रों में इसे श्रीराधा जी का प्राकट्य दिवस माना गया है।
राधाष्टमी मुख्यतः श्री राधा व श्री कृष्ण की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन बरसाना में गहवर वन की परिक्रमा, राधा-कृष्ण का अभिषेक व श्रृंगार, राधा चालीसा तथा राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र का पाठ, व्रत व रात्रि जागरण का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
अनुशंसित पाठ
राधाष्टमी के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
