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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ हराय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ हराय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- हर को नमस्कार। जो भक्त के पाप, दुःख, रोग और जन्म-मरण का बंधन — सब हर लेते हैं — उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे पाप, दुःख व रोग के हरण से जोड़ा जाता है।
- सरलतम उच्चारण के कारण निरंतर जप (अजपा) के लिए उपयुक्त माना जाता है।
- मन का बोझ हल्का होने व भार-मुक्ति के भाव की मान्यता है।
- "हर हर महादेव" उद्घोष का मूल यही नाम है।
कब करें पाठ
प्रातः व संध्या नित्य पूजा में · सोमवार व प्रदोष काल में · महाशिवरात्रि व श्रावण मास में · चलते-फिरते मानसिक जप के रूप में
स्रोत
शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 100 "ॐ हराय नमः" · शिव शतनामावली — नाम "हर" क्रम 64 (drikpanchang)
