ॐ हराय नमः

oṃ harāya namaḥ

Har Mantra (Om Haraya Namah)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार व प्रदोष
उद्देश्य:पाप व दुःख नाश (Relief)मोक्ष (Liberation)मन की शांति (Peace)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ हराय नमः शिव अष्टोत्तर शतनामावली का नाम 100 है। “हर” अर्थात् हरण करने वाले — जो भक्त के पाप, दुःख व जन्म-मरण का बंधन हर लेते हैं। इसी नाम से “हर हर महादेव” उद्घोष बना है। सरलतम उच्चारण के कारण परंपरा में इसे निरंतर मानसिक जप के लिए उपयुक्त माना जाता है।

परिचय

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

स्रोत: शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 100

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ हराय नमः
IASToṃ harāya namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री शिव
मूल स्रोतशिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 100
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनसोमवार व प्रदोष
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

हर अर्थात् "हरण करने वाले" — जो ले जाते हैं, हर लेते हैं। यह शिव के सबसे संक्षिप्त और सबसे व्यापक नामों में है। परंपरा में इसका भाव यह लिया जाता है कि शिव भक्त के पाप, दुःख, रोग और अंततः जन्म-मरण का बंधन — सब हर लेते हैं। संहार भी उनका "हरण" ही है, और वह भी कल्याण के लिए।

यही नाम उस उद्घोष में जीवित है जो शिव-भक्ति की सबसे परिचित पुकार बन चुका है — "हर हर महादेव"। काशी में यह उद्घोष नगर की पहचान है, और शिव-यात्राओं, कांवड़ और महाशिवरात्रि के जुलूसों में यही ध्वनि गूँजती है। अष्टोत्तर शतनामावली में यह नाम क्रम 100 पर आता है; सरलतम उच्चारण के कारण यह बालकों व वृद्धों — दोनों के लिए सुलभ माना जाता है।

मंत्र

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ॐ हराय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ हराय नमः॥

oṃ harāya namaḥ ||

Om Haraya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: यह सबसे सरल शिव नाम-मंत्रों में है। "ह-राय न-मः" — केवल इतना ध्यान रखें कि "राय" का "आ" दीर्घ है, इसे "हरय" न बना दें। "ह" स्पष्ट व खुला बोलें। लयबद्ध पुनरावृत्ति के लिए यह मंत्र विशेष उपयुक्त माना जाता है।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
हरहरण करने वाला; दूर करने वाला
हरायहर (शिव) को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. हर को नमस्कार। जो भक्त के पाप, दुःख, रोग और जन्म-मरण का बंधन — सब हर लेते हैं — उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे पाप, दुःख व रोग के हरण से जोड़ा जाता है।
  • सरलतम उच्चारण के कारण निरंतर जप (अजपा) के लिए उपयुक्त माना जाता है।
  • मन का बोझ हल्का होने व भार-मुक्ति के भाव की मान्यता है।
  • "हर हर महादेव" उद्घोष का मूल यही नाम है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व निरंतर मानसिक जप

जप का उत्तम समय

प्रातः व संध्या नित्य पूजा मेंसोमवार व प्रदोष काल मेंमहाशिवरात्रि व श्रावण मास मेंचलते-फिरते मानसिक जप के रूप में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

शिवलिंग पर जल अर्पित कर रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। यह अत्यंत सरल नाम-मंत्र है, इसलिए परंपरा में इसे बिना माला के, चलते-फिरते व कार्य करते हुए मानसिक रूप से दोहराने की भी छूट बताई जाती है। सामूहिक कीर्तन में "हर हर महादेव" के उद्घोष के साथ इसका जप प्रचलित है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराशिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 100 "ॐ हराय नमः" · शिव शतनामावली — नाम "हर" क्रम 64 (drikpanchang)
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री शिव

Lord Shiva

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

देवता वर्गसंहार · योग · ध्यान · कल्याण · मोक्ष
वाहननंदी (वृषभ)
संबंधित वारसोमवार
मुख्य मंत्रॐ नमः शिवाय
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ॐ हराय नमः — सामान्य प्रश्न

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