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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ हृषीकेशाय नमः

मंत्र · श्री कृष्ण

पाठ

1

ॐ हृषीकेशाय नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. हृषीकेश को नमस्कार। जो समस्त इंद्रियों के स्वामी हैं और जिनके अधीन होकर ही इंद्रियाँ शांत होती हैं — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे इंद्रिय-संयम व मन के नियमन का मंत्र माना जाता है।
  • योग व ध्यान-साधना के आरंभ में जप प्रचलित है।
  • चंचलता, व्यसन व विचलन के शमन की मान्यता है।
  • नित्य संध्या की चतुर्विंशति नामावली का दसवाँ नाम है।

कब करें पाठ

ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान से पूर्व · योग या साधना आरंभ करते समय · बुधवार व एकादशी को · प्रातः-संध्या नित्य वंदन में

स्रोत

श्री कृष्ण चतुर्विंशति नामावली — नाम 10 "श्री हृषीकेशाय नमः" (drikpanchang) · भगवद्गीता 1.15 — "पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः" · श्री गोपाल सहस्रनाम — "हृषीकेशः" नाम 30

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