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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ जगन्नाथाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ जगन्नाथाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- जगन्नाथ को नमस्कार। जो सम्पूर्ण जगत् के स्वामी हैं और पुरी में बलभद्र व सुभद्रा सहित विराजते हैं — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे सर्वव्यापक शरणागति-भाव से जोड़ा जाता है।
- पुरी यात्रा व चार धाम संकल्प के साथ जप प्रचलित है।
- रथ यात्रा की उपासना में यह मूल नाम-मंत्र माना जाता है।
- भेद-भाव रहित भक्ति का भाव — जगन्नाथ का प्रसाद सर्वसुलभ माना गया है।
कब करें पाठ
रथ यात्रा (आषाढ़ शुक्ल द्वितीया) पर · बुधवार व एकादशी को · जन्माष्टमी पर · पुरी यात्रा या चार धाम संकल्प पर
स्रोत
श्री कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (नारद पञ्चरात्र) — नाम 86 "ॐ जगन्नाथाय नमः" · श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी — चार धाम व रथ यात्रा परंपरा
