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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ जनार्दनाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ जनार्दनाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- जनार्दन को नमस्कार। जो दुष्ट जनों का मर्दन करते हैं और जिनसे समस्त जन अपनी प्रार्थना करते हैं — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे संकट व विपत्ति से मुक्ति की प्रार्थना से जोड़ा जाता है।
- दुष्ट-बाधा व शत्रु-भय से रक्षा की मान्यता है।
- "सबकी सुनने वाले" भाव से मन को आश्वासन मिलने की बात कही जाती है।
- नित्य संध्या की चतुर्विंशति नामावली का इक्कीसवाँ नाम है।
कब करें पाठ
प्रातः-संध्या नित्य वंदन में · बुधवार व एकादशी को · संकट, विपत्ति या असहायता के समय · जन्माष्टमी पर
स्रोत
श्री कृष्ण चतुर्विंशति नामावली — नाम 21 "श्री जनार्दनाय नमः" (drikpanchang) · श्री गोपाल सहस्रनाम — "जनार्दनः" नाम 566 · भगवद्गीता — अर्जुन द्वारा प्रयुक्त सम्बोधन (प्रथम अध्याय)
