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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ जटाधराय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ जटाधराय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- जटाधर शिव को नमस्कार। जो जटाजूट धारण करते हैं और जिनकी उन्हीं जटाओं में गंगा, चंद्र व सर्प — सब समा जाते हैं — उन महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे धैर्य व सहनशीलता बढ़ाने वाला मंत्र माना जाता है।
- भारी उत्तरदायित्व या दीर्घ संघर्ष के समय जप प्रचलित है।
- क्रोध व अधीरता के शमन की मान्यता है।
- तप व वैराग्य-भाव जगाने वाला नाम कहा जाता है।
कब करें पाठ
ब्रह्म मुहूर्त में साधना के समय · सोमवार व प्रदोष काल में · महाशिवरात्रि पर · भारी उत्तरदायित्व या कठिन दौर में
स्रोत
शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 34 "ॐ जटाधराय नमः"
