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लिपि:
॥ श्री ॥

कृष्ण गायत्री मंत्र

मंत्र · श्री कृष्ण

पाठ

1

ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. हम देवकीनन्दन को जानते हैं और वासुदेव का ध्यान करते हैं; वे कृष्ण हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।

लाभ

  • कृष्ण-भक्ति व प्रेम में वृद्धि होती है।
  • मन शांत होकर एकाग्रता बढ़ती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति व सकारात्मकता आती है।

कब करें पाठ

प्रातः व संध्या · बुधवार व जन्माष्टमी को · नित्य जप हेतु

स्रोत

पारंपरिक कृष्ण गायत्री परंपरा

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