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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ माधवाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ माधवाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- माधव को नमस्कार। जो लक्ष्मी के पति हैं, मधु-वंश में प्रकट हुए और जो ध्यान द्वारा जाने जाते हैं — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- लक्ष्मीपति स्वरूप होने से परंपरा में इसे समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है।
- नित्य संध्या की चतुर्विंशति नामावली का तीसरा नाम है।
- ध्यान-साधना में एकाग्रता बढ़ने की मान्यता है।
- वैशाख (माधव) मास की उपासना में इसका जप विशेष माना जाता है।
कब करें पाठ
वैशाख (माधव) मास में प्रतिदिन · बुधवार व एकादशी को · प्रातः-संध्या नित्य वंदन में · जन्माष्टमी पर
स्रोत
श्री कृष्ण चतुर्विंशति नामावली — नाम 3 "श्री माधवाय नमः" (drikpanchang) · भगवद्गीता 1.14 — "माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शङ्खौ प्रदध्मतुः" · श्री गोपाल सहस्रनाम — "माधवः" नाम 256 व 260
