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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ मधुसूदनाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ मधुसूदनाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- मधुसूदन को नमस्कार। जिन्होंने मधु असुर का संहार किया और जो साधक के भीतर के मीठे प्रलोभनों का भी नाश करते हैं — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे प्रलोभन व व्यसन के शमन से जोड़ा जाता है।
- विवेक व संयम की दृढ़ता आने की मान्यता है।
- शत्रु-बाधा व विघ्नों से रक्षा हेतु जप प्रचलित है।
- नित्य संध्या की चतुर्विंशति नामावली का छठा नाम है।
कब करें पाठ
प्रातः-संध्या नित्य वंदन में · बुधवार व एकादशी को · किसी प्रलोभन या दुविधा से जूझते समय · जन्माष्टमी पर
स्रोत
श्री कृष्ण चतुर्विंशति नामावली — नाम 6 "श्री मधुसूदनाय नमः" (drikpanchang) · भगवद्गीता — अर्जुन द्वारा प्रयुक्त सम्बोधन (प्रथम अध्याय व आगे) · नोट: नाम विष्णु सहस्रनाम में भी है; संस्करण-भेद के कारण क्रमांक नहीं दिया गया
