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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ नटराजाय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ नटराजाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- नटराज शिव को नमस्कार। जिनके ताण्डव-नृत्य से सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोभाव व अनुग्रह — पाँचों कार्य चलते हैं, उन नृत्य-अधिपति महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे कला, नृत्य व सृजनात्मक साधना का मंत्र माना जाता है।
- नर्तक, संगीतज्ञ व कलाकार अपनी साधना के आरंभ में इसका जप करते हैं।
- गति के बीच स्थिरता — अर्थात् व्यस्तता में मानसिक संतुलन — का भाव जगने की मान्यता है।
- चिदंबरम नटराज उपासना में यह मूल नाम-मंत्र है।
कब करें पाठ
सोमवार व प्रदोष काल में · नृत्य, संगीत या कला-साधना आरंभ करने से पूर्व · आर्द्रा नक्षत्र व आरुद्रा दर्शनम् पर · महाशिवरात्रि की रात्रि में
स्रोत
शिव सहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व) — नाम 176 "नर्तकः" · चिदंबरम नटराज उपासना परंपरा, तमिलनाडु · नटराज स्तोत्र परंपरा (चिदंबर नटराज स्तुति)
