ॐ नटराजाय नमः

oṃ naṭarājāya namaḥ

Nataraj Mantra (Om Natarajaya Namah)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार, प्रदोष व आर्द्रा नक्षत्र
उद्देश्य:आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual Growth)मन की शांति (Peace)कला व सृजन (Creativity)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ नटराजाय नमः शिव के नृत्य-स्वरूप का नाम-मंत्र है, जिसका अर्थ है “नृत्य के अधिपति को नमस्कार”। परंपरा में नटराज का ताण्डव सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोभाव व अनुग्रह — पाँच कार्यों का प्रतीक है। यह नाम शतनामावली में नहीं, चिदंबरम की जीवित उपासना परंपरा में मिलता है।

परिचय

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

स्रोत: चिदंबरम नटराज उपासना परंपरा; शिव सहस्रनाम में सम-भाव नाम "नर्तकः"

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ नटराजाय नमः
IASToṃ naṭarājāya namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री शिव
मूल स्रोतचिदंबरम नटराज उपासना परंपरा; शिव सहस्रनाम में सम-भाव नाम "नर्तकः"
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनसोमवार, प्रदोष व आर्द्रा नक्षत्र
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

नटराज अर्थात् "नृत्य के राजा"। शिव का यह स्वरूप ताण्डव करती हुई मुद्रा में है और परंपरा में इसे सृष्टि के पाँच कार्यों का एक साथ चित्रण माना जाता है — डमरू से सृष्टि, अभयमुद्रा से रक्षा, अग्नि से संहार, दबाया हुआ अपस्मार पुरुष तिरोभाव (आवरण) और उठा हुआ चरण अनुग्रह (कृपा)। एक ही प्रतिमा में सृष्टि का पूरा चक्र समा जाता है।

इस स्वरूप की प्रधान पीठ तमिलनाडु का चिदंबरम नटराज मंदिर है, जिसे पंच भूत स्थलों में आकाश तत्त्व का स्थल माना जाता है। वहाँ का प्रसिद्ध "चिदंबर रहस्य" यही बताता है कि परम तत्त्व रूप नहीं, आकाश की भाँति निराकार है। नटराज की उठी हुई भुजा और स्थिर मुख — गति के बीच की स्थिरता — साधना में इसी भाव का प्रतीक माने जाते हैं।

मंत्र

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ॐ नटराजाय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ नटराजाय नमः॥

oṃ naṭarājāya namaḥ ||

Om Natarajaya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "नट" में "ट" मूर्धन्य है — जीभ तालु से लगाकर बोलें, "नत" नहीं। "राजाय" में दोनों "आ" दीर्घ हैं। पूरा रूप "न-ट-रा-जाय न-मः" है। परंपरा में इसे लयबद्ध व सम स्वर में दोहराया जाता है — नृत्य के देव का मंत्र होने से लय पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
नटनर्तक, नृत्य करने वाला
राजराजा, अधिपति
नटराजायनृत्य के अधिपति (शिव) को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. नटराज शिव को नमस्कार। जिनके ताण्डव-नृत्य से सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोभाव व अनुग्रह — पाँचों कार्य चलते हैं, उन नृत्य-अधिपति महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे कला, नृत्य व सृजनात्मक साधना का मंत्र माना जाता है।
  • नर्तक, संगीतज्ञ व कलाकार अपनी साधना के आरंभ में इसका जप करते हैं।
  • गति के बीच स्थिरता — अर्थात् व्यस्तता में मानसिक संतुलन — का भाव जगने की मान्यता है।
  • चिदंबरम नटराज उपासना में यह मूल नाम-मंत्र है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः व प्रदोष काल

जप का उत्तम समय

सोमवार व प्रदोष काल मेंनृत्य, संगीत या कला-साधना आरंभ करने से पूर्वआर्द्रा नक्षत्र व आरुद्रा दर्शनम् परमहाशिवरात्रि की रात्रि में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

नटराज की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर, स्थिर आसन पर बैठकर रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। कलाकारों में परंपरा है कि अभ्यास या मंच-प्रस्तुति से पूर्व नटराज को प्रणाम कर यह मंत्र जपा जाए। जप के समय नटराज की मुद्रा का ध्यान — डमरू, अग्नि, अभयमुद्रा और उठा हुआ चरण — करने की परंपरा है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराशिव सहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व) — नाम 176 "नर्तकः" · चिदंबरम नटराज उपासना परंपरा, तमिलनाडु · नटराज स्तोत्र परंपरा (चिदंबर नटराज स्तुति)
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री शिव

Lord Shiva

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

देवता वर्गसंहार · योग · ध्यान · कल्याण · मोक्ष
वाहननंदी (वृषभ)
संबंधित वारसोमवार
मुख्य मंत्रॐ नमः शिवाय
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ॐ नटराजाय नमः — सामान्य प्रश्न

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