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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ पशुपतये नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ पशुपतये नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- पशुपति शिव को नमस्कार। जो समस्त जीवों के स्वामी हैं और उन्हें अज्ञान व कर्म के पाश से मुक्त करते हैं — उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- शैव परंपरा में इसे माया व कर्म-बंधन से मुक्ति का मंत्र माना जाता है।
- मन के भय, मोह व आसक्ति के शमन की मान्यता है।
- पशु-धन व जीव-मात्र की रक्षा के संकल्प के साथ भी जपा जाता है।
- पशुपतिनाथ उपासना में यह मूल जप-मंत्र माना जाता है।
कब करें पाठ
सोमवार व प्रदोष काल में · प्रातः व संध्या वंदन के साथ · महाशिवरात्रि पर · पशुपतिनाथ दर्शन या यात्रा-संकल्प पर
स्रोत
शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 92 "ॐ पशुपतये नमः" · शिव शतनामावली — नाम "पशुनाम्पतये" क्रम 23 (drikpanchang) · श्री पशुपतिनाथ उपासना परंपरा, काठमांडू
