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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ राधावल्लभाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ राधावल्लभाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- राधावल्लभ को नमस्कार। जो श्री राधा के वल्लभ अर्थात् परम प्रिय हैं और जिनकी पहचान ही राधा से बनती है — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे प्रेम-भक्ति व दांपत्य-सामंजस्य से जोड़ा जाता है।
- युगल उपासना का प्रमुख नाम माना जाता है।
- राधावल्लभ सम्प्रदाय की सेवा-परंपरा का केंद्रीय नाम है।
- मन में समर्पण व माधुर्य-भाव जगने की मान्यता है।
कब करें पाठ
राधाष्टमी पर · बुधवार व एकादशी को · जन्माष्टमी व शरद पूर्णिमा पर · वृंदावन यात्रा या दर्शन-संकल्प पर
स्रोत
राधावल्लभ सम्प्रदाय (वृंदावन) — हित हरिवंश महाप्रभु की उपासना परंपरा · श्री राधावल्लभ मंदिर, वृंदावन · नोट: यह नाम जाँची गई शतनामावली व सहस्रनामावली की सूचियों में नहीं मिला
