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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ आपदामपहर्तारं — राम साधना मंत्र
मंत्र · श्री राम
पाठ
1
ॐ आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
अर्थ (हिन्दी)
- जो आपदाओं का हरण करने वाले हैं और समस्त सम्पदाओं के दाता हैं; जो समस्त लोकों को प्रिय हैं — उन श्रीराम को मैं बार-बार, बार-बार प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे विपत्ति व संकट से मुक्ति की प्रार्थना से जोड़ा जाता है।
- "सम्पदाओं का दाता" भाव होने से समृद्धि की कामना के साथ भी पढ़ा जाता है।
- यात्रा, परीक्षा या कठिन कार्य के आरंभ पर पाठ प्रचलित है।
- "भूयो भूयो" की पुनरावृत्ति के कारण जप के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।
कब करें पाठ
रामनवमी व चैत्र नवरात्रि में · मंगलवार को · संकट, विपत्ति या भय के समय · यात्रा या कठिन कार्य के आरंभ पर
स्रोत
राम मंत्र-सूची में स्वतंत्र प्रविष्टि "Rama Meditation Mantra" (drikpanchang) · drikpanchang.com — राम मंत्र (vedic-mantra सूची)
