श्री राम सहस्रनाम
पाठ
ॐ राजीवलोचनः श्रीमान् श्रीरामो रघुपुङ्गवः। रामभद्रः सदाचारो राजेन्द्रो जानकीपतिः॥१॥
॥ समापन ॥ अनन्तः श्रीपती रामो गुणभृन्निर्गुणो महान्॥
आरंभिक नाम — राजीवलोचन, रघुवंश व सत्य-व्रत (नाम 1–100)
- ॐ राजीवलोचनाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ श्रीरामाय नमः — श्रीराम
- ॐ रघुपुङ्गवाय नमः — रघुवंश में श्रेष्ठ
- ॐ रामभद्राय नमः — कल्याणकारी राम
- ॐ सदाचाराय नमः — सदाचार-स्वरूप
- ॐ राजेन्द्राय नमः — राजाओं के इंद्र
- ॐ जानकीपतये नमः — जानकी जी के पति
- ॐ अग्रगण्याय नमः — सबमें अग्रगण्य
- ॐ वरेण्याय नमः — वरण करने योग्य
- ॐ वरदाय नमः — वर देने वाले
- ॐ परमेश्वराय नमः — परमेश्वर
- ॐ जनार्दनाय नमः — जनों के कष्ट दूर करने वाले
- ॐ जितामित्राय नमः — शत्रुओं को जीत लेने वाले
- ॐ परार्थैकप्रयोजनाय नमः — जिनका एकमात्र प्रयोजन दूसरों का हित है
- ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः — विश्वामित्र को प्रिय
- ॐ दान्ताय नमः — दान्त; संयमी
- ॐ शत्रुजिते नमः — शत्रुओं को जीतने वाले
- ॐ शत्रुतापनाय नमः — शत्रुओं को तपाने वाले
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वदेवादये नमः — समस्त देवों के आदि
- ॐ शरण्याय नमः — शरण देने योग्य
- ॐ वालिमर्दनाय नमः — बालि का मर्दन करने वाले
- ॐ ज्ञानभाव्याय नमः — ज्ञान से जानने योग्य
- ॐ अपरिच्छेद्याय नमः — जिनका परिच्छेद नहीं हो सकता
- ॐ वाग्मिने नमः — वाग्मी; सुवक्ता
- ॐ सत्यव्रताय नमः — सत्य ही जिनका व्रत है
- ॐ शुचये नमः — शुचि; पवित्र
- ॐ ज्ञानगम्याय नमः — ज्ञान से गम्य
- ॐ दृढप्रज्ञाय नमः — दृढ़ प्रज्ञा वाले
- ॐ खरध्वंसिने नमः — खर राक्षस का ध्वंस करने वाले
- ॐ प्रतापवते नमः — प्रतापशाली
- ॐ द्युतिमते नमः — द्युतिमान्; कांतिमान्
- ॐ आत्मवते नमः — आत्मवान्; आत्म-संयत
- ॐ वीराय नमः — वीर
- ॐ जितक्रोधाय नमः — क्रोध को जीत लेने वाले
- ॐ अरिमर्दनाय नमः — शत्रुओं का मर्दन करने वाले
- ॐ विश्वरूपाय नमः — विश्व-रूप
- ॐ विशालाक्षाय नमः — विशाल नेत्रों वाले
- ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
- ॐ परिवृढाय नमः — सबसे बढ़कर
- ॐ दृढाय नमः — दृढ़
- ॐ ईशाय नमः — ईश
- ॐ खड्गधराय नमः — खड्ग धारण करने वाले
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ कौसलेयाय नमः — कौसल्या के पुत्र
- ॐ अनसूयकाय नमः — असूया-रहित
- ॐ विपुलांसाय नमः — विशाल कंधों वाले
- ॐ महोरस्काय नमः — विशाल वक्ष वाले
- ॐ परमेष्ठिने नमः — परमेष्ठी
- ॐ परायणाय नमः — परम आश्रय
- ॐ सत्यव्रताय नमः — सत्य ही जिनका व्रत है
- ॐ सत्यसन्धाय नमः — सत्य-प्रतिज्ञ
- ॐ गुरवे नमः — गुरु
- ॐ परमधार्मिकाय नमः — परम धार्मिक
- ॐ लोकज्ञाय नमः — लोकों को जानने वाले
- ॐ लोकवन्द्याय नमः — लोकों द्वारा वंद्य
- ॐ लोकात्मने नमः — लोकों की आत्मा
- ॐ लोककृते नमः — लोकों की रचना करने वाले
- ॐ परस्मै नमः — पर; सबसे परे
- ॐ अनादये नमः — आदि-रहित
- ॐ भगवते नमः — षड्ऐश्वर्य-संपन्न भगवान्
- ॐ सेव्याय नमः — सेवा करने योग्य
- ॐ जितमायाय नमः — माया को जीत लेने वाले
- ॐ रघूद्वहाय नमः — रघुवंश को ऊँचा उठाने वाले
- ॐ रामाय नमः — राम
- ॐ दयाकराय नमः — दया करने वाले
- ॐ दक्षाय नमः — दक्ष; निपुण
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वपावनाय नमः — सबको पवित्र करने वाले
- ॐ ब्रह्मण्याय नमः — ब्रह्म-निष्ठ
- ॐ नीतिमते नमः — नीतिवान्
- ॐ गोप्त्रे नमः — गोप्ता; रक्षक
- ॐ सर्वदेवमयाय नमः — समस्त देवों के स्वरूप
- ॐ हरये नमः — हरि
- ॐ सुन्दराय नमः — सुंदर
- ॐ पीतवाससे नमः — पीत वस्त्र धारण करने वाले
- ॐ सूत्रकाराय नमः — सूत्र की रचना करने वाले
- ॐ पुरातनाय नमः — पुरातन
- ॐ सौम्याय नमः — सौम्य
- ॐ महर्षये नमः — महर्षि
- ॐ कोदण्डिने नमः — कोदण्ड धनुष धारण करने वाले
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वकोविदाय नमः — सब विषयों में कोविद
- ॐ कवये नमः — कवि
- ॐ सुग्रीववरदाय नमः — सुग्रीव को वर देने वाले
- ॐ सर्वपुण्याधिकप्रदाय नमः — समस्त पुण्यों से अधिक फल देने वाले
- ॐ भव्याय नमः — भव्य; कल्याणकारी
- ॐ जितारिषड्वर्गाय नमः — काम-क्रोधादि छह शत्रुओं को जीत लेने वाले
- ॐ महोदाराय नमः — महान उदार
- ॐ अघनाशनाय नमः — पापों का नाश करने वाले
- ॐ सुकीर्तये नमः — उत्तम कीर्ति वाले
- ॐ आदिपुरुषाय नमः — आदिपुरुष
- ॐ कान्ताय नमः — कांत; कमनीय
- ॐ पुण्यकृतागमाय नमः — पुण्यकारी आगमों के रचयिता
- ॐ अकल्मषाय नमः — कल्मष-रहित
- ॐ चतुर्बाहवे नमः — चार भुजाओं वाले
- ॐ सर्वावासाय नमः — सबमें निवास करने वाले
- ॐ दुरासदाय नमः — जिन तक पहुँचना दुर्लभ है
- ॐ स्मितभाषिणे नमः — मुस्कान भरे वचन बोलने वाले
रामकथा — वध-प्रसंग तथा विभीषण-प्रतिष्ठा (नाम 101–200)
- ॐ निवृत्तात्मने नमः — निवृत्त आत्मा वाले
- ॐ स्मृतिमते नमः — स्मृतिमान्
- ॐ वीर्यवते नमः — वीर्यवान्
- ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
- ॐ धीराय नमः — धीर
- ॐ दान्ताय नमः — संयमी
- ॐ घनश्यामाय नमः — मेघ के समान श्यामवर्ण
- ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः — समस्त आयुधों में निपुण
- ॐ अध्यात्मयोगनिलयाय नमः — अध्यात्म-योग जिनका निवास है
- ॐ सुमनसे नमः — सुमना; उत्तम मन वाले
- ॐ लक्ष्मणाग्रजाय नमः — लक्ष्मण के अग्रज
- ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः — समस्त तीर्थों के स्वरूप
- ॐ शूराय नमः — शूरवीर
- ॐ सर्वयज्ञफलप्रदाय नमः — समस्त यज्ञों का फल देने वाले
- ॐ यज्ञस्वरूपिणे नमः — यज्ञ-स्वरूप
- ॐ यज्ञेशाय नमः — यज्ञों के ईश
- ॐ जरामरणवर्जिताय नमः — जरा व मृत्यु से रहित
- ॐ वर्णाश्रमकराय नमः — वर्णाश्रम-व्यवस्था करने वाले
- ॐ वर्णिने नमः — वर्णी; ब्रह्मचारी
- ॐ शत्रुजिते नमः — शत्रुओं को जीतने वाले
- ॐ पुरुषोत्तमाय नमः — पुरुषों में उत्तम
- ॐ विभीषणप्रतिष्ठात्रे नमः — विभीषण को प्रतिष्ठित करने वाले
- ॐ परमात्मने नमः — परमात्मा
- ॐ परात्परस्मै नमः — पर से भी पर
- ॐ प्रमाणभूताय नमः — प्रमाण-स्वरूप
- ॐ दुर्ज्ञेयाय नमः — कठिनता से जाने जाने वाले
- ॐ पूर्णाय नमः — पूर्ण
- ॐ परपुरञ्जयाय नमः — शत्रु-नगरों को जीतने वाले
- ॐ अनन्तदृष्टये नमः — अनन्त दृष्टि वाले
- ॐ आनन्दाय नमः — आनंद-स्वरूप
- ॐ धनुर्वेदाय नमः — धनुर्वेद-स्वरूप
- ॐ धनुर्धराय नमः — धनुष धारण करने वाले
- ॐ गुणाकराय नमः — गुणों की खान
- ॐ गुणश्रेष्ठाय नमः — गुणों में श्रेष्ठ
- ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः — सच्चिदानंद-विग्रह
- ॐ अभिवन्द्याय नमः — अभिवंदनीय
- ॐ महाकायाय नमः — महाकाय
- ॐ विश्वकर्मणे नमः — विश्व की रचना करने वाले
- ॐ विशारदाय नमः — विशारद; निपुण
- ॐ विनीतात्मने नमः — विनम्र आत्मा वाले
- ॐ वीतरागाय नमः — राग-रहित
- ॐ तपस्वीशाय नमः — तपस्वियों के ईश
- ॐ जनेश्वराय नमः — जनों के ईश्वर
- ॐ कल्याणप्रकृतये नमः — कल्याणमयी प्रकृति वाले
- ॐ कल्पाय नमः — कल्प-स्वरूप
- ॐ सर्वेशाय नमः — सबके ईश
- ॐ सर्वकामदाय नमः — समस्त कामनाएँ देने वाले
- ॐ अक्षयाय नमः — अक्षय
- ॐ पुरुषाय नमः — पुरुष-स्वरूप
- ॐ साक्षिणे नमः — साक्षी
- ॐ केशवाय नमः — केशव
- ॐ पुरुषोत्तमाय नमः — पुरुषोत्तम
- ॐ लोकाध्यक्षाय नमः — लोकों के अध्यक्ष
- ॐ महामायाय नमः — महामाया-स्वरूप
- ॐ विभीषणवरप्रदाय नमः — विभीषण को वर देने वाले
- ॐ आनन्दविग्रहाय नमः — आनंद ही जिनका विग्रह है
- ॐ ज्योतिषे नमः — ज्योति-स्वरूप
- ॐ हनुमत्प्रभवे नमः — हनुमान जी के प्रभु
- ॐ अव्ययाय नमः — अव्यय
- ॐ भ्राजिष्णवे नमः — देदीप्यमान
- ॐ सहनाय नमः — सहनशील
- ॐ भोक्त्रे नमः — भोक्ता
- ॐ सत्यवादिने नमः — सत्य बोलने वाले
- ॐ बहुश्रुताय नमः — बहुश्रुत; बहुत जानने वाले
- ॐ सुखदाय नमः — सुख देने वाले
- ॐ कारणाय नमः — सबके कारण
- ॐ कर्त्रे नमः — कर्ता
- ॐ भवबन्धविमोचनाय नमः — भव-बंधन से मुक्त करने वाले
- ॐ देवचूडामणये नमः — देवों के चूड़ामणि
- ॐ नेत्रे नमः — नेता
- ॐ ब्रह्मण्याय नमः — ब्रह्म-निष्ठ
- ॐ ब्रह्मवर्धनाय नमः — ब्रह्म की वृद्धि करने वाले
- ॐ संसारोत्तारकाय नमः — संसार-सागर से पार उतारने वाले
- ॐ रामाय नमः — राम
- ॐ सर्वदुःखविमोक्षकृते नमः — समस्त दुःखों से मुक्त करने वाले
- ॐ विद्वत्तमाय नमः — विद्वानों में श्रेष्ठ
- ॐ विश्वकर्त्रे नमः — विश्व की रचना करने वाले
- ॐ विश्वहर्त्रे नमः — विश्व का संहार करने वाले
- ॐ विश्वधृते [कृते] नमः — विश्व को धारण करने वाले
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ नियतकल्याणाय नमः — जिनका कल्याण नियत है
- ॐ सीताशोकविनाशकृते नमः — सीता जी का शोक नष्ट करने वाले
- ॐ काकुत्स्थाय नमः — ककुत्स्थ-वंशी
- ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ विश्वामित्रभयापहाय नमः — विश्वामित्र का भय दूर करने वाले
- ॐ मारीचमथनाय नमः — मारीच का मथन करने वाले
- ॐ रामाय नमः — राम
- ॐ विराधवधपण्डिताय नमः — विराध-वध में निपुण
- ॐ दुःस्वप्ननाशनाय नमः — दुःस्वप्नों का नाश करने वाले
- ॐ रम्याय नमः — रम्य; मनोहर
- ॐ किरीटिने नमः — मुकुट धारण करने वाले
- ॐ त्रिदशाधिपाय नमः — देवताओं के अधिपति
- ॐ महाधनुषे नमः — महान धनुष वाले
- ॐ महाकायाय नमः — महाकाय
- ॐ भीमाय नमः — भीम; भयंकर
- ॐ भीमपराक्रमाय नमः — भयंकर पराक्रम वाले
- ॐ तत्त्वस्वरूपिणे नमः — तत्त्व-स्वरूप
- ॐ तत्त्वज्ञाय नमः — तत्त्व को जानने वाले
- ॐ तत्त्ववादिने नमः — तत्त्व का उपदेश करने वाले
- ॐ सुविक्रमाय नमः — उत्तम पराक्रम वाले
तत्त्व-स्वरूप व अवतार-नाम (नाम 201–300)
- ॐ भूतात्मने नमः — समस्त भूतों की आत्मा
- ॐ भूतकृते नमः — भूतों की रचना करने वाले
- ॐ स्वामिने नमः — स्वामी
- ॐ कालज्ञानिने नमः — काल को जानने वाले
- ॐ महापटवे नमः — महान पटु; अत्यंत कुशल
- ॐ अनिर्विण्णाय नमः — जो कभी खिन्न नहीं होते
- ॐ गुणग्राहिणे नमः — गुणों को ग्रहण करने वाले
- ॐ निष्कलङ्काय नमः — कलंक-रहित
- ॐ कलङ्कघ्ने नमः — कलंक का नाश करने वाले
- ॐ स्वभावभद्राय नमः — जिनका स्वभाव ही कल्याणकारी है
- ॐ शत्रुघ्नाय नमः — शत्रुओं का नाश करने वाले
- ॐ केशवाय नमः — केशव
- ॐ स्थाणवे नमः — स्थाणु; अचल
- ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
- ॐ भूतादये नमः — भूतों के आदि
- ॐ शम्भवे नमः — शम्भु; कल्याण उत्पन्न करने वाले
- ॐ आदित्याय नमः — आदित्य-स्वरूप
- ॐ स्थविष्ठाय नमः — सबसे स्थूल
- ॐ शाश्वताय नमः — शाश्वत
- ॐ ध्रुवाय नमः — ध्रुव; अचल
- ॐ कवचिने नमः — कवच धारण करने वाले
- ॐ कुण्डलिने नमः — कुण्डल धारण करने वाले
- ॐ चक्रिणे नमः — चक्र धारण करने वाले
- ॐ खड्गिने नमः — खड्ग धारण करने वाले
- ॐ भक्तजनप्रियाय नमः — भक्तजनों को प्रिय
- ॐ अमृत्यवे नमः — मृत्यु-रहित
- ॐ जन्मरहिताय नमः — जन्म-रहित
- ॐ सर्वजिते नमः — सबको जीत लेने वाले
- ॐ सर्वगोचराय नमः — सबके गोचर
- ॐ अनुत्तमाय नमः — जिनसे उत्तम कोई नहीं
- ॐ अप्रमेयात्मने नमः — अप्रमेय आत्मा वाले
- ॐ सर्वादये नमः — सबके आदि
- ॐ गुणसागराय नमः — गुणों के सागर
- ॐ समाय नमः — सम; समभाव वाले
- ॐ समात्मने नमः — सम आत्मा वाले
- ॐ समगाय नमः — समता में गति करने वाले
- ॐ जटामुकुटमण्डिताय नमः — जटा-मुकुट से मंडित
- ॐ अजेयाय नमः — अजेय
- ॐ सर्वभूतात्मने नमः — समस्त भूतों की आत्मा
- ॐ विष्वक्सेनाय नमः — विष्वक्सेन-स्वरूप
- ॐ महातपाय नमः — महान तप वाले
- ॐ लोकाध्यक्षाय नमः — लोकों के अध्यक्ष
- ॐ महाबाहवे नमः — विशाल भुजाओं वाले
- ॐ अमृताय नमः — अमृत-स्वरूप
- ॐ वेदवित्तमाय नमः — वेद जानने वालों में श्रेष्ठ
- ॐ सहिष्णवे नमः — सहिष्णु
- ॐ सद्गतये नमः — सद्गति-स्वरूप
- ॐ शास्त्रे नमः — शास्ता; शासन करने वाले
- ॐ विश्वयोनये नमः — विश्व के उद्गम
- ॐ महाद्युतये नमः — महान कांति वाले
- ॐ अतीन्द्राय नमः — इंद्र से भी परे
- ॐ ऊर्जिताय नमः — ऊर्जित; बलशाली
- ॐ प्रांशवे नमः — प्रांशु; अत्यंत ऊँचे
- ॐ उपेन्द्राय नमः — उपेन्द्र
- ॐ वामनाय नमः — वामन-स्वरूप
- ॐ बलिने नमः — बलवान्
- ॐ धनुर्वेदाय नमः — धनुर्वेद-स्वरूप
- ॐ विधात्रे नमः — विधाता
- ॐ ब्रह्मणे नमः — ब्रह्म-स्वरूप
- ॐ विष्णवे नमः — विष्णु-स्वरूप
- ॐ शङ्कराय नमः — शंकर-स्वरूप
- ॐ हंसाय नमः — हंस-स्वरूप
- ॐ मरीचये नमः — मरीचि; किरण-स्वरूप
- ॐ गोविन्दाय नमः — गोविन्द
- ॐ रत्नगर्भाय नमः — रत्नों को गर्भ में धारण करने वाले
- ॐ महामतये नमः — महान बुद्धि वाले
- ॐ व्यासाय नमः — व्यास-स्वरूप
- ॐ वाचस्पतये नमः — वाणी के पति
- ॐ सर्वदर्पितासुरमर्दनाय नमः — दर्प से भरे समस्त असुरों का मर्दन करने वाले
- ॐ जानकीवल्लभाय नमः — जानकी जी के वल्लभ
- ॐ पूज्याय नमः — पूजनीय
- ॐ प्रकटाय नमः — प्रकट
- ॐ प्रीतिवर्धनाय नमः — प्रीति बढ़ाने वाले
- ॐ सम्भवाय नमः — सम्भव; उत्पत्ति-स्वरूप
- ॐ अतीन्द्रियाय नमः — इंद्रियों से परे
- ॐ वेद्याय नमः — जानने योग्य
- ॐ अनिर्देशाय नमः — जिनका निर्देश नहीं किया जा सकता
- ॐ जाम्बवत्प्रभवे नमः — जाम्बवान् के प्रभु
- ॐ मदनाय नमः — मदन-स्वरूप
- ॐ मथनाय नमः — मथन करने वाले
- ॐ व्यापिने नमः — व्यापी
- ॐ विश्वरूपाय नमः — विश्व-रूप
- ॐ निरञ्जनाय नमः — निरंजन; निर्दोष
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ अग्रण्ये नमः — अग्रणी
- ॐ साधवे नमः — साधु
- ॐ जटायुप्रीतिवर्धनाय नमः — जटायु की प्रीति बढ़ाने वाले
- ॐ नैकरूपाय नमः — अनेक रूपों वाले
- ॐ जगन्नाथाय नमः — जगत् के नाथ
- ॐ सुरकार्यहिताय नमः — देवों के कार्य का हित करने वाले
- ॐ स्वभुवे नमः — स्वयंभू
- ॐ जितक्रोधाय नमः — क्रोध को जीत लेने वाले
- ॐ जितारातये नमः — शत्रुओं को जीत लेने वाले
- ॐ प्लवगाधिपराज्यदाय नमः — वानरों के अधिपति को राज्य देने वाले
- ॐ वसुदाय नमः — धन देने वाले
- ॐ सुभुजाय नमः — सुंदर भुजाओं वाले
- ॐ नैकमायाय नमः — अनेक मायाओं वाले
- ॐ भव्यप्रमोदनाय नमः — भव्य जनों को प्रमोद देने वाले
- ॐ चण्डांशवे नमः — प्रचंड किरणों वाले
- ॐ सिद्धिदाय नमः — सिद्धि देने वाले
कृष्ण-लीला तथा विष्णु-अवतार के नाम (नाम 301–400)
- ॐ कल्पाय नमः — कल्प-स्वरूप
- ॐ शरणागतवत्सलाय नमः — शरणागत पर वात्सल्य रखने वाले
- ॐ अगदाय नमः — अगद; रोग-रहित
- ॐ रोगहर्त्रे नमः — रोग हरने वाले
- ॐ मन्त्रज्ञाय नमः — मंत्रों को जानने वाले
- ॐ मन्त्रभावनाय नमः — मंत्रों की भावना करने वाले
- ॐ सौमित्रिवत्सलाय नमः — सुमित्रा-पुत्र लक्ष्मण पर वात्सल्य रखने वाले
- ॐ धुर्याय नमः — धुर्य; भार वहन करने वाले
- ॐ व्यक्ताव्यक्तस्वरूपधृते नमः — व्यक्त व अव्यक्त दोनों स्वरूप धारण करने वाले
- ॐ वसिष्ठाय नमः — वसिष्ठ-स्वरूप
- ॐ ग्रामण्ये नमः — ग्रामणी; अग्रणी
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ अनुकूलाय नमः — अनुकूल रहने वाले
- ॐ प्रियंवदाय नमः — प्रिय बोलने वाले
- ॐ अतुलाय नमः — अतुल; जिनकी तुलना नहीं
- ॐ सात्त्विकाय नमः — सात्त्विक
- ॐ धीराय नमः — धीर
- ॐ शरासनविशारदाय नमः — धनुर्विद्या में निपुण
- ॐ ज्येष्ठाय नमः — ज्येष्ठ
- ॐ सर्वगुणोपेताय नमः — समस्त गुणों से युक्त
- ॐ शक्तिमते नमः — शक्तिमान्
- ॐ ताटकान्तकाय नमः — ताड़का का अंत करने वाले
- ॐ वैकुण्ठाय नमः — वैकुण्ठ-स्वरूप
- ॐ प्राणिनां प्राणाय नमः — प्राणियों के प्राण
- ॐ कमठाय नमः — कमठ; कूर्म-स्वरूप
- ॐ कमलापतये नमः — कमला के पति
- ॐ गोवर्धनधराय नमः — गोवर्धन धारण करने वाले
- ॐ मत्स्यरूपाय नमः — मत्स्य-रूप
- ॐ कारुण्यसागराय नमः — करुणा के सागर
- ॐ कुम्भकर्णप्रभेत्त्रे नमः — कुम्भकर्ण को भेद देने वाले
- ॐ गोपीगोपालसंवृताय नमः — गोपियों व गोपालों से घिरे हुए
- ॐ मायाविने नमः — मायावी
- ॐ व्यापकाय नमः — व्यापक
- ॐ व्यापिने नमः — व्यापी
- ॐ रैणुकेयबलापहाय नमः — रेणुका-पुत्र परशुराम का बल हरने वाले
- ॐ पिनाकमथनाय नमः — पिनाक धनुष का मथन करने वाले
- ॐ वन्द्याय नमः — वंदनीय
- ॐ समर्थाय नमः — समर्थ
- ॐ गरुडध्वजाय नमः — जिनकी ध्वजा पर गरुड़ है
- ॐ लोकत्रयाश्रयाय नमः — तीनों लोकों के आश्रय
- ॐ लोकचरिताय नमः — लोक-चरित धारण करने वाले
- ॐ भरताग्रजाय नमः — भरत के अग्रज
- ॐ श्रीधराय नमः — श्री को धारण करने वाले
- ॐ सद्गतये नमः — सद्गति-स्वरूप
- ॐ लोकसाक्षिणे नमः — लोकों के साक्षी
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ बुधाय नमः — बुध; ज्ञानी
- ॐ मनोवेगिने नमः — मन के समान वेग वाले
- ॐ मनोरूपिणे नमः — मन के समान रूप वाले
- ॐ पूर्णाय नमः — पूर्ण
- ॐ पुरुषपुङ्गवाय नमः — पुरुषों में श्रेष्ठ
- ॐ यदुश्रेष्ठाय नमः — यदुवंश में श्रेष्ठ
- ॐ यदुपतये नमः — यदुओं के पति
- ॐ भूतावासाय नमः — समस्त भूतों के निवास
- ॐ सुविक्रमाय नमः — उत्तम पराक्रम वाले
- ॐ तेजोधराय नमः — तेज धारण करने वाले
- ॐ धराधाराय नमः — धरा के आधार
- ॐ चतुर्मूर्तये नमः — चार मूर्तियों वाले
- ॐ महानिधये नमः — महान निधि
- ॐ चाणूरमर्दनाय नमः — चाणूर का मर्दन करने वाले
- ॐ दिव्याय नमः — दिव्य
- ॐ शान्ताय नमः — शांत
- ॐ भरतवन्दिताय नमः — भरत द्वारा वंदित
- ॐ शब्दातिगाय नमः — शब्द से परे
- ॐ गभीरात्मने नमः — गंभीर आत्मा वाले
- ॐ कोमलाङ्गाय नमः — कोमल अंगों वाले
- ॐ प्रजागराय नमः — सदा जागरूक
- ॐ लोकगर्भाय नमः — लोक जिनके गर्भ में हैं
- ॐ शेषशायिने नमः — शेषनाग पर शयन करने वाले
- ॐ क्षीराब्धिनिलयाय नमः — क्षीरसागर में निवास करने वाले
- ॐ अमलाय नमः — अमल; निर्मल
- ॐ आत्मयोनये नमः — जिनकी उत्पत्ति स्वयं से है
- ॐ अदीनात्मने नमः — अदीन आत्मा वाले
- ॐ सहस्राक्षाय नमः — सहस्र नेत्रों वाले
- ॐ सहस्रपदे नमः — सहस्र चरणों वाले
- ॐ अमृतांशवे नमः — अमृत-किरण वाले
- ॐ महागर्भाय नमः — महान गर्भ वाले
- ॐ निवृत्तविषयस्पृहाय नमः — विषय-कामना से निवृत्त
- ॐ त्रिकालज्ञाय नमः — तीनों कालों को जानने वाले
- ॐ मुनये नमः — मुनि
- ॐ साक्षिणे नमः — साक्षी
- ॐ विहायसगतये नमः — आकाश में गति करने वाले
- ॐ कृतिने नमः — कृती; कृतकार्य
- ॐ पर्जन्याय नमः — पर्जन्य; वर्षा-स्वरूप
- ॐ कुमुदाय नमः — कुमुद-स्वरूप
- ॐ भूतावासाय नमः — भूतों के निवास
- ॐ कमललोचनाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ श्रीवत्सवक्षसे नमः — वक्ष पर श्रीवत्स चिह्न वाले
- ॐ श्रीवासाय नमः — जिनमें श्री का निवास है
- ॐ वीरघ्ने नमः — वीरों का नाश करने वाले
- ॐ लक्ष्मणाग्रजाय नमः — लक्ष्मण के अग्रज
- ॐ लोकाभिरामाय नमः — लोकों को प्रिय
- ॐ लोकारिमर्दनाय नमः — लोक-शत्रुओं का मर्दन करने वाले
- ॐ सेवकप्रियाय नमः — सेवकों को प्रिय
- ॐ सनातनतमाय नमः — सबसे अधिक सनातन
- ॐ मेघश्यामलाय नमः — मेघ के समान श्यामल
- ॐ राक्षसान्तकृते नमः — राक्षसों का अंत करने वाले
- ॐ दिव्यायुधधराय नमः — दिव्य आयुध धारण करने वाले
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ अप्रमेयाय नमः — अप्रमेय
काल, वेद व नीति-स्वरूप (नाम 401–500)
- ॐ जितेन्द्रियाय नमः — इंद्रियों को जीत लेने वाले
- ॐ भूदेववन्द्याय नमः — ब्राह्मणों द्वारा वंदित
- ॐ जनकप्रियकृते नमः — जनक का प्रिय करने वाले
- ॐ प्रपितामहाय नमः — प्रपितामह
- ॐ उत्तमाय नमः — उत्तम
- ॐ सात्त्विकाय नमः — सात्त्विक
- ॐ सत्याय नमः — सत्य-स्वरूप
- ॐ सत्यसन्धाय नमः — सत्य-प्रतिज्ञ
- ॐ त्रिविक्रमाय नमः — त्रिविक्रम-स्वरूप
- ॐ सुव्रताय नमः — उत्तम व्रत वाले
- ॐ सुलभाय नमः — सुलभ
- ॐ सूक्ष्माय नमः — सूक्ष्म
- ॐ सुघोषाय नमः — सुंदर घोष वाले
- ॐ सुखदाय नमः — सुख देने वाले
- ॐ सुधिये नमः — उत्तम बुद्धि वाले
- ॐ दामोदराय नमः — दामोदर
- ॐ अच्युताय नमः — अच्युत
- ॐ शार्ङ्गिणे नमः — शार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- ॐ वामनाय नमः — वामन-स्वरूप
- ॐ मधुराधिपाय नमः — मथुरा के अधिपति
- ॐ देवकीनन्दनाय नमः — देवकी के नंदन
- ॐ शौरये नमः — शौरि; शूरसेन-वंशी
- ॐ शूराय नमः — शूर
- ॐ कैटभमर्दनाय नमः — कैटभ का मर्दन करने वाले
- ॐ सप्ततालप्रभेत्त्रे नमः — सात ताल-वृक्षों को भेद देने वाले
- ॐ मित्रवंशप्रवर्धनाय नमः — मित्र-वंश की वृद्धि करने वाले
- ॐ कालस्वरूपिणे नमः — काल-स्वरूप
- ॐ कालात्मने नमः — काल की आत्मा
- ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
- ॐ कल्याणदाय नमः — कल्याण देने वाले
- ॐ कवये नमः — कवि
- ॐ संवत्सराय नमः — संवत्सर-स्वरूप
- ॐ ऋतवे नमः — ऋतु-स्वरूप
- ॐ पक्षाय नमः — पक्ष-स्वरूप
- ॐ अयनाय नमः — अयन-स्वरूप
- ॐ दिवसाय नमः — दिवस-स्वरूप
- ॐ युगाय नमः — युग-स्वरूप
- ॐ स्तव्याय नमः — स्तुति करने योग्य
- ॐ विविक्ताय नमः — विविक्त; एकांत-स्वरूप
- ॐ निर्लेपाय नमः — निर्लेप
- ॐ सर्वव्यापिने नमः — सर्वत्र व्यापी
- ॐ निराकुलाय नमः — आकुलता-रहित
- ॐ अनादिनिधनाय नमः — जिनका न आदि है न अंत
- ॐ सर्वलोकपूज्याय नमः — समस्त लोकों द्वारा पूज्य
- ॐ निरामयाय नमः — रोग-रहित
- ॐ रसाय नमः — रस-स्वरूप
- ॐ रसज्ञाय नमः — रस को जानने वाले
- ॐ सारज्ञाय नमः — सार को जानने वाले
- ॐ लोकसाराय नमः — लोकों के सार
- ॐ रसात्मकाय नमः — रस-स्वरूप
- ॐ सर्वदुःखातिगाय नमः — समस्त दुःखों से परे
- ॐ विद्याराशये नमः — विद्या की राशि
- ॐ परमगोचराय नमः — परम गोचर
- ॐ शेषाय नमः — शेष-स्वरूप
- ॐ विशेषाय नमः — विशेष-स्वरूप
- ॐ विगतकल्मषाय नमः — कल्मष से रहित
- ॐ रघुनायकाय नमः — रघुवंश के नायक
- ॐ वर्णश्रेष्ठाय नमः — वर्णों में श्रेष्ठ
- ॐ वर्णवाह्याय नमः — वर्णों से परे
- ॐ वर्ण्याय नमः — वर्णनीय
- ॐ वर्ण्यगुणोज्ज्वलाय नमः — वर्णनीय गुणों से उज्ज्वल
- ॐ कर्मसाक्षिणे नमः — कर्मों के साक्षी
- ॐ अमरश्रेष्ठाय नमः — देवों में श्रेष्ठ
- ॐ देवदेवाय नमः — देवों के देव
- ॐ सुखप्रदाय नमः — सुख देने वाले
- ॐ देवाधिदेवाय नमः — देवों के अधिदेव
- ॐ देवर्षये नमः — देवर्षि-स्वरूप
- ॐ देवासुरनमस्कृताय नमः — देवों व असुरों द्वारा नमस्कृत
- ॐ सर्वदेवमयाय नमः — समस्त देवों के स्वरूप
- ॐ चक्रिणे नमः — चक्र धारण करने वाले
- ॐ शार्ङ्गपाणये नमः — शार्ङ्ग धनुष हाथ में धारण करने वाले
- ॐ रघूत्तमाय नमः — रघुवंश में उत्तम
- ॐ मनसे नमः — मन-स्वरूप
- ॐ बुद्धये नमः — बुद्धि-स्वरूप
- ॐ अहङ्काराय नमः — अहंकार-तत्त्व स्वरूप
- ॐ प्रकृत्यै नमः — प्रकृति-स्वरूप
- ॐ पुरुषाय नमः — पुरुष-स्वरूप
- ॐ अव्ययाय नमः — अव्यय
- ॐ अहल्यापावनाय नमः — अहल्या को पावन करने वाले
- ॐ स्वामिने नमः — स्वामी
- ॐ पितृभक्ताय नमः — पिता के भक्त
- ॐ वरप्रदाय नमः — वर देने वाले
- ॐ न्यायाय नमः — न्याय-स्वरूप
- ॐ न्यायिने नमः — न्यायी
- ॐ नयिने नमः — नीति-निपुण
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ नयाय नमः — नय; नीति-स्वरूप
- ॐ नगधराय नमः — पर्वत धारण करने वाले
- ॐ ध्रुवाय नमः — ध्रुव; अचल
- ॐ लक्ष्मीविश्वम्भराभर्त्रे नमः — लक्ष्मी तथा पृथ्वी दोनों का भरण करने वाले
- ॐ देवेन्द्राय नमः — देवेन्द्र-स्वरूप
- ॐ बलिमर्दनाय नमः — बलि का मर्दन करने वाले
- ॐ वाणारिमर्दनाय नमः — बाणासुर के शत्रु का मर्दन करने वाले
- ॐ यज्वने नमः — यज्वा; यज्ञ करने वाले
- ॐ अनुत्तमाय नमः — जिनसे उत्तम कोई नहीं
- ॐ मुनिसेविताय नमः — मुनियों द्वारा सेवित
- ॐ देवाग्रणये नमः — देवों में अग्रणी
- ॐ शिवध्यानतत्पराय नमः — शिव के ध्यान में तत्पर
- ॐ परमाय नमः — परम
- ॐ परस्मै नमः — पर; सबसे परे
शैव-नाम तथा शिव-पूजा का प्रसंग (नाम 501–600)
- ॐ सामगेयाय नमः — सामगान से गाए जाने वाले
- ॐ प्रियाय नमः — प्रिय
- ॐ अक्रूराय नमः — अक्रूर; क्रूरता-रहित
- ॐ पुण्यकीर्तये नमः — पुण्यमयी कीर्ति वाले
- ॐ सुलोचनाय नमः — सुंदर नेत्रों वाले
- ॐ पुण्याय नमः — पुण्य-स्वरूप
- ॐ पुण्याधिकाय नमः — पुण्य से भी अधिक
- ॐ पूर्वस्मै नमः — पूर्व; सबसे पहले
- ॐ पूर्णाय नमः — पूर्ण
- ॐ पूरयित्रे नमः — पूर्ण करने वाले
- ॐ रवये नमः — रवि; सूर्य-स्वरूप
- ॐ जटिलाय नमः — जटाधारी
- ॐ कल्मषध्वान्तप्रभञ्जनविभावसवे नमः — पाप-रूपी अंधकार का भंजन करने वाले सूर्य
- ॐ अव्यक्तलक्षणाय नमः — अव्यक्त लक्षण वाले
- ॐ अव्यक्ताय नमः — अव्यक्त
- ॐ दशास्यद्वीपकेसरिणे नमः — दशमुख रावण-रूपी हाथी के लिए सिंह
- ॐ कलानिधये नमः — कलाओं के निधि
- ॐ कलानाथाय नमः — कलाओं के नाथ
- ॐ कमलानन्दवर्धनाय नमः — कमला का आनंद बढ़ाने वाले
- ॐ जयिने नमः — जयी; विजयशील
- ॐ जितारये नमः — शत्रुओं को जीत लेने वाले
- ॐ सर्वादये नमः — सबके आदि
- ॐ शमनाय नमः — शमन करने वाले
- ॐ भवभञ्जनाय नमः — भव-बंधन का भंजन करने वाले
- ॐ अलङ्करिष्णवे नमः — अलंकृत करने वाले
- ॐ अचलाय नमः — अचल
- ॐ रोचिष्णवे नमः — देदीप्यमान
- ॐ विक्रमोत्तमाय नमः — पराक्रम में उत्तम
- ॐ आशवे नमः — आशु; शीघ्रगामी
- ॐ शब्दपतये नमः — शब्द के पति
- ॐ शब्दगोचराय नमः — शब्द से जाने जाने वाले
- ॐ रञ्जनाय नमः — आनंदित करने वाले
- ॐ रघवे नमः — रघु-स्वरूप
- ॐ निश्शब्दाय नमः — निःशब्द; शब्द से परे
- ॐ प्रणवाय नमः — प्रणव-स्वरूप
- ॐ मालिने नमः — माला धारण करने वाले
- ॐ स्थूलाय नमः — स्थूल
- ॐ सूक्ष्माय नमः — सूक्ष्म
- ॐ विलक्षणाय नमः — विलक्षण
- ॐ आत्मयोनये नमः — जिनकी उत्पत्ति स्वयं से है
- ॐ अयोनये नमः — योनि-रहित; अजन्मा
- ॐ सप्तजिह्वाय नमः — सप्त-जिह्व अग्नि-स्वरूप
- ॐ सहस्रपदे नमः — सहस्र चरणों वाले
- ॐ सनातनतमाय नमः — सबसे अधिक सनातन
- ॐ स्रग्विणे नमः — माला धारण करने वाले
- ॐ पेशलाय नमः — पेशल; कोमल व सुंदर
- ॐ जविनां वराय नमः — वेगवानों में श्रेष्ठ
- ॐ शक्तिमते नमः — शक्तिमान्
- ॐ शङ्खभृते नमः — शंख धारण करने वाले
- ॐ नाथाय नमः — नाथ
- ॐ गदापद्मरथाङ्गभृते नमः — गदा, पद्म व चक्र धारण करने वाले
- ॐ निरीहाय नमः — निरीह; इच्छा-रहित
- ॐ निर्विकल्पाय नमः — निर्विकल्प
- ॐ चिद्रूपाय नमः — चिद्रूप
- ॐ वीतसाध्वसाय नमः — भय से रहित
- ॐ शताननाय नमः — सैकड़ों मुख वाले
- ॐ सहस्राक्षाय नमः — सहस्र नेत्रों वाले
- ॐ शतमूर्तये नमः — सैकड़ों मूर्तियों वाले
- ॐ घनप्रभाय नमः — मेघ के समान प्रभा वाले
- ॐ हृत्पुण्डरीकशयनाय नमः — हृदय-कमल में शयन करने वाले
- ॐ कठिनाय नमः — कठिन
- ॐ द्रवाय नमः — द्रव-स्वरूप
- ॐ उग्राय नमः — उग्र
- ॐ ग्रहपतये नमः — ग्रहों के पति
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ समर्थाय नमः — समर्थ
- ॐ अनर्थनाशनाय नमः — अनर्थ का नाश करने वाले
- ॐ अधर्मशत्रवे नमः — अधर्म के शत्रु
- ॐ रक्षोघ्नाय नमः — राक्षसों का नाश करने वाले
- ॐ पुरुहूताय नमः — बहुतों द्वारा पुकारे जाने वाले
- ॐ पुरुष्टुताय नमः — बहुतों द्वारा स्तुत
- ॐ ब्रह्मगर्भाय नमः — ब्रह्म जिनके गर्भ में है
- ॐ बृहद्गर्भाय नमः — विशाल गर्भ वाले
- ॐ धर्मधेनवे नमः — धर्म-रूपी कामधेनु
- ॐ धनागमाय नमः — धन का आगम कराने वाले
- ॐ हिरण्यगर्भाय नमः — हिरण्यगर्भ-स्वरूप
- ॐ ज्योतिष्मते नमः — ज्योतिर्मय
- ॐ सुललाटाय नमः — सुंदर ललाट वाले
- ॐ सुविक्रमाय नमः — उत्तम पराक्रम वाले
- ॐ शिवपूजारताय नमः — शिव-पूजा में रत
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ भवानीप्रियकृते नमः — भवानी का प्रिय करने वाले
- ॐ वशिने नमः — वशी; संयमी
- ॐ नराय नमः — नर-स्वरूप
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण-स्वरूप
- ॐ श्यामाय नमः — श्याम वर्ण वाले
- ॐ कपर्दिने नमः — जटा-जूट धारण करने वाले
- ॐ नीललोहिताय नमः — नीले व लाल वर्ण वाले
- ॐ रुद्राय नमः — रुद्र-स्वरूप
- ॐ पशुपतये नमः — पशुपति-स्वरूप
- ॐ स्थाणवे नमः — स्थाणु; अचल
- ॐ विश्वामित्राय नमः — विश्वामित्र-स्वरूप
- ॐ द्विजेश्वराय नमः — द्विजों के ईश्वर
- ॐ मातामहाय नमः — मातामह-स्वरूप
- ॐ मातरिश्वने नमः — मातरिश्वा; वायु-स्वरूप
- ॐ विरिञ्चाय नमः — विरिंचि; ब्रह्मा-स्वरूप
- ॐ विष्टरश्रवसे नमः — विष्टरश्रवा; विष्णु-स्वरूप
- ॐ सर्वभूतानामक्षोभ्याय नमः — समस्त भूतों में अक्षोभ्य
- ॐ चण्डाय नमः — चण्ड; प्रचंड
- ॐ सत्यपराक्रमाय नमः — सत्य पराक्रम वाले
योग, धर्म व ज्योतिष-स्वरूप (नाम 601–700)
- ॐ वालखिल्याय नमः — वालखिल्य-स्वरूप
- ॐ महाकल्पाय नमः — महाकल्प-स्वरूप
- ॐ कल्पवृक्षाय नमः — कल्पवृक्ष-स्वरूप
- ॐ कलाधराय नमः — कलाओं को धारण करने वाले
- ॐ निदाघाय नमः — निदाघ; ग्रीष्म-स्वरूप
- ॐ तपनाय नमः — तपाने वाले; सूर्य-स्वरूप
- ॐ अमोघाय नमः — अमोघ; जिनका प्रयास व्यर्थ नहीं
- ॐ श्लक्ष्णाय नमः — श्लक्ष्ण; कोमल
- ॐ परबलापहृते नमः — शत्रु-बल का हरण करने वाले
- ॐ कबन्धमथनाय नमः — कबन्ध का मथन करने वाले
- ॐ दिव्याय नमः — दिव्य
- ॐ कम्बुग्रीवाय नमः — शंख के समान कंठ वाले
- ॐ शिवप्रियाय नमः — शिव को प्रिय
- ॐ शङ्खाय नमः — शंख-स्वरूप
- ॐ अनिलाय नमः — अनिल; वायु-स्वरूप
- ॐ सुनिष्पन्नाय नमः — सुनिष्पन्न; भली प्रकार सिद्ध
- ॐ सुलभाय नमः — सुलभ
- ॐ शिशिरात्मकाय नमः — शीतल स्वभाव वाले
- ॐ असंसृष्टाय नमः — असंसृष्ट; लिप्त न होने वाले
- ॐ अतिथये नमः — अतिथि-स्वरूप
- ॐ शूराय नमः — शूर
- ॐ प्रमाथिने नमः — प्रमथी; मथन करने वाले
- ॐ पापनाशकृते नमः — पाप का नाश करने वाले
- ॐ वसुश्रवसे नमः — वसु के समान यश वाले
- ॐ कव्यवाहाय नमः — कव्य को वहन करने वाले
- ॐ प्रतप्ताय नमः — प्रतप्त; तपाए हुए स्वर्ण के समान
- ॐ विश्वभोजनाय नमः — विश्व का भोजन करने वाले
- ॐ रामाय नमः — राम
- ॐ नीलोत्पलश्यामाय नमः — नील कमल के समान श्याम
- ॐ ज्ञानस्कन्धाय नमः — ज्ञान ही जिनका स्कंध है
- ॐ महाद्युतये नमः — महान कांति वाले
- ॐ पवित्रपादाय नमः — पवित्र चरणों वाले
- ॐ पापारये नमः — पापों के शत्रु
- ॐ मणिपूराय नमः — मणिपूर-स्वरूप
- ॐ नभोगतये नमः — आकाश में गति करने वाले
- ॐ उत्तारणाय नमः — पार उतारने वाले
- ॐ दुष्कृतिघ्ने नमः — दुष्कर्मों का नाश करने वाले
- ॐ दुर्धर्षाय नमः — जिन्हें पराजित करना कठिन है
- ॐ दुस्सहाय नमः — जिन्हें सहना कठिन है
- ॐ अभयाय नमः — अभय-स्वरूप
- ॐ अमृतेशाय नमः — अमृत के ईश
- ॐ अमृतवपुषे नमः — अमृतमय शरीर वाले
- ॐ धर्मिणे नमः — धर्मी
- ॐ धर्माय नमः — धर्म-स्वरूप
- ॐ कृपाकराय नमः — कृपा करने वाले
- ॐ भर्गाय नमः — भर्ग; तेजोमय
- ॐ विवस्वते नमः — विवस्वान्; सूर्य-स्वरूप
- ॐ आदित्याय नमः — आदित्य-स्वरूप
- ॐ योगाचार्याय नमः — योग के आचार्य
- ॐ दिवस्पतये नमः — दिवस के पति
- ॐ उदारकीर्तये नमः — उदार कीर्ति वाले
- ॐ उद्योगिने नमः — उद्योगशील
- ॐ वाङ्मयाय नमः — वाङ्मय; वाणी-स्वरूप
- ॐ सदसन्मयाय नमः — सत् व असत् दोनों के स्वरूप
- ॐ नक्षत्रमालिने नमः — नक्षत्रों की माला वाले
- ॐ नाकेशाय नमः — स्वर्ग के ईश
- ॐ स्वाधिष्ठानाय नमः — स्वाधिष्ठान-स्वरूप
- ॐ षडाश्रयाय नमः — छह आधारों के आश्रय
- ॐ चतुर्वर्गफलाय नमः — चारों पुरुषार्थों का फल
- ॐ वर्णिने नमः — वर्णी; ब्रह्मचारी
- ॐ शक्तित्रयफलाय नमः — तीनों शक्तियों का फल
- ॐ निधये नमः — निधि-स्वरूप
- ॐ निधानगर्भाय नमः — निधान जिनके गर्भ में है
- ॐ निर्व्याजाय नमः — निर्व्याज; छल-रहित
- ॐ गिरीशाय नमः — गिरीश-स्वरूप
- ॐ व्यालमर्दनाय नमः — सर्पों का मर्दन करने वाले
- ॐ श्रीवल्लभाय नमः — श्री के वल्लभ
- ॐ शिवारम्भाय नमः — जिनका आरंभ ही कल्याणकारी है
- ॐ शान्तये नमः — शांति-स्वरूप
- ॐ भद्राय नमः — भद्र; कल्याणकारी
- ॐ समञ्जसाय नमः — समंजस; सर्वथा उचित
- ॐ भूशयाय नमः — भूमि पर शयन करने वाले
- ॐ भूतिकृते नमः — ऐश्वर्य देने वाले
- ॐ भूतिभूषणाय नमः — भस्म ही जिनका आभूषण है
- ॐ भूतवाहनाय नमः — भूतों को वाहन बनाने वाले
- ॐ अकायाय नमः — शरीर-रहित
- ॐ भक्तकायस्थाय नमः — भक्तों के शरीर में स्थित
- ॐ कालज्ञानिने नमः — काल को जानने वाले
- ॐ महावटवे नमः — महान वट-स्वरूप
- ॐ परार्थवृत्तये नमः — जिनकी वृत्ति दूसरों के हित के लिए है
- ॐ अचलाय नमः — अचल
- ॐ विविक्ताय नमः — विविक्त; एकांत-स्वरूप
- ॐ श्रुतिसागराय नमः — श्रुति के सागर
- ॐ स्वभावभद्राय नमः — जिनका स्वभाव ही कल्याणकारी है
- ॐ मध्यस्थाय नमः — मध्यस्थ
- ॐ संसारभयनाशनाय नमः — संसार-भय का नाश करने वाले
- ॐ वेद्याय नमः — जानने योग्य
- ॐ वैद्याय नमः — वैद्य
- ॐ वियद्गोप्त्रे नमः — आकाश की रक्षा करने वाले
- ॐ सर्वामरमुनीश्वराय नमः — समस्त देवों व मुनियों के ईश्वर
- ॐ सुरेन्द्राय नमः — सुरों के इंद्र
- ॐ करणाय नमः — करण-स्वरूप
- ॐ कर्मणे नमः — कर्म-स्वरूप
- ॐ कर्मकृते नमः — कर्म करने वाले
- ॐ कर्मिणे नमः — कर्मी
- ॐ अधोक्षजाय नमः — अधोक्षज; इंद्रियों से परे
- ॐ ध्येयाय नमः — ध्यान करने योग्य
- ॐ धुर्याय नमः — धुर्य; भार वहन करने वाले
- ॐ धराधीशाय नमः — धरा के अधीश
- ॐ सङ्कल्पाय नमः — संकल्प-स्वरूप
विष्णु-नाम व निवास-स्थान (नाम 701–800)
- ॐ शर्वरीपतये नमः — रात्रि के पति; चंद्र-स्वरूप
- ॐ परमार्थगुरवे नमः — परमार्थ के गुरु
- ॐ वृद्धाय नमः — वृद्ध; पुरातन
- ॐ शुचये नमः — शुचि; पवित्र
- ॐ आश्रितवत्सलाय नमः — आश्रितों पर वात्सल्य रखने वाले
- ॐ विष्णवे नमः — विष्णु-स्वरूप
- ॐ जिष्णवे नमः — जिष्णु; विजयशील
- ॐ विभवे नमः — विभु; सर्वव्यापी
- ॐ वन्द्याय नमः — वंदनीय
- ॐ यज्ञेशाय नमः — यज्ञों के ईश
- ॐ यज्ञपालकाय नमः — यज्ञ का पालन करने वाले
- ॐ प्रभविष्णवे नमः — प्रभविष्णु; समर्थ
- ॐ ग्रसिष्णवे नमः — ग्रसिष्णु; ग्रसने वाले
- ॐ लोकात्मने नमः — लोकों की आत्मा
- ॐ लोकभावनाय नमः — लोकों की भावना करने वाले
- ॐ केशवाय नमः — केशव
- ॐ केशिघ्ने नमः — केशी-दैत्य का नाश करने वाले
- ॐ काव्याय नमः — काव्य-स्वरूप
- ॐ कवये नमः — कवि
- ॐ कारणकारणाय नमः — कारणों के भी कारण
- ॐ कालकर्त्रे नमः — काल की रचना करने वाले
- ॐ कालशेषाय नमः — काल के भी शेष रहने वाले
- ॐ वासुदेवाय नमः — वासुदेव
- ॐ पुरुष्टुताय नमः — बहुतों द्वारा स्तुत
- ॐ आदिकर्त्रे नमः — आदि कर्ता
- ॐ वराहाय नमः — वराह-स्वरूप
- ॐ माधवाय नमः — माधव
- ॐ मधुसूदनाय नमः — मधु दैत्य का नाश करने वाले
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ नराय नमः — नर-स्वरूप
- ॐ हंसाय नमः — हंस-स्वरूप
- ॐ विष्वक्सेनाय नमः — विष्वक्सेन
- ॐ जनार्दनाय नमः — जनों के कष्ट दूर करने वाले
- ॐ विश्वकर्त्रे नमः — विश्व की रचना करने वाले
- ॐ महायज्ञाय नमः — महायज्ञ-स्वरूप
- ॐ ज्योतिष्मते नमः — ज्योतिर्मय
- ॐ पुरुषोत्तमाय नमः — पुरुषोत्तम
- ॐ वैकुण्ठाय नमः — वैकुण्ठ-स्वरूप
- ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ कृष्णाय नमः — कृष्ण-स्वरूप
- ॐ सूर्याय नमः — सूर्य-स्वरूप
- ॐ सुरार्चिताय नमः — देवों द्वारा अर्चित
- ॐ नारसिंहाय नमः — नरसिंह-स्वरूप
- ॐ महाभीमाय नमः — महाभीम
- ॐ वक्रदंष्ट्राय नमः — टेढ़ी दाढ़ों वाले
- ॐ नखायुधाय नमः — नख ही जिनके आयुध हैं
- ॐ आदिदेवाय नमः — आदिदेव
- ॐ जगत्कर्त्रे नमः — जगत् की रचना करने वाले
- ॐ योगीशाय नमः — योगियों के ईश
- ॐ गरुडध्वजाय नमः — जिनकी ध्वजा पर गरुड़ है
- ॐ गोविन्दाय नमः — गोविन्द
- ॐ गोपतये नमः — गौओं के पति
- ॐ गोप्त्रे नमः — गोप्ता; रक्षक
- ॐ भूपतये नमः — भूमि के पति
- ॐ भुवनेश्वराय नमः — भुवनों के ईश्वर
- ॐ पद्मनाभाय नमः — जिनकी नाभि से कमल उत्पन्न हुआ
- ॐ हृषीकेशाय नमः — इंद्रियों के स्वामी
- ॐ धात्रे नमः — धाता; धारण करने वाले
- ॐ दामोदराय नमः — दामोदर
- ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
- ॐ त्रिविक्रमाय नमः — त्रिविक्रम
- ॐ त्रिलोकेशाय नमः — तीनों लोकों के ईश
- ॐ ब्रह्मेशाय नमः — ब्रह्मा के भी ईश
- ॐ प्रीतिवर्धनाय नमः — प्रीति बढ़ाने वाले
- ॐ वामनाय नमः — वामन-स्वरूप
- ॐ दुष्टदमनाय नमः — दुष्टों का दमन करने वाले
- ॐ गोविन्दाय नमः — गोविन्द
- ॐ गोपवल्लभाय नमः — गोपों के वल्लभ
- ॐ भक्तप्रियाय नमः — भक्तों को प्रिय
- ॐ अच्युताय नमः — अच्युत
- ॐ सत्याय नमः — सत्य-स्वरूप
- ॐ सत्यकीर्तये नमः — सत्य कीर्ति वाले
- ॐ धृत्यै नमः — धृति-स्वरूप
- ॐ स्मृत्यै नमः — स्मृति-स्वरूप
- ॐ कारुण्याय नमः — करुणा-स्वरूप
- ॐ करुणाय नमः — करुणामय
- ॐ व्यासाय नमः — व्यास-स्वरूप
- ॐ पापघ्ने नमः — पापों का नाश करने वाले
- ॐ शान्तिवर्धनाय नमः — शांति बढ़ाने वाले
- ॐ संन्यासिने नमः — संन्यासी-स्वरूप
- ॐ शास्त्रतत्त्वज्ञाय नमः — शास्त्रों के तत्त्व को जानने वाले
- ॐ मन्दराद्रिनिकेतनाय नमः — मंदराचल पर निवास करने वाले
- ॐ बदरीनिलयाय नमः — बदरिकाश्रम में निवास करने वाले
- ॐ शान्ताय नमः — शांत
- ॐ तपस्विने नमः — तपस्वी
- ॐ वैद्युतप्रभाय नमः — विद्युत् के समान प्रभा वाले
- ॐ भूतावासाय नमः — भूतों के निवास
- ॐ गुहावासाय नमः — गुफा में निवास करने वाले
- ॐ श्रीनिवासाय नमः — जिनमें श्री का निवास है
- ॐ श्रियः पतये नमः — श्री के पति
- ॐ तपोवासाय नमः — तप में निवास करने वाले
- ॐ मुदावासाय नमः — आनंद में निवास करने वाले
- ॐ सत्यवासाय नमः — सत्य में निवास करने वाले
- ॐ सनातनाय नमः — सनातन
- ॐ पुरुषाय नमः — पुरुष-स्वरूप
- ॐ पुष्कराय नमः — पुष्कर-स्वरूप
- ॐ पुण्याय नमः — पुण्य-स्वरूप
- ॐ पुष्कराक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ महेश्वराय नमः — महेश्वर
- ॐ पूर्णमूर्तये नमः — पूर्ण मूर्ति वाले
आयुध, आभूषण व गुण-वर्णन (नाम 801–900)
- ॐ पुराणज्ञाय नमः — पुराणों को जानने वाले
- ॐ पुण्यदाय नमः — पुण्य देने वाले
- ॐ पुण्यवर्धनाय नमः — पुण्य की वृद्धि करने वाले
- ॐ शङ्खिने नमः — शंख धारण करने वाले
- ॐ चक्रिणे नमः — चक्र धारण करने वाले
- ॐ गदिने नमः — गदा धारण करने वाले
- ॐ शार्ङ्गिणे नमः — शार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- ॐ लाङ्गलिने नमः — हल धारण करने वाले
- ॐ मुसलिने नमः — मूसल धारण करने वाले
- ॐ हलिने नमः — हल धारण करने वाले
- ॐ किरीटिने नमः — मुकुट धारण करने वाले
- ॐ कुण्डलिने नमः — कुण्डल धारण करने वाले
- ॐ हारिणे नमः — हार धारण करने वाले
- ॐ मेखलिने नमः — मेखला धारण करने वाले
- ॐ कवचिने नमः — कवच धारण करने वाले
- ॐ ध्वजिने नमः — ध्वजा धारण करने वाले
- ॐ योद्ध्रे नमः — योद्धा
- ॐ जेत्रे नमः — विजेता
- ॐ महावीर्याय नमः — महान वीर्य वाले
- ॐ शत्रुजिते नमः — शत्रुओं को जीतने वाले
- ॐ शत्रुतापनाय नमः — शत्रुओं को तपाने वाले
- ॐ शास्त्रे नमः — शास्ता; शासन करने वाले
- ॐ शास्त्रकराय नमः — शास्त्रों की रचना करने वाले
- ॐ शास्त्राय नमः — शास्त्र-स्वरूप
- ॐ शङ्कराय नमः — शंकर-स्वरूप
- ॐ शङ्करस्तुताय नमः — शंकर द्वारा स्तुत
- ॐ सारथये नमः — सारथी
- ॐ सात्त्विकाय नमः — सात्त्विक
- ॐ स्वामिने नमः — स्वामी
- ॐ सामवेदप्रियाय नमः — सामवेद जिन्हें प्रिय है
- ॐ समाय नमः — सम; समभाव वाले
- ॐ पवनाय नमः — पवन-स्वरूप
- ॐ संहताय नमः — संहत; एकत्व-स्वरूप
- ॐ शक्तये नमः — शक्ति-स्वरूप
- ॐ सम्पूर्णाङ्गाय नमः — सम्पूर्ण अंगों वाले
- ॐ समृद्धिमते नमः — समृद्धिमान्
- ॐ स्वर्गदाय नमः — स्वर्ग देने वाले
- ॐ कामदाय नमः — कामनाएँ देने वाले
- ॐ श्रीदाय नमः — श्री देने वाले
- ॐ कीर्तिदाय नमः — कीर्ति देने वाले
- ॐ अकीर्तिनाशनाय नमः — अपकीर्ति का नाश करने वाले
- ॐ मोक्षदाय नमः — मोक्ष देने वाले
- ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ क्षीराब्धिकृतकेतनाय नमः — क्षीरसागर को निवास बनाने वाले
- ॐ सर्वात्मने नमः — सबकी आत्मा
- ॐ सर्वलोकेशाय नमः — समस्त लोकों के ईश
- ॐ प्रेरकाय नमः — प्रेरणा देने वाले
- ॐ पापनाशनाय नमः — पापों का नाश करने वाले
- ॐ सर्वव्यापिने नमः — सर्वत्र व्यापी
- ॐ जगन्नाथाय नमः — जगत् के नाथ
- ॐ सर्वलोकमहेश्वराय नमः — समस्त लोकों के महेश्वर
- ॐ सर्गस्थित्यन्तकृते नमः — सृष्टि, स्थिति व संहार करने वाले
- ॐ देवाय नमः — देव
- ॐ सर्वलोकसुखावहाय नमः — समस्त लोकों को सुख देने वाले
- ॐ अक्षय्याय नमः — अक्षय्य
- ॐ शाश्वताय नमः — शाश्वत
- ॐ अनन्ताय नमः — अनन्त
- ॐ क्षयवृद्धिविवर्जिताय नमः — क्षय व वृद्धि से रहित
- ॐ निर्लेपाय नमः — निर्लेप
- ॐ निर्गुणाय नमः — निर्गुण
- ॐ सूक्ष्माय नमः — सूक्ष्म
- ॐ निर्विकाराय नमः — विकार-रहित
- ॐ निरञ्जनाय नमः — निरंजन; निर्दोष
- ॐ सर्वोपाधिविनिर्मुक्ताय नमः — समस्त उपाधियों से मुक्त
- ॐ सत्तामात्रव्यवस्थिताय नमः — केवल सत्ता-रूप में स्थित
- ॐ अधिकारिणे नमः — अधिकारी
- ॐ विभवे नमः — विभु; सर्वव्यापी
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ परमात्मने नमः — परमात्मा
- ॐ सनातनाय नमः — सनातन
- ॐ अचलाय नमः — अचल
- ॐ निर्मलाय नमः — निर्मल
- ॐ व्यापिने नमः — व्यापी
- ॐ नित्यतृप्ताय नमः — नित्य तृप्त
- ॐ निराश्रयाय नमः — आश्रय-रहित
- ॐ श्यामाय नमः — श्याम वर्ण वाले
- ॐ युवायै [यूने] नमः — युवा
- ॐ लोहिताक्षाय नमः — लाल नेत्रों वाले
- ॐ दीप्तास्याय नमः — देदीप्यमान मुख वाले
- ॐ मितभाषणाय नमः — मित भाषण करने वाले
- ॐ आजानुबाहवे नमः — जिनकी भुजाएँ घुटनों तक हैं
- ॐ सुमुखाय नमः — सुंदर मुख वाले
- ॐ सिंहस्कन्धाय नमः — सिंह के समान कंधों वाले
- ॐ महाभुजाय नमः — विशाल भुजाओं वाले
- ॐ सत्यवते नमः — सत्यवान्
- ॐ गुणसम्पन्नाय नमः — गुणों से संपन्न
- ॐ स्वयन्तेजसे नमः — स्वयं तेजस्वी
- ॐ सुदीप्तिमते नमः — अत्यंत दीप्तिमान्
- ॐ कालात्मने नमः — काल की आत्मा
- ॐ भगवते नमः — भगवान्
- ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
- ॐ कालचक्रप्रवर्तकाय नमः — काल-चक्र को चलाने वाले
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः — परम ज्योति
- ॐ परमात्मने नमः — परमात्मा
- ॐ सनातनाय नमः — सनातन
- ॐ विश्वसृजे नमः — विश्व की सृष्टि करने वाले
- ॐ विश्वगोप्त्रे नमः — विश्व की रक्षा करने वाले
- ॐ विश्वभोक्त्रे नमः — विश्व का भोग करने वाले
- ॐ शाश्वताय नमः — शाश्वत
विश्वात्मा से शरण्य तक — अंतिम समापन (नाम 901–1018)
- ॐ विश्वेश्वराय नमः — विश्व के ईश्वर
- ॐ विश्वमूर्तये नमः — विश्व की मूर्ति
- ॐ विश्वात्मने नमः — विश्व की आत्मा
- ॐ विश्वभावनाय नमः — विश्व की भावना करने वाले
- ॐ सर्वभूतसुहृदे नमः — समस्त भूतों के सुहृद
- ॐ शान्ताय नमः — शांत
- ॐ सर्वभूतानुकम्पनाय नमः — समस्त भूतों पर अनुकंपा करने वाले
- ॐ सर्वेश्वरेश्वराय नमः — समस्त ईश्वरों के भी ईश्वर
- ॐ सर्वस्मै नमः — सर्व-स्वरूप
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ आश्रितवत्सलाय नमः — आश्रितों पर वात्सल्य रखने वाले
- ॐ सर्वगाय नमः — सर्वत्र गति वाले
- ॐ सर्वभूतेशाय नमः — समस्त भूतों के ईश
- ॐ सर्वभूताशयस्थिताय नमः — समस्त भूतों के अंतःकरण में स्थित
- ॐ अभ्यन्तरस्थाय नमः — भीतर स्थित
- ॐ तमसश्छेत्त्रे नमः — अंधकार का छेदन करने वाले
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ परस्मै नमः — पर; सबसे परे
- ॐ अनादिनिधनाय नमः — जिनका न आदि है न अंत
- ॐ स्रष्ट्रे नमः — स्रष्टा; रचना करने वाले
- ॐ प्रजापतिपतये नमः — प्रजापतियों के भी पति
- ॐ हरये नमः — हरि
- ॐ नरसिंहाय नमः — नरसिंह-स्वरूप
- ॐ हृषीकेशाय नमः — हृषीकेश
- ॐ सर्वात्मने नमः — सबकी आत्मा
- ॐ सर्वदृशे नमः — सब कुछ देखने वाले
- ॐ वशिने नमः — वशी; संयमी
- ॐ जगतस्तस्थुषाय नमः — चर व अचर — दोनों के स्वरूप
- ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
- ॐ नेत्रे नमः — नेता
- ॐ सनातनाय नमः — सनातन
- ॐ कर्त्रे नमः — कर्ता
- ॐ धात्रे नमः — धाता
- ॐ विधात्रे नमः — विधाता
- ॐ सर्वेषां प्रभवे नमः — सबके प्रभु
- ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
- ॐ सहस्रमूर्तये नमः — सहस्र मूर्तियों वाले
- ॐ विश्वात्मने नमः — विश्व की आत्मा
- ॐ विष्णवे नमः — विष्णु
- ॐ विश्वदृशे नमः — विश्व को देखने वाले
- ॐ अव्ययाय नमः — अव्यय
- ॐ पुराणपुरुषाय नमः — पुराण-पुरुष
- ॐ स्रष्ट्रे नमः — स्रष्टा
- ॐ सहस्राक्षाय नमः — सहस्र नेत्रों वाले
- ॐ सहस्रपदे नमः — सहस्र चरणों वाले
- ॐ तत्त्वाय नमः — तत्त्व-स्वरूप
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ विष्णवे नमः — विष्णु
- ॐ वासुदेवाय नमः — वासुदेव
- ॐ सनातनाय नमः — सनातन
- ॐ परमात्मने नमः — परमात्मा
- ॐ परस्मै ब्रह्मणे नमः — परब्रह्म
- ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः — सच्चिदानंद-विग्रह
- ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः — परम ज्योति
- ॐ परस्मै धाम्ने नमः — परम धाम
- ॐ पराकाशाय नमः — परम आकाश-स्वरूप
- ॐ परात्परस्मै नमः — पर से भी पर
- ॐ अच्युताय नमः — अच्युत
- ॐ पुरुषाय नमः — पुरुष
- ॐ कृष्णाय नमः — कृष्ण
- ॐ शाश्वताय नमः — शाश्वत
- ॐ शिवाय नमः — शिव; कल्याणस्वरूप
- ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ सर्वगताय नमः — सर्वत्र गति वाले
- ॐ स्थाणवे नमः — स्थाणु; अचल
- ॐ उग्राय नमः — उग्र
- ॐ साक्षिणे नमः — साक्षी
- ॐ प्रजापतये नमः — प्रजापति
- ॐ हिरण्यगर्भाय नमः — हिरण्यगर्भ
- ॐ सवित्रे नमः — सविता; सूर्य-स्वरूप
- ॐ लोककृते नमः — लोकों की रचना करने वाले
- ॐ लोकभृते नमः — लोकों का भरण करने वाले
- ॐ विभवे नमः — विभु; सर्वव्यापी
- ॐ रामाय नमः — राम
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ महाविष्णवे नमः — महाविष्णु
- ॐ जिष्णवे नमः — जिष्णु; विजयशील
- ॐ देवहितावहाय नमः — देवों का हित करने वाले
- ॐ तत्त्वात्मने नमः — तत्त्व की आत्मा
- ॐ तारकाय नमः — तारने वाले
- ॐ ब्रह्मणे नमः — ब्रह्म-स्वरूप
- ॐ शाश्वताय नमः — शाश्वत
- ॐ सर्वसिद्धिदाय नमः — समस्त सिद्धियाँ देने वाले
- ॐ अकारवाच्याय नमः — "अ" अक्षर जिनका वाचक है
- ॐ भगवते नमः — भगवान्
- ॐ श्रिये नमः — श्री-स्वरूप
- ॐ भूलीलापतये नमः — भूदेवी व लीलादेवी के पति
- ॐ पुंसे नमः — पुरुष-स्वरूप
- ॐ सर्वलोकेश्वराय नमः — समस्त लोकों के ईश्वर
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वतोमुखाय नमः — सब ओर मुख वाले
- ॐ स्वामिने नमः — स्वामी
- ॐ सुशीलाय नमः — सुशील
- ॐ सुलभाय नमः — सुलभ
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वशक्तिमते नमः — समस्त शक्तियों से युक्त
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ सम्पूर्णकामाय नमः — जिनकी समस्त कामनाएँ पूर्ण हैं
- ॐ नैसर्गिकसुहृदे नमः — जो स्वभाव से ही सबके सुहृद हैं
- ॐ सुखिने नमः — सुखी
- ॐ कृपापीयूषजलधये नमः — कृपा-रूपी अमृत के सागर
- ॐ सर्वदेहिनां शरण्याय नमः — समस्त देहधारियों को शरण देने वाले
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण
- ॐ स्वामिने नमः — स्वामी
- ॐ जगतां पतये नमः — जगतों के पति
- ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
- ॐ श्रीशाय नमः — श्री के ईश
- ॐ भूतानां शरण्याय नमः — समस्त भूतों को शरण देने वाले
- ॐ संश्रिताभीष्टदायकाय नमः — शरण आए हुओं की अभीष्ट कामना पूर्ण करने वाले
- ॐ अनन्ताय नमः — अनन्त
- ॐ श्रीपतये नमः — श्री के पति
- ॐ रामाय नमः — राम
- ॐ गुणभृते नमः — गुणों को धारण करने वाले
- ॐ निर्गुणाय नमः — निर्गुण
- ॐ महते नमः — महान
अर्थ (हिन्दी)
- आरंभिक श्लोक: वे कमल-सदृश नेत्रों वाले, श्री से युक्त, श्रीराम तथा रघुवंश में श्रेष्ठ हैं; वे रामभद्र, सदाचार-स्वरूप, राजाओं के इंद्र तथा जानकी जी के पति हैं। (इसी क्रम में आगे 1018 नाम आते हैं।)
- अंतिम नाम: वे अनन्त, श्री के पति तथा राम हैं; वे गुणों को धारण करने वाले भी हैं और गुण-रहित भी — और अंततः केवल "महान्"। (सगुण व निर्गुण दोनों को अगल-बगल रखकर सूची यहीं समाप्त हो जाती है।)
लाभ
- नाम 168 "भवबन्धविमोचन" तथा 175 "सर्वदुःखविमोक्षकृत्" के भाव से यह पाठ बंधन व दुःख से मुक्ति के संकल्प से किया जाता है।
- नाम 189 "दुःस्वप्ननाशन" के कारण परंपरा में इसे दुःस्वप्न व अशांति की स्थिति में पढ़ा जाता है।
- सूची में रामकथा के लगभग सभी प्रसंग क्रम से आ जाते हैं, इसलिए पाठ के साथ पूरा राम-चरित स्मरण हो जाता है।
- नाम 304 "रोगहर्ता" तथा 445 "निरामय" के भाव से यह आरोग्य के संकल्प से भी पढ़ा जाता है।
- राम नवमी व चैत्र नवरात्रि में रामचरितमानस के नवाह्न-पारायण के साथ इसका पाठ परंपरा में प्रचलित है।
कब करें पाठ
राम नवमी पर · चैत्र नवरात्रि में · गुरुवार को राम-पूजन के समय · रामचरितमानस के नवाह्न-पारायण अथवा अखण्ड पाठ के साथ
स्रोत
रचयिता: पारंपरिक. stotranidhi.com — श्री राम सहस्रनामावलिः (आधार सूची; 1018 नाम). प्रत्येक बीसवें नाम पर दिए क्रमांक-चिह्न यंत्रवत् जाँचे गए — सभी सही स्थान पर, एक भी विचलन नहीं। · drikpanchang.com — भगवान श्रीराम की सहस्रनामावली; ठीक वही 1018 नाम, क्रमांक 1–1018 सतत, वही आरंभ ("राजीवलोचन") व वही समापन ("महत्")। समानता 97.6%। · दोनों स्रोतों के बीच केवल 23 स्थान भिन्न — सब वर्तनी/विभक्ति के भेद (महातपाय/महातपसे, विश्वरूपाय/विश्वरूपिणे, सहस्रपदे/सहस्रपादे आदि)। नाम छूटने अथवा पद-विच्छेद बदलने का एक भी प्रसंग नहीं। · पाठान्तर दर्ज: नाम 179 — आधार-स्रोत "विश्वधृते" के साथ कोष्ठक में "[कृते]" स्वयं देता है; तुलना-स्रोत "विश्वकृते" छापता है। आधार-पाठ रखा गया। · ⚠️ मूल ग्रंथ व अध्याय-क्रमांक किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला, अतः कोई ग्रंथ-नाम नहीं दिया गया। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1018/1018 नाम)।
