श्री राम सहस्रनाम
śrī rāma sahasranāma
Shri Rama Sahasranama
श्री राम सहस्रनाम भगवान श्रीराम के सहस्र नामों का स्तोत्र है, जो राजीवलोचन (कमल-नेत्र) से आरंभ होकर महत् पर समाप्त होता है। इसमें 1018 नाम हैं और सम्पूर्ण पाठ में 35–45 मिनट लगते हैं। रामकथा के प्रसंग तथा वेदांत के तत्त्व — दोनों इसी एक सूची में साथ चलते हैं।
परिचय
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भगवान विष्णु के अवतार और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं।
स्रोत: पारंपरिक सहस्रनाम — राजीवलोचन से आरंभ, महत् पर समाप्त; 1018 नाम
एक नज़र में
| मंत्र / पाठ | श्री राम सहस्रनाम |
|---|---|
| IAST | śrī rāma sahasranāma |
| देवता | श्री राम |
| मूल स्रोत | पारंपरिक सहस्रनाम — राजीवलोचन से आरंभ, महत् पर समाप्त; 1018 नाम |
| शुभ दिन | राम नवमी; चैत्र नवरात्रि; गुरुवार |
| पाठ समय | 35–45 मिनट (सम्पूर्ण) |
| कठिनाई | कठिन (Advanced) |
| छंद | अनुष्टुप् |
उद्भव / पृष्ठभूमि
श्री राम सहस्रनाम भगवान श्रीराम के सहस्र नामों का स्तोत्र है। यह राजीवलोचन — कमल-सदृश नेत्रों वाले — से आरंभ होता है, और अंतिम नाम केवल महत् है।
सत्यापन की दृष्टि से यह इस संग्रह का सबसे स्थिर सहस्रनाम है, और यह बात दर्ज करने योग्य है। दो पूर्णतः स्वतंत्र स्रोतों पर ठीक 1018 नाम मिलते हैं, वही आरंभ, वही समापन, और 97.6% पाठ अक्षरशः समान। अन्य सहस्रनामों में ऐसा नहीं होता — लक्ष्मी सहस्रनाम में दो स्रोतों का पद-विच्छेद ही अलग है (1003 बनाम 1037), और हनुमान में एक प्रचलित रूप बीच में ही कटा हुआ निकलता है।
सूची की बनावट में तीन परतें हैं, और वे आपस में गुँथी हुई चलती हैं। पहली परत रामकथा है — ताटकान्तक (322), अहल्यापावन (479), पिनाकमथन (336), खरध्वंसी (31), विराधवधपण्डित (188), मारीचमथन (186), कबन्धमथन (610), वालिमर्दन (23), सुग्रीववरद (86), जटायुप्रीतिवर्धन (287), जाम्बवत्प्रभु (278), सप्ततालप्रभेत्ता (425), कुम्भकर्णप्रभेत्ता (330), विभीषणप्रतिष्ठाता (122)।
दूसरी परत वह है जो चौंकाती है — विष्णु के अन्य अवतारों के नाम, विशेषकर कृष्ण-लीला के। नाम 327 है गोवर्धनधर, 331 गोपीगोपालसंवृत, 360 चाणूरमर्दन, 421 देवकीनन्दन, 424 कैटभमर्दन, 768 गोपवल्लभ। साथ ही मत्स्य (328), कमठ यानी कूर्म (325), वराह (726), नारसिंह (743) और वामन (255, 419, 765)। यानी सूची श्रीराम को एक अवतार नहीं, समस्त अवतारों का मूल कहती चलती है।
तीसरी परत शैव है, और वह भी असामान्य रूप से विस्तृत। नाम 580 है शिवपूजारत — शिव-पूजा में रत; नाम 498 शिवध्यानतत्पर; नाम 582 भवानीप्रियकृत्; नाम 826 शङ्करस्तुत। और नाम 587–591 में तो श्रीराम को सीधे कपर्दी, नीललोहित, रुद्र, पशुपति व स्थाणु कह दिया गया है। एक राम-सहस्रनाम में शिव के इतने नाम एक साथ आना उसी हरि-हर अभेद परंपरा का सबसे स्पष्ट उदाहरण है।
एक नाम भक्ति-परंपरा के लिए विशेष है — नाम 158 हनुमत्प्रभु, अर्थात हनुमान जी के प्रभु। और नाम 111 तथा 391 दोनों लक्ष्मणाग्रज हैं — लक्ष्मण के अग्रज; एक ही नाम का दो बार आना इस बात का संकेत है कि सूची किन संबंधों को सबसे अधिक दोहराना चाहती है।
अंत का ढाँचा ध्यान देने योग्य है। नाम 951 से 957 तक सात नाम लगातार परम-तत्त्व के हैं — परमात्मा, परब्रह्म, सच्चिदानन्दविग्रह, परम ज्योति, परम धाम, पराकाश, परात्पर। फिर सूची एक बार और लौटती है और अंतिम बीस नामों में सबसे कोमल बात कहती है — नाम 1001 नैसर्गिकसुहृत् (जो स्वभाव से ही सबके मित्र हैं), 1003 कृपापीयूषजलधि (कृपा-रूपी अमृत के सागर), 1004 सर्वदेहिनां शरण्य (समस्त देहधारियों को शरण देने वाले)। और अंतिम तीन नाम एक साथ रखे गए हैं — गुणभृत् (गुणों को धारण करने वाले), निर्गुण (गुण-रहित) और महत्। सगुण और निर्गुण, दोनों अगल-बगल, और फिर केवल "महान" कहकर सूची रुक जाती है।
ध्यान व आरंभिक श्लोक
ॐ राजीवलोचनः श्रीमान् श्रीरामो रघुपुङ्गवः। रामभद्रः सदाचारो राजेन्द्रो जानकीपतिः॥१॥
आरंभिक श्लोक: वे कमल-सदृश नेत्रों वाले, श्री से युक्त, श्रीराम तथा रघुवंश में श्रेष्ठ हैं; वे रामभद्र, सदाचार-स्वरूप, राजाओं के इंद्र तथा जानकी जी के पति हैं। (इसी क्रम में आगे 1018 नाम आते हैं।)
॥ समापन ॥ अनन्तः श्रीपती रामो गुणभृन्निर्गुणो महान्॥
अंतिम नाम: वे अनन्त, श्री के पति तथा राम हैं; वे गुणों को धारण करने वाले भी हैं और गुण-रहित भी — और अंततः केवल "महान्"। (सगुण व निर्गुण दोनों को अगल-बगल रखकर सूची यहीं समाप्त हो जाती है।)
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नाम सूची (Name List)
आरंभिक नाम — राजीवलोचन, रघुवंश व सत्य-व्रत (नाम 1–100)
- 1.ॐ राजीवलोचनाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 2.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 3.ॐ श्रीरामाय नमःश्रीराम
- 4.ॐ रघुपुङ्गवाय नमःरघुवंश में श्रेष्ठ
- 5.ॐ रामभद्राय नमःकल्याणकारी राम
- 6.ॐ सदाचाराय नमःसदाचार-स्वरूप
- 7.ॐ राजेन्द्राय नमःराजाओं के इंद्र
- 8.ॐ जानकीपतये नमःजानकी जी के पति
- 9.ॐ अग्रगण्याय नमःसबमें अग्रगण्य
- 10.ॐ वरेण्याय नमःवरण करने योग्य
- 11.ॐ वरदाय नमःवर देने वाले
- 12.ॐ परमेश्वराय नमःपरमेश्वर
- 13.ॐ जनार्दनाय नमःजनों के कष्ट दूर करने वाले
- 14.ॐ जितामित्राय नमःशत्रुओं को जीत लेने वाले
- 15.ॐ परार्थैकप्रयोजनाय नमःजिनका एकमात्र प्रयोजन दूसरों का हित है
- 16.ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमःविश्वामित्र को प्रिय
- 17.ॐ दान्ताय नमःदान्त; संयमी
- 18.ॐ शत्रुजिते नमःशत्रुओं को जीतने वाले
- 19.ॐ शत्रुतापनाय नमःशत्रुओं को तपाने वाले
- 20.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 21.ॐ सर्वदेवादये नमःसमस्त देवों के आदि
- 22.ॐ शरण्याय नमःशरण देने योग्य
- 23.ॐ वालिमर्दनाय नमःबालि का मर्दन करने वाले
- 24.ॐ ज्ञानभाव्याय नमःज्ञान से जानने योग्य
- 25.ॐ अपरिच्छेद्याय नमःजिनका परिच्छेद नहीं हो सकता
- 26.ॐ वाग्मिने नमःवाग्मी; सुवक्ता
- 27.ॐ सत्यव्रताय नमःसत्य ही जिनका व्रत है
- 28.ॐ शुचये नमःशुचि; पवित्र
- 29.ॐ ज्ञानगम्याय नमःज्ञान से गम्य
- 30.ॐ दृढप्रज्ञाय नमःदृढ़ प्रज्ञा वाले
- 31.ॐ खरध्वंसिने नमःखर राक्षस का ध्वंस करने वाले
- 32.ॐ प्रतापवते नमःप्रतापशाली
- 33.ॐ द्युतिमते नमःद्युतिमान्; कांतिमान्
- 34.ॐ आत्मवते नमःआत्मवान्; आत्म-संयत
- 35.ॐ वीराय नमःवीर
- 36.ॐ जितक्रोधाय नमःक्रोध को जीत लेने वाले
- 37.ॐ अरिमर्दनाय नमःशत्रुओं का मर्दन करने वाले
- 38.ॐ विश्वरूपाय नमःविश्व-रूप
- 39.ॐ विशालाक्षाय नमःविशाल नेत्रों वाले
- 40.ॐ प्रभवे नमःप्रभु
- 41.ॐ परिवृढाय नमःसबसे बढ़कर
- 42.ॐ दृढाय नमःदृढ़
- 43.ॐ ईशाय नमःईश
- 44.ॐ खड्गधराय नमःखड्ग धारण करने वाले
- 45.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 46.ॐ कौसलेयाय नमःकौसल्या के पुत्र
- 47.ॐ अनसूयकाय नमःअसूया-रहित
- 48.ॐ विपुलांसाय नमःविशाल कंधों वाले
- 49.ॐ महोरस्काय नमःविशाल वक्ष वाले
- 50.ॐ परमेष्ठिने नमःपरमेष्ठी
- 51.ॐ परायणाय नमःपरम आश्रय
- 52.ॐ सत्यव्रताय नमःसत्य ही जिनका व्रत है
- 53.ॐ सत्यसन्धाय नमःसत्य-प्रतिज्ञ
- 54.ॐ गुरवे नमःगुरु
- 55.ॐ परमधार्मिकाय नमःपरम धार्मिक
- 56.ॐ लोकज्ञाय नमःलोकों को जानने वाले
- 57.ॐ लोकवन्द्याय नमःलोकों द्वारा वंद्य
- 58.ॐ लोकात्मने नमःलोकों की आत्मा
- 59.ॐ लोककृते नमःलोकों की रचना करने वाले
- 60.ॐ परस्मै नमःपर; सबसे परे
- 61.ॐ अनादये नमःआदि-रहित
- 62.ॐ भगवते नमःषड्ऐश्वर्य-संपन्न भगवान्
- 63.ॐ सेव्याय नमःसेवा करने योग्य
- 64.ॐ जितमायाय नमःमाया को जीत लेने वाले
- 65.ॐ रघूद्वहाय नमःरघुवंश को ऊँचा उठाने वाले
- 66.ॐ रामाय नमःराम
- 67.ॐ दयाकराय नमःदया करने वाले
- 68.ॐ दक्षाय नमःदक्ष; निपुण
- 69.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 70.ॐ सर्वपावनाय नमःसबको पवित्र करने वाले
- 71.ॐ ब्रह्मण्याय नमःब्रह्म-निष्ठ
- 72.ॐ नीतिमते नमःनीतिवान्
- 73.ॐ गोप्त्रे नमःगोप्ता; रक्षक
- 74.ॐ सर्वदेवमयाय नमःसमस्त देवों के स्वरूप
- 75.ॐ हरये नमःहरि
- 76.ॐ सुन्दराय नमःसुंदर
- 77.ॐ पीतवाससे नमःपीत वस्त्र धारण करने वाले
- 78.ॐ सूत्रकाराय नमःसूत्र की रचना करने वाले
- 79.ॐ पुरातनाय नमःपुरातन
- 80.ॐ सौम्याय नमःसौम्य
- 81.ॐ महर्षये नमःमहर्षि
- 82.ॐ कोदण्डिने नमःकोदण्ड धनुष धारण करने वाले
- 83.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 84.ॐ सर्वकोविदाय नमःसब विषयों में कोविद
- 85.ॐ कवये नमःकवि
- 86.ॐ सुग्रीववरदाय नमःसुग्रीव को वर देने वाले
- 87.ॐ सर्वपुण्याधिकप्रदाय नमःसमस्त पुण्यों से अधिक फल देने वाले
- 88.ॐ भव्याय नमःभव्य; कल्याणकारी
- 89.ॐ जितारिषड्वर्गाय नमःकाम-क्रोधादि छह शत्रुओं को जीत लेने वाले
- 90.ॐ महोदाराय नमःमहान उदार
- 91.ॐ अघनाशनाय नमःपापों का नाश करने वाले
- 92.ॐ सुकीर्तये नमःउत्तम कीर्ति वाले
- 93.ॐ आदिपुरुषाय नमःआदिपुरुष
- 94.ॐ कान्ताय नमःकांत; कमनीय
- 95.ॐ पुण्यकृतागमाय नमःपुण्यकारी आगमों के रचयिता
- 96.ॐ अकल्मषाय नमःकल्मष-रहित
- 97.ॐ चतुर्बाहवे नमःचार भुजाओं वाले
- 98.ॐ सर्वावासाय नमःसबमें निवास करने वाले
- 99.ॐ दुरासदाय नमःजिन तक पहुँचना दुर्लभ है
- 100.ॐ स्मितभाषिणे नमःमुस्कान भरे वचन बोलने वाले
रामकथा — वध-प्रसंग तथा विभीषण-प्रतिष्ठा (नाम 101–200)
- 101.ॐ निवृत्तात्मने नमःनिवृत्त आत्मा वाले
- 102.ॐ स्मृतिमते नमःस्मृतिमान्
- 103.ॐ वीर्यवते नमःवीर्यवान्
- 104.ॐ प्रभवे नमःप्रभु
- 105.ॐ धीराय नमःधीर
- 106.ॐ दान्ताय नमःसंयमी
- 107.ॐ घनश्यामाय नमःमेघ के समान श्यामवर्ण
- 108.ॐ सर्वायुधविशारदाय नमःसमस्त आयुधों में निपुण
- 109.ॐ अध्यात्मयोगनिलयाय नमःअध्यात्म-योग जिनका निवास है
- 110.ॐ सुमनसे नमःसुमना; उत्तम मन वाले
- 111.ॐ लक्ष्मणाग्रजाय नमःलक्ष्मण के अग्रज
- 112.ॐ सर्वतीर्थमयाय नमःसमस्त तीर्थों के स्वरूप
- 113.ॐ शूराय नमःशूरवीर
- 114.ॐ सर्वयज्ञफलप्रदाय नमःसमस्त यज्ञों का फल देने वाले
- 115.ॐ यज्ञस्वरूपिणे नमःयज्ञ-स्वरूप
- 116.ॐ यज्ञेशाय नमःयज्ञों के ईश
- 117.ॐ जरामरणवर्जिताय नमःजरा व मृत्यु से रहित
- 118.ॐ वर्णाश्रमकराय नमःवर्णाश्रम-व्यवस्था करने वाले
- 119.ॐ वर्णिने नमःवर्णी; ब्रह्मचारी
- 120.ॐ शत्रुजिते नमःशत्रुओं को जीतने वाले
- 121.ॐ पुरुषोत्तमाय नमःपुरुषों में उत्तम
- 122.ॐ विभीषणप्रतिष्ठात्रे नमःविभीषण को प्रतिष्ठित करने वाले
- 123.ॐ परमात्मने नमःपरमात्मा
- 124.ॐ परात्परस्मै नमःपर से भी पर
- 125.ॐ प्रमाणभूताय नमःप्रमाण-स्वरूप
- 126.ॐ दुर्ज्ञेयाय नमःकठिनता से जाने जाने वाले
- 127.ॐ पूर्णाय नमःपूर्ण
- 128.ॐ परपुरञ्जयाय नमःशत्रु-नगरों को जीतने वाले
- 129.ॐ अनन्तदृष्टये नमःअनन्त दृष्टि वाले
- 130.ॐ आनन्दाय नमःआनंद-स्वरूप
- 131.ॐ धनुर्वेदाय नमःधनुर्वेद-स्वरूप
- 132.ॐ धनुर्धराय नमःधनुष धारण करने वाले
- 133.ॐ गुणाकराय नमःगुणों की खान
- 134.ॐ गुणश्रेष्ठाय नमःगुणों में श्रेष्ठ
- 135.ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमःसच्चिदानंद-विग्रह
- 136.ॐ अभिवन्द्याय नमःअभिवंदनीय
- 137.ॐ महाकायाय नमःमहाकाय
- 138.ॐ विश्वकर्मणे नमःविश्व की रचना करने वाले
- 139.ॐ विशारदाय नमःविशारद; निपुण
- 140.ॐ विनीतात्मने नमःविनम्र आत्मा वाले
- 141.ॐ वीतरागाय नमःराग-रहित
- 142.ॐ तपस्वीशाय नमःतपस्वियों के ईश
- 143.ॐ जनेश्वराय नमःजनों के ईश्वर
- 144.ॐ कल्याणप्रकृतये नमःकल्याणमयी प्रकृति वाले
- 145.ॐ कल्पाय नमःकल्प-स्वरूप
- 146.ॐ सर्वेशाय नमःसबके ईश
- 147.ॐ सर्वकामदाय नमःसमस्त कामनाएँ देने वाले
- 148.ॐ अक्षयाय नमःअक्षय
- 149.ॐ पुरुषाय नमःपुरुष-स्वरूप
- 150.ॐ साक्षिणे नमःसाक्षी
- 151.ॐ केशवाय नमःकेशव
- 152.ॐ पुरुषोत्तमाय नमःपुरुषोत्तम
- 153.ॐ लोकाध्यक्षाय नमःलोकों के अध्यक्ष
- 154.ॐ महामायाय नमःमहामाया-स्वरूप
- 155.ॐ विभीषणवरप्रदाय नमःविभीषण को वर देने वाले
- 156.ॐ आनन्दविग्रहाय नमःआनंद ही जिनका विग्रह है
- 157.ॐ ज्योतिषे नमःज्योति-स्वरूप
- 158.ॐ हनुमत्प्रभवे नमःहनुमान जी के प्रभु
- 159.ॐ अव्ययाय नमःअव्यय
- 160.ॐ भ्राजिष्णवे नमःदेदीप्यमान
- 161.ॐ सहनाय नमःसहनशील
- 162.ॐ भोक्त्रे नमःभोक्ता
- 163.ॐ सत्यवादिने नमःसत्य बोलने वाले
- 164.ॐ बहुश्रुताय नमःबहुश्रुत; बहुत जानने वाले
- 165.ॐ सुखदाय नमःसुख देने वाले
- 166.ॐ कारणाय नमःसबके कारण
- 167.ॐ कर्त्रे नमःकर्ता
- 168.ॐ भवबन्धविमोचनाय नमःभव-बंधन से मुक्त करने वाले
- 169.ॐ देवचूडामणये नमःदेवों के चूड़ामणि
- 170.ॐ नेत्रे नमःनेता
- 171.ॐ ब्रह्मण्याय नमःब्रह्म-निष्ठ
- 172.ॐ ब्रह्मवर्धनाय नमःब्रह्म की वृद्धि करने वाले
- 173.ॐ संसारोत्तारकाय नमःसंसार-सागर से पार उतारने वाले
- 174.ॐ रामाय नमःराम
- 175.ॐ सर्वदुःखविमोक्षकृते नमःसमस्त दुःखों से मुक्त करने वाले
- 176.ॐ विद्वत्तमाय नमःविद्वानों में श्रेष्ठ
- 177.ॐ विश्वकर्त्रे नमःविश्व की रचना करने वाले
- 178.ॐ विश्वहर्त्रे नमःविश्व का संहार करने वाले
- 179.ॐ विश्वधृते [कृते] नमःविश्व को धारण करने वाले
- 180.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 181.ॐ नियतकल्याणाय नमःजिनका कल्याण नियत है
- 182.ॐ सीताशोकविनाशकृते नमःसीता जी का शोक नष्ट करने वाले
- 183.ॐ काकुत्स्थाय नमःककुत्स्थ-वंशी
- 184.ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 185.ॐ विश्वामित्रभयापहाय नमःविश्वामित्र का भय दूर करने वाले
- 186.ॐ मारीचमथनाय नमःमारीच का मथन करने वाले
- 187.ॐ रामाय नमःराम
- 188.ॐ विराधवधपण्डिताय नमःविराध-वध में निपुण
- 189.ॐ दुःस्वप्ननाशनाय नमःदुःस्वप्नों का नाश करने वाले
- 190.ॐ रम्याय नमःरम्य; मनोहर
- 191.ॐ किरीटिने नमःमुकुट धारण करने वाले
- 192.ॐ त्रिदशाधिपाय नमःदेवताओं के अधिपति
- 193.ॐ महाधनुषे नमःमहान धनुष वाले
- 194.ॐ महाकायाय नमःमहाकाय
- 195.ॐ भीमाय नमःभीम; भयंकर
- 196.ॐ भीमपराक्रमाय नमःभयंकर पराक्रम वाले
- 197.ॐ तत्त्वस्वरूपिणे नमःतत्त्व-स्वरूप
- 198.ॐ तत्त्वज्ञाय नमःतत्त्व को जानने वाले
- 199.ॐ तत्त्ववादिने नमःतत्त्व का उपदेश करने वाले
- 200.ॐ सुविक्रमाय नमःउत्तम पराक्रम वाले
तत्त्व-स्वरूप व अवतार-नाम (नाम 201–300)
- 201.ॐ भूतात्मने नमःसमस्त भूतों की आत्मा
- 202.ॐ भूतकृते नमःभूतों की रचना करने वाले
- 203.ॐ स्वामिने नमःस्वामी
- 204.ॐ कालज्ञानिने नमःकाल को जानने वाले
- 205.ॐ महापटवे नमःमहान पटु; अत्यंत कुशल
- 206.ॐ अनिर्विण्णाय नमःजो कभी खिन्न नहीं होते
- 207.ॐ गुणग्राहिणे नमःगुणों को ग्रहण करने वाले
- 208.ॐ निष्कलङ्काय नमःकलंक-रहित
- 209.ॐ कलङ्कघ्ने नमःकलंक का नाश करने वाले
- 210.ॐ स्वभावभद्राय नमःजिनका स्वभाव ही कल्याणकारी है
- 211.ॐ शत्रुघ्नाय नमःशत्रुओं का नाश करने वाले
- 212.ॐ केशवाय नमःकेशव
- 213.ॐ स्थाणवे नमःस्थाणु; अचल
- 214.ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
- 215.ॐ भूतादये नमःभूतों के आदि
- 216.ॐ शम्भवे नमःशम्भु; कल्याण उत्पन्न करने वाले
- 217.ॐ आदित्याय नमःआदित्य-स्वरूप
- 218.ॐ स्थविष्ठाय नमःसबसे स्थूल
- 219.ॐ शाश्वताय नमःशाश्वत
- 220.ॐ ध्रुवाय नमःध्रुव; अचल
- 221.ॐ कवचिने नमःकवच धारण करने वाले
- 222.ॐ कुण्डलिने नमःकुण्डल धारण करने वाले
- 223.ॐ चक्रिणे नमःचक्र धारण करने वाले
- 224.ॐ खड्गिने नमःखड्ग धारण करने वाले
- 225.ॐ भक्तजनप्रियाय नमःभक्तजनों को प्रिय
- 226.ॐ अमृत्यवे नमःमृत्यु-रहित
- 227.ॐ जन्मरहिताय नमःजन्म-रहित
- 228.ॐ सर्वजिते नमःसबको जीत लेने वाले
- 229.ॐ सर्वगोचराय नमःसबके गोचर
- 230.ॐ अनुत्तमाय नमःजिनसे उत्तम कोई नहीं
- 231.ॐ अप्रमेयात्मने नमःअप्रमेय आत्मा वाले
- 232.ॐ सर्वादये नमःसबके आदि
- 233.ॐ गुणसागराय नमःगुणों के सागर
- 234.ॐ समाय नमःसम; समभाव वाले
- 235.ॐ समात्मने नमःसम आत्मा वाले
- 236.ॐ समगाय नमःसमता में गति करने वाले
- 237.ॐ जटामुकुटमण्डिताय नमःजटा-मुकुट से मंडित
- 238.ॐ अजेयाय नमःअजेय
- 239.ॐ सर्वभूतात्मने नमःसमस्त भूतों की आत्मा
- 240.ॐ विष्वक्सेनाय नमःविष्वक्सेन-स्वरूप
- 241.ॐ महातपाय नमःमहान तप वाले
- 242.ॐ लोकाध्यक्षाय नमःलोकों के अध्यक्ष
- 243.ॐ महाबाहवे नमःविशाल भुजाओं वाले
- 244.ॐ अमृताय नमःअमृत-स्वरूप
- 245.ॐ वेदवित्तमाय नमःवेद जानने वालों में श्रेष्ठ
- 246.ॐ सहिष्णवे नमःसहिष्णु
- 247.ॐ सद्गतये नमःसद्गति-स्वरूप
- 248.ॐ शास्त्रे नमःशास्ता; शासन करने वाले
- 249.ॐ विश्वयोनये नमःविश्व के उद्गम
- 250.ॐ महाद्युतये नमःमहान कांति वाले
- 251.ॐ अतीन्द्राय नमःइंद्र से भी परे
- 252.ॐ ऊर्जिताय नमःऊर्जित; बलशाली
- 253.ॐ प्रांशवे नमःप्रांशु; अत्यंत ऊँचे
- 254.ॐ उपेन्द्राय नमःउपेन्द्र
- 255.ॐ वामनाय नमःवामन-स्वरूप
- 256.ॐ बलिने नमःबलवान्
- 257.ॐ धनुर्वेदाय नमःधनुर्वेद-स्वरूप
- 258.ॐ विधात्रे नमःविधाता
- 259.ॐ ब्रह्मणे नमःब्रह्म-स्वरूप
- 260.ॐ विष्णवे नमःविष्णु-स्वरूप
- 261.ॐ शङ्कराय नमःशंकर-स्वरूप
- 262.ॐ हंसाय नमःहंस-स्वरूप
- 263.ॐ मरीचये नमःमरीचि; किरण-स्वरूप
- 264.ॐ गोविन्दाय नमःगोविन्द
- 265.ॐ रत्नगर्भाय नमःरत्नों को गर्भ में धारण करने वाले
- 266.ॐ महामतये नमःमहान बुद्धि वाले
- 267.ॐ व्यासाय नमःव्यास-स्वरूप
- 268.ॐ वाचस्पतये नमःवाणी के पति
- 269.ॐ सर्वदर्पितासुरमर्दनाय नमःदर्प से भरे समस्त असुरों का मर्दन करने वाले
- 270.ॐ जानकीवल्लभाय नमःजानकी जी के वल्लभ
- 271.ॐ पूज्याय नमःपूजनीय
- 272.ॐ प्रकटाय नमःप्रकट
- 273.ॐ प्रीतिवर्धनाय नमःप्रीति बढ़ाने वाले
- 274.ॐ सम्भवाय नमःसम्भव; उत्पत्ति-स्वरूप
- 275.ॐ अतीन्द्रियाय नमःइंद्रियों से परे
- 276.ॐ वेद्याय नमःजानने योग्य
- 277.ॐ अनिर्देशाय नमःजिनका निर्देश नहीं किया जा सकता
- 278.ॐ जाम्बवत्प्रभवे नमःजाम्बवान् के प्रभु
- 279.ॐ मदनाय नमःमदन-स्वरूप
- 280.ॐ मथनाय नमःमथन करने वाले
- 281.ॐ व्यापिने नमःव्यापी
- 282.ॐ विश्वरूपाय नमःविश्व-रूप
- 283.ॐ निरञ्जनाय नमःनिरंजन; निर्दोष
- 284.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 285.ॐ अग्रण्ये नमःअग्रणी
- 286.ॐ साधवे नमःसाधु
- 287.ॐ जटायुप्रीतिवर्धनाय नमःजटायु की प्रीति बढ़ाने वाले
- 288.ॐ नैकरूपाय नमःअनेक रूपों वाले
- 289.ॐ जगन्नाथाय नमःजगत् के नाथ
- 290.ॐ सुरकार्यहिताय नमःदेवों के कार्य का हित करने वाले
- 291.ॐ स्वभुवे नमःस्वयंभू
- 292.ॐ जितक्रोधाय नमःक्रोध को जीत लेने वाले
- 293.ॐ जितारातये नमःशत्रुओं को जीत लेने वाले
- 294.ॐ प्लवगाधिपराज्यदाय नमःवानरों के अधिपति को राज्य देने वाले
- 295.ॐ वसुदाय नमःधन देने वाले
- 296.ॐ सुभुजाय नमःसुंदर भुजाओं वाले
- 297.ॐ नैकमायाय नमःअनेक मायाओं वाले
- 298.ॐ भव्यप्रमोदनाय नमःभव्य जनों को प्रमोद देने वाले
- 299.ॐ चण्डांशवे नमःप्रचंड किरणों वाले
- 300.ॐ सिद्धिदाय नमःसिद्धि देने वाले
कृष्ण-लीला तथा विष्णु-अवतार के नाम (नाम 301–400)
- 301.ॐ कल्पाय नमःकल्प-स्वरूप
- 302.ॐ शरणागतवत्सलाय नमःशरणागत पर वात्सल्य रखने वाले
- 303.ॐ अगदाय नमःअगद; रोग-रहित
- 304.ॐ रोगहर्त्रे नमःरोग हरने वाले
- 305.ॐ मन्त्रज्ञाय नमःमंत्रों को जानने वाले
- 306.ॐ मन्त्रभावनाय नमःमंत्रों की भावना करने वाले
- 307.ॐ सौमित्रिवत्सलाय नमःसुमित्रा-पुत्र लक्ष्मण पर वात्सल्य रखने वाले
- 308.ॐ धुर्याय नमःधुर्य; भार वहन करने वाले
- 309.ॐ व्यक्ताव्यक्तस्वरूपधृते नमःव्यक्त व अव्यक्त दोनों स्वरूप धारण करने वाले
- 310.ॐ वसिष्ठाय नमःवसिष्ठ-स्वरूप
- 311.ॐ ग्रामण्ये नमःग्रामणी; अग्रणी
- 312.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 313.ॐ अनुकूलाय नमःअनुकूल रहने वाले
- 314.ॐ प्रियंवदाय नमःप्रिय बोलने वाले
- 315.ॐ अतुलाय नमःअतुल; जिनकी तुलना नहीं
- 316.ॐ सात्त्विकाय नमःसात्त्विक
- 317.ॐ धीराय नमःधीर
- 318.ॐ शरासनविशारदाय नमःधनुर्विद्या में निपुण
- 319.ॐ ज्येष्ठाय नमःज्येष्ठ
- 320.ॐ सर्वगुणोपेताय नमःसमस्त गुणों से युक्त
- 321.ॐ शक्तिमते नमःशक्तिमान्
- 322.ॐ ताटकान्तकाय नमःताड़का का अंत करने वाले
- 323.ॐ वैकुण्ठाय नमःवैकुण्ठ-स्वरूप
- 324.ॐ प्राणिनां प्राणाय नमःप्राणियों के प्राण
- 325.ॐ कमठाय नमःकमठ; कूर्म-स्वरूप
- 326.ॐ कमलापतये नमःकमला के पति
- 327.ॐ गोवर्धनधराय नमःगोवर्धन धारण करने वाले
- 328.ॐ मत्स्यरूपाय नमःमत्स्य-रूप
- 329.ॐ कारुण्यसागराय नमःकरुणा के सागर
- 330.ॐ कुम्भकर्णप्रभेत्त्रे नमःकुम्भकर्ण को भेद देने वाले
- 331.ॐ गोपीगोपालसंवृताय नमःगोपियों व गोपालों से घिरे हुए
- 332.ॐ मायाविने नमःमायावी
- 333.ॐ व्यापकाय नमःव्यापक
- 334.ॐ व्यापिने नमःव्यापी
- 335.ॐ रैणुकेयबलापहाय नमःरेणुका-पुत्र परशुराम का बल हरने वाले
- 336.ॐ पिनाकमथनाय नमःपिनाक धनुष का मथन करने वाले
- 337.ॐ वन्द्याय नमःवंदनीय
- 338.ॐ समर्थाय नमःसमर्थ
- 339.ॐ गरुडध्वजाय नमःजिनकी ध्वजा पर गरुड़ है
- 340.ॐ लोकत्रयाश्रयाय नमःतीनों लोकों के आश्रय
- 341.ॐ लोकचरिताय नमःलोक-चरित धारण करने वाले
- 342.ॐ भरताग्रजाय नमःभरत के अग्रज
- 343.ॐ श्रीधराय नमःश्री को धारण करने वाले
- 344.ॐ सद्गतये नमःसद्गति-स्वरूप
- 345.ॐ लोकसाक्षिणे नमःलोकों के साक्षी
- 346.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 347.ॐ बुधाय नमःबुध; ज्ञानी
- 348.ॐ मनोवेगिने नमःमन के समान वेग वाले
- 349.ॐ मनोरूपिणे नमःमन के समान रूप वाले
- 350.ॐ पूर्णाय नमःपूर्ण
- 351.ॐ पुरुषपुङ्गवाय नमःपुरुषों में श्रेष्ठ
- 352.ॐ यदुश्रेष्ठाय नमःयदुवंश में श्रेष्ठ
- 353.ॐ यदुपतये नमःयदुओं के पति
- 354.ॐ भूतावासाय नमःसमस्त भूतों के निवास
- 355.ॐ सुविक्रमाय नमःउत्तम पराक्रम वाले
- 356.ॐ तेजोधराय नमःतेज धारण करने वाले
- 357.ॐ धराधाराय नमःधरा के आधार
- 358.ॐ चतुर्मूर्तये नमःचार मूर्तियों वाले
- 359.ॐ महानिधये नमःमहान निधि
- 360.ॐ चाणूरमर्दनाय नमःचाणूर का मर्दन करने वाले
- 361.ॐ दिव्याय नमःदिव्य
- 362.ॐ शान्ताय नमःशांत
- 363.ॐ भरतवन्दिताय नमःभरत द्वारा वंदित
- 364.ॐ शब्दातिगाय नमःशब्द से परे
- 365.ॐ गभीरात्मने नमःगंभीर आत्मा वाले
- 366.ॐ कोमलाङ्गाय नमःकोमल अंगों वाले
- 367.ॐ प्रजागराय नमःसदा जागरूक
- 368.ॐ लोकगर्भाय नमःलोक जिनके गर्भ में हैं
- 369.ॐ शेषशायिने नमःशेषनाग पर शयन करने वाले
- 370.ॐ क्षीराब्धिनिलयाय नमःक्षीरसागर में निवास करने वाले
- 371.ॐ अमलाय नमःअमल; निर्मल
- 372.ॐ आत्मयोनये नमःजिनकी उत्पत्ति स्वयं से है
- 373.ॐ अदीनात्मने नमःअदीन आत्मा वाले
- 374.ॐ सहस्राक्षाय नमःसहस्र नेत्रों वाले
- 375.ॐ सहस्रपदे नमःसहस्र चरणों वाले
- 376.ॐ अमृतांशवे नमःअमृत-किरण वाले
- 377.ॐ महागर्भाय नमःमहान गर्भ वाले
- 378.ॐ निवृत्तविषयस्पृहाय नमःविषय-कामना से निवृत्त
- 379.ॐ त्रिकालज्ञाय नमःतीनों कालों को जानने वाले
- 380.ॐ मुनये नमःमुनि
- 381.ॐ साक्षिणे नमःसाक्षी
- 382.ॐ विहायसगतये नमःआकाश में गति करने वाले
- 383.ॐ कृतिने नमःकृती; कृतकार्य
- 384.ॐ पर्जन्याय नमःपर्जन्य; वर्षा-स्वरूप
- 385.ॐ कुमुदाय नमःकुमुद-स्वरूप
- 386.ॐ भूतावासाय नमःभूतों के निवास
- 387.ॐ कमललोचनाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 388.ॐ श्रीवत्सवक्षसे नमःवक्ष पर श्रीवत्स चिह्न वाले
- 389.ॐ श्रीवासाय नमःजिनमें श्री का निवास है
- 390.ॐ वीरघ्ने नमःवीरों का नाश करने वाले
- 391.ॐ लक्ष्मणाग्रजाय नमःलक्ष्मण के अग्रज
- 392.ॐ लोकाभिरामाय नमःलोकों को प्रिय
- 393.ॐ लोकारिमर्दनाय नमःलोक-शत्रुओं का मर्दन करने वाले
- 394.ॐ सेवकप्रियाय नमःसेवकों को प्रिय
- 395.ॐ सनातनतमाय नमःसबसे अधिक सनातन
- 396.ॐ मेघश्यामलाय नमःमेघ के समान श्यामल
- 397.ॐ राक्षसान्तकृते नमःराक्षसों का अंत करने वाले
- 398.ॐ दिव्यायुधधराय नमःदिव्य आयुध धारण करने वाले
- 399.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 400.ॐ अप्रमेयाय नमःअप्रमेय
काल, वेद व नीति-स्वरूप (नाम 401–500)
- 401.ॐ जितेन्द्रियाय नमःइंद्रियों को जीत लेने वाले
- 402.ॐ भूदेववन्द्याय नमःब्राह्मणों द्वारा वंदित
- 403.ॐ जनकप्रियकृते नमःजनक का प्रिय करने वाले
- 404.ॐ प्रपितामहाय नमःप्रपितामह
- 405.ॐ उत्तमाय नमःउत्तम
- 406.ॐ सात्त्विकाय नमःसात्त्विक
- 407.ॐ सत्याय नमःसत्य-स्वरूप
- 408.ॐ सत्यसन्धाय नमःसत्य-प्रतिज्ञ
- 409.ॐ त्रिविक्रमाय नमःत्रिविक्रम-स्वरूप
- 410.ॐ सुव्रताय नमःउत्तम व्रत वाले
- 411.ॐ सुलभाय नमःसुलभ
- 412.ॐ सूक्ष्माय नमःसूक्ष्म
- 413.ॐ सुघोषाय नमःसुंदर घोष वाले
- 414.ॐ सुखदाय नमःसुख देने वाले
- 415.ॐ सुधिये नमःउत्तम बुद्धि वाले
- 416.ॐ दामोदराय नमःदामोदर
- 417.ॐ अच्युताय नमःअच्युत
- 418.ॐ शार्ङ्गिणे नमःशार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- 419.ॐ वामनाय नमःवामन-स्वरूप
- 420.ॐ मधुराधिपाय नमःमथुरा के अधिपति
- 421.ॐ देवकीनन्दनाय नमःदेवकी के नंदन
- 422.ॐ शौरये नमःशौरि; शूरसेन-वंशी
- 423.ॐ शूराय नमःशूर
- 424.ॐ कैटभमर्दनाय नमःकैटभ का मर्दन करने वाले
- 425.ॐ सप्ततालप्रभेत्त्रे नमःसात ताल-वृक्षों को भेद देने वाले
- 426.ॐ मित्रवंशप्रवर्धनाय नमःमित्र-वंश की वृद्धि करने वाले
- 427.ॐ कालस्वरूपिणे नमःकाल-स्वरूप
- 428.ॐ कालात्मने नमःकाल की आत्मा
- 429.ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
- 430.ॐ कल्याणदाय नमःकल्याण देने वाले
- 431.ॐ कवये नमःकवि
- 432.ॐ संवत्सराय नमःसंवत्सर-स्वरूप
- 433.ॐ ऋतवे नमःऋतु-स्वरूप
- 434.ॐ पक्षाय नमःपक्ष-स्वरूप
- 435.ॐ अयनाय नमःअयन-स्वरूप
- 436.ॐ दिवसाय नमःदिवस-स्वरूप
- 437.ॐ युगाय नमःयुग-स्वरूप
- 438.ॐ स्तव्याय नमःस्तुति करने योग्य
- 439.ॐ विविक्ताय नमःविविक्त; एकांत-स्वरूप
- 440.ॐ निर्लेपाय नमःनिर्लेप
- 441.ॐ सर्वव्यापिने नमःसर्वत्र व्यापी
- 442.ॐ निराकुलाय नमःआकुलता-रहित
- 443.ॐ अनादिनिधनाय नमःजिनका न आदि है न अंत
- 444.ॐ सर्वलोकपूज्याय नमःसमस्त लोकों द्वारा पूज्य
- 445.ॐ निरामयाय नमःरोग-रहित
- 446.ॐ रसाय नमःरस-स्वरूप
- 447.ॐ रसज्ञाय नमःरस को जानने वाले
- 448.ॐ सारज्ञाय नमःसार को जानने वाले
- 449.ॐ लोकसाराय नमःलोकों के सार
- 450.ॐ रसात्मकाय नमःरस-स्वरूप
- 451.ॐ सर्वदुःखातिगाय नमःसमस्त दुःखों से परे
- 452.ॐ विद्याराशये नमःविद्या की राशि
- 453.ॐ परमगोचराय नमःपरम गोचर
- 454.ॐ शेषाय नमःशेष-स्वरूप
- 455.ॐ विशेषाय नमःविशेष-स्वरूप
- 456.ॐ विगतकल्मषाय नमःकल्मष से रहित
- 457.ॐ रघुनायकाय नमःरघुवंश के नायक
- 458.ॐ वर्णश्रेष्ठाय नमःवर्णों में श्रेष्ठ
- 459.ॐ वर्णवाह्याय नमःवर्णों से परे
- 460.ॐ वर्ण्याय नमःवर्णनीय
- 461.ॐ वर्ण्यगुणोज्ज्वलाय नमःवर्णनीय गुणों से उज्ज्वल
- 462.ॐ कर्मसाक्षिणे नमःकर्मों के साक्षी
- 463.ॐ अमरश्रेष्ठाय नमःदेवों में श्रेष्ठ
- 464.ॐ देवदेवाय नमःदेवों के देव
- 465.ॐ सुखप्रदाय नमःसुख देने वाले
- 466.ॐ देवाधिदेवाय नमःदेवों के अधिदेव
- 467.ॐ देवर्षये नमःदेवर्षि-स्वरूप
- 468.ॐ देवासुरनमस्कृताय नमःदेवों व असुरों द्वारा नमस्कृत
- 469.ॐ सर्वदेवमयाय नमःसमस्त देवों के स्वरूप
- 470.ॐ चक्रिणे नमःचक्र धारण करने वाले
- 471.ॐ शार्ङ्गपाणये नमःशार्ङ्ग धनुष हाथ में धारण करने वाले
- 472.ॐ रघूत्तमाय नमःरघुवंश में उत्तम
- 473.ॐ मनसे नमःमन-स्वरूप
- 474.ॐ बुद्धये नमःबुद्धि-स्वरूप
- 475.ॐ अहङ्काराय नमःअहंकार-तत्त्व स्वरूप
- 476.ॐ प्रकृत्यै नमःप्रकृति-स्वरूप
- 477.ॐ पुरुषाय नमःपुरुष-स्वरूप
- 478.ॐ अव्ययाय नमःअव्यय
- 479.ॐ अहल्यापावनाय नमःअहल्या को पावन करने वाले
- 480.ॐ स्वामिने नमःस्वामी
- 481.ॐ पितृभक्ताय नमःपिता के भक्त
- 482.ॐ वरप्रदाय नमःवर देने वाले
- 483.ॐ न्यायाय नमःन्याय-स्वरूप
- 484.ॐ न्यायिने नमःन्यायी
- 485.ॐ नयिने नमःनीति-निपुण
- 486.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 487.ॐ नयाय नमःनय; नीति-स्वरूप
- 488.ॐ नगधराय नमःपर्वत धारण करने वाले
- 489.ॐ ध्रुवाय नमःध्रुव; अचल
- 490.ॐ लक्ष्मीविश्वम्भराभर्त्रे नमःलक्ष्मी तथा पृथ्वी दोनों का भरण करने वाले
- 491.ॐ देवेन्द्राय नमःदेवेन्द्र-स्वरूप
- 492.ॐ बलिमर्दनाय नमःबलि का मर्दन करने वाले
- 493.ॐ वाणारिमर्दनाय नमःबाणासुर के शत्रु का मर्दन करने वाले
- 494.ॐ यज्वने नमःयज्वा; यज्ञ करने वाले
- 495.ॐ अनुत्तमाय नमःजिनसे उत्तम कोई नहीं
- 496.ॐ मुनिसेविताय नमःमुनियों द्वारा सेवित
- 497.ॐ देवाग्रणये नमःदेवों में अग्रणी
- 498.ॐ शिवध्यानतत्पराय नमःशिव के ध्यान में तत्पर
- 499.ॐ परमाय नमःपरम
- 500.ॐ परस्मै नमःपर; सबसे परे
शैव-नाम तथा शिव-पूजा का प्रसंग (नाम 501–600)
- 501.ॐ सामगेयाय नमःसामगान से गाए जाने वाले
- 502.ॐ प्रियाय नमःप्रिय
- 503.ॐ अक्रूराय नमःअक्रूर; क्रूरता-रहित
- 504.ॐ पुण्यकीर्तये नमःपुण्यमयी कीर्ति वाले
- 505.ॐ सुलोचनाय नमःसुंदर नेत्रों वाले
- 506.ॐ पुण्याय नमःपुण्य-स्वरूप
- 507.ॐ पुण्याधिकाय नमःपुण्य से भी अधिक
- 508.ॐ पूर्वस्मै नमःपूर्व; सबसे पहले
- 509.ॐ पूर्णाय नमःपूर्ण
- 510.ॐ पूरयित्रे नमःपूर्ण करने वाले
- 511.ॐ रवये नमःरवि; सूर्य-स्वरूप
- 512.ॐ जटिलाय नमःजटाधारी
- 513.ॐ कल्मषध्वान्तप्रभञ्जनविभावसवे नमःपाप-रूपी अंधकार का भंजन करने वाले सूर्य
- 514.ॐ अव्यक्तलक्षणाय नमःअव्यक्त लक्षण वाले
- 515.ॐ अव्यक्ताय नमःअव्यक्त
- 516.ॐ दशास्यद्वीपकेसरिणे नमःदशमुख रावण-रूपी हाथी के लिए सिंह
- 517.ॐ कलानिधये नमःकलाओं के निधि
- 518.ॐ कलानाथाय नमःकलाओं के नाथ
- 519.ॐ कमलानन्दवर्धनाय नमःकमला का आनंद बढ़ाने वाले
- 520.ॐ जयिने नमःजयी; विजयशील
- 521.ॐ जितारये नमःशत्रुओं को जीत लेने वाले
- 522.ॐ सर्वादये नमःसबके आदि
- 523.ॐ शमनाय नमःशमन करने वाले
- 524.ॐ भवभञ्जनाय नमःभव-बंधन का भंजन करने वाले
- 525.ॐ अलङ्करिष्णवे नमःअलंकृत करने वाले
- 526.ॐ अचलाय नमःअचल
- 527.ॐ रोचिष्णवे नमःदेदीप्यमान
- 528.ॐ विक्रमोत्तमाय नमःपराक्रम में उत्तम
- 529.ॐ आशवे नमःआशु; शीघ्रगामी
- 530.ॐ शब्दपतये नमःशब्द के पति
- 531.ॐ शब्दगोचराय नमःशब्द से जाने जाने वाले
- 532.ॐ रञ्जनाय नमःआनंदित करने वाले
- 533.ॐ रघवे नमःरघु-स्वरूप
- 534.ॐ निश्शब्दाय नमःनिःशब्द; शब्द से परे
- 535.ॐ प्रणवाय नमःप्रणव-स्वरूप
- 536.ॐ मालिने नमःमाला धारण करने वाले
- 537.ॐ स्थूलाय नमःस्थूल
- 538.ॐ सूक्ष्माय नमःसूक्ष्म
- 539.ॐ विलक्षणाय नमःविलक्षण
- 540.ॐ आत्मयोनये नमःजिनकी उत्पत्ति स्वयं से है
- 541.ॐ अयोनये नमःयोनि-रहित; अजन्मा
- 542.ॐ सप्तजिह्वाय नमःसप्त-जिह्व अग्नि-स्वरूप
- 543.ॐ सहस्रपदे नमःसहस्र चरणों वाले
- 544.ॐ सनातनतमाय नमःसबसे अधिक सनातन
- 545.ॐ स्रग्विणे नमःमाला धारण करने वाले
- 546.ॐ पेशलाय नमःपेशल; कोमल व सुंदर
- 547.ॐ जविनां वराय नमःवेगवानों में श्रेष्ठ
- 548.ॐ शक्तिमते नमःशक्तिमान्
- 549.ॐ शङ्खभृते नमःशंख धारण करने वाले
- 550.ॐ नाथाय नमःनाथ
- 551.ॐ गदापद्मरथाङ्गभृते नमःगदा, पद्म व चक्र धारण करने वाले
- 552.ॐ निरीहाय नमःनिरीह; इच्छा-रहित
- 553.ॐ निर्विकल्पाय नमःनिर्विकल्प
- 554.ॐ चिद्रूपाय नमःचिद्रूप
- 555.ॐ वीतसाध्वसाय नमःभय से रहित
- 556.ॐ शताननाय नमःसैकड़ों मुख वाले
- 557.ॐ सहस्राक्षाय नमःसहस्र नेत्रों वाले
- 558.ॐ शतमूर्तये नमःसैकड़ों मूर्तियों वाले
- 559.ॐ घनप्रभाय नमःमेघ के समान प्रभा वाले
- 560.ॐ हृत्पुण्डरीकशयनाय नमःहृदय-कमल में शयन करने वाले
- 561.ॐ कठिनाय नमःकठिन
- 562.ॐ द्रवाय नमःद्रव-स्वरूप
- 563.ॐ उग्राय नमःउग्र
- 564.ॐ ग्रहपतये नमःग्रहों के पति
- 565.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 566.ॐ समर्थाय नमःसमर्थ
- 567.ॐ अनर्थनाशनाय नमःअनर्थ का नाश करने वाले
- 568.ॐ अधर्मशत्रवे नमःअधर्म के शत्रु
- 569.ॐ रक्षोघ्नाय नमःराक्षसों का नाश करने वाले
- 570.ॐ पुरुहूताय नमःबहुतों द्वारा पुकारे जाने वाले
- 571.ॐ पुरुष्टुताय नमःबहुतों द्वारा स्तुत
- 572.ॐ ब्रह्मगर्भाय नमःब्रह्म जिनके गर्भ में है
- 573.ॐ बृहद्गर्भाय नमःविशाल गर्भ वाले
- 574.ॐ धर्मधेनवे नमःधर्म-रूपी कामधेनु
- 575.ॐ धनागमाय नमःधन का आगम कराने वाले
- 576.ॐ हिरण्यगर्भाय नमःहिरण्यगर्भ-स्वरूप
- 577.ॐ ज्योतिष्मते नमःज्योतिर्मय
- 578.ॐ सुललाटाय नमःसुंदर ललाट वाले
- 579.ॐ सुविक्रमाय नमःउत्तम पराक्रम वाले
- 580.ॐ शिवपूजारताय नमःशिव-पूजा में रत
- 581.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 582.ॐ भवानीप्रियकृते नमःभवानी का प्रिय करने वाले
- 583.ॐ वशिने नमःवशी; संयमी
- 584.ॐ नराय नमःनर-स्वरूप
- 585.ॐ नारायणाय नमःनारायण-स्वरूप
- 586.ॐ श्यामाय नमःश्याम वर्ण वाले
- 587.ॐ कपर्दिने नमःजटा-जूट धारण करने वाले
- 588.ॐ नीललोहिताय नमःनीले व लाल वर्ण वाले
- 589.ॐ रुद्राय नमःरुद्र-स्वरूप
- 590.ॐ पशुपतये नमःपशुपति-स्वरूप
- 591.ॐ स्थाणवे नमःस्थाणु; अचल
- 592.ॐ विश्वामित्राय नमःविश्वामित्र-स्वरूप
- 593.ॐ द्विजेश्वराय नमःद्विजों के ईश्वर
- 594.ॐ मातामहाय नमःमातामह-स्वरूप
- 595.ॐ मातरिश्वने नमःमातरिश्वा; वायु-स्वरूप
- 596.ॐ विरिञ्चाय नमःविरिंचि; ब्रह्मा-स्वरूप
- 597.ॐ विष्टरश्रवसे नमःविष्टरश्रवा; विष्णु-स्वरूप
- 598.ॐ सर्वभूतानामक्षोभ्याय नमःसमस्त भूतों में अक्षोभ्य
- 599.ॐ चण्डाय नमःचण्ड; प्रचंड
- 600.ॐ सत्यपराक्रमाय नमःसत्य पराक्रम वाले
योग, धर्म व ज्योतिष-स्वरूप (नाम 601–700)
- 601.ॐ वालखिल्याय नमःवालखिल्य-स्वरूप
- 602.ॐ महाकल्पाय नमःमहाकल्प-स्वरूप
- 603.ॐ कल्पवृक्षाय नमःकल्पवृक्ष-स्वरूप
- 604.ॐ कलाधराय नमःकलाओं को धारण करने वाले
- 605.ॐ निदाघाय नमःनिदाघ; ग्रीष्म-स्वरूप
- 606.ॐ तपनाय नमःतपाने वाले; सूर्य-स्वरूप
- 607.ॐ अमोघाय नमःअमोघ; जिनका प्रयास व्यर्थ नहीं
- 608.ॐ श्लक्ष्णाय नमःश्लक्ष्ण; कोमल
- 609.ॐ परबलापहृते नमःशत्रु-बल का हरण करने वाले
- 610.ॐ कबन्धमथनाय नमःकबन्ध का मथन करने वाले
- 611.ॐ दिव्याय नमःदिव्य
- 612.ॐ कम्बुग्रीवाय नमःशंख के समान कंठ वाले
- 613.ॐ शिवप्रियाय नमःशिव को प्रिय
- 614.ॐ शङ्खाय नमःशंख-स्वरूप
- 615.ॐ अनिलाय नमःअनिल; वायु-स्वरूप
- 616.ॐ सुनिष्पन्नाय नमःसुनिष्पन्न; भली प्रकार सिद्ध
- 617.ॐ सुलभाय नमःसुलभ
- 618.ॐ शिशिरात्मकाय नमःशीतल स्वभाव वाले
- 619.ॐ असंसृष्टाय नमःअसंसृष्ट; लिप्त न होने वाले
- 620.ॐ अतिथये नमःअतिथि-स्वरूप
- 621.ॐ शूराय नमःशूर
- 622.ॐ प्रमाथिने नमःप्रमथी; मथन करने वाले
- 623.ॐ पापनाशकृते नमःपाप का नाश करने वाले
- 624.ॐ वसुश्रवसे नमःवसु के समान यश वाले
- 625.ॐ कव्यवाहाय नमःकव्य को वहन करने वाले
- 626.ॐ प्रतप्ताय नमःप्रतप्त; तपाए हुए स्वर्ण के समान
- 627.ॐ विश्वभोजनाय नमःविश्व का भोजन करने वाले
- 628.ॐ रामाय नमःराम
- 629.ॐ नीलोत्पलश्यामाय नमःनील कमल के समान श्याम
- 630.ॐ ज्ञानस्कन्धाय नमःज्ञान ही जिनका स्कंध है
- 631.ॐ महाद्युतये नमःमहान कांति वाले
- 632.ॐ पवित्रपादाय नमःपवित्र चरणों वाले
- 633.ॐ पापारये नमःपापों के शत्रु
- 634.ॐ मणिपूराय नमःमणिपूर-स्वरूप
- 635.ॐ नभोगतये नमःआकाश में गति करने वाले
- 636.ॐ उत्तारणाय नमःपार उतारने वाले
- 637.ॐ दुष्कृतिघ्ने नमःदुष्कर्मों का नाश करने वाले
- 638.ॐ दुर्धर्षाय नमःजिन्हें पराजित करना कठिन है
- 639.ॐ दुस्सहाय नमःजिन्हें सहना कठिन है
- 640.ॐ अभयाय नमःअभय-स्वरूप
- 641.ॐ अमृतेशाय नमःअमृत के ईश
- 642.ॐ अमृतवपुषे नमःअमृतमय शरीर वाले
- 643.ॐ धर्मिणे नमःधर्मी
- 644.ॐ धर्माय नमःधर्म-स्वरूप
- 645.ॐ कृपाकराय नमःकृपा करने वाले
- 646.ॐ भर्गाय नमःभर्ग; तेजोमय
- 647.ॐ विवस्वते नमःविवस्वान्; सूर्य-स्वरूप
- 648.ॐ आदित्याय नमःआदित्य-स्वरूप
- 649.ॐ योगाचार्याय नमःयोग के आचार्य
- 650.ॐ दिवस्पतये नमःदिवस के पति
- 651.ॐ उदारकीर्तये नमःउदार कीर्ति वाले
- 652.ॐ उद्योगिने नमःउद्योगशील
- 653.ॐ वाङ्मयाय नमःवाङ्मय; वाणी-स्वरूप
- 654.ॐ सदसन्मयाय नमःसत् व असत् दोनों के स्वरूप
- 655.ॐ नक्षत्रमालिने नमःनक्षत्रों की माला वाले
- 656.ॐ नाकेशाय नमःस्वर्ग के ईश
- 657.ॐ स्वाधिष्ठानाय नमःस्वाधिष्ठान-स्वरूप
- 658.ॐ षडाश्रयाय नमःछह आधारों के आश्रय
- 659.ॐ चतुर्वर्गफलाय नमःचारों पुरुषार्थों का फल
- 660.ॐ वर्णिने नमःवर्णी; ब्रह्मचारी
- 661.ॐ शक्तित्रयफलाय नमःतीनों शक्तियों का फल
- 662.ॐ निधये नमःनिधि-स्वरूप
- 663.ॐ निधानगर्भाय नमःनिधान जिनके गर्भ में है
- 664.ॐ निर्व्याजाय नमःनिर्व्याज; छल-रहित
- 665.ॐ गिरीशाय नमःगिरीश-स्वरूप
- 666.ॐ व्यालमर्दनाय नमःसर्पों का मर्दन करने वाले
- 667.ॐ श्रीवल्लभाय नमःश्री के वल्लभ
- 668.ॐ शिवारम्भाय नमःजिनका आरंभ ही कल्याणकारी है
- 669.ॐ शान्तये नमःशांति-स्वरूप
- 670.ॐ भद्राय नमःभद्र; कल्याणकारी
- 671.ॐ समञ्जसाय नमःसमंजस; सर्वथा उचित
- 672.ॐ भूशयाय नमःभूमि पर शयन करने वाले
- 673.ॐ भूतिकृते नमःऐश्वर्य देने वाले
- 674.ॐ भूतिभूषणाय नमःभस्म ही जिनका आभूषण है
- 675.ॐ भूतवाहनाय नमःभूतों को वाहन बनाने वाले
- 676.ॐ अकायाय नमःशरीर-रहित
- 677.ॐ भक्तकायस्थाय नमःभक्तों के शरीर में स्थित
- 678.ॐ कालज्ञानिने नमःकाल को जानने वाले
- 679.ॐ महावटवे नमःमहान वट-स्वरूप
- 680.ॐ परार्थवृत्तये नमःजिनकी वृत्ति दूसरों के हित के लिए है
- 681.ॐ अचलाय नमःअचल
- 682.ॐ विविक्ताय नमःविविक्त; एकांत-स्वरूप
- 683.ॐ श्रुतिसागराय नमःश्रुति के सागर
- 684.ॐ स्वभावभद्राय नमःजिनका स्वभाव ही कल्याणकारी है
- 685.ॐ मध्यस्थाय नमःमध्यस्थ
- 686.ॐ संसारभयनाशनाय नमःसंसार-भय का नाश करने वाले
- 687.ॐ वेद्याय नमःजानने योग्य
- 688.ॐ वैद्याय नमःवैद्य
- 689.ॐ वियद्गोप्त्रे नमःआकाश की रक्षा करने वाले
- 690.ॐ सर्वामरमुनीश्वराय नमःसमस्त देवों व मुनियों के ईश्वर
- 691.ॐ सुरेन्द्राय नमःसुरों के इंद्र
- 692.ॐ करणाय नमःकरण-स्वरूप
- 693.ॐ कर्मणे नमःकर्म-स्वरूप
- 694.ॐ कर्मकृते नमःकर्म करने वाले
- 695.ॐ कर्मिणे नमःकर्मी
- 696.ॐ अधोक्षजाय नमःअधोक्षज; इंद्रियों से परे
- 697.ॐ ध्येयाय नमःध्यान करने योग्य
- 698.ॐ धुर्याय नमःधुर्य; भार वहन करने वाले
- 699.ॐ धराधीशाय नमःधरा के अधीश
- 700.ॐ सङ्कल्पाय नमःसंकल्प-स्वरूप
विष्णु-नाम व निवास-स्थान (नाम 701–800)
- 701.ॐ शर्वरीपतये नमःरात्रि के पति; चंद्र-स्वरूप
- 702.ॐ परमार्थगुरवे नमःपरमार्थ के गुरु
- 703.ॐ वृद्धाय नमःवृद्ध; पुरातन
- 704.ॐ शुचये नमःशुचि; पवित्र
- 705.ॐ आश्रितवत्सलाय नमःआश्रितों पर वात्सल्य रखने वाले
- 706.ॐ विष्णवे नमःविष्णु-स्वरूप
- 707.ॐ जिष्णवे नमःजिष्णु; विजयशील
- 708.ॐ विभवे नमःविभु; सर्वव्यापी
- 709.ॐ वन्द्याय नमःवंदनीय
- 710.ॐ यज्ञेशाय नमःयज्ञों के ईश
- 711.ॐ यज्ञपालकाय नमःयज्ञ का पालन करने वाले
- 712.ॐ प्रभविष्णवे नमःप्रभविष्णु; समर्थ
- 713.ॐ ग्रसिष्णवे नमःग्रसिष्णु; ग्रसने वाले
- 714.ॐ लोकात्मने नमःलोकों की आत्मा
- 715.ॐ लोकभावनाय नमःलोकों की भावना करने वाले
- 716.ॐ केशवाय नमःकेशव
- 717.ॐ केशिघ्ने नमःकेशी-दैत्य का नाश करने वाले
- 718.ॐ काव्याय नमःकाव्य-स्वरूप
- 719.ॐ कवये नमःकवि
- 720.ॐ कारणकारणाय नमःकारणों के भी कारण
- 721.ॐ कालकर्त्रे नमःकाल की रचना करने वाले
- 722.ॐ कालशेषाय नमःकाल के भी शेष रहने वाले
- 723.ॐ वासुदेवाय नमःवासुदेव
- 724.ॐ पुरुष्टुताय नमःबहुतों द्वारा स्तुत
- 725.ॐ आदिकर्त्रे नमःआदि कर्ता
- 726.ॐ वराहाय नमःवराह-स्वरूप
- 727.ॐ माधवाय नमःमाधव
- 728.ॐ मधुसूदनाय नमःमधु दैत्य का नाश करने वाले
- 729.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 730.ॐ नराय नमःनर-स्वरूप
- 731.ॐ हंसाय नमःहंस-स्वरूप
- 732.ॐ विष्वक्सेनाय नमःविष्वक्सेन
- 733.ॐ जनार्दनाय नमःजनों के कष्ट दूर करने वाले
- 734.ॐ विश्वकर्त्रे नमःविश्व की रचना करने वाले
- 735.ॐ महायज्ञाय नमःमहायज्ञ-स्वरूप
- 736.ॐ ज्योतिष्मते नमःज्योतिर्मय
- 737.ॐ पुरुषोत्तमाय नमःपुरुषोत्तम
- 738.ॐ वैकुण्ठाय नमःवैकुण्ठ-स्वरूप
- 739.ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 740.ॐ कृष्णाय नमःकृष्ण-स्वरूप
- 741.ॐ सूर्याय नमःसूर्य-स्वरूप
- 742.ॐ सुरार्चिताय नमःदेवों द्वारा अर्चित
- 743.ॐ नारसिंहाय नमःनरसिंह-स्वरूप
- 744.ॐ महाभीमाय नमःमहाभीम
- 745.ॐ वक्रदंष्ट्राय नमःटेढ़ी दाढ़ों वाले
- 746.ॐ नखायुधाय नमःनख ही जिनके आयुध हैं
- 747.ॐ आदिदेवाय नमःआदिदेव
- 748.ॐ जगत्कर्त्रे नमःजगत् की रचना करने वाले
- 749.ॐ योगीशाय नमःयोगियों के ईश
- 750.ॐ गरुडध्वजाय नमःजिनकी ध्वजा पर गरुड़ है
- 751.ॐ गोविन्दाय नमःगोविन्द
- 752.ॐ गोपतये नमःगौओं के पति
- 753.ॐ गोप्त्रे नमःगोप्ता; रक्षक
- 754.ॐ भूपतये नमःभूमि के पति
- 755.ॐ भुवनेश्वराय नमःभुवनों के ईश्वर
- 756.ॐ पद्मनाभाय नमःजिनकी नाभि से कमल उत्पन्न हुआ
- 757.ॐ हृषीकेशाय नमःइंद्रियों के स्वामी
- 758.ॐ धात्रे नमःधाता; धारण करने वाले
- 759.ॐ दामोदराय नमःदामोदर
- 760.ॐ प्रभवे नमःप्रभु
- 761.ॐ त्रिविक्रमाय नमःत्रिविक्रम
- 762.ॐ त्रिलोकेशाय नमःतीनों लोकों के ईश
- 763.ॐ ब्रह्मेशाय नमःब्रह्मा के भी ईश
- 764.ॐ प्रीतिवर्धनाय नमःप्रीति बढ़ाने वाले
- 765.ॐ वामनाय नमःवामन-स्वरूप
- 766.ॐ दुष्टदमनाय नमःदुष्टों का दमन करने वाले
- 767.ॐ गोविन्दाय नमःगोविन्द
- 768.ॐ गोपवल्लभाय नमःगोपों के वल्लभ
- 769.ॐ भक्तप्रियाय नमःभक्तों को प्रिय
- 770.ॐ अच्युताय नमःअच्युत
- 771.ॐ सत्याय नमःसत्य-स्वरूप
- 772.ॐ सत्यकीर्तये नमःसत्य कीर्ति वाले
- 773.ॐ धृत्यै नमःधृति-स्वरूप
- 774.ॐ स्मृत्यै नमःस्मृति-स्वरूप
- 775.ॐ कारुण्याय नमःकरुणा-स्वरूप
- 776.ॐ करुणाय नमःकरुणामय
- 777.ॐ व्यासाय नमःव्यास-स्वरूप
- 778.ॐ पापघ्ने नमःपापों का नाश करने वाले
- 779.ॐ शान्तिवर्धनाय नमःशांति बढ़ाने वाले
- 780.ॐ संन्यासिने नमःसंन्यासी-स्वरूप
- 781.ॐ शास्त्रतत्त्वज्ञाय नमःशास्त्रों के तत्त्व को जानने वाले
- 782.ॐ मन्दराद्रिनिकेतनाय नमःमंदराचल पर निवास करने वाले
- 783.ॐ बदरीनिलयाय नमःबदरिकाश्रम में निवास करने वाले
- 784.ॐ शान्ताय नमःशांत
- 785.ॐ तपस्विने नमःतपस्वी
- 786.ॐ वैद्युतप्रभाय नमःविद्युत् के समान प्रभा वाले
- 787.ॐ भूतावासाय नमःभूतों के निवास
- 788.ॐ गुहावासाय नमःगुफा में निवास करने वाले
- 789.ॐ श्रीनिवासाय नमःजिनमें श्री का निवास है
- 790.ॐ श्रियः पतये नमःश्री के पति
- 791.ॐ तपोवासाय नमःतप में निवास करने वाले
- 792.ॐ मुदावासाय नमःआनंद में निवास करने वाले
- 793.ॐ सत्यवासाय नमःसत्य में निवास करने वाले
- 794.ॐ सनातनाय नमःसनातन
- 795.ॐ पुरुषाय नमःपुरुष-स्वरूप
- 796.ॐ पुष्कराय नमःपुष्कर-स्वरूप
- 797.ॐ पुण्याय नमःपुण्य-स्वरूप
- 798.ॐ पुष्कराक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 799.ॐ महेश्वराय नमःमहेश्वर
- 800.ॐ पूर्णमूर्तये नमःपूर्ण मूर्ति वाले
आयुध, आभूषण व गुण-वर्णन (नाम 801–900)
- 801.ॐ पुराणज्ञाय नमःपुराणों को जानने वाले
- 802.ॐ पुण्यदाय नमःपुण्य देने वाले
- 803.ॐ पुण्यवर्धनाय नमःपुण्य की वृद्धि करने वाले
- 804.ॐ शङ्खिने नमःशंख धारण करने वाले
- 805.ॐ चक्रिणे नमःचक्र धारण करने वाले
- 806.ॐ गदिने नमःगदा धारण करने वाले
- 807.ॐ शार्ङ्गिणे नमःशार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- 808.ॐ लाङ्गलिने नमःहल धारण करने वाले
- 809.ॐ मुसलिने नमःमूसल धारण करने वाले
- 810.ॐ हलिने नमःहल धारण करने वाले
- 811.ॐ किरीटिने नमःमुकुट धारण करने वाले
- 812.ॐ कुण्डलिने नमःकुण्डल धारण करने वाले
- 813.ॐ हारिणे नमःहार धारण करने वाले
- 814.ॐ मेखलिने नमःमेखला धारण करने वाले
- 815.ॐ कवचिने नमःकवच धारण करने वाले
- 816.ॐ ध्वजिने नमःध्वजा धारण करने वाले
- 817.ॐ योद्ध्रे नमःयोद्धा
- 818.ॐ जेत्रे नमःविजेता
- 819.ॐ महावीर्याय नमःमहान वीर्य वाले
- 820.ॐ शत्रुजिते नमःशत्रुओं को जीतने वाले
- 821.ॐ शत्रुतापनाय नमःशत्रुओं को तपाने वाले
- 822.ॐ शास्त्रे नमःशास्ता; शासन करने वाले
- 823.ॐ शास्त्रकराय नमःशास्त्रों की रचना करने वाले
- 824.ॐ शास्त्राय नमःशास्त्र-स्वरूप
- 825.ॐ शङ्कराय नमःशंकर-स्वरूप
- 826.ॐ शङ्करस्तुताय नमःशंकर द्वारा स्तुत
- 827.ॐ सारथये नमःसारथी
- 828.ॐ सात्त्विकाय नमःसात्त्विक
- 829.ॐ स्वामिने नमःस्वामी
- 830.ॐ सामवेदप्रियाय नमःसामवेद जिन्हें प्रिय है
- 831.ॐ समाय नमःसम; समभाव वाले
- 832.ॐ पवनाय नमःपवन-स्वरूप
- 833.ॐ संहताय नमःसंहत; एकत्व-स्वरूप
- 834.ॐ शक्तये नमःशक्ति-स्वरूप
- 835.ॐ सम्पूर्णाङ्गाय नमःसम्पूर्ण अंगों वाले
- 836.ॐ समृद्धिमते नमःसमृद्धिमान्
- 837.ॐ स्वर्गदाय नमःस्वर्ग देने वाले
- 838.ॐ कामदाय नमःकामनाएँ देने वाले
- 839.ॐ श्रीदाय नमःश्री देने वाले
- 840.ॐ कीर्तिदाय नमःकीर्ति देने वाले
- 841.ॐ अकीर्तिनाशनाय नमःअपकीर्ति का नाश करने वाले
- 842.ॐ मोक्षदाय नमःमोक्ष देने वाले
- 843.ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 844.ॐ क्षीराब्धिकृतकेतनाय नमःक्षीरसागर को निवास बनाने वाले
- 845.ॐ सर्वात्मने नमःसबकी आत्मा
- 846.ॐ सर्वलोकेशाय नमःसमस्त लोकों के ईश
- 847.ॐ प्रेरकाय नमःप्रेरणा देने वाले
- 848.ॐ पापनाशनाय नमःपापों का नाश करने वाले
- 849.ॐ सर्वव्यापिने नमःसर्वत्र व्यापी
- 850.ॐ जगन्नाथाय नमःजगत् के नाथ
- 851.ॐ सर्वलोकमहेश्वराय नमःसमस्त लोकों के महेश्वर
- 852.ॐ सर्गस्थित्यन्तकृते नमःसृष्टि, स्थिति व संहार करने वाले
- 853.ॐ देवाय नमःदेव
- 854.ॐ सर्वलोकसुखावहाय नमःसमस्त लोकों को सुख देने वाले
- 855.ॐ अक्षय्याय नमःअक्षय्य
- 856.ॐ शाश्वताय नमःशाश्वत
- 857.ॐ अनन्ताय नमःअनन्त
- 858.ॐ क्षयवृद्धिविवर्जिताय नमःक्षय व वृद्धि से रहित
- 859.ॐ निर्लेपाय नमःनिर्लेप
- 860.ॐ निर्गुणाय नमःनिर्गुण
- 861.ॐ सूक्ष्माय नमःसूक्ष्म
- 862.ॐ निर्विकाराय नमःविकार-रहित
- 863.ॐ निरञ्जनाय नमःनिरंजन; निर्दोष
- 864.ॐ सर्वोपाधिविनिर्मुक्ताय नमःसमस्त उपाधियों से मुक्त
- 865.ॐ सत्तामात्रव्यवस्थिताय नमःकेवल सत्ता-रूप में स्थित
- 866.ॐ अधिकारिणे नमःअधिकारी
- 867.ॐ विभवे नमःविभु; सर्वव्यापी
- 868.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 869.ॐ परमात्मने नमःपरमात्मा
- 870.ॐ सनातनाय नमःसनातन
- 871.ॐ अचलाय नमःअचल
- 872.ॐ निर्मलाय नमःनिर्मल
- 873.ॐ व्यापिने नमःव्यापी
- 874.ॐ नित्यतृप्ताय नमःनित्य तृप्त
- 875.ॐ निराश्रयाय नमःआश्रय-रहित
- 876.ॐ श्यामाय नमःश्याम वर्ण वाले
- 877.ॐ युवायै [यूने] नमःयुवा
- 878.ॐ लोहिताक्षाय नमःलाल नेत्रों वाले
- 879.ॐ दीप्तास्याय नमःदेदीप्यमान मुख वाले
- 880.ॐ मितभाषणाय नमःमित भाषण करने वाले
- 881.ॐ आजानुबाहवे नमःजिनकी भुजाएँ घुटनों तक हैं
- 882.ॐ सुमुखाय नमःसुंदर मुख वाले
- 883.ॐ सिंहस्कन्धाय नमःसिंह के समान कंधों वाले
- 884.ॐ महाभुजाय नमःविशाल भुजाओं वाले
- 885.ॐ सत्यवते नमःसत्यवान्
- 886.ॐ गुणसम्पन्नाय नमःगुणों से संपन्न
- 887.ॐ स्वयन्तेजसे नमःस्वयं तेजस्वी
- 888.ॐ सुदीप्तिमते नमःअत्यंत दीप्तिमान्
- 889.ॐ कालात्मने नमःकाल की आत्मा
- 890.ॐ भगवते नमःभगवान्
- 891.ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
- 892.ॐ कालचक्रप्रवर्तकाय नमःकाल-चक्र को चलाने वाले
- 893.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 894.ॐ परस्मै ज्योतिषे नमःपरम ज्योति
- 895.ॐ परमात्मने नमःपरमात्मा
- 896.ॐ सनातनाय नमःसनातन
- 897.ॐ विश्वसृजे नमःविश्व की सृष्टि करने वाले
- 898.ॐ विश्वगोप्त्रे नमःविश्व की रक्षा करने वाले
- 899.ॐ विश्वभोक्त्रे नमःविश्व का भोग करने वाले
- 900.ॐ शाश्वताय नमःशाश्वत
विश्वात्मा से शरण्य तक — अंतिम समापन (नाम 901–1018)
- 901.ॐ विश्वेश्वराय नमःविश्व के ईश्वर
- 902.ॐ विश्वमूर्तये नमःविश्व की मूर्ति
- 903.ॐ विश्वात्मने नमःविश्व की आत्मा
- 904.ॐ विश्वभावनाय नमःविश्व की भावना करने वाले
- 905.ॐ सर्वभूतसुहृदे नमःसमस्त भूतों के सुहृद
- 906.ॐ शान्ताय नमःशांत
- 907.ॐ सर्वभूतानुकम्पनाय नमःसमस्त भूतों पर अनुकंपा करने वाले
- 908.ॐ सर्वेश्वरेश्वराय नमःसमस्त ईश्वरों के भी ईश्वर
- 909.ॐ सर्वस्मै नमःसर्व-स्वरूप
- 910.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 911.ॐ आश्रितवत्सलाय नमःआश्रितों पर वात्सल्य रखने वाले
- 912.ॐ सर्वगाय नमःसर्वत्र गति वाले
- 913.ॐ सर्वभूतेशाय नमःसमस्त भूतों के ईश
- 914.ॐ सर्वभूताशयस्थिताय नमःसमस्त भूतों के अंतःकरण में स्थित
- 915.ॐ अभ्यन्तरस्थाय नमःभीतर स्थित
- 916.ॐ तमसश्छेत्त्रे नमःअंधकार का छेदन करने वाले
- 917.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 918.ॐ परस्मै नमःपर; सबसे परे
- 919.ॐ अनादिनिधनाय नमःजिनका न आदि है न अंत
- 920.ॐ स्रष्ट्रे नमःस्रष्टा; रचना करने वाले
- 921.ॐ प्रजापतिपतये नमःप्रजापतियों के भी पति
- 922.ॐ हरये नमःहरि
- 923.ॐ नरसिंहाय नमःनरसिंह-स्वरूप
- 924.ॐ हृषीकेशाय नमःहृषीकेश
- 925.ॐ सर्वात्मने नमःसबकी आत्मा
- 926.ॐ सर्वदृशे नमःसब कुछ देखने वाले
- 927.ॐ वशिने नमःवशी; संयमी
- 928.ॐ जगतस्तस्थुषाय नमःचर व अचर — दोनों के स्वरूप
- 929.ॐ प्रभवे नमःप्रभु
- 930.ॐ नेत्रे नमःनेता
- 931.ॐ सनातनाय नमःसनातन
- 932.ॐ कर्त्रे नमःकर्ता
- 933.ॐ धात्रे नमःधाता
- 934.ॐ विधात्रे नमःविधाता
- 935.ॐ सर्वेषां प्रभवे नमःसबके प्रभु
- 936.ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
- 937.ॐ सहस्रमूर्तये नमःसहस्र मूर्तियों वाले
- 938.ॐ विश्वात्मने नमःविश्व की आत्मा
- 939.ॐ विष्णवे नमःविष्णु
- 940.ॐ विश्वदृशे नमःविश्व को देखने वाले
- 941.ॐ अव्ययाय नमःअव्यय
- 942.ॐ पुराणपुरुषाय नमःपुराण-पुरुष
- 943.ॐ स्रष्ट्रे नमःस्रष्टा
- 944.ॐ सहस्राक्षाय नमःसहस्र नेत्रों वाले
- 945.ॐ सहस्रपदे नमःसहस्र चरणों वाले
- 946.ॐ तत्त्वाय नमःतत्त्व-स्वरूप
- 947.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 948.ॐ विष्णवे नमःविष्णु
- 949.ॐ वासुदेवाय नमःवासुदेव
- 950.ॐ सनातनाय नमःसनातन
- 951.ॐ परमात्मने नमःपरमात्मा
- 952.ॐ परस्मै ब्रह्मणे नमःपरब्रह्म
- 953.ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमःसच्चिदानंद-विग्रह
- 954.ॐ परस्मै ज्योतिषे नमःपरम ज्योति
- 955.ॐ परस्मै धाम्ने नमःपरम धाम
- 956.ॐ पराकाशाय नमःपरम आकाश-स्वरूप
- 957.ॐ परात्परस्मै नमःपर से भी पर
- 958.ॐ अच्युताय नमःअच्युत
- 959.ॐ पुरुषाय नमःपुरुष
- 960.ॐ कृष्णाय नमःकृष्ण
- 961.ॐ शाश्वताय नमःशाश्वत
- 962.ॐ शिवाय नमःशिव; कल्याणस्वरूप
- 963.ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
- 964.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 965.ॐ सर्वगताय नमःसर्वत्र गति वाले
- 966.ॐ स्थाणवे नमःस्थाणु; अचल
- 967.ॐ उग्राय नमःउग्र
- 968.ॐ साक्षिणे नमःसाक्षी
- 969.ॐ प्रजापतये नमःप्रजापति
- 970.ॐ हिरण्यगर्भाय नमःहिरण्यगर्भ
- 971.ॐ सवित्रे नमःसविता; सूर्य-स्वरूप
- 972.ॐ लोककृते नमःलोकों की रचना करने वाले
- 973.ॐ लोकभृते नमःलोकों का भरण करने वाले
- 974.ॐ विभवे नमःविभु; सर्वव्यापी
- 975.ॐ रामाय नमःराम
- 976.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 977.ॐ महाविष्णवे नमःमहाविष्णु
- 978.ॐ जिष्णवे नमःजिष्णु; विजयशील
- 979.ॐ देवहितावहाय नमःदेवों का हित करने वाले
- 980.ॐ तत्त्वात्मने नमःतत्त्व की आत्मा
- 981.ॐ तारकाय नमःतारने वाले
- 982.ॐ ब्रह्मणे नमःब्रह्म-स्वरूप
- 983.ॐ शाश्वताय नमःशाश्वत
- 984.ॐ सर्वसिद्धिदाय नमःसमस्त सिद्धियाँ देने वाले
- 985.ॐ अकारवाच्याय नमः"अ" अक्षर जिनका वाचक है
- 986.ॐ भगवते नमःभगवान्
- 987.ॐ श्रिये नमःश्री-स्वरूप
- 988.ॐ भूलीलापतये नमःभूदेवी व लीलादेवी के पति
- 989.ॐ पुंसे नमःपुरुष-स्वरूप
- 990.ॐ सर्वलोकेश्वराय नमःसमस्त लोकों के ईश्वर
- 991.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 992.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 993.ॐ सर्वतोमुखाय नमःसब ओर मुख वाले
- 994.ॐ स्वामिने नमःस्वामी
- 995.ॐ सुशीलाय नमःसुशील
- 996.ॐ सुलभाय नमःसुलभ
- 997.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 998.ॐ सर्वशक्तिमते नमःसमस्त शक्तियों से युक्त
- 999.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 1000.ॐ सम्पूर्णकामाय नमःजिनकी समस्त कामनाएँ पूर्ण हैं
- 1001.ॐ नैसर्गिकसुहृदे नमःजो स्वभाव से ही सबके सुहृद हैं
- 1002.ॐ सुखिने नमःसुखी
- 1003.ॐ कृपापीयूषजलधये नमःकृपा-रूपी अमृत के सागर
- 1004.ॐ सर्वदेहिनां शरण्याय नमःसमस्त देहधारियों को शरण देने वाले
- 1005.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 1006.ॐ नारायणाय नमःनारायण
- 1007.ॐ स्वामिने नमःस्वामी
- 1008.ॐ जगतां पतये नमःजगतों के पति
- 1009.ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
- 1010.ॐ श्रीशाय नमःश्री के ईश
- 1011.ॐ भूतानां शरण्याय नमःसमस्त भूतों को शरण देने वाले
- 1012.ॐ संश्रिताभीष्टदायकाय नमःशरण आए हुओं की अभीष्ट कामना पूर्ण करने वाले
- 1013.ॐ अनन्ताय नमःअनन्त
- 1014.ॐ श्रीपतये नमःश्री के पति
- 1015.ॐ रामाय नमःराम
- 1016.ॐ गुणभृते नमःगुणों को धारण करने वाले
- 1017.ॐ निर्गुणाय नमःनिर्गुण
- 1018.ॐ महते नमःमहान
अर्थ (हिन्दी)
- आरंभिक श्लोक: वे कमल-सदृश नेत्रों वाले, श्री से युक्त, श्रीराम तथा रघुवंश में श्रेष्ठ हैं; वे रामभद्र, सदाचार-स्वरूप, राजाओं के इंद्र तथा जानकी जी के पति हैं। (इसी क्रम में आगे 1018 नाम आते हैं।)
- अंतिम नाम: वे अनन्त, श्री के पति तथा राम हैं; वे गुणों को धारण करने वाले भी हैं और गुण-रहित भी — और अंततः केवल "महान्"। (सगुण व निर्गुण दोनों को अगल-बगल रखकर सूची यहीं समाप्त हो जाती है।)
लाभ
- नाम 168 "भवबन्धविमोचन" तथा 175 "सर्वदुःखविमोक्षकृत्" के भाव से यह पाठ बंधन व दुःख से मुक्ति के संकल्प से किया जाता है।
- नाम 189 "दुःस्वप्ननाशन" के कारण परंपरा में इसे दुःस्वप्न व अशांति की स्थिति में पढ़ा जाता है।
- सूची में रामकथा के लगभग सभी प्रसंग क्रम से आ जाते हैं, इसलिए पाठ के साथ पूरा राम-चरित स्मरण हो जाता है।
- नाम 304 "रोगहर्ता" तथा 445 "निरामय" के भाव से यह आरोग्य के संकल्प से भी पढ़ा जाता है।
- राम नवमी व चैत्र नवरात्रि में रामचरितमानस के नवाह्न-पारायण के साथ इसका पाठ परंपरा में प्रचलित है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
यह दीर्घ पाठ है — सम्पूर्ण में 35–45 मिनट लगते हैं, इसलिए बिना जल्दबाज़ी के समय निकालकर बैठें। स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और श्रीराम-दरबार के समक्ष दीप जलाएँ। आरंभ में "ॐ श्री रामाय नमः" तीन बार कहें। नामावली-रूप में पाठ करना हो तो प्रत्येक नाम "ॐ … नमः" के साथ पढ़ते हुए एक तुलसी-दल अर्पित करें — यही अर्चना-विधि है; यदि यह संभव न हो तो तुलसी की माला लेकर जप करें। यदि एक बैठक में सम्पूर्ण पाठ कठिन हो, तो परंपरा में इसे खंडों में विभाजित कर सप्ताह भर में पूर्ण करने की छूट है। अंत में राम चालीसा अथवा रामाष्टकम् पढ़कर आरती करने की परंपरा है।
प्रामाणिकता व स्रोत
संपादकीय टिप्पणी: सत्यापन की दृष्टि से यह इस संग्रह का सबसे स्थिर सहस्रनाम है — दो स्वतंत्र स्रोतों पर ठीक 1018 नाम, वही आरंभ ("राजीवलोचन") और वही समापन ("महत्"), 97.6% पाठ अक्षरशः समान। मूल ग्रंथ अनिश्चित है: किसी उपलब्ध स्रोत ने पुराण अथवा अध्याय-क्रमांक नहीं दिया, इसलिए यहाँ कोई ग्रंथ-नाम नहीं गढ़ा गया। यह राम अष्टोत्तर शतनामावली से भिन्न रचना है — वह 108 नामों की अलग सूची है जो "श्रीराम" से आरंभ होती है। ध्यान दें कि सूची में कृष्ण-लीला तथा शिव — दोनों के अनेक नाम हैं; यह पाठ-दोष नहीं, इसकी अपनी दृष्टि है (नीचे FAQ देखें)।
देव परिचय
श्री राम
Lord Rama
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भगवान विष्णु के अवतार और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं।
