FAQ
राम नवमी — सामान्य प्रश्न
राम नवमी नवमी तिथि, शुक्ल पक्ष, चैत्र को मनाया जाता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
राम नवमी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है — धर्मशास्त्रों के अनुसार वही दिन जब मर्यादा-पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म हुआ था।
राम नवमी मुख्यतः श्री राम की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन मध्याह्न काल में राम जन्मोत्सव, रामचरितमानस अथवा रामरक्षा स्तोत्र का पाठ, राम आरती व राम चालीसा, झूला-श्रृंगार तथा शोभायात्रा का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
हाँ। राम नवमी से जुड़ी व्रत कथा इसी संग्रह में उपलब्ध है और इस पृष्ठ से जुड़ी हुई है। कथा हिन्दी, IAST व रोमन तीनों लिपियों में पढ़ी जा सकती है।
अनुशंसित पाठ
राम नवमी के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
