समय
4 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
रामनवमी; प्रातः व संध्या पूजा
उद्देश्य:शांति (Peace)भक्ति (Devotion)आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual growth)
✓ संपूर्ण
"श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन" गोस्वामी तुलसीदास की विनय पत्रिका की राम-स्तुति है, जो आरती के रूप में सबसे अधिक गाई जाती है। इसमें पाँच छंद हैं। स्तुति श्रीराम के कमल जैसे नेत्र-मुख-हाथ-चरण, बादल जैसे नीले रंग और पीले वस्त्र का वर्णन करती है, और अंतिम छंद में छाप है — "इति वदति तुलसीदास"।
FAQ
श्री राम आरती — सामान्य प्रश्न
यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीराम स्तुति है (विनय पत्रिका से), जो भक्तों द्वारा आरती-काल में व्यापक रूप से गाई जाती है।
राम आरती रामनवमी पर, मंगलवार को तथा प्रतिदिन प्रातः-संध्या पूजा में की जाती है।
नीरद का अर्थ है बादल (नीर देने वाला)। "नव नील नीरद सुन्दरम्" — नए नीले बादल जैसा सुंदर। कई जगह नीरज (कमल) छपता है, पर द्रिक पंचांग और भक्तिभारत दोनों में नीरद है।
पाँच — "श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन" से "इति वदति तुलसीदास" तक। द्रिक पंचांग और भक्तिभारत — दोनों में पाँचों छंद हैं।
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