समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
नित्य (विशेषकर मंगलवार व रामनवमी)
उद्देश्य:शांति (Peace)भक्ति (Devotion)मोक्ष (Liberation)
✓ संपूर्ण मूल मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम एक मूल मंत्र है — पारंपरिक राम तारक मंत्र (त्रयोदशाक्षरी)। श्री राम की जय हो, राम की जय हो, बारंबार राम की जय हो। परंपरा में इसे मुख्यतः शांति, भक्ति, मोक्ष के भाव से जपा जाता है, प्रायः 108 बार अर्थात एक माला।
FAQ
श्री राम जय राम जय जय राम — सामान्य प्रश्न
यह तेरह अक्षरों वाला राम-नाम मंत्र भवसागर से "तारने" (मुक्ति देने) वाला माना जाता है, इसलिए इसे तारक मंत्र कहते हैं।
नित्य प्रातः-संध्या, मंगलवार व रामनवमी को तथा नाम-कीर्तन में इसका जप विशेष लाभकारी है।
परंपरा में इस मंत्र का जप 108 बार — अर्थात एक माला — करने का विधान कहा जाता है, और इसके लिए तुलसी माला का प्रयोग बताया जाता है। जप का सुझाया गया समय प्रातः, संध्या व नित्य है। संख्या से अधिक महत्व नियमितता तथा शुद्ध उच्चारण का माना गया है।
मंत्र के पदों का अर्थ इस प्रकार है — श्री राम — श्री राम; जय — जय हो, विजय; राम — आनन्द-स्वरूप भगवान राम। पूरे मंत्र का भाव यह है: श्री राम की जय हो, राम की जय हो, बारंबार राम की जय हो। यह तेरह अक्षरों वाला तारक मंत्र भवसागर से तारने वाला माना जाता है।
यह मूल मंत्र है, सामान्य नाम-जप नहीं। परंपरा में इस श्रेणी के मंत्रों के लिए गुरु-दीक्षा को श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि इनमें उच्चारण, संख्या तथा नियम का विशेष विधान बताया जाता है। जिन्हें दीक्षा प्राप्त न हो, उनके लिए परंपरा इष्ट के नाम-जप, स्तुति व आरती का मार्ग सुझाती है — वह सर्वथा खुला कहा गया है।
"श्री राम", "जय राम", "जय जय राम" को मधुर व सम लय में बोलें। नाम-कीर्तन की भाँति भक्तिभाव से दोहराएँ। परंपरा में मंत्र-जप में शुद्ध उच्चारण का विशेष महत्व कहा जाता है, इसलिए आरंभ में धीरे-धीरे व स्पष्ट बोलकर अभ्यास करें और गति बाद में बढ़ाएँ।
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